Saturday, February 21, 2026
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मलिहाबाद की तत्कालीन तहसीलदार पर केस दर्ज,

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लखनऊ-मलिहाबाद की तत्कालीन तहसीलदार पर केस दर्ज, तत्कालीन तहसीलदार वंदना कुशवाहा समेत 6 पर केस , रिश्वत लेकर फर्जी दाखिल-खारिज करने का गंभीर आरोप, तहसीलदार वंदना कुशवाहा और लेखपाल पर आरोप, 15 फरवरी 2024 को गलत दाखिल-खारिज करने का आरोप, डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के आदेश पर केस दर्ज

हीरा गोल्ड एग्जिम कंपनी के सीईओ पर केस दर्ज,

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लखनऊ -हीरा गोल्ड एग्जिम कंपनी के सीईओ पर केस दर्ज, कंपनी के सीईओ पर ठगी का मुकदमा दर्ज , अच्छा रिटर्न देने के नाम पर 15 लाख की ठगी, पीड़ित ने गोमती नगर थाने में केस कराया दर्ज

 

Auraiya News: छूटे घरों में 30 दिसंबर तक पानी का कनेक्शन दिया जाए

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अटसू। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने चिटकापुर में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और विभागीय अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। डीएम ने ग्रामीणों की मांग पर डीसी मनरोगा को गांव में खेल मैदान का निर्माण कराने का निर्देश दिया।

डीएम ने स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एएनएम व आशा को गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण कराने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को पोषण किट वितरण करने को कहा। विद्युत विभाग को 16 नवंबर को कैंप लगाकर बिजली से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा अधिकारी को पशुओं का टीकाकरण और कृषि विभाग को अधिक से अधिक फार्मर रजिस्ट्री कराने को कहा।

Auraiya News: सीएचसी में मुकम्मल इलाज नहीं, निजी सेंटर जाने के लिए मजबूर

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नतीजतन मरीजों को जांच के लिए निजी पैथोलॉजी की राह पकड़नी पड़ रही है, यहां उन्हें मोटी रकम देनी पड़ती है। सीएचसी पर एक रुपये के पर्चे पर इलाज मिलने का दावा खोखला नजर आ रहा है। जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराने की बात कह रहे हैं। पत्राचार के बाद भी इन बेपटरी सेवाओं को दुरुस्त नहीं किया जा सका है।निजी सेंटरों पर एक्सरे जांच के लिए जहां 400 से लेकर 600 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए 800 से लेकर 1500 रुपये तक खर्च हो रहे हैं। इसी तरह सीबीसी जांच के लिए 200 से 300 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं।
फोटो-25- सीएचसी में रखी अल्ट्रासाउंड मशीन। संवाद
बिधूना सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जांच ठप
बिधूना सीएचसी के जिम्मे कस्बा समेत 200 गांवों के लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं हैं। यहां पर प्रसव भी होते हैं। लेकिन, यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन बंद रखी है। पिछले दिनों शासन की टीम ने निरीक्षण के दौरान इस मशीन को बंद पाया था। जिसे अब तक चलन में नहीं लाया जा सका है। गर्भवतियों से लेकर अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
फोटो-26- सीएचसी अजीतमल एक्सरे रूम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
अल्ट्रसाउंड मशीन है पर रेडियोलॉजिस्ट नहीं
अजीतमल सीएचसी में एक्सरे व अन्य जांचें हो रही हैं। लेकिन अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। गर्भवतियों को माह में एक दिन निजी पैथोलॉजी में अनुबंध के तहत निशुल्क जांच की सुविधा दी जा रही है। बकाया आम मरीज प्राइवेट में अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन है लेकिन रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। एचसी अधीक्षक डॉ. अशोक राय ने बताया रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
फोटो-27- अयाना सीएचसी में मरीज का ब्लड सैंपल लेते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
रीजेंट न होने से बायोकेमिस्ट्री मशीन बंद
सीएचसी अयाना में शनिवार की दोपहर एक्सरे मशीन का कक्ष बंद मिला। वहीं पैथोलॉजी में बायोकेमिस्ट्री मशीन बंद मिली। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन की सप्ताह में तीन दिन सीएचसी में ड्यूटी है। वहीं रीजेंट न होने की वजह से बायोकेमिस्ट्री मशीन बंद है। इससे किडनी व लीवर फंक्शन टेस्ट व लिपिड प्रोफाइल की जांच नहीं हो पा रही है। इसके अलावा सीएचसी में सीबीसी व कार्ड से होने वाली जांचे की जा रही हैं। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है।
दो माह से नहीं हो रहा एक्सरे
दिबियापुर सीएचसी में एक्सरे मशीन तो है, लेकिन एक्सरे टेक्नीशियन नहीं है। सीएचसी अयाना से तीन दिन दिबियापुर सीएचसी से संबद्ध एक्सरे टेक्नीशियन विशाल आते हैं लेकिन एक्सरे मशीन दो महीने से खराब है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि विभाग से पत्र लिखा गया है। वहीं सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।
जिम्मेदारों ने दिया रटारटाया जवाब
‘सीएचसी पर एक्सरे मशीनों के खराब होने की सूचना मिली है। उन्हें दुरुस्त कराने के लिए तकनीकी टीम को कहा गया है। जल्द ही समस्या दूर कराई जाएगी।-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ औरैया

Auraiya News: पत्नी से फोन पर विवाद के बाद युवक ने की खुदकुशी

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औरैया। थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव गाजीपुर में शनिवार को एक युवक का शव गांव के बाहर पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजन पत्नी से फोन पर हुए विवाद के बाद खुदकुशी करने की बात कह रहे हैं। पुलिस ने मौत का कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया है।

गाजीपुर निवासी लवकुश राजपूत (30) गुड़गांव में रहकर गाड़ी चलाता था। परिजन के अनुसार उसकी शादी चार साल पहले बिहार के छपरा निवासी मुस्कान से हुई थी। दोनों की एक तीन साल की बेटी और चाह माह का बेटा है। करीब 20 दिन पूर्व मुस्कान अपने मायके चली गइ थी। इसके बाद शुक्रवार को लवकुश गांव आया था। फोन पर पत्नी से बात के दौरान दोनों का विवाद हो गया। इसके बाद वह घर से चला गया।

Auraiya News: पुराने भूखंडों पर नहीं लगाए उद्यम, अब नए प्रस्तावों पर हो रहा मंथन

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औरैया। जिले में उद्यम को बढ़ावा देने के लिए सरकारी तंत्र बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के औद्योगिक गलियारे से लेकर समाधान पुर्वा में जमीनें चिह्नित कर रहा है, लेकिन उद्यम लगाने के लिए पूर्व में चयनित भूखंडों पर नजर नहीं डाली जा रही है।

एक दशक से अछल्दा व बिधूना में आधे से ज्यादा भूखंड खाली पड़े हैं। खाली प्लाटों में धूल उड़ रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी यहां उद्यम नहीं लग सके हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का भी है। यहां पर भी वीरान नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं प्रशासन अब इन क्षेत्रों में उद्यम लगाने की बजाय नई परियोजनाओं के काम में जुट गया है।युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए जिले में एक दशक पहले बुनियादी सुविधाओं के साथ तीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। इनमें औरैया में चयनित जमीन पर 46, बिधूना में 44 तो अछल्दा में 46 भूखंड बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित किए गए। इसका उद्देश्य था कि उद्यमी यहां पर अपना उद्यम लगाकर कारोबार कर सकें।

औरैया शहर के औद्योगिक क्षेज्ञ में उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए भूखंड आवंटित किए गए। शत प्रतिशत 46 भूखंडो पर उद्योग लगे। इन दिनों यहां से देश विदेश के लिए उत्पादों की आपूर्ति भी की जा रही है। यहां पर लगी इकाइयों में कृषि उत्पाद, सोलर, इलेक्ट्रॉनिक, फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) यूनिट समेत कई कारोबार चल रहे हैं।

वहीं, बिधूना के चिरकुआ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकसित 44 भूखंडों में महज 20 छोटी इकाइयां ही लग सकी हैं। 24 भूखंड अभी भी खाली पड़े हैं। इसी तरह अछल्दा में भी 46 भूखंडों में से महज दो इकाइयां ही धरातल पर नजर आ रही हैं। यहां भी अभी तक इन खाली भूखंडो पर उद्योग नहीं लग पाए हैं।

कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का है। यहां पर 350 से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। महज 10 इकाइयों का धरातल यहां पर तैयार हो रहा है। इन अधूरी परियोजनाओं के बीच बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे को लेकर 100 एकड़ जमीन खरीद का काम इन दिनों अंतिम दौर में हैं।

वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार संकुल योजना के तहत समाधान पुरवा में 37 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इन दोनों ही परियोजनाओं में जल्द ही प्लाॅट आवंटन से लेकर अन्य कवायद शुरू होगी। लेकिन, अछल्दा, बिधूना व प्लास्टिक सिटी में खाली पड़े प्लाटों से सरकारी मशीनरी की नजर हटी हुई है।

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मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने से उद्यमी कर रहे किनारा

उद्योग बंधु की बैठक हर माह कलक्ट्रेट में हो रही है। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों के इर्द-गिर्द मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया जाता है। खास तौर पर प्लास्टिक सिटी में सड़क का मुद्दा उठाया जाता है। वहीं, कई प्लाटों तक बिजली लाइन ही नहीं है। कुछ साल पहले यहां पर बिछी हुई बिजली लाइन के तारों को चोरों ने पार कर दिया था। तब से तारों का इंतजाम नहीं किया जा सके।

बोले जिम्मेदार

उद्यमियों को किया जाएगा प्रोत्साहित

 

रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खाली भूखंडों को जल्द भरा जाएगा। वहीं एमएसएमई की ओर से नया पोर्टल तैयार करते हुए इन खाली भूखंडों को भरने की प्लानिंग तैयार की जा रही है।- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र

किसान भाइयों के लिए बड़ी खबर, तुरंत कर लें ये काम, वरना खातों में नहीं आएगी 21वीं किस्त

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नेशनल डेस्क: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आ गई है। सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी करने की तारीख का ऐलान कर दिया है। योग्य किसानों के खातों में अगली 2000 रुपये की किस्त 19 नवंबर को भेज दी जाएगी। लेकिन ध्यान रहे- एक छोटी सी चूक आपकी किस्त रोक सकती है। अगर आपने ई-KYC नहीं कराई, तो आपके खाते में पैसा नहीं आएगा।

 

किन्हें मिलेगा फायदा?

इस योजना का लाभ वही किसान उठा पाएंगे जिनकी जमीन का विवरण पीएम किसान पोर्टल पर दर्ज है, जिनके बैंक खाते आधार से जुड़े हैं और जिनकी ई-KYC सफलतापूर्वक पूरी है। आधार कार्ड इस योजना में लाभार्थियों की पहचान स्थापित करने के लिए सबसे ज़रूरी दस्तावेज माना गया है।

 

ई-KYC कैसे करें? तीन आसान तरीके

किसान अपनी सुविधा के अनुसार निम्नलिखित तरीकों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं-

 

OTP-आधारित ई-KYC

बायोमेट्रिक-आधारित ई-KYC

फेस-ऑथेंटिकेशन आधारित ई-KYC

पीएम किसान पोर्टल की खास बातें

किसान pmkisan.gov.in पर जाकर “किसान कॉर्नर” में उपलब्ध अपनी स्थिति जानें फीचर से अपनी पूरी जानकारी देख सकते हैं। पोर्टल तेज और आसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा देता है। इच्छुक किसान नज़दीकी CSC सेंटर पर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के जरिए घर बैठे आधार से जुड़ा बैंक खाता भी खोला जा सकता है।

 

फेस-ऑथेंटिकेशन से ई-KYC- सबसे आसान तरीका

मोबाइल से ही ई-KYC करने का नया और सरल तरीका अब उपलब्ध है। इसके लिए यह स्टेप फॉलो करें-

 

Google Play Store से PM-Kisan Mobile App और Aadhaar Face RD App डाउनलोड करें।

ऐप खोलकर अपने पीएम किसान वाले मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।

लाभार्थी स्थिति पेज पर जाएं।

अगर ई-KYC स्थिति “नहीं” दिख रही हो, तो ई-KYC पर क्लिक करें।

आधार नंबर दर्ज करें और चेहरे की पहचान के लिए अनुमति दें।

चेहरा सफलतापूर्वक स्कैन होते ही ई-KYC पूरी हो जाएगी।

ध्यान रहे: किसी भी तरीके से की गई ई-KYC की जानकारी 24 घंटे बाद लाभार्थी स्थिति में दिखाई देती है। किसान अपनी स्थिति पोर्टल या PM-Kisan ऐप के KYC सेक्शन में चेक कर सकते हैं।

 

 

डायबिटीज से सिर्फ आंख-किडनी नहीं, हड्डियां भी होती हैं कमजोर! जानें कारण, लक्षण और उपाय

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नेशनल डेस्क: अगर डायबिटीज नियंत्रण में नहीं रहती है तो इसका असर सिर्फ किडनी, हार्ट और आंखों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हड्डियों और जोड़ों को भी प्रभावित कर सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों में हड्डियों की कमजोरी और जोड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में डायबिटीज न्यूरोपैथिक आर्थ्रोपैथी यानी Charcot joint जैसी समस्या भी पैदा कर सकती है।

 

दिल्ली के एंडोक्रोनॉलजी विभाग में एचओडी डॉ. निखिल टंडन के मुताबिक, Charcot joint तब होता है जब नर्वस सिस्टम में खराबी के कारण जोड़ प्रभावित हो जाते हैं। इसमें जोड़ सुन्न महसूस होते हैं, झुनझुनी होती है और हल्की चोट पर भी गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। डॉ. निखिल बताते हैं कि यह हर डायबिटीज मरीज में नहीं होती, लेकिन जिनका शुगर लेवल नियंत्रित नहीं है और उम्र 45 वर्ष से अधिक है, उनके लिए जोखिम अधिक रहता है।

 

डायबिटीज से हड्डियां कमजोर क्यों होती हैं?

डॉ. निखिल के अनुसार, हाई ब्लड शुगर Osteoblast सेल्स की सक्रियता कम कर देता है। ये सेल्स नई हड्डी बनाने में मदद करते हैं। ग्लूकोज की अधिकता से बोन फॉर्मेशन धीमा हो जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। लंबे समय तक उच्च शुगर लेवल के कारण क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन और नर्व डैमेज का भी खतरा बढ़ जाता है।

 

किन लक्षणों पर नजर रखें

 

हल्की चोट में बार-बार दर्द होना

 

हल्की चोट में फ्रैक्चर होना

 

चोट का जल्दी न भरना

 

जोड़ में लगातार दर्द

 

इस बीमारी से बचाव के उपाय

 

रोजाना नियमित एक्सरसाइज करें

 

डॉक्टर की सलाह के अनुसार विटामिन डी और कैल्शियम के सप्लीमेंट लें

 

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं

 

संतुलित और हेल्दी आहार अपनाएं

टाटा की नई SUV की भारी डिमांड, डिलीवरी के लिए करना होगा 87 दिन का इंतजार

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नेशनल डेस्क : नवंबर में Tata Curvv खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो इसकी वेटिंग पीरियड की पूरी जानकारी लेना जरूरी है। इस कूपे-स्टाइल SUV की बढ़ती मांग के कारण डिलीवरी का वक्त खासा बढ़ गया है। फिलहाल Tata Curvv की वेटिंग 8 से 12 सप्ताह यानी लगभग 87 दिनों के बीच है, जो वेरिएंट, कलर ऑप्शन और डीलरशिप की उपलब्धता पर निर्भर करती है। खास बात यह है कि Tata Curvv पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक तीनों पावरट्रेन ऑप्शन में उपलब्ध है, जो इसे अपने सेगमेंट में एक यूनिक विकल्प बनाता है।

 

Tata Curvv में इंजन विकल्प बेहद प्रीमियम हैं। इसमें कंपनी के नए और एडवांस्ड इंजन लगे हैं। 1.2 लीटर GDi टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल (हाइपरियन इंजन) खासतौर पर Curvv के लिए ही पेश किया गया है। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹9,65,690 है, जबकि टॉप स्पेक वेरिएंट ₹17,16,090 तक की कीमत में उपलब्ध है।

 

इंजन और ट्रांसमिशन की खासियतें

 

1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल (हाइपरियन इंजन): पावर 124 bhp, टॉर्क 225 Nm, 6-स्पीड मैनुअल या 7-स्पीड DCA ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन

 

1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल (स्टैंडर्ड): पावर 119 bhp, टॉर्क 170 Nm, 6-स्पीड MT या 7-स्पीड DCA ट्रांसमिशन

 

1.5 लीटर काइरोटेक डीजल: पावर 117 bhp, टॉर्क 260 Nm, 6-स्पीड MT या 7-स्पीड DCA ट्रांसमिशन

 

दोनों पेट्रोल इंजन में पैडल शिफ्टर्स भी मिलते हैं, जो इस SUV को स्पोर्टी टच देते हैं। Tata Curvv डीजल वर्जन में अपने सेगमेंट की पहली SUV है जिसमें डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स (DCA) भी मिलता है।

 

डिजाइन की बात करें तो Tata Curvv को नए Atlas प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। यह चार ट्रिम्स—Smart, Pure, Creative और Achieved—में उपलब्ध है। फ्रंट में रिफ्रेश ग्रिल और कूलिंग के लिए वेंट्स डिजाइन किए गए हैं। EV मॉडल के मुकाबले ICE मॉडल में 18-इंच के अलॉय व्हील्स हैं, जो इसे और बोल्ड लुक देते हैं। कूपे SUV प्रोफाइल इसे स्पोर्टी और प्रीमियम लुक देता है, जो इसे अपने सेगमेंट में अनोखा बनाता है।

 

फीचर्स में शामिल हैं

 

12.3-इंच बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम

 

10.25-इंच डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

 

9-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम

 

वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto

 

वायरलेस फोन चार्जर

 

बैकलिट टाटा लोगो वाला चार-स्पोक स्टीयरिंग

 

एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स

6 एयरबैग, एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर वार्निंग, लेन कीप असिस्ट, फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग, ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, ट्रैफिक साइन रिकॉग्निशन। Tata Curvv अपनी खास पावरट्रेन, डिजाइन और फीचर्स के दम पर भारतीय SUV बाजार में एक दमदार विकल्प के रूप में उभर रही है।

Wendy’s 2026 में बंद करेगी सैकड़ों रेस्टोरेंट, बिक्री में भारी गिरावट से बड़े फैसले की तैयारी

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इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका की लोकप्रिय फास्ट-फूड चेन Wendy’s (वेंडीज़) ने घोषणा की है कि वह 2026 में देशभर में सैकड़ों रेस्टोरेंट बंद करेगी। कंपनी की बिक्री लगातार गिर रही है और बदलते उपभोक्ता रुझानों ने उसके कारोबार पर दबाव बढ़ा दिया है। कंपनी के इंटरिम CEO Ken Cook ने बताया कि Wendy’s की अमेरिकी बिक्री पर काफी दबाव है और कंपनी अपनी स्थिति सुधारने के लिए तुरंत कदम उठा रही है।

 

कितने रेस्टोरेंट बंद होंगे?

Wendy’s के अमेरिका में लगभग 6,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं। कंपनी के अनुसार, जिन रेस्टोरेंट्स को बंद किया जाएगा, वे कुल संख्या का मिड-सिंगल-डिजिट प्रतिशत होंगे—मतलब लगभग 240 लोकेशंस बंद हो सकती हैं (Fox Business का अनुमान)।

 

बिक्री में तगड़ी गिरावट

अमेरिका में Wendy’s की बिक्री पिछली तिमाही में 4.7% गिर गई।

 

ग्लोबल बिक्री में 2.6% की गिरावट हुई।

 

मुख्य कारण: ग्राहकों के आने में भारी कमी।

 

नए रेस्टोरेंट खोलने की बजाय पुराने मजबूत करने पर फोकस

Wendy’s अब नए रेस्टोरेंट नहीं खोलेगी, बल्कि मौजूदा आउटलेट्स की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देगी। कंपनी ने “Project Fresh” नाम की नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद है ऑपरेशंस को तेज और बेहतर करना, प्रॉफिट बढ़ाना और ग्राहक संतुष्टि में सुधार करना।

 

पूरे उद्योग पर महंगाई का दबाव

विशेषज्ञ कहते हैं कि Wendy’s की दिक्कतें केवल उसकी नहीं हैं। पूरा फास्ट-फूड सेक्टर इस समय चुनौती झेल रहा है क्योंकि लोगों की डिस्क्रिशनरी स्पेंडिंग (ऐसा खर्च जिसे लोग चाहें तो टाल सकते हैं) में भारी कमी आई है, फूड प्राइस बढ़ रहे हैं, रेंट महंगा हो रहा है और महंगाई लगातार बनी हुई है।

 

EY-Parthenon के रिटेल विशेषज्ञ Will Auchincloss के अनुसार, “वैल्यू को लेकर जागरूक ग्राहक ब्रांड्स पर भारी दबाव डाल रहे हैं। अगर यह ट्रेंड बढ़ा, तो पूरे सेक्टर में कीमतों की रणनीति बदलनी पड़ सकती है।”

 

ग्राहक बाहर खाना कम कर रहे हैं

फूड आइटम की कीमतें, महंगा बीफ़, और बढ़ती महंगाई की वजह से लोग बाहर खाने में पहले की तुलना में कम खर्च कर रहे हैं। यह उन ब्रांड्स के लिए बड़ी समस्या है जो “सस्ते खाने” या वैल्यू आइटम्स पर ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।

 

McDonald’s है तगड़े मोमेंटम पर

जबकि Wendy’s संघर्ष कर रही है, वहीं McDonald’s की बिक्री बढ़ रही है।

 

मैकडॉनल्ड्स की सफलता

कंपनी की पिछली तिमाही में 3% राजस्व वृद्धि हुई।

 

कुल राजस्व $7.08 बिलियन तक पहुंच गया।

 

इसका कारण है—वैल्यू मील्स पर जोर, और बजट-फ्रेंडली ऑफर्स।

 

मैकडॉनल्ड्स ने सितंबर में अपने “Extra Value Meals” को दोबारा लॉन्च किया और $40 मिलियन खर्च किए इन कॉम्बो मील्स के मार्केटिंग पर, जो बजट-फोकस्ड ग्राहकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।

 

फास्ट-फूड ट्रैफिक में गिरावट लेकिन मैकडॉनल्ड्स की बढ़त

The Wall Street Journal की रिपोर्ट अमेरिका में कुल फास्ट-फूड विज़िट्स 2.3% गिर गई हैं लेकिन McDonald’s की same-store sales में 2.4% की वृद्धि हुई है।