Thursday, February 19, 2026
Home Blog Page 192

आज से चुनाव आयोग की 2 दिवसीय बैठक,

0

दिल्ली-आज से चुनाव आयोग की 2 दिवसीय बैठक, राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की बैठक, SIR को लेकर आज दिल्ली में अहम बैठक होगी, चुनाव आयोग के साथ SIR के मुद्दे पर गहन चर्चा, सभी राज्यों के सीईओ इस बैठक में शामिल होंगे

Auraiya News: त्योहार मनाने के लिए दिनभर खरीदारी, बाजारों में दिखी रौनक

0

बिधूना। दीपों के पर्व दीपावली पर सोमवार को बाजार में सुबह से ही रौनक रही। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ती गई। मिठाई और फूलों की दुकानों पर ग्राहकों का तांता लगा रहा। पूरे दिन लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे रहे। बाजार में रंग-बिरंगी सजावट, झिलमिलाते दीप, चमकदार झालरों और खुशियों से सराबोर लोगों की भीड़ ने त्योहार की रौनक को दोगुना कर दिया। दुकानदारों के चेहरों पर भी मुस्कान नजर आई।

Auraiya News: दीपावली पर जमकर हुई पटाखों की खरीदारी, एक करोड़ के पार पहुंचा कारोबार

0

औरैया। दीपावली पर रोशनी के साथ-साथ आसमान में रंग बिखेरने वाले पटाखों की सोमवार को खूब बिक्री हुई। जिले में चिह्नित जगहों पर सजे पटाखा बाजारों में खूब भीड़ उमड़ी। प्रशासन की ओर से पटाखों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। व्यापारियों का कहना है कि तीन दिन की बिक्री के दौरान करीब एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार हो गया है।

दुकानदारों ने बताया कि इस बार सतरंगा रॉकेट, ईगल फुलझड़ी, पेंसिल बम और रंगीन अनार जैसी आतिशबाजी लोगों को खूब पसंद आई हैं। बच्चों के लिए छोटी चकरी, फुलझड़ी और पॉप्स भी भाए हैं। सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने मैदानों में अग्निशमन यंत्र और पानी की टंकियां भी लगवाई ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। पटाखा विक्रेता पप्पू के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री बेहतर रही है। ग्राहकों की उमड़ी भीड़ व बिक्री को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तीन दिन में पटाखा कारोबार एक करोड़ के पार पहुंच गया है।

औरैया। दीपावली के त्योहार पर शहर में आतिशबाजी की चमक खूब बिखरी रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की निगाहें अब पटाखों की दुकानों पर रहीं। इस बार प्रशासन की अनुमति से जिलेभर में आतिशबाजी की 315 अस्थायी दुकानें लगाई गई हैं। कस्बों में इसे लेकर जगहों को भी चिह्नित किया गया है। (संवाद)

Auraiya News: इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की उमड़ी भीड़, पुलिस मुस्तैद

0

दिबियापुर। त्योहार पर जल्दी घर पहुंचने के लिए ट्रेनों से यात्रा करने वालों की फफूंद स्टेशन पर सोमवार को यात्रियों की भीड़ दिखी। स्टेशन पर रुकी आगरा से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में चढ़ने-उतरने को लेकर धक्का-मुक्की हुई। मौके पर जीआरपी व आरपीएफ ने यात्रियों को नियंत्रित किया। पुलिस ने इस दौरान यात्रियों के सामानों की जांच भी की। लोगों को ट्रेन रुकने पर ही बोगी में चढ़ने के निर्देश दिए गए।इटावा की ओर जाने वाली अलीगढ़ सुपरफास्ट पैसेंजर, गोमती एक्सप्रेस में भीड़ कम देखने को मिली। इससे उसमें यात्रियों को सीटें खाली मिलीं। इसके अलावा नेताजी एक्सप्रेस, ऊंचाहार, संगम, शताब्दी व इटावा मेमू में भीड़ का नजारा देखने को मिला। जैसे ही ट्रेन आकर रुकी। वैसे ही यात्री चढ़ने व उतरने की जद्दोजहद में लगे रहे। सीटों के लिए भी मारामारी रही। कई यात्री तो बोगी के गेट पर खड़े होकर सफर करते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि दूर दराज से लोग घर जल्दी आने के लिए ट्रेन का ही सहारा लेते हैं। त्योहार के बाद वापसी में भी यात्रियों की भीड़ अधिक होगी। ऐसे में रेलवे अधिकारियों को कोई वैकल्पिक ट्रेन रोकने की व्यवस्था करनी चाहिए। आरपीएफ व जीआरपी ने ट्रेन की बोगी में किनारे बैठे यात्रियों को ट्रेन के अंदर करवाया और पायदान पर न बैठने की सलाह दी। (संवाद)

औरैया। त्योहार पर दूर दराज से अपने घर पहुंचने के लिए लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ा। रोडवेज बसों की समय पर उपलब्धता के अभाव में यात्रियों के लिए डग्गामार वाहन सहारा बने। खास तौर पर ऑटो पर लोग लटक कर सफर करते नजर आए। जान की परवाह किए बिना लोगों को बस घर पहुंचने की जल्दी थी। उन्हें मजबूरन डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई वाहनों में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठी मिलीं। ये मनमानी तब हो रही थी। जबकि हर चौराहे से लेकर नाके पर पुलिस व ट्रेफिक कर्मी तैनात रहे। बिना झिझक ऑटो चालक मनमाने ढंग से सवारियों को ढोते नजर आए। यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि सवारी वाहन चालकों को लगातार सजग किया जा रहा है। न मानने पर चालान भी किए जा रहे हैं। (संवाद)

Auraiya News: बिधूना सीएचसी में आए 35 मरीजों को मिला उपचार

0

बिधूना। दीपावली के अवसर पर जहां सरकारी विभागों में छुट्टी का आलम रहा तो वहीं सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए डॉक्टर से लेकर अन्य स्टाफ मुस्तैद रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में सोमवार को इमरजेंसी कक्ष में अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने स्वयं मरीजों का उपचार किया। छुट्टी के बावजूद डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती से मरीजों को राहत मिली।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि दीपावली के दिन इमरजेंसी कक्ष में कुल 35 मरीजों का इलाज किया गया है। इनमें वायरल बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त व सामान्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज ज्यादा थे। सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं दी गईं। अस्पताल में आने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं कुछ गंभीर मरीजों को भर्ती कर निगरानी में रखा गया।

Auraiya: रामगढ़ बाजार में भीषण आग से दो दुकानें राख, फायर ब्रिगेड की देरी पर हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

0

औरैया जिले में दीपावली की रौनक के बीच रविवार की रात दिबियापुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामगढ़ में एक समोसे की दुकान में रखे फ्रिज में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर बगल की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दोनों दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों ने जमकर नाराजगी जताई।

घटना सोमवार रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। दीपावली पर्व के मौके पर कस्बे के रामगढ़ बाजार में लोग पूजा-पाठ व पटाखों की रौनक में व्यस्त थे। तभी अचानक विशाल गुप्ता पुत्र गुड्डू गुप्ता की समोसे की दुकान से धुआं उठता दिखाई दिया। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही दुकान के अंदर रखे फ्रिज से चिंगारियां निकलने लगीं और आग ने पूरे दुकान को अपनी लपटों में घेर लिया। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने शोर मचाया तो लोग मौके पर दौड़ पड़े।

आग ने लिया विकराल रूप
समोसे की दुकान में रखे तेल, सिलेंडर, लकड़ी और प्लास्टिक के सामान के कारण आग ने तेजी से फैलकर पास की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। पास ही स्थित भूपेंद्र गुप्ता पुत्र साधु गुप्ता की प्लास्टिक के सामान की दुकान में भी आग लग गई। देखते ही देखते दोनों दुकानों में रखा लाखों रुपये का माल राख में तब्दील हो गया। तेज लपटों से आसपास अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी-अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कर दीं।

ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड कर्मियों के बीच झड़प
फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन जब तक दमकल वाहन मौके पर पहुंचता, आग बेकाबू हो चुकी थी। इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों और बाजार के युवकों ने बाल्टी, ड्रम और मोटर पंप की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग की लपटें कुछ कम हुईं। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने दमकल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते टीम पहुंच जाती, तो आग को फैलने से रोका जा सकता था। इस दौरान कुछ ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड कर्मियों के बीच झड़प भी हो गई, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस ने शांत कराया।

थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रुद्र प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में लिया। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और आग बुझाने में मदद की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और किसी प्रकार की जनहानि न हो, इसके लिए चारों ओर बैरिकेडिंग करा दी। हालांकि आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक लपटें दिखाई दे रही थीं, लेकिन सौभाग्य से किसी की जान नहीं गई। यदि आग कुछ और मिनटों तक फैलती तो आसपास की अन्य दुकानों और मकानों तक पहुंच सकती थी, जिससे बड़ी दुर्घटना संभव थी।

दो दुकानें जलकर राख
पीड़ित दुकानदार विशाल गुप्ता ने बताया कि दीपावली की रात दुकान बंद करने की तैयारी चल रही थी कि अचानक फ्रिज से चिंगारी निकली और आग लग गई। कुछ ही मिनटों में सब कुछ जलकर खाक हो गया। वहीं भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि उनकी दुकान में प्लास्टिक के सामान, खिलौने और गिफ्ट आइटम रखे थे जो पूरी तरह जल गए। दोनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। थाना प्रभारी रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण फ्रिज में शॉर्ट सर्किट पाया गया है। घटना में दो दुकानें जलकर राख हो गईं। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया है और आगे की कार्रवाईकी जा रही है।

Kanpur: पटाखों से 28 लोग झुलसे, हैलट में इलाज जारी, एक व्यक्ति की आंख फटी; रेटिना डैमेज

0
Kanpur News: कानपुर हैलट में पटाखे छुड़ाने से घायल हुए 28 रोगी इलाज के लिए पहुंचे। 21 लोगों की आंख में चोट लगी, जबकि एक व्यक्ति की आंख फटने के कारण उसका ऑपरेशन किया गया। सात लोगों के हाथ-पैर जले थे।
कानपुर में पटाखे जलाने में लापरवाही से 28 लोगों को चोट आई है। रोगियों का हैलट में इलाज किया गया है। सात लोगों के हाथ, पैर और पीठ जल गई। वहीं, 21 की आंख में चोट लगी है। एक व्यक्ति की पूरी आंख फट गई।  जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ परवेज़ खान ने बताया कि आंख फटने वाले रोगी का ऑपरेशन किया गया।

उसकी रेटिना तथा आंख का सफेद हिस्सा डैमेज हो गया। एक और रोगी गंभीर हालत में भर्ती है। बाकी रोगियों का इलाज करके डिस्चार्ज कर दिया गया। प्लॉस्टिक सर्जन डॉ प्रेम शंकर ने बताया कि हाथ, पैर और पीठ जलने के सात रोगी आए। उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया गया। सभी पटाखों से जले थे। बर्न का कोई रोगी भर्ती नहीं है। 

Steno Death Case: कूदने से पहले छह बार हुई थी नेहा की मां से बात, पेशकार और चपरासी पर कस सकती है नकेल

0

Kanpur News: कचहरी की छठवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली महिला स्टेनो नेहा ने आत्महत्या से पहले अपनी मां से पांच बार फोन पर बात की थी। पुलिस ने पिता की तहरीर दर्ज कर ली है और पेशकार व चपरासी पर लगे प्रताड़ना के आरोपों की जांच के लिए कार्यालय स्टॉफ के बयान लेगी।

Kanpur Steno Death Case Neha spoke to her mother six times before jumping peon and peon may face action

कानपुर में सीनियर डिवीजन सिविल जज की कोर्ट में तैनात महिला स्टेनो नेहा (25) ने कचहरी की छठवीं मंजिल से कूदने से पहले अपनी मां से बातचीत की थी। पहला फोन मां की ओर से दोपहर 1:11 बजे आया। इसके बाद दोनों के बीच 1:52 बजे तक पांच बार फोन पर बात हुई। यह जानकारी पुलिस को नेहा की कॉल डिटेल से मिली है।

मां से पहले स्टेनो के पिता ने भी उन्हें फोन किया था। कोतवाली पुलिस माता-पिता से जानकारी जुटा रही है। सोमवार को उनके पिता की तहरीर ले ली गई है। घाटमपुर निवासी नेहा ने शनिवार दोपहर कचहरी की छठवीं मंजिल की छत कूदकर जान दे दी थी। महिला स्टेनो के परिजनों ने कोर्ट के पेशकार और चपरासी पर बेटी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे।पुलिस के पास आ गई है नेहा की कॉल डिटेल
कोतवाली पुलिस ने पेशकार की ओर से अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की। सोमवार को पुलिस के पास नेहा की कॉल डिटेल आ गई है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि आखिरी बार उनकी परिजनों से क्या बात हुई थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना की जानकारी के लिए कार्यालय स्टॉफ के बयान लिए जाएंगे।

साक्ष्य मिलते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति प्राप्त कर उनके बयान भी होंगे। महिला स्टेनो ने प्रताड़ित करने की शिकायत जिन अधिकारियों से की थी, उनसे जानकारी भी जुटाई जाएगी। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि महिला स्टेनो के पिता ने तहरीर दी है। इसको दर्ज एफआईआर के साथ लगाया गया है। साक्ष्य मिलते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ये था पूरा मामला
कानपुर में सीनियर डिवीजन सिविल जज अमर प्रताप चौधरी की कोर्ट में तैनात स्टेनो घाटमपुर निवासी नेहा (25) ने शनिवार दोपहर कचहरी की छठवीं मंजिल की छत कूदकर जान दे दी थी। उनकी पांच महीने पहले ही कोर्ट में तैनाती हुई थी। परिजनों ने कोर्ट के पेशकार पर डांटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

पेशकार पर बिना वजह प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
एसीपी कोतवाली आकांक्षा पांडेय ने अन्य कर्मचारियों से जानकारी हासिल की। नेहा के परिजनों को सूचना दी गई। थोड़ी देर बाद स्टेनो के घरवाले आ गए। उन्होंने कोर्ट के पेशकार पर बिना वजह डांटने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फतेहपुर में कानूनगो हैं पिता इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि कोर्ट स्टेनो बर्रा बाईपास पर शनिदेव मंदिर के पास किराये पर रहती थीं। उनके पिता गोविंद प्रसाद फतेहपुर में कानूनगो हैं, जबकि भाई भानु प्रताप इटावा में सब इंस्पेक्टर हैं। छोटी बहन निशा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।

लिफ्ट से छत पर पहुंची थी नेहा
सीनियर डिवीजन सिविल जज की कोर्ट ग्राउंड फ्लोर पर है। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि नेहा लिफ्ट के सहारे छत पर पहुंची थीं। पहली से लेकर पांचवीं मंजिल तक परिसर बंद है। छठवीं मंजिल पर कोर्ट की फाइलों की स्केनिंग की जा रही है। यहां सिर्फ स्टाफ के लोग ही आते-जाते हैं। नेहा ऊपर गईं और छत से नीचे कूद गईं। पुलिस ने शिनाख्त के लिए काफी देर तक उनके मोबाइल का लॉक खोलने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। बाद में कोर्ट के कर्मचारियों ने उनकी शिनाख्त की।

कार्यालय में हमेशा रहती थीं गुमसुम
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि नेहा हमेशा कोर्ट परिसर में गुमसुम सी रहती थीं। वह अक्सर लंच के समय बालकनी में अकेली ही खड़ी रहती थीं। उनकी अन्य स्टाफ से कम बोलचाल ही होती थी। नेहा ने छत से कूदने से पहले किसी से बात भी की थी। इसकी जानकारी पुलिस को मिल गई है। इस संबंध में कॉल करने वाले की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस नेहा के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है।

नाना ने लगाए छत से फेंकने का आरोप
नेहा के कूदने के बाद उनके घर पर सूचना दी गई। उनके नाना जय प्रकाश संखवार उर्सला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी नातिन ने कूदकर जान नहीं दी है। उसे छत से फेंका गया है। उसको प्रताड़ित किया जा रहा था। नेहा ने अपनी मां को पूर्व में इसकी जानकारी दी थी।

 

पुलिस स्मृति दिवस: ‘पुलिसकर्मियों का बलिदान अमूल्य पूंजी’, सीएम बोले- परिजनों के कल्याण को समर्पित सरकार

0

राजधानी लखनऊ में मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन्स में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने समारोह में शहीदों को नमन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य पूंजी है, जिसे हम कभी नहीं भूल सकते। उनकी स्मृतियां हमें कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनसेवा का अमर संदेश देती हैं। प्रदेश पुलिस ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुदृढ़ीकरण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है।

शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को सीएम ने दिलाया भरोसा

सीएम ने कहा कि 2024-25 के दौरान प्रदेश के तीन बहादुर पुलिसकर्मियों एसटीएफ के निरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी दुर्गेश कुमार सिंह (जौनपुर) और आरक्षी सौरभ कुमार (गौतमबुद्ध नगर) ने अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को भरोसा दिया कि राज्य सरकार उनके कल्याण के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ हर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि 96 पुलिस कर्मियों (केंद्रीय बलों एवं अन्य राज्यों के मूल निवासी यूपी के पुलिसकर्मी सहित) को कुल 30.70 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई है। पुलिस कर्मियों की सेवानिवृत्ति और मृत्यु के उपरांत 90% जीपीएफ के 2,511 प्रकरणों का भुगतान किया गया, जबकि 108 पुलिस कार्मिकों को अग्रिम धनराशि स्वीकृत की गई। 234 मेधावी पुलिसकर्मियों के बच्चों को 51.10 लाख रुपए की छात्रवृत्ति दी गई तथा 1.12 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति प्रदान की गई।

सीएम ने सुविधाओं के बारे में दी जानकारी

सीएम ने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी 519 मामलों में 11.85 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति दी गई, जबकि 170 कर्मियों को जीवन रक्षक निधि से 6.64 करोड़ रुपए अग्रिम दिए गए। 374 मृतक पुलिस कर्मियों के आश्रितों को 11.86 करोड़ रुपए की बीमा धनराशि और 124 आश्रितों को बैंक ऑफ बड़ौदा के ‘पुलिस सैलरी पैकेज’ से 67.76 करोड़ रुपए का भुगतान कराया गया।

पुलिस भर्ती और प्रशिक्षण में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2017 से अब तक 2.09 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है, जिनमें 34 हजार महिलाएं शामिल हैं। राजपत्रित स्तर पर 1.52 लाख से अधिक पदोन्नतियां दी गई हैं। वर्तमान में 28,154 पदों पर भर्ती और 2,391 पर पदोन्नति प्रक्रिया जारी है।

इससे पहले सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा और समर्पण समाज के लिए एक आदर्श उदाहरण है। पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य पथ पर अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सभी अमर शहीद पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि!’

डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी दी श्रद्धांजलि

वहीं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर पोस्ट करते हुए जनता की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि पुलिसकर्मियों का साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा है।

UP News: दिवाली के बाद खराब हुई राजधानी की आबो-हवा, विशेषज्ञों की सलाह- मास्क पहनकर ही घर से निकलें

0

रोशनी के पर्व दिवाली के बाद राजधानी लखनऊ की हवा पर प्रदूषण का साया छा गया है। सोमवार की रात आतिशबाजी के बाद शहर की वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई। मंगलवार को लखनऊ का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 246 दर्ज किया गया, जो ऑरेंज जोन में आता है।विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सांस संबंधी दिक्कतों, आंखों में जलन, सिरदर्द और हृदय रोग के खतरे को बढ़ा सकता है। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदूषण का मुख्य कारण पटाखों का धुआं, वाहनों का उत्सर्जन और मौसम में ठंड के कारण धुंध का जमाव है। उन्होंने लोगों से अनावश्यक वाहन प्रयोग से बचने, बुजुर्गों को बाहर निकलने पर मास्क पहनने की सलाह दी।