Wednesday, February 11, 2026
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Bajaj के लिए घिरे संकट के बादल, EV प्रोडक्शन बंद करने की आ सकती है नौबत, जानिए इसके पिछे की वजह

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नेशनल डेस्क : देश की प्रमुख ऑटो कंपनी बजाज ऑटो को बड़ा झटका लग सकता है। कंपनी के एमडी राजीव बजाज ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो अगस्त 2025 से कंपनी को अपने इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। इस समस्या की मुख्य वजह चीन है, जिसने रेयर अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। ये मैग्नेट्स इलेक्ट्रिक मोटर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक कच्चा माल होते हैं। इनके बिना इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करना कठिन हो जाएगा।

रेयर अर्थ मैग्नेट्स की कमी से उत्पादन ठप होने का खतरा
बजाज ऑटो वर्तमान में अपने Chetak इलेक्ट्रिक स्कूटर और हाल ही में लॉन्च किए गए GoGo ई-रिक्शा का उत्पादन कर रही है। लेकिन चीन से रेयर अर्थ मैग्नेट्स की सप्लाई बंद हो जाने से EV मोटर बनाने वाली सामग्री की कमी होने लगी है। कंपनी का कहना है कि यदि वर्तमान स्टॉक खत्म हो गया और वैकल्पिक सप्लाई नहीं मिली, तो अगस्त 2025 ‘जीरो प्रोडक्शन मंथ’ साबित हो सकता है।

राजीव बजाज ने सरकार से मांगी मदद
राजीव बजाज ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि EV में उपयोग होने वाले मैग्नेट्स का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा चीन से आता है। चीन की नई निर्यात नीति की वजह से न केवल बजाज बल्कि कई अन्य भारतीय ऑटो कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें और नीति में स्थिरता व स्पष्ट दिशा दें ताकि देश में समाधान खोजा जा सके या नए सप्लायर जल्दी उपलब्ध हो सकें।

केवल बजाज ही नहीं, TVS और Ather भी प्रभावित
बजाज के अलावा अन्य इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता जैसे TVS और Ather Energy भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। सप्लाई में दिक्कतों के कारण ये कंपनियां भी अपने उत्पादन को धीरे-धीरे कम कर रही हैं। अगर जल्दी समाधान नहीं निकला तो ग्राहकों को न केवल EV की उपलब्धता कम होने का असर दिखेगा, बल्कि कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

रेयर अर्थ मैग्नेट्स का महत्व
रेयर अर्थ मैग्नेट्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए बेहद जरूरी होते हैं, खासतौर पर मोटर चलाने के लिए। इन मैग्नेट्स का उत्पादन कुछ ही देशों में होता है, जिनमें चीन सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है। चीन द्वारा निर्यात पर रोक लगाने से पूरी दुनिया की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण कंपनियों की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है।

CJI बीआर गवई ने बताया अपना रिटायरमेंट प्लान, कहा- ”कोई भी सरकारी पद नहीं लूंगा”

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नेशनल डेस्क: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई ने शुक्रवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि वह सेवानिवृत्ति के बाद कोई भी सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह बयान महाराष्ट्र के अमरावती जिले स्थित अपने पैतृक गांव दारापुर में आयोजित एक अभिनंदन समारोह के दौरान दिया। मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा, “मैंने निर्णय लिया है कि सेवानिवृत्ति के बाद मैं कोई सरकारी पद स्वीकार नहीं करूंगा। रिटायरमेंट के बाद मुझे अधिक समय मिलेगा, इसलिए मैं दारापुर, अमरावती और नागपुर में अधिक समय बिताने का प्रयास करूंगा।”

CJI के पद के बाद कोई जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए: गवई
इससे पहले भी जस्टिस गवई ने सेवानिवृत्ति के बाद राजनीति में जाने की अटकलों को खारिज किया था। मीडिया से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि, “CJI के पद पर रहने के बाद किसी व्यक्ति को कोई जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए। अगर रिटायरमेंट के बाद कोई जज सरकारी पद स्वीकार करता है या चुनाव लड़ता है, तो इससे जनता में गलत संदेश जाता है और लोगों का न्यायपालिका पर से भरोसा डगमगा सकता है।”

सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हुए जस्टिस गवई ने कहा था कि, “मैं सोशल मीडिया को फॉलो नहीं करता, लेकिन मेरा मानना है कि जज अपने घरों में बैठकर फैसले नहीं सुना सकते। उन्हें आम आदमी की समस्याओं को समझना होगा।”

गवई कब होंगे रिटायर
जस्टिस बी. आर. गवई इस वर्ष नवंबर में सेवानिवृत्त होंगे। शुक्रवार को जब वे अपने गांव दारापुर पहुंचे तो वहां के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। उन्होंने अपने पिता और केरल तथा बिहार के पूर्व राज्यपाल आर. एस. गवई के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में अपने परिवार के सदस्यों के साथ भाग लिया। इस दौरान सीजेआई गवई ने दारापुर मार्ग पर बनने वाले एक भव्य द्वार की आधारशिला भी रखी, जिसका नाम उनके पिता आर. एस. गवई के नाम पर रखा जाएगा।

अमरावती में न्यायालय भवन और ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन
इसके बाद शाम को उन्होंने अमरावती जिले के दरियापुर कस्बे में एक नए न्यायालय भवन का उद्घाटन किया। साथ ही, शनिवार को वे अमरावती जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में स्वर्गीय टी. आर. गिल्डा स्मारक ई-लाइब्रेरी का भी उद्घाटन करेंगे। सीजेआई गवई का यह दौरा न सिर्फ भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उन्होंने समाज के लिए एक आदर्श स्थापित करते हुए न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखने का संदेश भी दिया।

Auraiya News: होटल में महिला से दुष्कर्म के मामले में रिपोर्ट दर्ज

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औरैया। एक महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर पहले उसे बदहवास कर दिया। इसके बाद हाईवे स्थित एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।पुलिस ने महिला की बहन की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। वारदात 17 जुलाई की दोपहर की है। कानपुर देहात के खरका गांव निवासी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

शहर के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी 24 वर्षीय बहन की शादी सदर कोतवाली के एक गांव निवासी युवक से हुई थी। जनपद कानपुर देहात थाना राजपुर के गांव खरका निवासी ब्रजेश 17 जुलाई को उसकी बहन को बाजार में मिला।पहचान होने से ब्रजेश उसे एक दुकान में ले गया। इसके बाद उसे कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इससे वह बदहवास हो गई। बाद में आरोपी उसे कानपुर-इटावा हाईवे पर स्थित नारायन पैलेस होटल ले गया।

आरोप है कि होटल में आरोपी ने उसकी बहन के साथ दुष्कर्म किया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। जानकारी पर परिवार के लोग उसे निजी अस्पताल ले गए। वहां से महिला को लखनऊ स्थित केजीएमयू ले जाया गया। वहां उसका उपचार हो रहा है। कोतवाली पुलिस ने बहन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने नारायन होटल पैलेस के सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर के साथ विजिटर रजिस्टर को कब्जे में ले लिया है।

इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी को टीम दबिशें दे रही हैं। जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Auraiya News: भाजपा जिलाध्यक्ष ने सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा मांगी

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अयाना। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने बुधवार को सीएचसी अयाना का निरीक्षण किया। यहां लोगों ने अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने की शिकायत की। इसपर जिलाध्यक्ष ने शासन को पत्र भेज जल्द सुविधा मुहैया करवाने का आश्वासन दिया है।भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने बुधवार शाम को सीएचसी अयाना का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के रजिस्टर देखे। बाद में दवाओं की उपलब्धता की जांच की। पैथोलॉजी में मशीनों की क्रियाशीलता जांचने के लिए उन्होंने अपना ब्लड सैंपल देकर जांच करवाई।अस्पताल में मौजूद लोगों ने बीहड़ पट्टी के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न होने से 35 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज के चक्कर लगाने की समस्या बताई।
वहीं, सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुनील शर्मा ने अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की कमी होने से परेशानियों का सामना करने की बात कही। जिलाध्यक्ष ने सीएमओ से बात कर जल्द ही अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती करवाने का आश्वासन दिया है।

सहार रजबहे में भरा पानी, धान की दस एकड़ पौध जलमग्न

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सहार। गांव पुर्वा तरा के पास रजबहा में पानी आने से करीब 10 एकड़ धान की पौध डूब गई। इससे किसानों को नुकसान हुआ। किसानों की सूचना पर नहर विभाग की टीम ने खंदी को बंद किया।मंगलवार की रात पानी से रजबहा की पटरी कट गई थी। इससे रजबहा का पानी आसपास के खेतों में भर गया। रजबहे के पानी से करीब 10 एकड़ धान की पौध जलमग्न हो गई। किसानों की सूचना पर सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्र व थाना प्रभारी पंकज मिश्रा मौके पर पहुंचे और वहां का जायजा लिया। इसके बाद नहर विभाग को अवगत कराया।

नहर विभाग के अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने टीम के साथ पहुंचकर रात में जेसीबी से खंदी वाले हिस्से को अस्थायी रूप से बंद कराकर पानी का बहाव रोका। बुधवार की सुबह मजदूरों की मदद से खंदी को भरवा दिया गया और पटरी को ठीक कराया गया। तब कहीं जाकर किसानों ने राहत की सांस ली। अवर अभियंता गजेंद्र सिंह ने बताया कि रजबहा में पानी आ गया था, इसे दुरुस्त करा दिया गया है।

औरैया व अजीतमल नियामतपुर बिहारी की जमीन हथियाने में बढ़ सकती आरोपियों की फेहरिस्त

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औरैया। जनपद में औरैया व अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र में यमुना का बीहड़ सालों पहले डाकुओं की पनाहगार था। अब बीहड़ का इलाका प्राकृतिक खेती के लिए जाना-पहचाना जाएगा।प्रशिक्षण के बाद जनपद के तीन हजार किसानों को इससे जोड़ा गया है। अब खरीफ सीजन से बीहड़ में प्राकृतिक खेती के जरिये पैदा होने वाली फसलें लहलहाएंगी।
शासन का प्राकृतिक खेती पर जोर है। रासायनिक उर्वरकों में गिरावट लाने के लिए जिला प्रशासन ने बीहड़ का चयन कर प्राकृतिक खेती का नवाचार करीब छह माह पूर्व तैयार किया था। इसे अमली जामा पहनाने के लिए 125 एकड़ का क्लस्टर तैयार किया गया है। इसमें 24 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में दो कृषि सखियां प्रशिक्षित की गईं।वहीं खेती बाड़ी के इस नवाचार में बीहड़ के तीन हजार किसान भी चयनित हुए, जिन्हें कृषि सखियों ने प्रशिक्षण दिया है। प्रशिक्षण के बाद अब प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को तैयार किया गया है।

चयनित किसानों ने खरीफ सीजन से बीहड़ के 24 क्लस्टरों में प्राकृतिक खेती शुरुआत भी कर दी है। साथ ही जिला प्रशासन ने प्राकृतिक खेती से निकलने वाली उपज को बाजार मुहैया कराने का काम भी शुरू कर दिया है।

इसे लेकर पहली कड़ी में उपज के सर्टिफिकेशन पर काम होगा। देश-विदेश में इस उपज की बिक्री कर किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है।

प्रति एकड़ मिलेगा चार हजार रुपये का अनुदान
प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए कृषि विभाग ने पहले दो साल के लिए चार-चार हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अनुदान निर्धारित किया है। इस अनुदान राशि से किसान जरूरी संसाधन भी जुटा सकेंगे। सब्जी से लेकर अनाज को बाजार में ज्यादा भाव दिलाने के लिए सर्टिफिकेशन की व्यवस्था रहेगी।
प्राकृतिक खेती को लेकर प्रशिक्षण का चरण पूरा हो गया है। तीन हजार किसानों को इसी खरीफ सीजन से इस नवाचार से जोड़ा जा रहा है। इसे लेकर प्रत्येक क्लस्टरों में खेतों का अवलोकन शुरू हो गया है।
-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी

Auraiya News: नियामतपुर बिहारी की जमीन हथियाने में बढ़ सकती आरोपियों की फेहरिस्त

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औरैया। सदर तहसील के गांव नियामतपुर बिहारी में हुए जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में कई और आरोपियों के नाम बढ़ सकते हैं। तत्कालीन अधिकारी व कर्मचारी समेत इस जमीन पर काबिज कई लोग सामने आएंगे।मंगलवार को मामले में लेखपाल ने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पिछले साल नियामतपुर बिहारी गांव में जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। दिबियापुर फफूंद रोड से सटी 13 एकड़ जमीन को चकबंदी के दौरान पट्टे पर फर्जी आख्या लगाकर 28 लोगों के नाम चढ़ा दिया गया था।मामले में जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम कोर्ट में प्रविष्टि सुधार का वाद दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान पिछले दिनों इस 13 एकड़ जमीन को ग्राम सभा के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया था।

वहीं मंगलवार को इस मामले में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा पत्नी शिवकुमार व फतेहसिंह का पुर्वा निवासी ज्ञानवती के खिलाफ रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपाल ने फफूंद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि फर्जी प्रविष्टि के सहारे 28 लोगों के नाम यह जमीन चढ़ी थी। हालांकि कई लोगों ने जमीन पाने के बाद उसे बेच दिया था।

अब पुलिस विवेचना में कई पूर्व अधिकारी व कर्मचारियों के नाम भी बढ़ सकते हैं। फफूंद थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट हुई है। आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।

Viral News: दिल दहला देने वाला मामला- बेटे ने मां के शव को 10 साल तक फ्लैट में छिपाकर रखा, वजह कर देगी हैरान

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Viral News: जापान के कोबे शहर से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 60 साल के बेटे ने अपनी मां के शव को करीब 10 साल तक अपने फ्लैट में छिपाकर रखा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

शौचालय में मिला कंकाल
यह मामला तब सामने आया जब कोबे शहर के एक सरकारी अधिकारी ने सड़क पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को लंगड़ाकर चलते हुए देखा। जब अधिकारी ने उससे बात की और उसकी मां के बारे में जानकारी मांगी, तो उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। शक होने पर अधिकारी ने पुलिस को जानकारी दी। जब पुलिस ने जून महीने में उस घर की जांच की जो मियावाकी की मां के नाम पर रजिस्टर्ड था, तो वहां कूड़े का ढेर और बेहद गंदगी पाई गई। फ्लैट की तलाशी के दौरान शौचालय से एक कंकाल बरामद हुआ। बाद में डीएनए जांच से पुष्टि हुई कि यह कंकाल मियावाकी की मां का ही है जो करीब 95 वर्ष की थीं।

बेटे ने कबूला सच: ‘डर की वजह से नहीं किया अंतिम संस्कार’
पुलिस पूछताछ में आरोपी ताकेहिसा मियावाकी ने बताया कि उसकी मां की मौत करीब 10 साल पहले उसी शौचालय में हुई थी। उन्होंने अंतिम सांस वहीं ली थी। मियावाकी ने बताया कि जब मां ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और उनका शरीर ठंडा हो गया, तब मुझे समझ आ गया कि वह चल बसी हैं।  लेकिन मियावाकी ने ना तो पुलिस को सूचना दी, ना अस्पताल ले गए और ना ही अंतिम संस्कार किया। उसने कहा कि वह ‘सोशल एंजायटी’ (सामाजिक भय) से जूझ रहा था, जिसके कारण वह किसी से बात करने या रिपोर्ट करने से डरता था।

बेरोजगार था आरोपी, किसी से नहीं की बात
मियावाकी फिलहाल बेरोजगार है और बीते कई वर्षों से समाज से पूरी तरह कटा हुआ था। उसने बताया कि वह किसी से बात करने में डर महसूस करता है और इसी वजह से उसने इतने बड़े मामले को छिपाए रखा।

हत्या के कोई सबूत नहीं
पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में हत्या जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। शव को छिपाए जाने का कारण सामाजिक भय बताया गया है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

पहाड़ों पर हुई बारिश का अब साइड इफेक्ट, सब्जियों के दाम हुए दोगुने

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प्रयागराज (सैय्यद आकिब रजा): पहाड़ों में हुई बारिश और डैम से छोड़ा गया पानी ने कई जिलों के इलाकों को जलमग्न कर दिया है। एक तरफ जहां तटीय  इलाके में रहने वालों के लिए एक बड़ी मुसीबत बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज में सब्जियों के दाम भी पिछले कई दिनों से आसमान छू रहे हैं। देश और प्रदेश के कई हिस्सों में आई बाढ़ का विकराल रूप देखने को मिल रहा है जिसकी वजह से तटीय इलाकों में पैदा होने वाली सब्जियों पर इसका असर देखा जा रहा है।

दुगने से अधिक दाम पर बिक रहीं हैं सब्जियां
प्रयागराज में हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं करेला ₹60 किलो तो शिमला मिर्ची तो ₹80 किलो बिक रही है , टमाटर  60 से 70 रुपये किलो,  भिंडी भी 60 किलो, ₹20 किलो बिकने वाला खीरा 60  ₹ किलो बिक रहा है जबकि 15 से ₹20 किलो बिकने वाली लौकी 30 से ₹40 के पार पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि देश में लगातार महंगाई बढ़ी है वहीं अब बाढ़ और बारिश के चलते एक बार फिर सब्जयों में आग लगी है। लोगों का कहना है कि सब्जी खरीदने में उन्होंने भारी कटौती करनी पड रहीं है।जो सब्जी वो 2 किलो खरीदते थे आज वह आधा किलो या 1 किलो खरीद रहे हैं। जबकि महिलाओं  का कहना है कि किचन का बजट बिल्कुल बिगड़ गया है रोजमर्रा की जरूरत की  चीजें महंगी हो गई है और अब सब्जियों के दाम भी परेशान कर रहे हैं।

जनता की मांग बढ़ती महंगाई को काबू में करें सरकार
हालांकि अभी बारिश का मौसम है ऐसे में सब्जियों के दाम कम नहीं होंगे लेकिन वह सरकार से गुहार लगा रही है कि बढ़ती हुई महंगाई को काबू में करें ताकि आम जनता को राहत मिल सके । उधर सब्जी व्यापारी अजजू का कहना है कि जब तक बाढ़ और बारिश का कहर रहेगा तब तक सब्जियों के दाम ऐसे ही आसमान छूते नजर आएंगे हालांकि बढ़ते हुए सब्जियों के दाम की वजह से उनकी बिक्री में भी कमी आई है।

ग्राहकों की संख्या बजार में घटी
सब्ज़ी मंडी जो पहले ग्राहकों की वजह से गुलज़ार रहती थी आज बेहद कम ग्राहक नज़र आते है।  सुबह का वक्त हो या फिर शाम का ग्राहकों की संख्या में कमी देखी जा रही है।  प्रयागराज हमारे संवाददाता सैय्यद आकिब रजा ने सिविल लाइंस की सब्जी मंडी का जायजा लिया, लोगों और दुकानदार से खास बातचीत की।

कब्जामुक्त करायें जमीन, पीड़ितों को दिलायें हक…’ सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश

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गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गरीबों की जमीन पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो तत्काल जमीन को कब्जा मुक्त कराने के साथ दबंगों को सबक सिखाया जाये। गोरखपुर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में योगी ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है।

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‘हर पीड़ित को हक दिलाया जाये’
जनता दर्शन में एक महिला ने जमीन कब्जा किए जाने की शिकायत की इस पर मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद प्रशासन व पुलिस अफसरों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जा की शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया जाये। जमीन कब्जामुक्त होनी चाहिये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी दबंग किसी की जमीन पर कब्जा न करने पाये। एक अन्य महिला की जमीन संबंधी शिकायत पर उन्होंने कहा कि महिला को उनकी जमीन का हिस्सा दिलाया जाये। जमीन का मामला यदि किसी परिवार का हो तो दोनों पक्षों के बीच संवाद कर उसका निस्तारण करायें। हर पीड़ित को हक दिलाया जाये।

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‘सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराएगी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि उनके रहते किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।

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सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश 
प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाये। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता वह निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ति के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए। जनता दर्शन में कुछ महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनका नाम और स्कूल जाने के बारे में पूछा। उन्हें अपने हाथों से चॉकलेट देते हुए खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।