Sunday, February 15, 2026
Home Blog Page 258

Auraiya News: बारिश से तिरंगा स्टेडियम के मंच की दीवारें ढहीं, होगी जांच

0

ककोर। बारिश के चलते तिरंगा स्टेडियम मंच की दीवारें भरभराकर ढह गई। जानकारी पर सीडीओ ने निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।जिला मुख्यालय के बाहर बने तिरंगा स्टेडियम में इन दिनों मेंटीनेंस का काम चल रहा है। इसमें टूटी हुई बाउंड्री व स्टेडियम में बने मंच को चौड़ा किया जा रहा है। यहां यूपीपीसीएल के ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है। यह मंच जनसभा, खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है।बारिश में इसके ढह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मंच व बाउंड्रीवॉल पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। मौके पर पहुंचे सीडीओ संत कुमार ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि कार्य करवा रही संस्था से बात की गई है। ठेकेदार का कहना है कि यह मंच जेसीबी से गिरवाया है। इस संबंध में सीडीओ ने कहा कि घटना की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Auraiya News: किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म में 20 वर्ष की कैद

0

औरैया। थाना दिबियापुर क्षेत्र से एक किशोरी के अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले में युवक अखिलेश को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई।सात साल पुराने मामले की विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने सुनवाई की। दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
वादी ने थाना दिबियापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 नवंबर 2018 की दोपहर उसकी 14 वर्षीय बहन घर अकेली थी। उसकी मां व वादी खेत पर काम कर रहे थे। तभी फफूंद के गांव लालपुर निवासी अखिलेश बहन को घर से ले गया। गांव के लोगों के बताने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो, अपहरण व दुष्कर्म का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मुकदमे में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश कोर्ट में सुनाई हुई। बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद ने अखिलेश को सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

Auraiya News: कॉलोनी के पार्क भी अधूरे, बने तबेला

0

औरैया। सड़क और सीवरेज जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही आवास विकास कॉलोनी में पार्कों के विकास पर भी ध्यान नहीं दिया गया। विभाग ने यहां जगह-जगह छोटे-बड़े 25 पार्क तो तैयार कराए, लेकिन यहां न तो पौधे हैं, न ही साफ-सफाई और बैठने की जगह।कई पार्क तो तबेला बने हैं। स्थानीय लोगों व कुछ संस्थाओं ने चंदा कर कुछ पार्कों में पौधरोपण किया है। शहर की आवास विकास कॉलोनी में करीब पांच हजार की आबादी है। यहां लोग सात सेक्टरों में बसे हैं।

इनमें निचले, मध्यम व उच्च तबके के लोग रहते हैं, लेकिन यह लोग 29 साल पहले विकसित हुई सोसायटी में अब तक मूलभूत समस्याओं से उबर नहीं सके हैं। सीवरेज लाइन, बदहाल सड़क, नाला और गंदगी जैसी समस्याओं के लिए लोग लंबे अरसे से संघर्ष करते आ रहे हैं।

आठ साल पहले इन समस्याओं के निस्तारण की पहल करने के लिए एक जन कल्याण समिति का भी गठन किया गया। तबसे यह समिति भी इन समस्याओं को खत्म कराने के लिए जूझ रही है। सरकार और अधिकारियों से लेकर नेताओं तक इस समिति ने पहल की, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।

एक तरफ सीवरेज लाइन न बनने से इस सोसायटी का विकास अधर में लटका है। तो दूसरी तरफ यहां पार्क तक बदहाल हैं। स्थिति यह है कि छोटे-बड़े 25 पार्कों में से किसी में भी बैठने तक की जगह नहीं है। कई पार्कों में झाड़ियां उगी हैं तो कई गंदगी से भरे हैं। यहां मवेशी भी बांधे जा रहे हैं। पार्क तबेले जैसे नजर आ रहे हैं।

जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. एसएसएस परिहार के मुताबिक कुछ साल पहले भारत विकास परिषद ने विवेकानंद पार्क के सुंदरीकरण की शुरूआत की थी। अब उनकी संस्था इसकी देखभाल कर रही है। लोगों से भी चंदा किया गया। संस्था महाराणा प्रताप पार्क में पौधरोपण कराकर इसे संवारने की योजना बना रही है। जंभेश्वर पार्क के सुंदरीकरण के लिए भाजपा एमएलसी सलिल विश्नोई ने भरोसा दिया है।
उधर, पार्कों की दुर्दशा पर एई वैभव कुमार ने यह कहकर कुछ भी बताने से मना कर दिया कि वह कोई जानकारी देने के लिए अधिकृत नहीं है। बाकी अधिकारियों में कोई फोन नहीं उठाते तो कोई रोज नहीं मिलते।

Auraiya News: जीएसटी व मंडी शुल्क में चोरी से बनते लिफाफे

0

औरैया। सरकारी महकमे में जुगाड़ के लिफाफे बनते हैं। ये लिफाफे जीएसटी और मंडी शुल्क चोरी से तैयार होते हैं। जिसके बाद इनकी हिस्सेदारी तय होती है। बाद में तैयार लिफाफे अफसरों की चौखट तक पहुंचते हैं। यहां तक कि अफसर की रैक में भी रख दिए जाते हैं। हर माह यह लिफाफे अपने मुकाम तय समय पर पहुंच जाते हैं। हालांकि कभी कभार इन लिफाफों की मोटाई बढ़ जाती है। अफसर के अनुसार भी इनकी मोटाई तय होती है।गुरुवार को सदर तहसील कार्यालय में वायरल सीसीटीवी फुटेज के लिफाफा प्रकरण में एसडीएम राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार की कार्रवाई होने के बाद जानकार इस लिफाफे की हकीकत बयां कर रहे हैं। किसानों को फसली उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए जगह-जगह पर मंडियां खोली गई हैं। इनमें आसपास के काश्तकार अपनी फसल लेकर आते हैं। जहां उन्हें बेचकर अपनी फसल का मूल्य भी लेते हैं। इसके एवज में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क वसूला जाता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मंडियों में तिलहन पर मंडी कर के साथ-साथ जीएसटी भी लगता है। सरसों, तिली, अलसी, मूंगफली व सूरजमुखी की अच्छी खासी आवक होती है।

सूत्रों की मानें तो सिक्स आर (खरीद बिल) व नाइन आर (विक्रय बिल) से लेकर गेट पास न बनाते हुए सरकारी राजस्व की बड़ी चोरी होती है। कुल माल के मूल्य की तुलना में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क अपने आप में बड़ा आंकड़ा होता है। जबकि गेहूं, धान, बाजरा, ज्वार, मक्का, चना, अरहर, उड़द, मूंग दलहनी फसलों पर महज 1.5 फीसदी मंडी शुल्क लिया जाता है। एक मंडी की सालाना शुल्क वसूली 10 करोड़ के पार तक चली जाती है। बस यहीं से लिफाफा बनने की जड़ शुरू होती है। पूरा सिस्टम तैयार होता है। जिसे एक से दूसरे टेबल तक पहुंचना होता है।

सीजन में बढ़ जाती लिफाफे की मोटाई
धान हो या गेहूं फसल कटाई के बाद एकाएक मंडी में आवक बढ़ती है। यह सीजन जितना आढ़तियों के मुनासिब होता है। उससे कहीं ज्यादा लिफाफे के लिए। लिफाफा भी सीजन के अनुसार मोटा हो जाता है। मोटाई कम होने पर अफसर इसकी सुध लेते हैं। यही कारण है कि निरीक्षण शुरू हो जाते हैं। जिससे लिफाफे की मोटाई ठीक-ठाक बनी रहे।

Auraiya News: प्रदर्शनी में चोरी के दो आरोपी पकड़कर भेजे जेल

0

बिधूना। प्रदर्शनी में चोरी के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर नकदी व चोरी का सामान बरामद कर लिया गया। पूछताछ के बाद दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।चार दिन पहले आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया था। पुलिस दो फरार आरोपियों की तलाश कर रही। कस्बे के बेला रोड स्थित वनखंडेश्वर मंदिर परिसर में अटल बिहारी वाजपेई प्रदर्शनी में चार दिन पहले चोरों ने झूले की मोटर व 58 हजार रुपये पार कर दिए थे। पुलिस ने जनपद लखीमपुर खीरी थाना पडुआ के गांव मल्लेबेहड़ निवासी मतलूम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की थी।प्रदर्शनी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। जिसमें कुछ संदिग्ध दिखाई दिए थे। कोतवाल मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि गुरुवार को पुलिस ने कस्बा स्थित आईटीआई के पीछे से मोहल्ला नवीन बस्ती निवासी अंशू गुप्ता, रामू राठौर का गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाली में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की घटना को कबूल लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मोटर के पुर्जे व 2500 रुपये बरामद कर लिए। आरोपियों ने बताया कि घटना में कस्बे के किशोरगंज निवासी करन, भरथना रोड निवासी अंकित यादव शामिल थे। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें इटावा जेल भेज दिया गया।

Auraiya News: जीएसटी व मंडी शुल्क में चोरी से बनते लिफाफे

0

औरैया। सरकारी महकमे में जुगाड़ के लिफाफे बनते हैं। ये लिफाफे जीएसटी और मंडी शुल्क चोरी से तैयार होते हैं। जिसके बाद इनकी हिस्सेदारी तय होती है। बाद में तैयार लिफाफे अफसरों की चौखट तक पहुंचते हैं। यहां तक कि अफसर की रैक में भी रख दिए जाते हैं। हर माह यह लिफाफे अपने मुकाम तय समय पर पहुंच जाते हैं। हालांकि कभी कभार इन लिफाफों की मोटाई बढ़ जाती है। अफसर के अनुसार भी इनकी मोटाई तय होती है।गुरुवार को सदर तहसील कार्यालय में वायरल सीसीटीवी फुटेज के लिफाफा प्रकरण में एसडीएम राकेश कुमार पर भ्रष्टाचार की कार्रवाई होने के बाद जानकार इस लिफाफे की हकीकत बयां कर रहे हैं। किसानों को फसली उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए जगह-जगह पर मंडियां खोली गई हैं। इनमें आसपास के काश्तकार अपनी फसल लेकर आते हैं। जहां उन्हें बेचकर अपनी फसल का मूल्य भी लेते हैं। इसके एवज में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क वसूला जाता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मंडियों में तिलहन पर मंडी कर के साथ-साथ जीएसटी भी लगता है। सरसों, तिली, अलसी, मूंगफली व सूरजमुखी की अच्छी खासी आवक होती है।

सूत्रों की मानें तो सिक्स आर (खरीद बिल) व नाइन आर (विक्रय बिल) से लेकर गेट पास न बनाते हुए सरकारी राजस्व की बड़ी चोरी होती है। कुल माल के मूल्य की तुलना में 1.5 फीसदी मंडी शुल्क अपने आप में बड़ा आंकड़ा होता है। जबकि गेहूं, धान, बाजरा, ज्वार, मक्का, चना, अरहर, उड़द, मूंग दलहनी फसलों पर महज 1.5 फीसदी मंडी शुल्क लिया जाता है। एक मंडी की सालाना शुल्क वसूली 10 करोड़ के पार तक चली जाती है। बस यहीं से लिफाफा बनने की जड़ शुरू होती है। पूरा सिस्टम तैयार होता है। जिसे एक से दूसरे टेबल तक पहुंचना होता है।

सीजन में बढ़ जाती लिफाफे की मोटाई
धान हो या गेहूं फसल कटाई के बाद एकाएक मंडी में आवक बढ़ती है। यह सीजन जितना आढ़तियों के मुनासिब होता है। उससे कहीं ज्यादा लिफाफे के लिए। लिफाफा भी सीजन के अनुसार मोटा हो जाता है। मोटाई कम होने पर अफसर इसकी सुध लेते हैं। यही कारण है कि निरीक्षण शुरू हो जाते हैं। जिससे लिफाफे की मोटाई ठीक-ठाक बनी रहे।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के लिए VIP प्रोटोकोल जारी करने का मुख्यमन्त्री ने लिया संज्ञान, जताई कड़ी नाराजगी…

0

लखनऊ: जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के लिए VIP प्रोटोकोल जारी करने का मुख्यमन्त्री ने लिया संज्ञान, जताई कड़ी नाराजगी..

उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के लिए VIP प्रोटोकॉल का एक पत्र शुक्रवार को वायरल हुआ था. जिसको लेकर सरकार की भी किरकिरी हुई थी. वहीं, अब प्रोटोकॉल जारी करने वाले निजी सचिव आनंद कुमार को हटा दिया गया है.आनंद कुमार ने ही जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे अभिषेक सिंह के लिए प्रोटोकॉल जारी किया था. इस पूरे मामले को लेकर देर शाम सीएम के साथ हुई मंत्री की पूर्वनिर्धारित बैठक में मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई थी….

UP: पितृपक्ष में गया के लिए विशेष बस सेवा शुरू, पिंडदान व तर्पण के लिए जाने वालों को मिलेगी सुविधा

0
पितृपक्ष में पिंडदान व तर्पण के लिए गया जाने वाले लोगों के लिए विशेष बस सेवा प्रारंभ की गई है। बस वाराणसी के सारनाथ से बोधगया बिहार जाएगी।परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयायशंकर सिंह ने बताया कि पितृपक्ष के दौरान पिंडदान एवं तर्पण के लिए तमाम लोग बिहार के गया जाते हैं। इनके लिए बस सेवा शुरू की गई है। बस वाराणसी के सारनाथ से बोधगया बिहार जाएगी।वाराणसी (कैंट) से संचालित बस चंदौली-सासाराम-औरंगाबाद-शेरघाटी-गया (बिहार) तक चलेगी। वाराणसी स्टेशन से रात आठ बजे चलकर यह बस गया (विहार) भोर में चार बजे पहुंचेगी। बस का किराया वाराणसी से बिहार तक 465 रुपये है।इसी प्रकार लखनऊ (आलमबाग बस टर्मिनल) से मुजफ्फरपुर का किराया 862 रुपये है। यह बस सेवा लखनऊ से रात दो बजे चलकर बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, तुमकुही, गोपालगंज होते हुए अगले दिन सुबह चार बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी।

Sitapur News: घरेलू विवाद में मां ने दो बच्चों सग पिया कीटनाशक, महिला की मौत… बच्चों की हालत नाजुक

0
सीतापुर में घरेलू विवाद में मां ने दो बच्चों सग कीटनाशक पी लिया। अस्पताल में महिला की मौत हो गई। जबकि, बच्चों की हालत नाजुक बनी हुई है।

यूपी के सीतापुर में शुक्रवार को घरेलू कलह से आजिज आकर मां ने दो बच्चों संग कीटनाशक पी लिया। घटना मछरेहटा के अबधपुर गांव की है। गांव निवासी राजरानी (45) ने कीटनाशक पी लिया। साथ ही दो बच्चों गीता (18) व आशीष (12) को भी कीटनाशक पिसा दिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों को जानकारी हुई तो तीनों को सीएचसी, सिधौली लेकर पहुंचे। वहां से उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में राजरानी ने दम तोड़ दिया। बच्चों का इलाज जारी है।

UP News: बाघ ने युवक को बनाया निवाला, पशुओं के लिए घास लेने गया था; खेत में पड़े मिले अवशेष

0
सीतापुर में बाघ ने युवक को निवाला बना लिया। वह पशुओं के लिए घास लेने गया था। घरवाले ढूंढते हुए पहुंचे तो खेत में उसके अवशेष मिले। घटना से गांव में दहशत का माहौल है।

यूपी के सीतापुर में शुक्रवार को बाघ ने एक युवक को निवाला बना लिया। घटना महोली थाना क्षेत्र के नरनी गांव की है। गांव निवासी रवि दीक्षित (21) पशुओं के लिए घास लेने खेत गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश में निकले। देर शाम उसके शव के अवशेष एक खेत में पड़े मिले। मौके पर खून बिखरा था। आसपास जंगली जानवर के पंजों के निशान भी मिले। मृतक के परिजनों ने बताया कि बाघ ने रवि को अपना निवाला बना लिया है।