Wednesday, February 11, 2026

₹50 लाख सालाना शानदार नौकरी छोड़ शुरू किया मोमोज का बिजनेस, सिर्फ 2.5 साल में कमा डाले ₹5 करोड़

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नेशनल डेस्क: गुरुग्राम के रहने वाले साकेत सौरभ ने साबित कर दिया है कि अगर आइडिया दमदार हो, तो कोई भी काम छोटा नहीं होता। साल 2023 में साकेत ने अपनी ₹50 लाख सालाना की शानदार नौकरी को अलविदा कह दिया ताकि वे अपना खुद का बिजनेस खड़ा कर सकें। आज उनका स्टार्टअप ‘द मोमोज माफिया’ सफलता की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। महज ढाई साल के भीतर उनकी कंपनी ने ₹5 करोड़ से अधिक का कारोबार कर लिया है।

नौकरी के साथ शुरू किया था प्रयोग
एनआईएफटी (NIFT) दिल्ली से पढ़ाई पूरी करने वाले साकेत के भीतर हमेशा से कुछ नया करने का जज्बा था। नौकरी के दौरान ही उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर एक कैफे खोला था। वहां उन्होंने देखा कि लोग मोमोज को बहुत पसंद कर रहे हैं। इसी मांग को देखते हुए उन्होंने कैफे के बाहर एक छोटा सा स्टॉल लगाया। जब उस छोटे से स्टॉल से रोजाना ₹12,000 तक की कमाई होने लगी, तो साकेत को इस बिजनेस की असली ताकत का अहसास हुआ।

चुनौतियों से भरा रहा शुरुआती सफर
साकेत ने आधिकारिक तौर पर जनवरी 2024 में अपने इस ब्रांड को रजिस्टर कराया। शुरुआत में उन्होंने कई मोमो कार्ट (ठेले) लगाए, लेकिन इसमें काफी मुश्किलें आईं। कभी नगर निगम की कार्रवाई, कभी खराब मौसम तो कभी कर्मचारियों की कमी ने काम को प्रभावित किया। इन समस्याओं को देखते हुए साकेत ने अपना मॉडल बदला। उन्होंने तय किया कि सिर्फ ठेलों के भरोसे बड़ा ब्रांड नहीं बन सकता, इसलिए उन्होंने छोटी दुकानें और क्विक सर्विस रेस्टोरेंट खोलना शुरू किया।

फ्रेंचाइजी मॉडल से मिली बड़ी उड़ान
आज ‘द मोमोज माफिया’ 7 अलग-अलग राज्यों में फैल चुका है। साकेत की कंपनी के पास फिलहाल 40 कार्ट और 20 छोटे आउटलेट के साथ-साथ दो बड़े रेस्टोरेंट भी हैं। उनकी कमाई का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। पहले साल में जहां उन्होंने ₹16 लाख का काम किया था, वहीं पिछले साल यह आंकड़ा ₹2.2 करोड़ तक पहुंच गया। इस साल उन्हें ₹3 करोड़ से ज्यादा के कारोबार की उम्मीद है। साकेत और उनके चार पार्टनर मिलकर अब इस ब्रांड को देश के कोने-कोने तक पहुँचाने की तैयारी में हैं।

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