Tuesday, March 24, 2026
Home Blog Page 3

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कर्मचारी के प्रमोशन में तदर्थ सेवा भी गिनी जाएं, नियुक्ति तिथि के आधार पर हो पदोन्नति

0

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सेवा मामले में दिए एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया विधि सम्मत रही हो और कर्मचारी लगातार सेवा में रहा हो, तो उसकी तदर्थ सेवा को भी पदोन्नति के लिए गिना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी से कनिष्ठ कर्मचारी को पदोन्नति मिल चुकी है, तो उसे भी उसी तिथि से पदोन्नति का अधिकार है, भले ही उसकी सेवा का नियमितीकरण बाद में हुआ हो।न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह फैसला राज्य सरकार की दो विशेष अपीलों को खारिज करके दिया।इस मामले में मूल याची अनिल कुमार और शैलेंद्र सिंह, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। दोनों वर्ष 1986 में जूनियर इंजीनियर के पद पर तदर्थ नियुक्त हुए थे और बाद में उनकी सेवाएं नियमित की गईं।मामले में विवाद तब उत्पन्न हुआ जब इनके बाद नियुक्ति पाए कर्मचारियों को सहायक अभियंता पद पर 18 जनवरी 1995 से पदोन्नति दे दी गई, जबकि याचियों को इस लाभ से वंचित रखा गया। पहले, एकल पीठ ने याचियों के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसे राज्य सरकार ने विशेष अपील के माध्यम से चुनौती दी।

सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि चूंकि याचियों की सेवाएं उस समय तक नियमित नहीं हुई थीं, इसलिए उन्हें पिछली तिथि से पदोन्नति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि तदर्थ सेवाकाल को भी पदोन्नति के लिए गिना जाएगा।

यूपी: प्रदेश में होगी 2584 महिला परिचालकों की होगी भर्ती, गृह जिले में मिलेगी तैनाती; जानिए पूरी प्रक्रिया

0

उप्र परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा महिला परिचालकों की भर्ती होगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों में रोजगार मेले लगेंगे। 25 मार्च से रोजगार मेलों की शुरुआत होगी। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह बताया कि चयनितों को उनके गृह जिले के डिपो में ही तैनाती दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि भर्ती के लिए इंटरमीडिएट पास होना और सीसीसी प्रमाणपत्र अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का उप्र राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन या उप्र कौशल विकास मिशन से जुड़ा होना जरूरी है। एनसीसी बी प्रमाणपत्र, एनएसएस, स्काउट-गाइड के राज्य या राष्ट्रपति पुरस्कार धारकों को मेरिट में पांच प्रतिशत वेटेज मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी और इंटर में प्राप्त अंकों के आधार पर चयन होगा। चयनित महिला परिचालकों को संविदा पर अन्य परिचालकों के समान पारिश्रमिक दिया जाएगा।

अयोध्या में 28 को लगेगा रोजगार मेला
संविदा महिला परिचालकों की भर्ती के लिए 25, 28 व 30 मार्च और एक 1 अप्रैल को रोजगार मेले का आयोजन होगा। 25 मार्च को सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम-बांदा और प्रयागराज में रोजगार मेला लगेगा। 28 मार्च को गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या और वाराणसी, 30 मार्च को मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन व आजमगढ़ में और एक अप्रैल को नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ और गोरखपुर में रोजगार मेले लगेंगे। इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने नजदीकी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं।

यूपी: आज से खत्म होगा विक्षोभ का असर, इन जिलों में दस डिग्री तक चढ़ सकता है पारा; डराने वाले हैं पूर्वानुमान

0

उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों के दाैरान झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री या इससे भी नीचे आ गया था। रविवार को बलिया और गोरखपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि रविवार से विक्षोभ का असर कमजोर पड़ गया है और बारिश का दाैर थमने से आगे माैसम शुष्क रहेगा।विभाग का कहना हैकि अब धूप की तपिश बढ़ने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले सात दिनों में दिन के तापमान में सात से दस डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मध्यांचल में एक दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़त दर्ज हुई।

इसके बावजूद रविवार को पश्चिमी व पूर्वी संभागों में माैसम सुहाना रहा। नजीबाबाद में अधिकतम तापमान गिरकर 26.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं कानपुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने से सोमवार से पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क हो जाएगा। साथ ही मौसम सामान्य होने पर अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में करीब दस डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। 

राजधानी में दो दिन में 6.8 डिग्री चढ़ा पारा

राजधानी में विक्षोभ का असर खत्म होते ही धूप की तपिश में तेजी आई। शुक्रवार और शनिवार को बारिश और हवाओं के असर से माैसम खुशनुमा रहा। रविवार को धूप तीखी रही और शुक्रवार से रविवार के बीच दो दिनों में अधिकतम तापमान में 6.8 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आसमान साफ रहने और रूखी पछुआ से तपिश बढ़ेगी और अगले चार दिनों अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़त के संकेत हैं।
रविवार को अधिकतम तापमान 0.4 डिग्री की बढ़त के साथ 30.3 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 0.2 डिग्री कीमामूली गिरावट के साथ 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

यूपी: योगी कैबिनेट की बैठक आज, निजी बिजनेस पार्क सहित इन 23 प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी, जानिए डिटेल

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें कुल 23 प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 के पास हो सकता है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के 10 प्रस्ताव, अवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तीन प्रस्ताव भी पास होने की संभावना है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

आयोगों और निगमों में भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोनयन जल्द

 भाजपा ने क्षेत्रवार जिला कमेटियों के गठन के लिए बैठकों के बीच अब प्रदेश कमेटी के गठन और निगमों, आयोगों व बोर्डों में कार्यकर्ताओं के मनोनयन की कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार को प्रदेश कोर कमेटी की उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर हुई बैठक में चर्चा की गई। प्रदेश कमेटी में महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, क्षेत्रीय अध्यक्षों और मीडिया टीम समेत सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों के प्रदेश पदाधिकारियों के प्रस्तावित नामों पर चर्चा हुई। हालांकि, इन नामों पर अंतिम मुहर दिल्ली में होने वाली बैठक में लगेगी।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी शामिल हुए। करीब एक घंटे तक संगठन और मनोनयन पर गहन मंथन हुआ। सूत्रों के मुताबिक बैठक में सभी का सुझाव था कि जिन कार्यकर्ताओं को संगठन में जगह नहीं मिल पा रही है या जिन्हें संगठन से हटाया जाना है उन्हें निगमों, बोर्डों और आयोगों में समायोजित किया जाना चाहिए। सूत्र बताते हैं कि पहले यह बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर होनी थी लेकिन मुख्यमंत्री के शहर से बाहर होने से यह बैठक ब्रजेश पाठक के आवास पर हुई। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने फोन से सीएम को बैठक में हुई चर्चा की जानकारी दी। बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष पूरी सूची लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। चूंकि इस समय संसद सत्र चल रहा है इसलिए प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली में ही रहेंगे। माना जा रहा है कि दो-तीन दिन में दिल्ली में भी संगठन के प्रदेश स्तरीय कमेटी के गठन और मनोनयन संबंधी मुद्दों पर सभी प्रस्तावित नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सूची जारी की जाएगी।

सीएम का अफसरों को अल्टीमेटम, पीएम की जनसभा में न हो चूक

 प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। रविवार को मुख्यमंत्री लगभग 3 घंटे तक एयरपोर्ट परिसर में रहे। उन्होंने लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया साथ ही पीएम की जनसभा के लिए तैयार किए गए पांडाल में सुरक्षा के इंतजाम देखे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान किसी तरह की चूक बिल्कुल नहीं हो। अधिकारी खुद सुरक्षा इंतजाम संभालें। वहीं जनसभा में आने वाले आमजनों को बिल्कुल भी असुविधा नहीं होने के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री मोदी 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां एक सप्ताह से जारी हैं। जिसे परखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जेवर पहुंचे थे। सीएम ने सबसे पहले एयरपोर्ट के अंदर पैसेंजर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल और एयरपोर्ट की अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने रैली स्थल, पार्किंग व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल तक आने वाले विभिन्न मार्गों, हेलीपैड सहित सभी प्रमुख स्थलों पर की तैयारियों की जानकारी ली और अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए।

Tech Explained: Vibe Coding क्या है? इस नए AI ट्रेंड पर क्यों आमने-सामने हैं सुंदर पिचाई और श्रीधर वेंबू

0

तकनीक की दुनिया में इन दिनों एक नया शब्द ‘वाइब कोडिंग’ (Vibe Coding) की गूंज चारों ओर है। सिलिकॉन वैली से लेकर भारतीय टेक हब तक, हर दिग्गज इस पर अपनी राय रख रहे हैं। लेकिन यह ‘वाइब’ आखिर है क्या और क्यों दुनिया के सबसे बड़े टेक सीईओ इस पर आपस में भिड़ गए हैं? आइए जाते हैं…

क्या है वाइब कोडिंग?
सरल शब्दों में कहें तो वाइब कोडिंग सॉफ्टवेयर बनाने का वह तरीका है जहां आपको पायथन (Python) या जावास्क्रिप्ट (JavaScript) जैसी कठिन भाषाएं सीखने की जरूरत नहीं होती। आप एआई (AI) को अपनी सामान्य भाषा (जैसे हिंदी या अंग्रेजी) में बताते हैं कि आपको कैसा एप या फीचर चाहिए, और एआई आपके लिए उसका कोड तैयार कर देता है। इस शब्द को फरवरी 2025 में ओपनएआई (OpenAI) के को-फाउंडर आंद्रे कार्पेथी ने लोकप्रिय बनाया था। उनका कहना है कि एआई अब इतना काबिल हो गया है कि यूजर को कोड की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है।

सुंदर पिचाई की क्या राय है?
Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस ट्रेंड को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि इससे कोडिंग पहले से ज्यादा आसान और दिलचस्प हो रही है। उनके मुताबिक, यह तकनीक भविष्य में और बेहतर होगी और ज्यादा लोगों के लिए डेवलपमेंट को सुलभ बनाएगी।

श्रीधर वेंबू क्यों कर रहे हैं विरोध?
वहीं Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंबू इस ट्रेंड से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि वाइब कोडिंग को जरूरत से ज्यादा सरल तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि असल में कोडिंग एक जटिल प्रक्रिया है जिसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

क्या है इसका भविष्य?
वाइब कोडिंग को मानव और एआई के सहयोग का नया उदाहरण माना जा रहा है। आने वाले समय में यह पारंपरिक प्रोग्रामिंग को पूरी तरह बदल सकता है या उसके साथ मिलकर काम कर सकता है।

Navratri Day 5 Wishes: नवरात्रि के पांचवें दिन प्रियजनों को भेजें मां स्कंदमाता से जुड़े शुभकामना संदेश

0

Chaitra Navratri 2026 Day 5 Maa Skandamata Puja: चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप, मां स्कंदमाता की पूजा के लिए समर्पित होता है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, इसलिए उन्हें इस नाम से जाना जाता है। उनका स्वरूप बेहद दिव्य और आकर्षक माना गया है। वे सिंह पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं से सुशोभित होती हैं। उनकी एक भुजा में बाल रूप में कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, जबकि अन्य हाथों में कमल पुष्प और वरमुद्रा दिखाई देती है। उनके दर्शन से ही भक्तों को शांति और आनंद की अनुभूति होती है।

मान्यता है कि मां स्कंदमाता की सच्चे मन से पूजा करने पर संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही उनकी कृपा से ज्ञान, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद मिलता है। इस शुभ अवसर पर अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देकर आप भी मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

ॐ स्कन्दमात्रै नमः
स्कंदमाता आपको संतान का सुख दें।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

मां स्कंदमाता के कदम आपके घर में आएं
संतान पर कभी कोई संकट न आए
मुसीबत नियां आंखे चुराएं
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

मां स्कंदमाता करें हर कष्ट का विनाश,
दें समृद्धि, शांति और उज्ज्वल प्रकाश!
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

क्या है पापी क्या है घमंडी
मां के दर पर सभी शीश झुकाते हैं।
मिलता है चैन तेरे दर पर मैया,
झोली भरके सभी है जाते।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

स्कंदमाता की ममता का सागर,
आप पर अपनी कृपा बरसाए।
पांचवें दिन की पूजा आपको ज्ञान और विवेक प्रदान करे।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

रूठी है तो मना लेंगे, पास अपने बुला लेंगे
मैया है वो दिल की भोली, श्रद्धा के फूल उन्हें चढ़ा देंगे।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

सूर्य सा तेज है मां, सभी को वर देती हो
सभी की झोली मां तुम भर देती हो
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

कैसे सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बने मोदी: PM-CM रहते तोड़े कई रिकॉर्ड, नेहरू-इंदिरा से कहां पीछे?

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रविवार (22 मार्च 2026) को मोदी कुल मिलाकर 8931 दिन तक अलग-अलग सरकारों के प्रमुख रह चुके हैं। यानी वे अब भारत के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन चुके हैं। अपनी इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो कि 8930 दिन तक सिक्किम में सरकार के प्रमुख रहे थे।

पीएम मोदी के लिए यह पूरी उपलब्धि सिर्फ किसी एक सरकार का नेतृत्व करते हुए नहीं आई है। बल्कि उनकी इस उपलब्धि में 15 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड और अब लगातार करीब 12 साल से प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड शामिल है। आइये जानते हैं पीएम मोदी के देश और गुजरात में कुल 8931 दिन तक सरकार का प्रभार संभालने के दौरान क्या अहम पड़ाव रहे हैं? उन्होंने अपने इस पूरे राजनीतिक करियर में कौन-कौन से रिकॉर्ड स्थापित किए हैं? कौन से रिकॉर्ड अब भी उनकी पहुंच से कुछ दूर हैं? देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और देश की पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी अब भी पीएम मोदी से किस मामले में आगे हैं? आइये जानते हैं…

पीएम मोदी के मुख्यमंत्री रहने से प्रधानमंत्री पद के 12 साल तक, जानें क्या रहे अहम पड़ाव?

1. गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर (2001-2014)

  • नरेंद्र मोदी ने 7 अक्तूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी, जब उन्होंने भूकंप के बाद की चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता के बीच केशुभाई पटेल की जगह ली थी।
  • उन्होंने 2002, 2007 और 2012 में लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतकर गुजरात के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड बनाया और उनके शासन का तरीका देशभर में गुजरात मॉडल के रूप में लोकप्रिय हुआ।

2. प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक उपलब्धियां (2014 से अब तक) 

गठबंधन की राजनीति का तीन दशक बाद अंत
26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उनके नेतृत्व में भाजपा ने तीन दशकों में पहली बार पूर्ण बहुमत (282 सीटें) हासिल किया। इसने गठबंधन की राजनीति के युग को समाप्त कर दिया।

लगातार तीन कार्यकाल हासिल कर की नेहरू की बराबरी
2019 में भाजपा ने 303 सीटें जीतकर अपनी स्थिति और मजबूत की। 2024 में 240 सीटों के साथ एनडीए गठबंधन ने सत्ता बरकरार रखी। जवाहरलाल नेहरू के बाद प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीन कार्यकाल के लिए नियुक्त होने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री हैं।

लगातार पीएम रहने के मामले में इंदिरा का रिकॉर्ड तोड़ा
उन्होंने पिछले साल इंदिरा गांधी (4,077 दिन) को लगातार प्रधानमंत्री रहने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। सितंबर 2025 में अपने तीसरे कार्यालय के दौरान वे लगातार सबसे लंबे समय तक पीएम रहने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बन गए। साथ ही वे पहले गैर-कांग्रेसी नेता हैं जिन्होंने लगातार दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए हैं।

…और अब सबसे लंबे समय तक सरकारों को चलाने का रिकॉर्ड 

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कुल 8,931 दिन पूरे कर उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, और वह भारत में किसी भी चुनी हुई सरकार के सबसे लंबे समय तक प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के कार्यकाल को जोड़कर आई है।

प्रधानमंत्री के तीन कार्यकालों में अहम पड़ाव?

अर्थव्यवस्था में उछाल: पीएम मोदो के 12 साल के कार्यकाल में भारत की जीडीपी दोगुनी से अधिक होकर 4.5 ट्रिलियन डॉलर के करीब हो गई है। भारत 2014 की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से छलांग लगाकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

भाजपा का विस्तार: 2014 में एनडीए गठबंधन सिर्फ सात राज्यों में सत्ता में था, लेकिन 2026 तक इसका विस्तार 19 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में हो गया। इनमें 14 में तो सीधा भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है।

सोशल मीडिया पर दबदबा: वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले शीर्ष नेताओं में से हैं। वर्तमान में एक्स पर उनके 10.6 करोड़, इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ से अधिक और यूट्यूब पर 3 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, जो उन्हें दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनेताओं में से एक बनाता है।

कौन से रिकॉर्ड अब भी पीएम मोदी की पहुंच से कुछ दूर?

1. सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री 

भारत के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है, जिन्होंने 16 वर्ष और 286 दिनों तक देश की सेवा की। उनके बाद इंदिरा गांधी का स्थान आता है, जिनका अलग-अलग कार्यकालों को मिलाकर कुल समय 15 वर्ष और 350 दिनों का रहा। यानी पीएम मोदी को इन दोनों ही रिकॉर्ड्स को तोड़ने के लिए चौथे कार्यकाल तक जाना होगा, जो 2029 के बाद ही संभव है। फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी इन दोनों नेताओं से पीछे हैं और तीसरे स्थान पर हैं।

2. लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री 

पीएम मोदी लगातार 4319 दिन से प्रधानमंत्री पद पर हैं और उन्होंने बीते साल इंदिरा गांधी (लगातार 4,077 दिन) को लगातार पीएम रहने के मामले में पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, बिना किसी रुकावट के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का सर्वोच्च रिकॉर्ड अभी भी जवाहरलाल नेहरू (16 वर्ष, 286 दिन) के पास है, जिसे पार करना अभी पीएम मोदी के लिए दूर है।

3. सिर्फ ‘मुख्यमंत्री’ के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल 

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में कुल समय (8,931 दिन) को मिलाकर पीएम मोदी भारत में किसी भी चुनी हुई सरकार के सबसे लंबे समय तक प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं, लेकिन सिर्फ मुख्यमंत्री पद की बात करें, तो यह रिकॉर्ड अभी भी पवन कुमार चामलिंग (सिक्किम, 24 वर्ष 165 दिन) और नवीन पटनायक (ओडिशा, 24 वर्ष 99 दिन) जैसे नेताओं के नाम दर्ज है। इसके मुकाबले पीएम मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल 13 साल से कुछ अधिक (या 12 वर्ष, 227 दिन) का रहा था।

West Asia Crisis: होर्मुज में माइनस्वीपर्स तैनात करेगा जापान, जंग के बीच कैसे हैं हालात; क्या है ईरान का रुख?

0

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में दुनिया के कई देश भी शामिल हो रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि उसके सहयोगी देश, जैसे जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, अपने युद्धपोत भेजें ताकि होर्मुज रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सके। वहीं, जापान ने कहा है कि वह सीधे युद्ध में नहीं उतरेगा, लेकिन अगर युद्धविराम होता है तो वह माइंस (समुद्री बारूदी सुरंग) हटाने में मदद कर सकता है। जापान के लिए यह मामला बहुत गंभीर है, क्योंकि उसका करीब 90% तेल इसी रास्ते से आता है। इसलिए अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

Live RBSE 10th Result 2026 Live: राजस्थान बोर्ड 10वीं के नतीजे सोमवार को संभावित, पढ़े पल-पल की ताजा आपेडट

0

RBSE Board High School Result 2026: करीब 10.68 लाख विद्यार्थियों को परिणाम का इंतजार

इस साल राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा के लिए तकरीबन 10,68,109 विद्यार्थी पंजीकृत थे। राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं प्रदेशभर में स्थित 6194 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुईं। हाईस्कूल परीक्षा की शुरूआत अंग्रेजी विषय की परीक्षा से हुई।

पिछले वर्ष बोर्ड ने 28 मई को 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित किए थे। इस बार बोर्ड 10वीं के नतीजे जल्दी प्रकाशित करने की तैयारी में जुटा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि नतीजे 20 मार्च के आसपास घोषित किए जा सकते हैं।

अपनी ऑनलाइन मार्कशीट देखने और डाउनलोड करने के लिए छात्रों को लॉगिन क्रेडेंशियल (रोल नंबर, रोल कोड़ और आवेदन संख्या) दर्ज करनी होगी। अमर उजाला की वेबसाइट पर छात्रों को अपनी ऑनलाइन मार्कशीट की कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा भी मिलेगी।

Rajasthan Board 10th Result: परिणाम में शामिल होंगे ये विवरण

परिणाम पत्र में प्रत्येक विषय में प्राप्त अंक, कुल प्राप्त अंक, डिवीजन और योग्यता स्थिति जैसे महत्वपूर्ण विवरण होंगे। छात्रों को मार्कशीट पर लिखे विवरण को अच्छी तरह से चेक करना चाहिए क्योंकि उनकी मूल मार्कशीट इसके आधार पर ही प्रिंट की जाएगी। परिणाम की मूल प्रति बाद में स्कूल से प्राप्त करनी होगी।

RBSE Rajasthan Board 10th Re-Evaluation: आरबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की पुनर्मूल्यांक प्रक्रिया

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं के परिणाम की घोषणा के बाद, जो छात्र अंकों से असंतुष्ट हैं, वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों एक आवेदन पत्र भरना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के बाद, संशोधित अंकों को अंतिम माना जाएगा।

RBSE Board 10th Compartmental Exam: कंपार्टमेंटल परीक्षा

जो छात्र एक या दो विषयों में उत्तीर्ण नहीं हो पाते हैं, उन्हें अपना शैक्षणिक वर्ष बचाने के लिए परीक्षा पास करने का एक और अवसर दिया जाएगा। उन्हें कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए आवेदन पत्र भरना होगा।

Rajasthan Board Result 2026: आरबीएसई परिणाम अवलोकन तालिका

विवरण जानकारी
बोर्ड का नाम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर
संक्षेपाक्षर आरबीएसई (RBSE)
स्थापना वर्ष 1957
स्थान अजमेर
परीक्षा का नाम राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा
शैक्षणिक सत्र 2025-26
परीक्षा तिथि 12 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक
परिणाम तिथि व समय मार्च 2026 (अपेक्षित)
आधिकारिक वेबसाइट rajeduboard.rajasthan.gov.in, rajshaladarpan.nic.in

Rajasthan Board Result 2026: ऐसे चेक करें अपना परिणाम

  • सबसे पहले छात्र अमर उजाला की वेबसाइट पर परिणाम सेक्शन में जाएं, जिसका पता है: amarujala.com/results
  • अब यहां पर उपलब्ध विभिन्न बोर्ड्स की सूची में से राजस्थान बोर्ड चुनें।
  • अब 10वीं कक्षा का परिणाम चेक करने के लिए उपलब्ध लिंक पर क्लिक करें।
  • अब मांगी गई जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।
  • परिणाम स्क्रीन पर खुलकर आ जाएगा।
  • आप चाहें तो यहां उपलब्ध बटन की मदद से परिणाम की कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं।

RBSE 10th 2025 Overview: पिछले वर्ष 10वीं रिजल्ट के आंकड़ें

विवरण आंकड़े
कुल पंजीकृत परीक्षार्थी 10,94,186
परीक्षा में शामिल हुए 10,71,460
फर्स्ट डिवीजन आई 5,46,370
सेकेंड डिवीजन आई 3,76,774
थर्ड डिवीजन आई 79,519
पास श्रेणी में रखे गए 179
सप्लीमेंट्री आई 30,599
कुल पास प्रतिशत 93.60%
लड़कों का पास प्रतिशत 93.16%
लड़कियों का पास प्रतिशत 94.08%

RBSE 10th Topper List 2025: पिछले साल किसने किया 10वीं में टॉप

नाम प्रतिशत
पूजा भादू 99.50%
श्रेया प्रजापति 99.17%
प्रियांशु शर्मा 99.17%
जयेश सोनी 98.81%
विकास वर्मा 98.17%
यशिता कुमावत 97.83%
खुशबू सोनी 97.17%

RBSE Board 10th Result 2026 FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा कब आयोजित की जाएगी?

आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, आरबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 6 मार्च से 4 अप्रैल, 2026 तक पेन और पेपर मोड में हुई।

राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट कब जारी होगा?

आरबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड का रिजल्ट मई 2026 (संभावित रूप से) में घोषित होने की उम्मीद है।

राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा 2026 उत्तीर्ण प्रतिशत क्या है?

आरबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना आवश्यक है।

Weather Update: Baarish-आंधी की चेतावनी, IMD Alert! | Delhi NCR | Weather Forecast | Thunderstorm

0
देश के कई हिस्सों में मौसम ने यूटर्न ले लिया है। पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार को लगातार पांचवें दिन हिमपात जारी रहा। राजस्थान में भी बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई।