Saturday, May 16, 2026
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लखनऊ ODOC योजना से मांसाहारी व्यंजन हटाए गए,

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लखनऊ- ODOC योजना से मांसाहारी व्यंजन हटाए गए, मेन्यू से गलावटी कबाब और अवधी बिरयानी हटा, 75 जिलों की सूची में केवल शाकाहारी उत्पाद, लखनऊ के लिए रेवड़ी और आम चुने गए, चाट और मलाई मक्खन भी शामिल

लखनऊ बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद सियासत तेज,

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लखनऊ- बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद सियासत तेज, यूपी चुनाव में सपा और भाजपा में सीधा मुकाबला, सपा कार्यालय पर अखिलेश यादव के पोस्टर लगे, PDA जननायक बताने वाला पोस्टर, पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ा, अखिलेश आज प्रेसवार्ता करेंगे

लखनऊ 7 मई से शुरू होगी जनगणना, 3000 से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी

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लखनऊ- 7 मई से शुरू होगी जनगणना, 3000 से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी, 1500 सरकारी स्कूल शिक्षक विहीन होने की आशंका, 7500 छात्रों की पढ़ाई पर असर, इंदिरा नगर, नरही, उतरठिया के स्कूल प्रभावित

खूनी लहरें, खामोश चीखें: तैरना जानती थी मां, बेटे को बचाने में डूबी, 22 घंटे में मिले छह शव, ऐसा था नाव हादसा

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Hamirpur News: हमीरपुर में नाव पलटने के बाद अपने पांच साल के बेटे को बचाने की कोशिश में मां बृजरानी की भी डूबने से मौत हो गई। तैरना जानने के बाद भी उन्होंने बेटे के लिए बलिदान दे दिया, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा है।

हमीरपुर यमुना की लहरों में मां की ममता डूब गई। तैरना जानते हुए भी बृजरानी ने स्वयं को बचाने का प्रयास नहीं किया। वह अपने पांच साल के बेटे को ढूंढते-ढूंढते डूब गई। गुरुवार को दोनों के शव नदी में अलग-अलग स्थानों पर मिले। ग्रामीणों और परिजनों की आंखें नम रहीं। पूरे गांव में शोक की लहर है।


मनकी गांव निवासी बृजरानी रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने घाटमपुर से आई थी। उनके परिवार में दो बेटियां अनामिका और अनन्या हैं। परिजन ने बताया कि वह तैरना जानती थीं। नाव पलटने के बाद वह बाहर आ सकती थीं, लेकिन पांच वर्षीय बेटे लव्यांश को डूबते देख उसे बचाने लगीं।

मां और बेटे के शव अलग-अलग क्षेत्र में मिले
विष्णु ने बताया कि वह बेटे को बचाने के लिए गहरे पानी में चली गईं जहां तेज बहाव में काफी देर तक संघर्ष करने के बाद वह डूब गईं। रेस्क्यू टीम ने सभी छह शव बाहर निकाले। मां और बेटे के शव अलग-अलग क्षेत्र में मिले। परिजन का कहना है कि अगर समय रहते मदद मिल जाती, तो शायद मां-बेटे की जान बच सकती थी।

नाव में तीन लोग जानते थे तैरना
परिजन गया प्रसाद का कहना है कि नाव में कुल नौ लोग सवार थे। इनमें सिर्फ विष्णु, गुलाब और बृजरानी को ही तैरना आता था। हादसे के दौरान विष्णु ने किसी तरह रिंकू और पारुल को बाहर निकाला जबकि गुलाब ने भी बचाव का प्रयास किया। बाकी बच्चे तैरना नहीं जानते थे।
घर का इकलौता चिराग था लव्यांश
ग्रामीणों के अनुसार लव्यांश परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें अनामिका और अनन्या हैं। बेटे और मां की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है
डीजे की आवाज में दब गईं चीखें
ग्रामीण देशराज ने बताया कि करीब 20 से 30 मिनट तक नदी किनारे अफरा-तफरी का माहौल रहा। अंधेरा और तेज बहाव होने से बचाव कार्य में काफी परेशानी हुई। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे। करीब 8:30 बजे पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई।
रातभर सर्च अभियान चलाया
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी और स्थानीय गोताखोरों ने रातभर सर्च अभियान चलाया। लोगों का कहना है कि अगर घटना के समय शोरगुल जल्दी सुनाई दे जाता तो शायद कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। घटना के समय दूसरी शादी का डीजे बजने से चीख पुकार दब गई।
धीरू बना फरिश्ता
हादसे के समय नाव चालक विष्णु दो बच्चों को नदी से बचाकर किनारे तक लाया और वह खुद थक गया। इसी दौरान उस पार मौजूद धीरू (14) ने बहादुरी दिखाते हुए दो किशोरों को डूबने से बचाने में मदद की। साथ ही ग्रामीणों के साथ डूब रहे लोगों को बाहर निकालने में जुट गया।
जाल डालकर चलाया गया सर्च अभियान
पुलिस और गोताखोरों ने नदी में कई स्थानों पर जाल डलवाए। एनडीआरएफ की चार, एसडीआरएफ की दो और फ्लड पीएसी की एक टीम ने करीब 22 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
यमुना में समाए सभी छह लोगों के शव मिले
थाना क्षेत्र कुरारा के भौली गांव के मजरा कोतूपुर पटिया के सामने बह रही यमुना में मंगलवार देर शाम नाव पलटने से नदी में समाए छह लोगों के शव गुरुवार को मिल गए। नाव पर नाविक समेत नौ लोग सवार थे। इनमें नाविक विष्णु ने खुद को तो बचाया ही था, डूब रहे दो अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
22 घंटे चला रेस्क्यू अभियान
नदी किनारे खड़े एक साहसी किशोर ने भी नदी में कूदकर विष्णु की मदद की थी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें रातभर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं। रेस्क्यू अभियान 22 घंटे चला। मरने वालों में मां-बेटा भी हैं। ये सभी लोग यहां एक शादी समारोह में आए थे।
खरबूजा, तरबूज, खीरा और ककड़ी लेने व खाने गए थे
भौली गांव के मजरा कोतूपुर पटिया निवासी गयाप्रसाद उर्फ राजू की बेटी अंजली की शादी सोमवार को हुई थी। बरात कानपुर देहात के सिरसा, क्योटरा गांव से आई थी। मंगलवार को विदाई के बाद परिवार और रिश्तेदार शाम करीब चार बजे यमुना पार कानपुर देहात सीमा स्थित नदी किनारे बारी पर खरबूजा, तरबूज, खीरा और ककड़ी लेने व खाने गए थे।

Auraiya News: राजस्व टीम पर लगाया सरकारी जमीन कब्जा कराने का आरोप

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सहायल। बृहस्पतिवार को सहायल थाना क्षेत्र के गांव भटौली फफूंद में राजस्व टीम मिशन समाधान अभियान के तहत पहुंची थी। यहां पर सरकारी जमीन की पैमाइश की गई। वहीं इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि देवशंकर यादव ने राजस्व टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। देवशंकर यादव ने आरोप लगाते हुए बताया कि खाद के गड्डे की जमीन पर पंचायत के एक युवक को राजस्व टीम ने जबरन कब्जा दिला दिया है। उनका आरोप है कि जब कब्जा करने का एतराज किया तो टीम के लोगों ने उनके साथ बदसलूकी भी की। बिधूना नायब तहसीलदार प्रतिभा पाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मौके पर टीम को भेज कर जांच करवाई जाएगी। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।(संवाद)

अजीतमल 21 मई तक अपने मोबाइल से दर्ज कर सकेंगे ब्योरा

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अजीतमल (सहार)। जनगणना को लेकर तहसील प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सात मई से 21 मई तक होने वाली स्व-डिजिटल जनगणना में आप स्वयं अपने मोबाइल से अपने परिवार का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक कर्मचारी घर-घर जाकर जनगणना का कार्य पूर्ण करेंगे।
उप जिलाधिकारी निखिल राजपूत व तहसीलदार अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना को संपन्न कराने के लिए तहसील में 514 प्रगणक व सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है।

औरैया दिनभर छाए रहे बादल, रुक-रुककर हुई बारिश

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औरैया। मौसम लगातार करवट ले रहा है। दो दिन पहले आंधी के साथ हुई बारिश की दस्तक ने लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत दी। बृहस्पतिवार को भी कुछ ऐसा रहा। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। दिनभर रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। वहीं, कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हुई। ऐसे में सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। मौसम विभाग ने
मौसम का मिजाज इन दिनों बदला हुआ चल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह की शुरुआत घने बादलों के साथ हुई। पूरे दिन सूरज नहीं निकले। दिनभर रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी होती रही। वहीं एरवाकटरा, बिधूना व बेला समेत अन्य कस्बों में तेज बारिश भी हुई। हालांकि तेज बारिश का दौर कुछ देर का ही रहा लेकिन यह बारिश मक्का, उड़द व मूंग की फसलों के लिए राहत लेकर आई।किसानों के अनुसार फसलों में एक सिंचाई की लागत इस बारिश के साथ कम हो गई है। हालांकि तापमान में गिरावट के साथ ही अब इन फसलों पर कीट का प्रकोप बढ़ेगा। सड़कों पर बारिश के दौरान सन्नाटा भी देखने को मिला। बाजार में बृहस्पतिवार को न के बराबर चहलकदमी रही। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक टिक गया।

वर्ज़न—-

जिले के छिटपुट स्थानों पर बारिश हुई है। हालांकि तेज हवा नहीं चली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी हल्की बारिश के आसार हैं।-डॉ. रामपलट, मौसम वैज्ञानिक

Auraiya News: कोठीपुर बंबा की पटरी से हटवाया अतिक्रमण

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अछल्दा। ब्लॉक के गांव पुरवा उदयी और लोहरई के पास सिंचाई विभाग कोठीपुर बंबा की पटरी पर किए गए अतिक्रमण को हटवा दिया गया। लंबे समय से मार्ग अवरुद्ध होने के कारण राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
कोठीपुर बंबा की सर्विस रोड पर स्थानीय लोगों ने लंबे समय से गोबर के घूरा और कंडे रखकर अस्थायी कब्जा कर लिया था। सड़क संकरी होने के कारण आए दिन परेशानी की स्थिति बनी रहती थी। बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग की सख्ती देख कुछ ग्रामीणों ने स्वयं ही ट्रैक्टरों की मदद से अपना सामान हटाना शुरू कर दिया, वहीं शेष अतिक्रमण को विभाग ने बुलडोर चलाकर साफ कर दिया। कार्रवाई के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह सक्रिय नजर आए। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि दोबारा मार्ग पर अतिक्रमण किया गया तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अजीतमल दो साल में ही उखड़ गई हाईवे को जोड़ने वाली सड़क

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अजीतमल। कस्बे को नेशनल हाईवे से जोड़ने वाली प्रमुख सड़क महज दो वर्षों में ही बदहाल हो गई। कोतवाली के बगल से होकर गुजरने वाली इस सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी ने कराया था। अब इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो जाने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अजीतमल और बाबरपुर कस्बे को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इससे क्षेत्र के दूरदराज गांवों के लोग हाईवे तक पहुंचते हैं। निर्माण के समय आबादी वाले क्षेत्र में सीसी सड़क व उसके बाद डामर और हॉटमिक्स प्लांट से सड़क बनाई गई थी। इसके बावजूद दो साल के अंदर सड़क उखड़ जाने पर स्थानीय लोग निर्माण में घपलेबाजी का आरोप लगा रहे हैं।

पीएमश्री स्कूलों में फर्नीचर जुटाने की तैयारी शुरू

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औरैया। पीएमश्री स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर करने की कवायद शुरू है। अब इन स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए जरूरी फर्नीचर को जुटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

जनपद में चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों का छात्र नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए मूलभूत सुविधाएं भी बेहतर की जा रही है। जिले के 14 पीएमश्री स्कूलों में प्राथमिकता से ये काम जारी है। छात्रों को यहां पर आकर्षित करने के लिए जरूरी इंतजाम भी किए जा रहे हैं। इसके लिए अब बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर जुटाया जा रहा है। गर्मी की छुट्टी से पहले ये संसाधन पीएमश्री स्कूलों में पूरे हो जाएंगे। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि पीएमश्री स्कूलों में जरूरी फर्नीचर क्रय करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूलों की तरह सुविधाएं देने पर जोर है। किसी तरह की कोई कमी न रहे। इसे लेकर बीईओ स्तर से भी जांच करने के लिए कहा गया है।