Tuesday, June 23, 2026
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आजमगढ़ आपत्तिजनक पोस्ट मामले में पुलिस कार्रवाई,

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आजमगढ़- आपत्तिजनक पोस्ट मामले में पुलिस कार्रवाई, अजय यादव को थाना बुलाकर काउंसलिंग की गई, BNSS के तहत चालान, एक अन्य युवक सागिल पर भी कार्रवाई

 

 

दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताया,

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दिल्ली- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ अग्निकांड पर दुख जताया, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता का ऐलान, घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि, संवेदना व्यक्त करते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की

 

 

महराजगंज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का बयान,

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महराजगंज- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का बयान, फरेंदा विधानसभा में कार्यकर्ताओं से बोले, पांचों सीट जिताने का काम कीजिए, बयान सोशल मीडिया पर वायरल

 

 

पुरानी रंजिश में युवक पर फायरिंग,

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मैनपुरी- पुरानी रंजिश में युवक पर फायरिंग, माथे और पेट में लगे छर्रे, पीड़ित परिवार SP से मिला, शिकायत पत्र सौंपा, कुरावली क्षेत्र के कानूनगोयान गांव का मामला

 

 

 

 

ग्रेटर नोएडा मोबाइल चोर गैंग का खुलासा,

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ग्रेटर नोएडा- मोबाइल चोर गैंग का खुलासा, तीन शातिर चोर गिरफ्तार, 100 मोबाइल फोन बरामद, कीमत करीब 50 लाख रुपये, घटना में प्रयुक्त पिकअप गाड़ी बरामद, मुख्य आरोपी फरार

संभल महिला का दफन शव 40 दिन बाद निकाला गया,

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संभल- महिला का दफन शव 40 दिन बाद निकाला गया, पिता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं थे, शादी के 7 महीने बाद ससुराल में हुई थी मौत, हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र का मामला

 

 

दिल्ली- राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सांसद लालजी वर्मा का बयान,

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दिल्ली- राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सांसद लालजी वर्मा का बयान, सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से जांच कराने की मांग, भाजपा पर तथ्यों को छिपाने का आरोप

 

 

आजमगढ़ ई-रिक्शा और बाइक की जोरदार टक्कर

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आजमगढ़- ई-रिक्शा और बाइक की जोरदार टक्कर, ई-रिक्शा चालक गंभीर घायल हुआ, वाराणसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, बाइक चालक मौके से फरार

 

 

मंदिर में प्रवेश से पहले क्यों छूते हैं पहली सीढ़ी? जानिए इसके पीछे का छिपा गहरा रहस्य

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। किसी भी मंदिर में प्रवेश करने से पहले ऐसे कई नियम होते हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी है। इन नियमों में जूते-चप्पल को उतारने से लेकर हाथ पैर धोन और सिर को ढकना शामिल है। लेकिन इन सभी नियमों को मानने के बाद जब कोई व्यक्ति मंदिर में प्रवेश करता है, तो अक्सर मंदिर की पहली सीढ़ी को स्पर्श करता है।

मंदिर में जाने से पहले सीढ़ियों को छूना सिर्फ एक परंपरा ही नहीं, बल्कि आस्था के नजरिए से भी बेहद खास है। आइए जानते हैं इस प्रथा को निभाने के पीछे का असल कारण और आध्यात्मिक महत्व क्या है?

मंदिर परिसर में सीढ़ियों को छूने का आध्यात्मिक महत्व

हिंदू धर्म के अनुसार, मंदिर एक ऐसा स्थान है, जो पवित्र होने के साथ सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है। मंदिर में प्रवेश करने से पहले इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि, आपका शरीर, मन और भावना पूरी तरह से शुद्ध और भक्तिभाव से परिपूर्ण हो। जब कोई व्यक्ति मंदिर के अंदर जाने से पहले पहली सीढ़ी को छूता है, तो यह ईश्वरीय सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

मंदिर में पहली सीढ़ी को प्रणाम करने का मतलब है कि, आप पूरी तरह से नकारात्मक ऊर्जा को पीछे छोड़कर मंदिर परिसर में जाने के लिए तैयार हैं। सीढ़ियों को झूककर छूना इस बात का प्रतीक है कि, वह ईश्वर के सामने अपना सारा अहंकार और गुस्सा त्याग कर जा रहा है। मंदिर में सीढ़ियों को छूना आत्मसमर्पण का भाव भी दर्शाता है। इसके साथ ही मंदिर की पहली सीढ़ी भगवान से जुड़ी होती है, जहां देवता वास करते हैं।

‘मेरे लिए पेपर से ज्यादा बुर्का मायने रखता है’, अजमेर में NEET छात्रा को परीक्षा केंद्र में जाने से रोका

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जयपुर। देशभर में आज रविवार, 21 जून को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा (NEET-UG 2026) दोबारा कराई जा रही है। परीक्षा से पहले अजमेर में एक छात्रा को बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने से रोका गया।

छात्रा ने एएनआइ से बातचीत में कहा कि जब NTA ने बुर्का पहनकर जाने के लिए इजाजत दी है तो मुझे जाने क्यों नहीं दिया जा रहा। छात्रा ने आगे कहा, ‘परीक्षा मायने नहीं रखती, मेरा बुर्का और पहचान मायने रखती है।’

बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में जाने से रोका

NEET छात्रा, जिसने अपनी पहचान कुलसुम बानो के तौर पर बताई, उस छात्रा ने कहा कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई थी और दावा किया कि उसने वही कपड़े पहने थे जो उसने पिछली बार परीक्षा देते समय पहने थे।

कुलसुम बानो ने कहा, ‘मैं NEET परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने 3 मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैंने वही कपड़े पहने थे जो अभी पहने हैं, बुर्का और दुपट्टा।’

बानो ने आरोप लगाया कि शुरू में उसे केंद्र में घुसने से पहले दुपट्टा हटाने के लिए कहा गया, लेकिन बाद में अधिकारियों ने जोर दिया कि उसे बुर्का भी हटाना होगा।

बानो ने आगे कहा, ‘अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो ये लोग हमें रोक नहीं सकते। अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इन कपड़ों में अंदर नहीं आने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी। यह शर्मनाक है कि वे 18 साल के युवाओं के साथ ऐसा कर रहे हैं।’

बानो ने कहा, ‘मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा ‘बुर्का’ और मेरी पहचान मायने रखती है।’