Friday, February 13, 2026
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Kanpur: डिलीवरी बॉयज के बीच बमबाजी, ऑर्डर को लेकर हुआ था विवाद, पुलिस ने एक को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी

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कानपुर के कल्याणपुर आवास विकास में आर्डर के विवाद में डिलीवरी ब्वॉय और उसके साथियों पर बम फेंकने के आरोप है। घटना में एक डिलीवरी ब्वॉय घायल हो गया। लोगों ने एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स हाउसिंग सोसायटी विनायकपुर निवासी सुशील कुमार आवास विकास में केसा चौराहे के पास एक फूड डिलीवरी कंपनी में बतौर डिलीवरी ब्वॉय हैं।

सुशील के मुताबिक बुधवार रात वह आर्डर ले जा रहे थे। तभी एक अन्य डिलीवरी ब्वॉय ने खुद आर्डर ले जाने को बोला। जब उन्होंने उसकी शिफ्ट सुबह और शाम की होने की बात कही, तो वह धमकी देकर चला गया और थोड़ी देर बाद अपने चार साथियों के साथ वापस आया। आरोप है कि उसने साथियों के साथ मिलकर बम चला दिए, जिसमें उसके पैर में काफी चोट आई।आरोपी युवक को हिरासत में लिया
शोर शराबा सुनकर इलाकाई युवकों ने एक युवक को दबोच लिया। पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की और युवक को लेकर थाने पहुंची। यहां आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वहीं, घायल सुशील कुमार को अस्पताल भेजा गया है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि एक युवक को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 

Kanpur: यूजीसी के नए नियमों का अनूठा विरोध, वकील और किसानों ने मुंडवाया सिर, बोले- समाज का मौन रहना घातक

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कानपुर में यूजीसी के नए नियमों को तानाशाही और जातिवाद को बढ़ावा देने वाला करार देते हुए नारामऊ कछार में सवर्ण समाज के लोगों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। विरोध की आग इतनी तीव्र थी कि पेशे से अधिवक्ता अतुल त्रिवेदी और किसान भरत व सुशील शुक्ला ने सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवा लिया।

सिर मुंडवाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकार के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि सवर्ण समाज के उन रसूखदार लोगों पर भी निशाना साधा, जो इस कानून पर चुप्पी साधे हुए हैं। किसान भरत शुक्ला ने कहा कि यह कानून समाज को बांटने और जातिवाद की खाई को गहरा करने वाला है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर जिम्मेदार लोगों का मौन रहना बेहद चिंताजनक और दुखद है।अभी नौबर किया है, आगे तेहरवीं करेंगे
अधिवक्ता अतुल त्रिवेदी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आज हमने इस कानून के विरोध में सांकेतिक रूप से नौबर किया है। अगर इस तानाशाही कानून में सुधार नहीं किया गया, तो हम इसकी तेहरवीं करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष कानून की वापसी या संशोधन होने तक जारी रहेगा। 

लखनऊ नगर निगम को देख भैंस-बकरी घर में छुपाया

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लखनऊ- नगर निगम को देख भैंस-बकरी घर में छुपाया, बेडरूम में भैंस बंद कर बाहर से ताला लगाया, अवैध डेयरी के खिलाफ नगर निगम का अभियान, बिजनौर में रॉयल सिटी कॉलोनी में अवैध डेयरी

 

लखनऊ सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने की मदद,

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लखनऊ- सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने की मदद, हुसैनगंज चौराहे पर असहाय बुजुर्ग महिला, कपड़े दिए, सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की, बुजुर्ग महिला

लखनऊ 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट

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लखनऊ- 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट, कुवैत, शारजाह से काठमांडू जा रही थी फ्लाइट, घना कोहरा, कम विजिबिलिटी से विमान डायवर्ट, काठमांडू ATC ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी थी, जजीरा एयरलाइंस की फ्लाइट लखनऊ उतरी, विमान में 169 यात्री, 6 क्रू मेंबर थे सवार, मौसम साफ होने पर दोनों विमान रवाना किए गए

लखनऊ आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS

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लखनऊ- आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS,यूपी एटीएस की टीम अहमदाबाद रवाना, फैजान के यूपी कनेक्शन पर होगी पूछताछ, मूल रूप से रामपुर का रहने वाला है फैजान, फैजान को नवसारी से किया गया गिरफ्तार, पिस्टल, 6 कारतूस, आपत्तिजनक सामग्री मिली

Kanpur: बहू-बेटे ने बुजुर्ग मां के दांत-पसलियां तोड़ी, पुलिस ने इंसाफ की जगह कमरे में जड़ा ताला, पढ़ें मामला

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कानपुर में नौ महीने का दर्द सहकर बेटे को जन्म दिया। इसके बाद अंगुली पकड़कर उसे चलना सिखाया, आज उसी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बुजुर्ग मां के चार दांत और पसलियां तोड़ दीं। जिस बेटे के दांत निकलने पर मां खुशी के सागर में समा गई होगी, उसी बेटे ने झोली में असहनीय पीड़ा भर दी।

बेटे ने तो पसलियां तोड़ीं, न्याय के लिए कई बार थाने के चक्कर काटने वाली मांं की उम्मीद तब टूट गई, जब पुलिस ने बहू-बेटे का साथ देकर उनके कमरे में ताला डलवा दिया। मामला बिठूर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की ताे हरकत में आई बिठूर थाना पुलिस ने आरोपी बेटे-बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं
बहलोलपुर मंधना गांव निवासी मीरा त्रिवेदी (67) पत्नी शिवप्रकाश ने पुलिस को बताया कि बेटा नवनीत और बहू उनको पीटते हैं। घर में रहने नहीं देते। बेटे और बहू ने उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा कि चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं। इस कारण हैलट के आईसीयू में उनका इलाज किया गया, तब उनकी जान बच सकी।

कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया
आरोप है कि बिठूर थाने पहुंचकर कई बार बेटे-बहू के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया। पीड़िता के अनुसार, उनके व पति के पास न तो पहनने के लिए कपड़े हैं और न ही सोने के लिए बिस्तर हैं। दोनों लोग मकान के ऊपरी कमरे में रहने लगे।

नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई
बार-बार जीने चढ़ने और उतरने में परेशानी के चलते अब दंपती ने पुलिस कमिश्नर से नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई है। बिठूर इंस्पेक्टर प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि सीपी के आदेश पर बेटे नवनीत और उसकी पत्नी पर जानबूझकर चोट पहुंचाने और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

भरण पोषण के लिए हर माह देने होंगे तीन हजार रुपये
पीड़िता के अनुसार बेटे और बहू का रवैया न सुधरने पर उन्होंने कोर्ट उपजिलाधिकारी सदर में वरिष्ठ नागरिक उप्र भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम (2007) के तहत वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने 17 जनवरी को बेटे को प्रति माह की सात तारीख को तीन हजार रुपये भरण पोषण के लिए जमा करने का आदेश दिया है।

 

Auraiya News: खुली पोल…सरकारी अस्पतालों में दवा तो कहीं जांच नहीं

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औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली टीमों के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 16 टीमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल पहुंचीं तो खामियां ही खामियां सामने आ गईं।कहीं दवा उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं जांच नहीं हो रही थी। कहीं मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा था तो कहीं गंदगी पसरी मिली। टीमों ने खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए।एसीएमओ डॉ. शिशिर पूरी सीएचसी दिबियापुर का निरीक्षण करने पहुंचे। दवा स्टॉक चेक किया तो 22 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। इनके बारे में बताया गया कि दवाएं मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने लैब का भी निरीक्षण किया। यहां पाया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर नहीं भेजी जा रही थी। मरीजों से बात की तो पता चला कि मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा है।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ रश्मि एवं डॉ. सऊद अहमद, फार्मासिस्ट मृदुल पाल ,वार्ड व्याय उमाशंकर उपस्थित मिले। डॉ. शिशिर पुरी ने ही पीएचसी देवरपुर और फफूंद का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिटीजन चार्ट और शिकायत पेटिका नहीं मिली।

आग बुझाने वाले उपकरण की एक्सपायरी तिथि निकट मिली। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, हिमांशु चंदन, उपेंद्र पाल, स्टाफ नर्स रीना, सोनाली, आरती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र ककोर में सीएचसी की ओर से बीसीपीएम जमीर अहमद एवं एचईओ विवेक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। आरोग्य केंद्र के सामने मिट्टी न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, शौचालय का चैंबर गंदगी से भरा मिला। सीएचओ रजनी पाल ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. मनोज शंखवार निरीक्षण करने पहुंचे। यहां सबसे बड़ी समस्या पर्चा बनने को लेकर उन्हें दिखी। आधार कार्ड साथ न लाने वालों के पर्चे नहीं बन पा रहे थे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चे के लिए आधार नंबर आवश्यक है। अस्पताल के अंदर ही पानी फैला मिला, जिससे साफ कराया गया। अस्पताल में सफाईकर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले।
एसीएमओ सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. अनीस अंसारी ने सीएचसी बिधूना की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि टेक्नीशियन न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असजना, रुरुगंज तथा उपकेंद्र पुरवा बड़े का भी निरीक्षण किया व साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में औचक निरीक्षण करवाकर व्यवस्थाओं की जांच कराई गई है। संबंधितों को सुधार के निर्देश दिए हैं। आगे भी इसी प्रकार निरीक्षण कराए जाएंगे, जिससे हकीकत सामने आती रहे।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ।

Auraiya News: रात भर बारिश से गिरी सरसों की फसल, आलू के खेत में घुसा पानी

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औरैया। जिले में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक हुई बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया है। धीरे-धीरे बढ़ता पारा एकाएक नीचे गिर गया है। इस बारिश ने आलू, सरसों, अरहर समेत सब्जी फसलों को झटका दे दिया है।स्थिति यह है कि सरसों की फसल गिर गई। वहीं आलू के खेत में पानी घुस गया। इन फसलों में नुकसान की आशंका है। पिछले तीन दिन से आसमान में छाए बादल मंगलवार रात बरसे। पूरी रात रुक-रुककर बारिश होती रही। वहीं जिले के कुछ स्थानों पर दिन में भी बारिश हुई। तेज हवा के साथ हुई इस बारिश ने फसलों को झकझोर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार रातभर में पांच मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं पांच डिग्री पारा गिरा है।

किसानों के अनुसार आलू की फसल में पानी भर जाने से कंद में फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है। सरसों की फसल में सबसे ज्यादा नुकसान देखा जा रहा है, फूल झर जाने से उत्पादन में गिरावट होगी। वहीं ज्यादातर किसानों की सरसों की फसल खेत में गिर गई है। कुछ ऐसा ही हाल अरहर का है। सब्जी की फसलों में यह बारिश आफत बनकर बरसी है। टमाटर, शिमला मिर्च में सड़न की आशंका बढ़ गई है। फूल झड़ जाने की वजह से उत्पादन में गिरावट आएगी।

ऐसे में अगले सप्ताह तक सब्जी के भाव उछाल मारेंगे। रात की तरह बुधवार दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। सर्द हवाएं चलती रहीं। कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। ऐसे में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देखने को मिली।

बुधवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोकि एक दिन पहले 26 डिग्री रहा। हालांकि न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि दो दिन और बादल छाए रहने के आसार है। छुटपुट बारिश हो सकती है। फसलों में पानी की निकासी के इंतजाम रखें। ताकि जलभराव से फसल को बचाया जा सके।
गेहूं की फसल को फायदा
एक तरफ जो बारिश आलू, सरसों, अरहर समेत अन्य फसलों के लिए मुसीबत बन गई है, वहीं गेहूं को इससे फायदा है। दरअसल अभी गेहूं में बाली नहीं आई है। ऐसे में गेहूं को सिंचाई की जरूरत भी थी। बारिश होने से सिंचाई की जरूरत भी पूरी हो गई है। वहीं तापमान में गिरावट भी गेहूं के लिए फायदेमंद है।

बोले किसान-बारिश आफत बन गई
आलू में फंगस का खतरा
आलू की अगेती फसल किसानों की आय में अहम मानी जाती है। जिले में आलू की फसल का रकबा सात हजार हेक्टेयर के करीब है। इन दिनों हो रही बारिश से आलू में फंगस का खतरा बढ़ गया है।
मोनू शाक्य, रामपुर

भाव पर होगा असर
झुलसा रोग से प्रभावित हुई आलू की फसल पर अब बारिश आफत बन गई है। उत्पादन गिरने की आशंका है। ऐसे में इसका असर आलू के भाव पर भी देखने को मिलेगा।
बीनू राठौर, पुरवा कमल सिंह

Auraiya News: वंदे मातरम का आदेश वापस लेने के दबाव से छोड़ दिया था पद

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दिबियापुर। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. रवींद्र शुक्ला ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने स्कूलों में वंदे मातरम गायन अनिवार्य करने का आदेश दिया था। इस आदेश को वापस लेने का दबाव पड़ा तो उन्होंने आदेश वापस न लेकर अपना मंत्री पद छोड़ दिया था।

मंगलवार की शाम नगर के एक गेस्ट हाउस में आयोजित हिंदू सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खुशी की बात यह है कि अब 27 साल बाद केंद्र सरकार ने इसे अनिवार्य किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से यूजीसी के प्रावधानों का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री से इसे वापस कराने और जगह -जगह चल रहे मदरसे को बंद करवाने की अपील की।

गायत्री शक्ति पीठ चित्रकूट धाम से आए रामनारायण त्रिपाठी ने भी हिंदू एकता पर बल दिया। सम्मेलन में शिव तांडव सहित विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य आयोजित हुए। इस अवसर पर रणवीर,अनूप, महेंद्र, हरिश्चंद्र, राघव मिश्रा, राम कुमार अवस्थी, कौशल राजपूत, सर्वेंद्र सिंह भदौरिया, रितु चंदेरिया, संगीता चौहान, सुनीता तिवारी, अर्चना तिवारी व शुभ पोरवाल उपस्थित रहे।