Wednesday, February 18, 2026
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ITR Filing 2025: ITR Refund में हो रही देरी? ये गलतियां बन सकती हैं वजह, जानें

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नेशनल डेस्क : आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तेजी से नजदीक आ रही है। देशभर के करोड़ों टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न पहले ही दाखिल कर चुके हैं, और कई लोगों को आयकर रिफंड भी मिल चुका है। हालांकि, ऐसे भी कई करदाता हैं जिन्हें अभी तक टैक्स रिफंड नहीं मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रिफंड में देरी के पीछे कुछ सामान्य कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

आमतौर पर 7 से 15 दिन में मिल जाता है रिफंड
यदि आपने सही ढंग से और समय पर रिटर्न दाखिल कर ई-वेरिफाई कर दिया है, तो आमतौर पर रिफंड 7 से 15 दिनों के भीतर आपके बैंक खाते में आ जाता है। कुछ मामलों में यह समय एक हफ्ते से भी कम हो सकता है। लेकिन अगर कोई गलती या गड़बड़ी होती है, तो रिफंड प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है।

रिफंड में देरी के प्रमुख कारण

1. गलत या अधूरी बैंक डिटेल्स
रिटर्न दाखिल करते समय अगर बैंक खाता संख्या, IFSC कोड या नाम गलत दर्ज किया गया है, तो रिफंड ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। इसलिए हमेशा बैंक संबंधी जानकारी की सही से जांच करें।

2. फॉर्म 26AS या AIS से मेल न खाना
आपके ITR और आयकर विभाग के पास मौजूद फॉर्म 26AS या AIS में कोई अंतर होने पर भी प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है। जैसे अगर आपने किसी आय का उल्लेख नहीं किया या टीडीएस क्रेडिट का गलत दावा किया है।

3. ITR का ई-वेरिफिकेशन नहीं होना
सिर्फ रिटर्न फाइल कर देना काफी नहीं है, उसे ई-वेरिफाई करना भी अनिवार्य होता है। बिना ई-वेरिफिकेशन के ITR प्रोसेसिंग शुरू नहीं होती, जिससे रिफंड अटक जाता है।

4. विभागीय जांच या स्क्रूटनी
अगर रिटर्न में किसी बड़ी राशि का दावा किया गया है या कोई अनियमितता नजर आती है, तो आयकर विभाग रिटर्न को जांच के लिए होल्ड कर सकता है। ऐसे मामलों में भी रिफंड में देरी होती है।

5. पहले से बकाया टैक्स
यदि करदाता पर पहले से कोई टैक्स बकाया है, तो आयकर विभाग नए रिफंड को उसी में एडजस्ट कर सकता है। ऐसे में विभाग नोटिस भेजकर जानकारी देता है और रिफंड रोका जाता है।

देरी होने पर क्या करें?
अगर आपने रिटर्न सही समय पर फाइल कर दिया है और ई-वेरिफाई भी कर चुके हैं, फिर भी रिफंड नहीं आया है, तो आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर ITR प्रोसेसिंग स्टेटस चेक करें। यदि प्रोसेस हो चुका है और रिफंड ‘Issued’ दिखा रहा है, तो अपने बैंक स्टेटमेंट की जांच करें।

इंडियन बेवरेज एसोसिएशन का सरकार से सॉफ्ट ड्रिंक पर GST घटाकर 18% करने का आग्रह

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नई दिल्लीः कोका-कोला, पेप्सिको जैसी कंपनियों के निकाय इंडियन बेवरेज एसोसिएशन ने सरकार से कोल्ड ड्रिंक और अन्य पेय पदार्थों पर जीएसटी घटाकर 18 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। वर्तमान में, इन पेय पदार्थों पर 28 प्रतिशत जीएसटी और अहितकर वस्तुओं के मामले में लगने वाले 12 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगता है। जीएसटी में व्यापक सुधारों के तहत सरकार ने जीएसटी को दो स्लैब (पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत) में बदलने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा, महंगी कारों और अहितकर वस्तुओं जैसी चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लागू होगी। वर्तमान में, जीएसटी के चार स्लैब… 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं।

इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (आईबीए) ने कहा कि इस क्षेत्र के लिए जीएसटी को युक्तिसंगत बनाने से उत्पाद अधिक किफायती होंगे, इस क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और 2030 तक सालाना 1.2 लाख नई नौकरियां भी सृजित होंगी। आईबीए ने अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के लिए सरकार की सराहना करते हुए कहा कि, पुनर्वर्गीकरण, जीएसटी युक्तिसंगत बनाने और इस श्रेणी को एक मानक जीएसटी दर में रखने से इस क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का पता चलेगा, जिससे निवेश, रोजगार, किसानों को समर्थन और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। कोका-कोला, पेप्सिको, रिलायंस, बिसलेरी, डाबर और रेड बुल जैसी प्रमुख कंपनियां आईबीए के सदस्य हैं।

आईबीए ने कहा, “जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने से 2030 तक सालाना 1.2 लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका को और बढ़ावा मिलेगा। हाल के वर्षों में, इस क्षेत्र ने 50,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है और 85,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त निवेश की योजना बना रहा है।”

‘प्रेमी को मिलने के लिए घर बुलाया और काट दिया प्राइवेट पार्ट…’, मुस्लिम युवती ने उठाया खौफनाक कदम; कांप जाएगी रूह

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Hardoi News, (मनोज तिवारी): उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जहां एक गर्लफ्रेंड ने राजस्थान के प्रेमी को अपने घर बुलाकर उसके प्राइवेट पार्ट पर हमला कर दिया जिससे प्रेमी जख्मी हो गया। आनन-फानन में उसको इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। युवक की हालत सामान्य बताई जा रही है। एएसपी ने बताया कि महिला को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में आवश्यक कार्यवाई की जा रही है।

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दोनों का पिछले 4 सालों से था प्रेम प्रंसग
बता दें कि सनसनीखेज वारदात हरदोई के मल्लावां थाना क्षेत्र के कस्बे के एक मोहल्ले की है। यहां राजस्थान का रहने वाला जसवंत (35) जो कि अपनी समुदाय विशेष की प्रेमिका (18) के बुलाने पर उसके घर आया हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों का पिछले चार साल से प्रेम प्रंसग चल रहा है और दोनों फोन पर बातचीत करते हैं। दोनों एक ही कंपनी में काम करते थे जिससे दोनो की नजदीकियां बढ़ गयी। अब प्रेमिका ने फोन करके प्रेमी युवक को मिलने के लिए अपने घर पर बुलाया उसी दौरान किसी बात पर दोनों की कहासुनी हो गई जिसके बाद प्रेमिका ने प्रेमी के प्राइवेट पार्ट पर हमला कर दिया और घायल कर दिया। घटना के बाद काफी देर हंगामा हुआ तो सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अस्पताल भिजवाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद युवक को जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने पीड़ित युवक से पूछताछ की।

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आरोपी युवती को हिरासत में
एएसपी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला थाना मल्लावां के अंतर्गत एक मोहल्ले का है, जहां पर जसवंत जो की राजस्थान का रहने वाला है अपनी पूर्व परिचित युवती से मिलने आया था। दोनों में बातचीत के दौरान वाद-विवाद हो गया। उसी उक्त युवती ने उसके प्राइवेट पार्ट पर हमला कर दिया जिससे वह घायल हो गया था। जिसे तत्काल स्थानी CHC ले जाया गया था जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति सामान्य है। आरोपी युवती को हिरासत में लिया गया है और इसमें पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई कराई जा रही है।

HC ने 43 बार टाली जमानत पर सुनवाई, SC ने लगाई फटकार, कहा- व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को तुरंत निपटाना चाहिए

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लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी की जमानत याचिका पर 43 बार सुनवाई स्थगित करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। सीजेआई बी.आर. गवई और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने 25 अगस्त को आदेश पारित करते हुए कहा कि आरोपी पहले ही तीन साल छह महीने से अधिक समय से जेल में है और ऐसे मामलों में बार-बार स्थगन अस्वीकार्य है।

व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों को तुरंत निपटाना चाहिए
पीठ ने कहा, “हमने बार-बार यह कहा है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े मामलों पर अदालतों को शीघ्रता से विचार करना चाहिए। उच्च न्यायालय से यह अपेक्षा नहीं की जाती कि वह जमानत याचिकाओं को लंबित रखे और सिर्फ तारीखें देता रहे।”

सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
लंबे विलंब को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी-याचिकाकर्ता को जमानत देने का निर्णय लिया। अदालत ने कहा कि इस प्रकार के मामले संविधान द्वारा प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी को कमजोर करते हैं।

पहले भी खींची थी हाईकोर्ट की क्लास
सुप्रीम कोर्ट ने याद दिलाया कि इस साल मई में इसी केस के एक सह-अभियुक्त को जमानत दी गई थी। उस वक्त इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका पर 27 बार सुनवाई स्थगित की थी। तब भी शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी थी कि बिना प्रगति के जमानत याचिकाएं लंबित रखना गलत है। इस बार अदालत ने कहा कि वर्तमान मामला और भी गंभीर है क्योंकि स्थगन की संख्या और लंबा इंतजार सीधे आरोपी की स्वतंत्रता पर चोट करता है।

हिंदुओं की घटती आबादी, दंगों की साजिशें… संभल हिंसा पर CM योगी को सौंपी गई 450 पन्नों की रिपोर्ट

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Lucknow/Sambhal News: उत्तर प्रदेश के सम्भल ज़िले में पिछले साल 24 नवंबर को हुई हिंसा की जांच के लिए गठित कमेटी ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है। लगभग 450 पन्नों की इस रिपोर्ट में न केवल उस दिन हुई घटनाओं का विस्तार से वर्णन है, बल्कि सम्भल के सामाजिक-राजनीतिक इतिहास और सांप्रदायिक तनावों का भी ब्यौरा दिया गया है।

रिपोर्ट की मुख्य बातें :-

  • 24 नवंबर 2024 की हिंसा: रिपोर्ट में बताया गया है कि उस दिन हुई हिंसा की पृष्ठभूमि कई सालों से पनपते तनावों में छिपी थी।
  • दस्तावेज़ में सम्भल के पिछले कई दशकों के दंगों का ज़िक्र है – कब-कब उपद्रव हुआ, उसमें कितना नुकसान हुआ और किन-किन कारणों से टकराव बढ़ा।
  • रिपोर्ट में कहा गया है कि आजादी के समय सम्भल में हिंदुओं की आबादी 45 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 15–20 प्रतिशत के बीच रह गई है।
  • कमेटी ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव दिए हैं।

जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा
बता दें कि पिछले साल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई थी। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद 29 नवंबर, 2024 को योगी सरकार ने आयोग का गठन किया था। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा, रिटायर्ड IAS अमित मोहन और रिटायर्ड IPS अरविंद कुमार जैन शामिल थे। आयोग ने गुरुवार को सीएम योगी से मुलाकात कर 450 पन्नों की गोपनीय जांच रिपोर्ट सौंपी। अब रिपोर्ट कैबिनेट में रखी जाएगी। वहां से पास होने के बाद विधानसभा पटल में रखी जाएगी। फिर सार्वजनिक होगी। अरविंद कुमार जैन ने बताया- हमने एक-एक बिंदु को देखा है। जितने गवाह हैं, उनके भी बयान लिए गए हैं। जितना भी कर सकते थे, उसमें किया।

वर्तमान में संभल में लगभग 85% मुस्लिम और 20% हिंदू
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में लिखा है कि बार-बार दंगों से संभल में हिंदू आबादी कम होती गई। अब सिर्फ वहां 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं। जबकि, आजादी के वक्त संभल नगर पालिका में 45 प्रतिशत हिंदू थे। दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति ने जिले की डेमोग्राफी बदल दी। आजादी के वक्त संभल नगर पालिका क्षेत्र में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू रहते थे, वर्तमान में संभल में लगभग 85% मुस्लिम और 20% हिंदू रहते हैं।

आजादी के बाद से कुल 15 दंगे हुए
आजादी के बाद से कुल 15 दंगे संभल में हो चुके हैं। जिला कई सारे आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन चुका है। यहां 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 में दंगे हुए। अलकायदा, हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन संभल में पैर पसार चुके थे।।

प्यार के लिए छोड़ा धर्म, मुस्लिम बहनें बनीं रूबी-चांदनी — हिंदू प्रेमियों संग हिंदू रीति से रचाई शादी

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Lakhimpur News: उत्तर प्रदेश में लखीमपुर खीरी जिले के पड़ुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गांव में एक अनोखी शादी हुई है, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। जहां दो मुस्लिम बहनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई। जास्मीन और रुखसाना बानो ने अपने प्रेमी रामप्रवेश और सर्वेश के साथ हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह किया। इन दोनों बहनों ने नाम भी बदल लिया है — रुखसाना अब रूबी और जास्मीन चांदनी कहलाती हैं। दोनों बहनों और उनके प्रेमियों के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। रविवार की देर रात दोनों बहनें अपने घर से चुपके से निकलीं और सीधे प्रेमियों के घर पहुंच गईं। यह देखकर गांव में काफी सनसनी फैल गई। दोनों परिवार और गांव के लोग इस घटना से हैरान थे।

पंचायत बुलाई, लेकिन अपने फैसले पर कायम रहीं बहनें
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सुबह गांव के बुजुर्गों ने पंचायत बुलाई ताकि मामला सुलझ सके। पंचायत में सभी चाहते थे कि दोनों परिवारों के बीच सहमति हो जाए, लेकिन बहनें अपने फैसले पर अड़ी रहीं और कहा कि वे केवल अपने प्रेमियों से ही शादी करेंगी। पंचायत ने उनकी उम्र के बारे में भी जांच की, जिसमें यह पुष्टि हुई कि दोनों बहनें बालिग हैं।

धर्म छोड़कर हिंदू रीति से शादी, गांव में मचा हंगामा
बताया जा रहा है कि पंचायत में समाधान नहीं निकलने पर, दोनों परिवारों ने आखिरकार हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराने का निर्णय लिया। दोनों बहनों ने अपना धर्म छोड़कर अपने प्यार को चुना। इस शादी ने गांव में बड़ा हंगामा मचा दिया और दोनों परिवारों के साथ पूरे गांव को भी चौंका दिया। वहीं इस घटना ने दिखाया है कि प्यार और विश्वास धर्म से ऊपर हो सकता है और अपने दिल की सुनना ही सबसे महत्वपूर्ण होता है।

15 साल की उम्र में बना ‘अब्दुल्ला’, बहन का निकाह भी कराया…सदमे से पिता की मौत हो गई

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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक बार फिर से धर्म परिर्वतन का मामला सामने आया है। दरअसल, यहां पर ब्रिजपाल नामक युवक इसका शिकार हो गया। बृजपाल ने अपने साथ साथ अपनी मां और बेहन का भी धर्म परिवर्तन करवा दिया। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार अब इस्लाम धर्म का पालन कर रहा है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि लालच, भ्रम और मानसिक दबाव के चलते यह कदम उठाया गया है।

आपको बता दें कि यह पूरा मामला जिले के थाना सुभाष नगर क्षेत्र का है। करेली गांव रहने वाला बृजपाल करीब 8-10 साल पहले महज 15 साल की उम्र में अपना नाम बदलकर ‘अब्दुल्ला’ रख लिया और इस्लाम धर्म अपना लिया था। परिवारवालों ने बताया कि बृजपाल एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाता था, जहां उसकी दोस्ती कुछ मुस्लिम युवकों से हो गई. धीरे-धीरे वे उसे इस्लाम की किताबें पढ़ाने लगे और इस्लाम की खूबियां गिनाने लगे। एक दिन वह बिना बताए पुणे चला गया और लौटकर खुद को ‘अब्दुल्ला’ बताते हुए कहने लगा कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है।

पिता की सदमें से मौत
बृजलाल के इस कारनामें से उसके परिवार में तनाव बढ़ने लगा और इसी तनाव ने उसके पिता की जान ले ली। दरअसल, सदमा लगने की वजह से उसकी पिता की मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद माता पर दबाव बनाया जिसके उन्होंने ने भी इस्लाम कबूल कर लिया।

बहन की शादी मुस्लिम से कराया
इतना ही नहीं बृजपाल की बहन की शादी हो चुकी थी, लेकिन उसने शादी तुड़वाकर फिर से मुस्लिम युवक के साथ निकाह करा दिया। बताया जा रहा है कि मस्जिद के लोगों ने इस कार्य में पूरा साथ दिया। बता दें कि जब परिवार के अन्य सदस्यों और मोहल्लेवालों ने विरोध किया तो बृजपाल ने अपना मकान बेच दिया और मुस्लिम बस्ती में जाकर बस गया। फिलहाल घर पर ताले लगे हैं और परिवार लापता है। परिजनों का कहना है कि उसे खेती, मकान और पैसों का लालच देकर बहकाया गया था।

फिल्म इंडस्ट्री से आई बुरी खबर: कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रहीं बॉलीवुड की ये मशहूर एक्ट्रेस, पोस्ट में छलका दर्द, लिखा- पहले पिता को छीन लिया..अब मुझे…

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UP Desk : फिल्म गुलाब गैंग और जोरम में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस तनिष्ठा चटर्जी इन दिनों कैंसर से जूझ रही हैं। 44 साल की तनिष्ठा ने बताया कि उन्हें स्टेज-4 ओलिगोमेटास्टैटिक कैंसर है। एक्ट्रेस ने रविवार को खुलासा किया कि उन्हें 8 महीने पहले कैंसर का पता चला था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर करते हुए  कई तस्वीरें फैंस के साथ साझा कर अपना हेल्थ अपडेट दिया। तनिष्ठा ने फैंस को  बताया कि अभी वह किस हालत में है और उन्हें अपने से ज्यादा अपनी मां और बेटी की चिंता है।

पोस्ट में तनिष्ठा ने बताया अपना संघर्ष 
सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी पहली तस्वीर में तनिष्ठा सिर मुंडवाए, सोफे पर बैठी और आत्मविश्वास से मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं। अगली तस्वीर में, वह दिव्या दत्ता, लारा दत्ता, शबाना आज़मी, विद्या बालन और अन्य इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिताती नज़र आईं। उन्होंने अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए कैप्शन में लिखा, “पिछले 8 महीने बेहद मुश्किल रहे हैं, हल्के शब्दों में कहें तो। मानो कैंसर से अपने पिता को खोना ही काफी नहीं था। 8 महीने पहले मुझे स्टेज 4 ओलिगो मेटास्टेटिक कैंसर का पता चला।”

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‘इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता’ 
हालांकि, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह पोस्ट “दर्द के बारे में नहीं है। यह प्यार और ताकत के बारे में है।” उन्होंने आगे कहा, “इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। एक 70 साल की मां और 9 साल की बेटी… दोनों पूरी तरह से मुझ पर निर्भर हैं। लेकिन सबसे मुश्किल पलों में, मुझे एक असाधारण प्यार मिला, ऐसा प्यार जो सामने आता है, जगह देता है और आपको कभी अकेला महसूस नहीं होने देता।”

‘दोस्तों ने सबसे मुश्किल दिनों में भी मेरे चेहरे पर सच्ची मुस्कान ला दी’
उन्होंने लिखा- “मुझे यह अपने अद्भुत दोस्तों और परिवार में मिला, जिनके अटूट समर्थन ने मेरे चेहरे पर, सबसे मुश्किल दिनों में भी, सच्ची मुस्कान ला दी। एआई और रोबोट्स की ओर दौड़ती दुनिया में, असली, भावुक इंसानों की असीम करुणा ही मुझे बचा रही है। उनकी सहानुभूति, उनके संदेश, उनकी उपस्थिति – उनकी मानवता – ही जीवन को वापस ला रही है।”

तनिष्ठा ने अंत में कहा-“महिला मित्रता, उस बहनचारे को सलाम जिसने मेरे लिए प्रचंड प्रेम, गहरी सहानुभूति और अदम्य शक्ति के साथ काम किया। आप जानते हैं कि आप कौन हैं – और मैं आपकी असीम आभारी हूं।”

घर में थी पूजा, पीरियड रोकने की ली गोली…फिर आधी रात में चली गई 18 साल की बेटी की जान; आप ना करें ये गलती

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UP Desk : कर्नाटक से एक बेहद चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने आया है। यहां एक 18 साल की लड़की ने घर में पूजा होने के कारण पीरियड्स रोकने के लिए हार्मोनल दवा खा ली। जिसके बाद कुछ ही दिनों में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और आखिरकार इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस मामले ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आइए जानते हैं इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके पीछे की मेडिकल सच्चाई।

पैर में दर्द और सूजन से शुरू हुई तकलीफ, नसों में जम गया खून का थक्का  
कर्नाटक की रहने वाली 18 साल की एक युवती ने पूजा में हिस्सा लेने के लिए हार्मोनल दवा ले ली। कुछ दिनों बाद युवती को पैर और जांघ में तेज़ दर्द और सूजन होने लगी। वह बेचैन और परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंची तो वैस्कुलर सर्जन डॉ. विवेकानंद ने उसे चेक किया। बातचीत के दौरान लड़की ने बताया कि पीरियड्स रोकने के लिए उसने दवा ली थी। डॉक्टर को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत जांच करवाई। जांच में सामने आया कि लड़की डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis – DVT) से पीड़ित है, यानी उसके शरीर की नसों में खून का थक्का (Blood Clot) जम गया था, जो नाभि तक फैल चुका था।

पिता ने टाल दी मामले की गंभीरता, आधी रात बिगड़ी तबीयत, लड़की ने तोड़ा दम 
डॉ. ने लड़की के पिता को समझाया कि यह हालात बेहद गंभीर हैं और तुरंत भर्ती न करने पर कुछ भी हो सकता है, लेकिन पिता ने मामले की गंभीरता को टाल दिया। उन्होंने कहा कि वे अगले दिन मां के साथ बेटी को दोबारा लेकर आएंगे। उसी रात करीब 2 बजे, डॉक्टर को कॉल आया कि लड़की को इमरजेंसी में लाया गया है। उसकी सांसें रुक रही थीं। CPR देकर जान बचाने की कोशिश भी की गई, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी लड़की को बचाया नहीं जा सका।

आपको बता दें कि ये गोलियां अक्सर मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से मिल जाती हैं और कई महिलाएं इनका इस्तेमाल करती हैं, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इनका सेवन बेहद खतरनाक साबित हो सकता है – जैसा कि इस लड़की के साथ हुआ।

 

बाप रे! UP में पकड़ी गई 2 करोड़ की हेरोइन, किसे होनी थी सप्लाई पुलिस कर रही जांच, राजस्थान से जुड़े हैं तार

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चंदौली : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने मादक पदार्थों के एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक किलोग्राम 120 ग्राम हेरोइन बरामद की गयी है। पुलिस ने यह जानकारी दी। बरामद हेरोइन की अंतरराष्टीय बाजार में अनुमानित कीमत दो करोड़ रुपये बतायी गयी है। पुलिस के अनुसार हेरोइन की आपूर्ति गाजीपुर जिले के जमनिया में की जानी थी। गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि पुलिस को जीटीआर पुल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस टीम वहां पहुंची और उसने संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली तो उसके थैले में एक किलोग्राम 120 ग्राम हेरोइन और एक हजार रुपये नकद मिले। उसकी पहचान राजस्थान में चित्तौड़गढ़ जिला के जावदा थाना क्षेत्र स्थित गुजरोकि मोवरन गांव के सीताराम भील (24 वर्ष) के रूप में हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।