Sunday, February 15, 2026
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Lucknow: हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से पूछा-डीजीपी ने फुटेज ढाई माह ही रखने का परिपत्र क्यों जारी किया? आगे कहा…

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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पुलिस महानिदेशक (डी जी पी) द्वारा जारी उस परिपत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें राज्य के सभी थानों में सी सी टी वी फुटेज केवल दो से ढाई महीने तक सुरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। अदालत ने इसे काफी अजीब बताते हुए कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के फैसले ‘परमवीर सिंह सैनी  बनाम बलजीत सिंह (2020)’ के प्रथमदृष्टया अवमानना जैसा प्रतीत होता है, जिसमें कम से कम छह से 18 महीने तक फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव को तीन सप्ताह में व्यक्तिगत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि डी जी पी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत ऐसा परिपत्र क्यों जारी किया।

आवश्यक नियम बनाए गए हैं या नहीं

यह भी पूछा है कि क्या बी एन एस एस की धारा 179(2) के तहत आवश्यक नियम बनाए गए हैं या नहीं। और, याचिकाकर्ता महिला को किस परिस्थिति में थाने बुलाया गया और क्यों? अदालत ने चेतावनी दी है कि यदि हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो अगली सुनवाई पर मुख्य सचिव को स्वयं अदालत में उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति बबिता रानी की खंडपीठ ने यह आदेश उन्नाव की रूबी सिंह व अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्नाव पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 5 अगस्त 2025 को पुलिस ने उनके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर उन्हें उठा लिया, लेकिन कोई गिरफ्तारी मेमो नहीं बनाया गया। आरोप है कि 7 अगस्त की रात याची – एक महिला को अवैध रूप से लॉकअप में रखा गया और उसके खिलाफ अश्लील टिप्पणियां की गईं। जबकि,  याचिकाकर्ता संख्या 2 और 3 को ₹10,000 की रिश्वत देने के बाद छोड़ा गया।

 

एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने…

25 नवंबर 2025 को हाईकोर्ट ने मामले में उन्नाव के एसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने और संबंधित अवधि की सी सी टी वी  फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। लेकिन, एसपी ने बताया कि फुटेज उपलब्ध नहीं है, क्योंकि 20 जून 2025 के डी जी पी के  परिपत्र के अनुसार केवल 2 से 2.5 महीने की रिकॉर्डिंग ही रखी जाती है।

अदालत ने इस पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि दी सी टी वी फुटेज को कम से कम छह महीने और अधिकतम 18 महीने तक सुरक्षित रखा जाए, और कहा है कि राज्यों को उसी अनुसार स्टोरेज क्षमता विकसित करनी होगी।

विवेकानंद यूथ अवॉर्ड: सीएम योगी बोले-यूपी में न कर्फ्यू न दंगा…सब चंगा; नशे के कारोबार के खिलाफ आगे आएं युवा

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राजधानी लखनऊ में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर युवाओं को समर्पित कार्यक्रम ‘युवा प्रतिभा सम्मान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने मौजूद लोगों को संबोधित किया।

इस मौके पर युवा कल्याण एवं खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा कि युवाओं का उत्साहवर्धन के लिए सीएम आए हैं। आज का दिन हमारे लिए प्रेरणा और संकल्प का दिन है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि उठो, जागो, तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए। यह हमें एकाग्रता, अनुशासन और प्रेरणा देता है। सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और सशक्त बनाने का काम कर रही है। युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें। संकल्प लेकर जाए, इसी पथ पर आगे बढ़ेंगे।

देश, प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए जुट जाएं युवा

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि विवेकानंद ने दुनिया को भारत की वास्तविक ताकत का एहसास कराया था। युवा, स्वामी जी से सीख लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व में देश, प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए जुट जाएं। स्वामी जी को पढ़े, समझें, आगे बढ़ें। जब देश गुलामी की जंजीर में जकड़ा था, उस समय भी शिकागो के सम्मेलन में गए थे। उनके रहने, भोजन आदि की भी व्यवस्था नहीं थी। आमंत्रण भी नहीं था। किंतु उन्होंने मां भारती के तिरंगे को कभी झुकने नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने कहा था, हमारे यहां टेलर नहीं चरित्र महान बनाता है। युवा उनके जीवन चरित्र को पढ़े। मां बीमार और दवा के लिए पैसे नहीं था। युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। युवा, मार्कशीट के पीछे भाग रहे हैं। कम नंबर आने पर छलांग लगा दे रहे हैं। अपनी प्रतिभा को पहचानो। देश, प्रदेश में हर ओर विकास कार्य। आज युवा अवसर ढूंढने वाला नहीं है, बल्कि अपनी अलग पहचान बना रहा है। युवा शसक्त तभी देश, प्रदेश सशक्त होगा।

बहुउद्देश्यीय हाल का लोकार्पण

इस मौके पर 21 करोड़ से बने 5 बहुउद्देश्यीय हाल का लोकार्पण किया गया। साथ ही तीन ग्रामीण स्टेडियम का शिलान्यास भी किया गया।

इस मौके सीएम योगी ने कहा कि नशे का कारोबार क्रैश करने और पर्यावरण का संरक्षण के लिए युवा आगे आएं। आज महाभारत के किरदार वसूली नहीं कर सकते हैं, यदि करेंगे तो जेल जाएंगे। यूपी में न कर्फ्यू न दंगा, सब चंगा है। प्रदेश में पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

नशे का कारोबार क्रैश करने को युवा आएं आगे- सीएम

सीएम ने युवाओं को गांव, ब्लाक में नशे के खिलाफ अभियान चलाने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि वे नशे के कारोबार को क्रैश करने के लिए काम करें। हमें इसके बारे में गोपनीय सूचना दें। उनकी प्रापर्टी जब्त की जाएगी। क्योंकि, नशा नाश का कारण है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से जल संरक्षण के लिए भी आगे आने और काम करने का आह्वान किया। कहा कि जिला, गांव में चेक डैम, अमृत सरोवर आदि हैं। इससे जुड़ें और जल, पर्यावरण संरक्षण से जुड़ें। स्थानीय लोगों को भी जोड़ें। पुरानी नदियों पर कब्जे हो गए हैं। इस पर ध्यान दें। हाल ही में शुरू विकसित भारत जी राम जी योजना से जुड़ें और इसका प्रयोग करें। बरसात में पौधे लगाएं, परिवार में 10 लोग हैं तो 10 पौधे लगाएं।

वन महोत्सव में 35 करोड़ वृक्षरोपण का लक्ष्य

सीएम ने आगे कहा कि अगले बार के यूथ अवॉर्ड में जल व पर्यावरण संरक्षण, खेलकूद गतिविधियों को भी शामिल किया जाए। जुलाई में वन महोत्सव में 35 करोड़ वृक्षरोपण का लक्ष्य हमने लिया है। युवा व महिला दल इस अभियान से जुड़ें।

9 लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी- सीएम

उन्होंने कहा कि 9 लाख युवाओं को हमने सरकारी नौकरी दी है। अब कोई सिफारिश नहीं चलती है। युवाओं के साथ कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता है।

UP News: स्कूल और ऑफिस की इस दिन रहेगी छुट्टी; सार्वजनिक अवकाश किया गया घोषित… देखें आदेश

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यूपी में मकर संक्रांति यानी 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में बताया गया कि शासन स्तर पर विचार के बाद मकर संक्रांति पर अवकाश का निर्णय लिया गया है। क्योंकि, इससे पहले जारी प्रदेश के अवकाशों की तालिका में इस दिन छुट्टी का प्रावधान नहीं था। बताते चलें कि फिलहाल परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन छुट्टी चल रही है। 1 जनवरी से 14 जनवरी तक सभी परिषदीय स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया था। 15 जनवरी को स्कूल खुलने थे। लेकिन, अब यह आदेश आ जाने के बाद स्कूलों की छुट्टी 15 जनवरी तक बढ़ गई है। मकर संक्रांति पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, लिहाजा स्कूलों के साथ सभी ऑफिस भी बंद रहेंगे।

केजीएमयू विवाद: पांचों संगठन 13 जनवरी से हड़ताल पर रहेंगे, बोले- हंगामा-बवाल होने के बावजूद एफआईआर नहीं हुई

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मंगलवार से इलाज और बाकी सामान्य कार्य बुरी तरह से प्रभावित रहेगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ ही सभी पांचों संगठनों ने मंगलवार से हड़ताल की घोषणा की है। केजीएमयू के पांचों संगठनों के मुताबिक 9 जनवरी को कुलपति कार्यालय पर हंगामा-बवाल होने के बावजूद अभी तक इस मामले में एफआईआर न होना निराशाजनक है।केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. केके सिंह ने बताया कि कुलपति कार्यालय पर हुए हंगामे और बाहरी लोगों के कब्जा करने के मामले में प्रॉक्टर की ओर से उसी दिन तहरीर दी गई थी। अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।ऐसे में संस्थान के डॉक्टर, कर्मचारी, रेजिडेंट, नर्सिग एसोसिएशन और एससी-एसटी कार्मिक एसोसिएशन ने सोमवार सुबह बैठककी। बैठक में सभी अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सभी का कहना था कि अगर कुलपति कार्यालय सुरक्षित नहीं है तो फिर सामान्य डॉक्टर और कर्मचारी कीस्थिति और भी खराब है। इसलिए जब तक एफआईआर नहीं होगी, केजीएमयू के सभी संगठन हड़ताल पर रहेंगे।

 

प्रभावित नहीं होगी इमरजेंसी सेवा

प्रो. केके सिंह के अनुसार हड़ताल के बावजूद इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। ओपीडी का संचालन नहीं होगा और अन्य सामान्य कामकाज नहीं होंगे। ट्रॉमा सेंटर के साथ ही इमरजेंसी वाले मरीजों का उपचार जारी रहेगा।

कुलपति की होगी मुख्यमंत्री से मुलाकात

केजीएमयू में हुए घटनाक्रम को देखते हुए सोमवार शाम कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगी। माना जा रहा है कि इस दौरान नौ जनवरी को हुए घटनाक्रम और परिसर में व्याप्त आक्रोश की जानकारी देंगी।

यह है मामला

केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग की महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने एक साथी रेजिडेंट पर यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का आरोप लगाया है। इस मामले में विशाखा समिति की सिफारिश के बाद आरोपी रेजिडेंट का निलंबन किया जा चुका है। केजीएमयू प्रशासन इस समय रेजिडेंट डॉक्टर के मददगारों की पहचान के लिए विशेष समिति के माध्यम से जांच करवा रहा है।

मामले में एफआईआर होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस मामले कीशिकायत राज्य महिला आयोग के पास दर्ज कराई गई थी। आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पूरे मामले में केजीएमयू प्रशासन पर अपराधियों को बचाने का आरोप लगाया है।

नौ जनवरी को इसी मामले में उपाध्यक्ष केजीएमयू गईं थीं। इसके बाद वहां जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। इस पर केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी और अन्य संवर्ग आक्रोशित हैं। इसी मामले पर सोमवार को बैठक में हड़ताल पर सहमति बनी।

‘स्वागत’ बना जाम की वजह: लखनऊ पहुंचे BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, जगह-जगह बने मंच…ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त

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भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अयोध्या दौरे को लेकर सोमवार को लखनऊ पहुंचे। उनके स्वागत के लिए लखनऊ से लेकर अयोध्या तक जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

इस वजह से सड़क और गलियां सकरी हो गईं। यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। सुबह से ही प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत मंच लगाए गए, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। 

बस स्टेशन के आसपास जाम की स्थिति बनी रही

लखनऊ में समता मूलक चौक, पालीटेक्निक चौराहा, किसान पथ सहित कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें दिखीं। वहीं, बाराबंकी और अयोध्या की सीमा में प्रवेश करते ही स्वागत-अभिनंदन कार्यक्रमों का सिलसिला और तेज हो गया।

'Welcome' celebrations cause traffic jam: BJP state president Pankaj Chaudhary arrives in Lucknow, stages set
कार और दोपहिया वाहन कतार में खड़े

होर्डिंग लगाए जाने से सड़कें संकरी हो गईं

रामसनेही घाट, रौनाही, जुबेरगंज, कोटसराय, सहादतगंज, हनुमानगढ़ी और बस स्टेशन के आसपास जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। कई जगह पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ी। शहर में एक के बाद एक मंच और होर्डिंग लगाए जाने से सड़कें संकरी हो गईं।

'Welcome' celebrations cause traffic jam: BJP state president Pankaj Chaudhary arrives in Lucknow, stages set
स्वागत की वजह से लगा जाम

जगह-जगह बनाए गए मंच

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के बाद सायं अवध विश्वविद्यालय के विवेकानंद प्रेक्षागृह में आयोजित क्षेत्रीय संगठनात्मक बैठक को संबोधित करेंगे। वहीं, पूरे दिन चले स्वागत कार्यक्रमों के चलते आमजन को जाम की समस्या से जूझना पड़ा।

यूपी: संजय प्रसाद और आशीष गोयल समेत पांच प्रमुख सचिव बने अपर मुख्य सचिव…पढ़ें पूरी लिस्ट

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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी है। संजय प्रसाद और आशीष गोयल सहित पांच प्रमुख सचिवों को अपर मुख्य सचिव (ACS) बनाया गया है। इससे शासन में शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत किया गया है।

सरकार के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अपर मुख्य सचिव की भूमिका नीति निर्माण और विभागीय समन्वय में बेहद अहम होती है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यक्षमता के आधार पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पढ़ें पूरी लिस्ट…

Kanpur Dehat: कोविड में मदद कर जीता विश्वास, फैला दिया धर्मांतरण का मकड़जाल, आरोपियों के चौंकाने वाले खुलासे

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Kanpur Dehat News: कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में चूक कर दी थी। इस बार पुलिस ने धर्मांतरण के मकड़जाल से निकलने के प्रयास में जुटे निबौली निवासी रामभरोसे की शिकायत पर गंभीरता दिखाई। पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों की मदद के नाम पर प्रलोभन देने से लेकर धर्मांतरण आदि कराने का चिट्ठा खोला।

कानपुर देहात में कोरोना महामारी ने लोगों को रोजगार से लेकर पेट भरने तक का संकट खड़ा कर दिया था। उस दौर में मिली तनिक सी मदद भी लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। अकबरपुर थाना से एक किलोमीटर दूर पर बंद हुए एक स्कूल में व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने वाले शातिरों ने पहले लोगों को उनके कौशल निखारने व मदद करने के नाम पर विश्वास जीता। साथ ही धर्मांतरण का मकड़जाल फैलाकर कानपुर देहात के अलावा कई स्थानों के लोगों का धर्मांतरण करवा दिया। कन्नौज जिले के धर्मांतरण के मामले में पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को कानपुर देहात से उसके तार जुड़े होने की जानकारी मिली।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की ओर से एसआईटी का गठन कर जांच शुरू करवाई गई थी। शनिवार को नवाकांति का संचालन करने वाले डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी व सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि नवाकांति सोसाइटी में पहले स्कूल का संचालन होता था। जोकि कोविड में बंद हो गया था। बाद में यहां व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया था। तीनों लोग सूक्ष्म व लघु स्तर पर अपना जाल फैला कर अनुसूचित जाति के लोगों व आर्थिक रूप कमजोर लोगों को फंसाते थे। आरोपी लोगों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई व अन्य तकनीकी कौशल प्रशिक्षण का प्रलोभन देकर अपने पास लाते थे।अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने की आशंका
साथ ही, लोगों को हैंडपंप सहित अन्य छोटी-छोटी जरूरत की चीजें देते थे। लोगों के जाल में फंसने पर बाइबिल रीडिंग से लेकर वेपटिस्म प्रक्रिया से शुद्धीकरण के बाद धर्मांतरण तक काम करते थे। इन लोगों ने जिले में करीब 50 हैंडपंप लगवाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रत्येक हैंडपंप लगाने में करीब 50 हजार रुपये तक का खर्चा आता था। जांच के दौरान पुलिस को संस्था के भवन से कई कागजात मिले हैं। जिनकी गहन जांच की जा रही है। आरोपियों ने अभी तक कितने लोगों का धर्मांतरण करवाया है। इनके अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने को लेकर जांच की जा रही है।

एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की ओर से एसआईटी का गठन कर जांच शुरू करवाई गई थी। शनिवार को नवाकांति का संचालन करने वाले डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी व सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसपी ने बताया कि नवाकांति सोसाइटी में पहले स्कूल का संचालन होता था। जोकि कोविड में बंद हो गया था। बाद में यहां व्यवसायिक प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया था। तीनों लोग सूक्ष्म व लघु स्तर पर अपना जाल फैला कर अनुसूचित जाति के लोगों व आर्थिक रूप कमजोर लोगों को फंसाते थे। आरोपी लोगों को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई व अन्य तकनीकी कौशल प्रशिक्षण का प्रलोभन देकर अपने पास लाते थे। 

अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने की आशंका
साथ ही, लोगों को हैंडपंप सहित अन्य छोटी-छोटी जरूरत की चीजें देते थे। लोगों के जाल में फंसने पर बाइबिल रीडिंग से लेकर वेपटिस्म प्रक्रिया से शुद्धीकरण के बाद धर्मांतरण तक काम करते थे। इन लोगों ने जिले में करीब 50 हैंडपंप लगवाए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रत्येक हैंडपंप लगाने में करीब 50 हजार रुपये तक का खर्चा आता था। जांच के दौरान पुलिस को संस्था के भवन से कई कागजात मिले हैं। जिनकी गहन जांच की जा रही है। आरोपियों ने अभी तक कितने लोगों का धर्मांतरण करवाया है। इनके अंतरजनपदीय व दूसरे प्रांतों से तार जुड़े होने को लेकर जांच की जा रही है।

Kanpur Dehat They gained trust by helping during COVID then spread a web of religious conversion

आयु वर्ग व स्तर के हिसाब से चलाते थे क्लब
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि वह लोग गांवों में रहने कम पढ़े लिखे लोगों, युवाओं, बच्चों व बुजुर्गों के हिसाब से क्लब बनाकर संचालन करते थे। इनमें इन लोगों के दो क्लब सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहते थे। जिसमें पहला क्लब गृह कलीसिया के नाम से संचालित होता था। जिसमें गांव स्तर पर ईसाई धर्म को अपना लेने वाला युवक अपने घर में अस्थाई रूप से चर्च का संचालन कर प्रार्थना सभा कर लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने व ईसाई धर्म की खूबियां गिनाकर उन्हें प्रभावित करता था। लोगों को झांसे में लेने के बाद उनका धर्म परिवर्तन करवाने का काम करते था। वहीं दूसरा समूह अवाना जोकि विशेष तौर पर बच्चों को धर्मांतरण करवाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के ओर से वीडियो बाइबिल रीडिंग स्कूल, वोकेशनल सेंटर, प्रौढ़ शिक्षा केंद्र, सिलाई प्रशिक्षण केंद्र आदि का संचालन किया गया। यहां तक कि धर्मांतरण के बाद जिले में ईसाई धर्म में सबसे परिपक्व हो जाने वाले व्यक्ति को जिला स्तर का पादरी आदि भी घोषित कर देते थे।

कन्नौज में हुई चूक से ली सीख, तत्परता से की कार्रवाई
कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद पुलिस ने अपनी लिखा-पढ़ी में चूक कर दी थी। कन्नौज में हुई किरकरी से पुलिस ने धर्मांतरण के मकड़जाल से निकलने के प्रयास में जुटे निबौली निवासी रामभरोसे की शिकायत पर गंभीरता दिखाई। पीड़ित ने पुलिस को आरोपियों की मदद के नाम पर प्रलोभन देने से लेकर धर्मांतरण आदि कराने का चिट्ठा खोला, तो पुलिस ने भी लिखा-पढ़ी में पीड़ित की सुरक्षा व आरोपियों पर कार्रवाई करने में कसर नहीं छोड़ी। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दर्ज की गई प्राथमिकी में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 3/5(1)/5(2)/5(3) लगाई है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस अधिनियम की धारा 3 किसी महिला, नाबालिग, अनुसूचित जाति के लोगों के साथ धोखाधड़ी कर धर्मांतरण कराने पर लगाई जाती है। इसमें करीब पांच साल की सजा हो सकती है। धारा 5(1) की जबरन धर्मांतरण को दर्शाती है। इसमें तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। धारा 5(2) धर्मांतरण के लिए विदेशी फंडिंग को दर्शाती है। इसमें अधिकतम 14 साल की सजा व अर्थदंड का प्रावधान है।

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व्यापारिक गतिविधियों की तरह फैला रहे थे मकड़जाल
व्यवसायिक कंपनियां व चिट फंड कंपनियां जिस प्रकार से एक चेन से लोगों को जोड़कर अपना कारोबार बढ़ाती हैं। कारोबार को एक नियत स्तर पर लाभ पहुंचाने पर संबंधित सदस्य को उपहार भी देती हैं। ठीक इसी तरह धर्मांतरण गिरोह के सदस्य भी अनुसूचित जाति के लोगों का धर्म परिवर्तन करवाने के लिए प्रयोग करते थे। पहले यह कुछ लोगों को मदद के नाम पर अपने झांसे में लेते थे। इसके बाद तय स्थान पर होने वाली प्रार्थना सभा में शामिल होने के 200 रुपये देते थे। ईसाई धर्म का प्रचार करने व धर्मांतरण करवाने वाले लोगों को कौशल संबंधी प्रशिक्षण देने के साथ छह से 10 हजार रुपये मासिक वेतन के रूप में देते थे। इसके बाद नए लोगों को जागरूक कर धर्मांतरण करवा देने पर भी उनको उपहार के रूप में तय धनराशि मुहैया करवाते थे। इसके साथ ही अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भी खर्चा देते थे।

सर्विलांस व साइबर टीम की मदद से मिले थे सुराग
कन्नौज में धर्मांतरण गिरोह के सदस्य पन्नालाल से पूछताछ के बाद सक्रिय हुई कानपुर देहात की सर्विलांस व साइबर टीम ने पन्नालाल से फोन पर संपर्क करने वाले लोगों की जांच कर कड़ी से कड़ी जोड़कर बाढ़ापुर स्थित धर्मांतरण गिरोह के सदस्यों के गिरेबान तक जा पहुंची। पुलिस अब इन आरोपियों के खातों में देश व विदेश से हुई फंडिंग आदि की जांच में जुटी है।

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कन्नौज के अलावा आसपास के जिलों में भी फैले हो सकते हैं तार
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य प्रदेश व अन्य प्रांतों में होने वाले आयोजन में भी शामिल होने जाते थे। कन्नौज में पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया था। मिर्जापुर में भी दिसंबर माह में धर्मांतरण के मामले सामने आए थे। पुलिस आरोपियों के बार्डर के जिले औरैया, जालौन, कानपुर नगर के साथ फतेहपुर, झांसी, चंदौली आदि स्थानों पर तार फैले होने को लेकर छानबीन में जुटी है।

करीब एक माह से एसआईटी जुटा रही थी सुराग
पुलिस को कन्नौज से इनपुट मिलने के बाद एसआईटी टीम काम कर रही थी। इसमें इंटेलीजेंट इनपुट भी जुटाए गए। इसके बाद यह पता चला कि अकबरपुर में धर्म परिवर्तन की एक्टिविटी हो रही है। नवाकांती सोसाइटी के नाम से अकबरपुर में एक स्किल डेवलपमेंट एकेडमी संचालित थी। पुलिस को पता चला है कि डेनियल शरद सिंह का मूल नाम शरद सिंह है धर्म बदलने के बाद शरद सिंह के साथ डेनियल जोड़ा।

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आंध्रप्रदेश से जुड़े तार खंगाल रही पुलिस
धर्मांतरण के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गहराई से छानबीन शुरू की है। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया नवाकांती सोसाइटी पूर्व में स्कूल के रूप में संचालित थी। पुलिस छानबीन में कुछ आईडी मिली है, जिन्हें संस्था के लोगों द्वारा एकत्र किया गया था। इससे यह पता चल सकेगा, कितने लोगों का अब तक धर्मांतरण कराया। जांच में मिले अभिलेख व बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है। जिससे यह पता लगाया जा सके इसमें कहां से तार जुड़े हैं। एसपी ने बताया कि कन्नौज में कार्य हुआ, उसका भी जिले से लिंक है। इनकी संस्था आंध्रप्रदेश के मछली पटनम से पंजीकृत है, हो सकता है संस्था से जुड़े लोगों के और बड़े लिंक हो, इसकी भी गहना से जांच की जा रही है।

पुलिस के हाथ लगी फोटो में दिख रहे विदेशी, फंडिंग की होगी जांच
एसआईटी की जांच में पकड़े गए आरोपियों के रिकार्ड से कुछ पुरानी फोटो हाथ लगीं हैं। साथ ही दर्ज कराई गई एफआईआर में रामभरोसे ने विदेश से संस्था को फंडिंग किए जाने के आरोप लगाए हैं। इस पर भी पुलिस कड़ी से कड़ी मिलाकर बारीकी से जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि पुलिस को कुछ फोटो मिली हैं। इसमें कुछ फोटो में 15 से 20 व कुछ में 40 से 50 लोग बैठकर बाइबल पढ़ते दिख रहे हैं। इसमें कुछ विदेशी दिखने वाले लोग भी प्रार्थना करते दिख रहे हैं। इस आधार पर फोटो व बैंक अकाउंट का आकलन किया जा रहा है।

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युवाओं को जोड़ने के लिए ईसाई धर्म अपनाने पर देते थे जोर
पुलिस को रामभरोसे ने बताया कि वह खेती किसानी करता है। 10 पूर्व उसकी जब नवाकांति सोसाइटी में हरिओम से मुलाकात हुई तो उसने बेरोजगार युवाओ को जोड़ने के लिए कहा। धीरे-धीरे कर कई लोग संस्था से जुड़ गए। कुछ महिलाएं भी जुड़ गईं। जिन्हें सिलाई मशीन व रुपये दिए जाने का लालच दिया जाने लगा। बताया कि जब लोग जुड़ने लगे तो ईसाई धर्म की प्रार्थना होने लगी। इस बीच लोगों को ईसाई धर्म के उपदेश सुनने के लिए मेमोरी कार्ड दिए जाते थे। कुछ को रेडियो भी दिए गए। संस्था में दो लोग पैंट शर्ट पहन कर आते थे, जिनका नाम कभी नहीं बताया गया। वह जय मसीह से अभिवादन कर अपनी बात शुरू करते थे और जब बात खत्म होती थी तो भी जय मसीह बोलते थे। कन्नौज के ठठिया में संस्था का पन्नालाल पकड़ा गया तो मुझे पता चला कि धर्म बदलना कानूनी रूप से गलत है। यह लोग लोगों से बेरोजगारी व उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन करा रहे है तो उसने विरोध किया। तीनों ने उसे धमकाया तब उसने पुलिस की शरण ली।

 

Kanpur Accident: तेज रफ्तार DCM ने बाइक को रौंदा; मां-बेटे की मौके पर मौत, चाची की हालत नाजुक…हैलट रेफर

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कानपुर के घाटमपुर में सजेती थाना क्षेत्र के कैथा चौराहे के समीप रविवार को तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। भीषण हादसे में मां-बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे सीएचसी से हैलट रेफर किया गया है।

साढ़ थाना क्षेत्र के सूलपुर निवासी अर्पित पाल (17) पुत्र मथुरा पाल अपनी मां अनीता पाल (50) और चाची आकांक्षा (35) पत्नी गोकुल पाल के साथ बाइक से अपनी बुआ के नवजात बेटे की मौत होने पर झंडापुर कोरिया जा रहे थे। जैसे ही बाइक कैथा चौराहे के पास पहुंची तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्पित और उसकी मां की मौके पर ही मौत हो गई।
परिजन रो-रोकर बेहाल
वहीं, आकांक्षा गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को एंबुलेंस द्वारा सीएचसी घाटमपुर पहुंचाया। यहां हालत गंभीर देखते हुए उसे रेफर कर दिया गया। वहीं, दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक अर्पित अपनी दो बहनों, श्रद्धा (उर्फ रोली पाल) और सपना पाल का अकेला भाई था। इकलौते बेटे और मां की एक साथ मौत से पिता सत्येंद्र पाल और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 

kanpur: शराब पीने को लेकर हुए विवाद में पत्नी और ढाई साल के बच्चे की हत्या, आरोपी युवक फरार… पुलिस मौके पर

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घाटमपुर क्षेत्र के गोपालपुर के मजरा सर्देपुर में शराब पीने को लेकर पत्नी से विवाद होने पर युवक ने पत्नी व ढाई साल के बच्चे को धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। आरोपी फरार है और पुलिस मौके पर पहुंचकर पड़ताल कर रही है। पत्नी पांच माह की थी गर्भवती फिर भी…
आरोपी सुरेन्द्र कमाई को लेकर लगातार कुछ नहीं करता था। वह कभी ट्रक में खलासी का काम कर लेता था तो कभी मजदूरी करता था। घर का खर्च भी बमुश्किल चलता था। इसके बाद उस कमाई को शराब के नशे में उड़ाता रहता था। इसी बात को लेकर उसका पत्नी रूबी से अक्सर विवाद होता रहता था।

रूबी मौजूदा समय पांच माह की गर्भवती थी। बावजूद इसके विवाद होने पर सुरेन्द्र का दिल नहीं पसीजा और उस पर इस कदर गुस्सा हावी हुआ कि गर्भवती पत्नी रूबी व बच्चे लवांश पर धारदार हथियार से हमला कर दोनों को मौत के घाट उतर दिया।

घटना को अंजाम देने के बाद वह मौके से फरार हो गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पड़ताल कर रही है। 

Auraiya News: रील की लत बच्चों व महिलाओं को कर रही बीमार

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औरैया। सोशल मीडिया अब जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। वहीं, मोबाइल पर रील की लत बच्चों और महिलाओं के लिए परेशानी बनती जा रही है।इससे उनकी सोचने-समझने की शक्ति में गिरावट आ रही है। याद रखने की क्षमता भी कमजोर हो रही है। स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ने से ऐसे लोग मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज चिचौली के मनोरोग विभाग की ओपीडी में इन दिनों रोजाना पांच से सात लोग ऐसे पहुंच रहे हैं, जिनमें चिड़चिड़ापन, गुस्सा और मनोदशा को लेकर समस्या बढ़ रही है। इनमें सोचने-समझने का स्तर सामान्य से काफी कम पाया जा है। मनोरोग चिकित्सक के सवाल जवाब में मरीजों की मनोदशा उभरकर सामने आ रही है। खास बात तो यह है कि इन मरीजों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी आयु छह से 12 साल के बीच है।मनोचिकित्सक डॉ. अनामिका राजपूत बताती हैं कि अधिकांश मामलों में कारण मोबाइल की बढ़ती लत है। घंटों रील देखने से छोटे बच्चों में यह समस्या चिड़चिड़ेपन के तौर पर सामने देखी जा रही है। अक्सर बच्चे के रोने या परेशान करने पर अभिभावक उसे मोबाइल देकर बैठा देते हैं। महिलाएं खुद भी मोबाइल पर रील देखना और बनाना बहुत पसंद कर रही हैं। ऐसे में उनकी सोचने-समझने की शक्ति प्रभावित हो रही है। महिलाओं में सिरदर्द की समस्या भी सामने आ रही है। नवंबर से अब तक करीब 130 ऐसे मरीज मानसिक रोग विभाग में पहुंचे।

डॉक्टर ने बताया कि ऐसे में लोगों की काउंसलिंग कर मोबाइल से दूरी बनाने की सलाह दी जा रही है। साथ ही बच्चों के साथ अभिभावकों को अधिक समय बिताने के लिए कहा जा रहा है।

अभिभावक ये कर सकते हैं

– मोबाइल का सीमित प्रयोग करें और बच्चों को भी सचेत करते रहें।
– तीन साल की उम्र के बाद बच्चे को सिर्फ एक घंटे ही टीवी देखने दें।

-खाना खिलाते या दूध पिलाते समय बच्चे से बात करें, मोबाइल से दूर रखें।

– खाना खाते समय अभिभावक भी टीवी व मोबाइल न देखें।

– बच्चों के सामने मोबाइल का प्रयोग करने से बचें।

जिद्दीपन की प्रवृति बढ़ रही
मोबाइल का ज्यादा प्रयोग हमें मानसिक तौर पर कमजोर बनाता है। मोबाइल की वजह से बच्चों में कई समस्याएं बढ़ गई हैं। लोगों में सोचने व समझने की शक्ति कमजोर पाई जाती है। झगड़ा और जिद्दीपन की प्रवृति भी देखने को मिल रही है। ऐसे बच्चों-महिलाआें व अभिभावकों को काउंसलिंग की जरूरत है। मरीजों को उपचार के साथ ही रील की लत दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
-डॉ. अनामिका राजपूत, मनोचिकित्सक