Thursday, February 12, 2026
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प्रभात की खबरों का विस्तार 7 भारत news के साथ

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*1* पीएम मोदी ने संत निरंजन दास के पैर छुए: बोले- पंजाब के कपड़े यूरोप में बिकेंगे; आदमपुर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास पर रखा

*2* केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बजट की बड़ी घोषणाएं गिनाईं, जबकि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इसे आर्थिक रणनीति में विफल बताया।

*3* ‘देश की आर्थिक ताकत को समझें’, चीन का जिक्र कर निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर साधा निशाना

*4* ‘ये आम लोगों के लिए बजट, विपक्ष के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं’, BJP बोली- यह विकसित भारत की नींव

*5* कांग्रेस का दावा- अनिल अंबानी ने एपस्टीन से मदद मांगी: मोदी-ट्रम्प की मुलाकात करानी थी; कल कहा था- ट्रम्प के लिए मोदी इजराइल में नाचे

*6* ‘लोगों को मिलने चाहिए सवालों के जवाब…’, एपस्टीन फाइल्स के मामले पर कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगा स्पष्टीकरण

*7* देश की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संघ और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि समाज और अर्थव्यवस्था को जानबूझकर जहर दिया जा रहा है ताकि देश बंटा रहे और डर की राजनीति चलती रहे। राहुल गांधी ने उत्तराखंड की एक घटना का जिक्र करते हुए एक युवक के समर्थन में खुलकर बयान दिया।

*8* बजट सत्र का चौथा दिन: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा; विपक्ष के बजट और एपस्टीन मुद्दे पर हंगामे के आसार

*9* कश्मीर में सुबह-सुबह डोली धरती, बारामुला में 4.6 तीव्रता का आया भूकंप

*10* बेरोजगारी लोगों को परेशान कर रही, सरकार ने ध्यान नहीं दिया; बजट पर बोले शशि थरूर

*11* NCP के विलय को CM देवेंद्र फडणवीस ने बताया अफवाह, बोले- ऐसा होता तो मुझे पता होता

*12* फडणवीस ने कहा कि अजित पवार हर महत्वपूर्ण बात मुझे बताया करते थे। क्या एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की बातचीत भाजपा की जानकारी के बिना पूरी हो सकती है? हमें 12 फरवरी की किसी तारीख की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि एनसीपी एक स्वतंत्र पार्टी है और अपने फैसले खुद लेती है, लेकिन भाजपा की सहयोगी पार्टी होने के नाते उससे यह अपेक्षा की जाती है कि वह कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले भाजपा से परामर्श करे।

 

*13* सुनेत्रा पवार को वित्त विभाग ना देने पर मुख्यमंत्री ने बताया कि एनसीपी नेताओं से चर्चा के बाद उन्होंने दिवंगत अजित पवार के पास रहे वित्त विभाग का प्रभार फिलहाल अपने पास ही रखा है, क्योंकि राज्य का बजट प्रस्तुत किया जाना है। बजट केवल भाषण देने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके लिए कई विभागीय बैठकों की आवश्यकता होती है। सुनेत्रा पवार के लिए इतनी बड़ी जिम्मेदारी तुरंत संभालना संभव नहीं था

 

*14* वही, सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण में जल्दबाजी को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका जवाब एनसीपी को ही देना चाहिए। फैसले परिस्थितियों के अनुसार लिए जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी ने अंतिम संस्कार से पहले ही प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली थी।

 

*15* इस बीच, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा, ‘मेरी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति को लेकर मीडिया में चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और असत्य हैं।’ पार्टी में किसी भी प्रकार का निर्णय सभी नेताओं से चर्चा के बाद और उचित समय पर ही लिया जाएगा।

*16* टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होगा: पाकिस्तान सरकार का ऐलान; बांग्लादेश के समर्थन में 15 फरवरी के महामुकाबले का बॉयकॉट किया

*17* भारत ने बांग्लादेश की मदद घटाकर आधी की: अब ₹60 करोड़ देंगे, मालदीव-म्यांमार का भी फंड कटा; भूटान को बढ़ाकर ₹2,288 करोड़ किया

 

‘अगली बार छाती पर गोली चलेगी…’, किसने ली Rohit Shetty फायरिंग की जिम्मेदारी? पूरे Bollywood को दी चेतावनी, कहा- बाबा सिद्दीकी जैसा हाल होगा

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UP Desk : मुंबई के जुहू इलाके में शनिवार देर रात फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के निवास शेट्टी टावर के बाहर फायरिंग की घटना ने इलाके में दहशत फैलाकर हड़कंप मचा दिया। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

फायरिंग की घटना
सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति बाइक से जुहू इलाके में पहुंचा और थोड़ी दूरी पर बाइक खड़ी कर पैदल शेट्टी टावर की ओर बढ़ा। वहां उसने चार से पांच राउंड फायरिंग की और तुरंत मौके से फरार हो गया। प्राथमिक जांच में पुलिस ने पाया कि फायरिंग करने वाला केवल एक ही व्यक्ति था।

घटना की जानकारी मिलते ही जुहू पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। शेट्टी टावर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

सोशल मीडिया पर दावा जिम्मेदारी
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई ने इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। पोस्ट में कहा गया कि रोहित शेट्टी को पहले भी चेतावनी दी गई थी कि वे उनके काम में दखल न दें, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। पोस्ट में यह भी लिखा गया कि यह घटना केवल “छोटा ट्रेलर” है और भविष्य में गंभीर कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस जांच जारी
मुंबई पुलिस ने कहा है कि लारेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी लेने का दावा किया है, लेकिन अभी तक इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फायरिंग का पैटर्न अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर हुई हालिया फायरिंग से मेल खाता है।

दोनों मामलों के मोडस ऑपरेन्डी में समानताएं देखी जा रही हैं, जिसके कारण क्राइम ब्रांच दोनों मामलों की गहन पड़ताल कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे शेट्टी टावर और आसपास के इलाके में सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

Fake Passport: एक ही मोबाइल नंबर पर बने 22 लोगों के पासपोर्ट, सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप

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गाजियाबाद: जिले में फर्जी पासपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर के आधार पर 22 लोगों के पासपोर्ट बनवा लिए गए। जानकारी होने पर पुलिस और पासपोर्ट विभाग ने इसकी जांच शुरू की।

दरअसल, भोजपुर थाने में 22 लोगों के नाम पर पासपोर्ट बने, वे भोजपुर के बताए गए पते पर रहते ही नहीं थे। इसके बावजूद सभी पासपोर्ट एक ही पते पर जारी कर दिए गए। इतना ही नहीं, सभी आवेदनों में मोबाइल नंबर भी एक ही दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गई।  इसके बाद 22 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच में सबसे पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी पासपोर्ट अगस्त और सितंबर 2022 के दौरान बनाए गए थे। अधिकारियों को आशंका है कि यह एक संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जिसमें सरकारी सिस्टम की मिलीभगत भी हो सकती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

25 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई
अमनप्रीत कौर, जसनप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा, राजकुमारी, दलजीत सिंह, महिंद्र कौर, यशोदा राय, बसंती राय, जीत कौर, शमशेर सिंह, इंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, मनजीत सिंह, रजमीत सिंह, तरनजीत कौर, सिमरनजीत कौर, जगलीन कौर, गुरनुर कौर, जसकरण सिंह, जपमेहर कौर, पोस्टमैन अरुण कुमार, विवेक गांधी, प्रकाश शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 61 (2), 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2) और आईटी एक्ट 66 में केस दर्ज किया गया है।

पोस्टमैन से 2 हजार रुपए में डील हुई
पुलिस ने बताया कि इस मामले में भोजपुर डाकघर के डाकिए अरुण कुमार से जानकारी मांगी। जिसमें पोस्टमैन अरुण कुमार ने कहा- मैं भोजपुर में 12 साल से तैनात हूं। भोजपुर गांव की डाक मैं ही बांटता हूं। 5 महीने पहले विवेक गांधी व प्रकाश सुब्बा नाम के 2 लोग मुझे मिले थे। उन्होंने हमें बताया कि हमारे कुछ पासपोर्ट बनकर आएंगे। उन पासपोर्ट को जो पता लिखा आए उन पर मत भेजना। हम दोनों को दे देना। प्रत्येक पासपोर्ट के हम 2-2 हजार रुपए देंगे। पोस्टमैन इस लालच में आ गया।

कूटरचित कागज का प्रयोग हुआ
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट आवेदन पासपोर्ट सत्यापन के लिए ऑनलाइन पासपोर्ट टैब र आते हैं। जिसकी जांच कर टैब पर ही लाइन लाइन रिपोर्ट प्रेषित की जाती है।तीनों लोगों के द्वारा पासपोर्ट आवेदन करने वाले कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर सूची में अंकित 22 पासपोर्ट आवेदनों के साथ संगन कागज कूटरचित तरह से तैयार करके प्रयोग किए गए हैं। इन दस्तावेजों के प्रयोग करने के आधार पर यह सभी पास्पोट आवेदनकर्ताओं के पासपोर्ट जारी हुए।

इन नामों के महिला और पुरुष ही नहीं मिले
11 दिसंबर 2025 को कुल 24 पासपोर्ट का एक ही पता दर्शाया गया है, मोबाइल नंबर के आधार पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार हुए। 20 दिसंबर को गाजियाबाद पुलिस ने इनकी जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि पासपोर्ट आवेदन करने वाले जो पता गांव भोजपुर का दर्शाया गया है, यह पता ही नहीं मिला। जो पता 22 पासपोर्ट में दर्शाया गया है, पुलिस की जांच में उस पते पर निवास नहीं पाया गया।

केंद्रीय बजट 2026–27 जनोन्मुखी और विकसित भारत की दिशा में अहम: पंकज चौधरी

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लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने केंद्रीय बजट 2026–27 को जनोन्मुखी बताते हुए इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कदम करार दिया है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय से जारी बयान में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किया गया यह आम बजट देश की आर्थिक मजबूती, सामाजिक संतुलन और दीर्घकालिक विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

आर्थिक विकास को नई गति देगा बजट 
पंकज चौधरी ने कहा कि बजट निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा होने के नाते वह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि बजट 2026–27 भारत के आर्थिक विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह बजट नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने, उनकी क्षमताओं को बढ़ाने, विकसित भारत के लिए दक्ष और पेशेवर युवाओं को तैयार करने तथा किसानों की आय में वृद्धि करने में निर्णायक साबित होगा।

राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण 
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवीं बार संसद में बजट प्रस्तुत करने की ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल नारी नेतृत्व की सशक्त मिसाल है, बल्कि भारत के संसदीय इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय भी है। उनके अनुसार यह बजट जन-आकांक्षाओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बीच संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

सामाजिक उत्थान की मजबूत कड़ी बनेगा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन को साकार करने वाला यह बजट गरीब, मध्यम वर्ग, महिला, युवा और वंचित वर्ग के आर्थिक व सामाजिक उत्थान की मजबूत कड़ी बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बजट में पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के विकास का भी स्पष्ट रोडमैप सामने रखा गया है। पंकज चौधरी ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

14 साल का बच्चा और मोमोज की लत! ठेले वाले को दे दिए लाखों के जेवर, बच्चे की मासूमियत ने किया परिवार को हैरान

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Deoria News: उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 14 वर्षीय किशोर को मोमोज खाने की इतनी लत लगी कि उसने अपने ही घर के लाखों रुपए के जेवर एक स्ट्रीट वेंडर (ठेले वाले) को दे दिए।

खुलासा तब हुआ जब…
मामला तब उजागर हुआ जब बच्चे की बुआ अपने मायके गई और जेवर लेने के लिए अलमारी खोली। लेकिन अलमारी में कीमती गहने गायब थे। इस पर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब बच्चे से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने सच उगला दिया। बच्चे ने कबूल किया कि उसने धीरे-धीरे अलमारी से जेवर निकाले और रामपुर कस्बे में ठेला लगाने वाले मोमोज विक्रेता को दे दिए।

मोमोज विक्रेता ने उठाया फायदा
पुलिस जांच में पता चला कि मोमोज विक्रेता ने बच्चे की मासूमियत और उसकी लत का फायदा उठाया। वह बच्चे को मोमोज खिलाता और बदले में जेवर ले लेता था। बच्चा इस बात से अनजान था कि कुछ रुपये के मोमोज के लिए वह घर को लाखों का नुकसान पहुंचा रहा है। बच्चे के पिता ने अब लिखित शिकायत पुलिस को दी है।

पुलिस जांच में जुटी
रामपुर कारखाना थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। पुलिस ने सभी पहलुओं की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मोमोज विक्रेता की तलाश कर रही है जिसने बच्चे को बहला-फुसलाकर जेवर लिए।आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होगा और चोरी किए गए गहने बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

UGC विरोध के बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की हुई बड़ी फजीहत, सवर्ण छात्रों के सवालों का नहीं दे पाए जबाव !

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यूपी डेस्क: रीवा में यूजीसी के विरोध ने शुक्रवार को उस वक्त सियासी रंग ले लिया, जब मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्रदर्शन के बीच फंसते नजर आए। श्रवण समाज के विरोध प्रदर्शन के दौरान यूजीसी को लेकर पूछे गए सीधे सवालों पर जीतू पटवारी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी और तनाव का माहौल बन गया।

दरअसल, यूजीसी के विरोध में श्रवण समाज द्वारा रीवा बंद का आवाहन किया गया था, जिसका असर पूरे शहर में देखने को मिला। बाजार बंद रहे और सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी रही। इसी दौरान रीवा पहुंचे जीतू पटवारी अचानक श्रवण समाज के प्रदर्शनकारियों के घेरे में आ गए। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी को लेकर कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग की। जवाब गोलमोल होने पर स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को संभाला, लेकिन यह घटना यूजीसी मुद्दे पर सियासी असमंजस को उजागर करती नजर आई।

UP के मदरसों पर CM योगी का बड़ा कदम! विदेशी फंडिंग की खुलेंगी परतें, अब हर लेन-देन की होगी सख्त जांच

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी मदरसों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कराने का निर्णय लिया है। इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि मदरसों को मिलने वाली फंडिंग किन स्रोतों से आ रही है, खासकर विदेशी फंडिंग की स्थिति क्या है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जांच सिर्फ संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मदरसों के संचालकों के निजी बैंक खातों की भी जांच की जा सकती है। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि मदरसों के भवन निर्माण में कितना पैसा खर्च हुआ और उस धन का वास्तविक स्रोत क्या था। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि कहीं किसी अवैध या संदिग्ध स्रोत से पैसा तो नहीं आया।

एटीएस स्तर की एसआईटी कर रही जांच
जानकारी के मुताबिक विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दें। साथ ही जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को कहा गया है कि वे खुफिया इकाइयों से इनपुट लेकर मदरसों की फंडिंग से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और निदेशालय को भेजें।

करीब 4000 मदरसे जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 4000 मदरसों में विदेशी फंडिंग होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ मामलों में यह भी देखा गया है कि कई मदरसों के पास आय का स्पष्ट स्रोत नहीं दिखता, फिर भी वे बड़े और आधुनिक भवनों में संचालित हो रहे हैं। ऐसे संस्थानों को विशेष रूप से जांच के दायरे में रखा गया है।

सरकार का बयान
यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे एटीएस की जांच में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों को किसी भी तरह की सहायता की आवश्यकता होगी, तो विभाग की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी संदिग्ध फंडिंग पर रोक लगाना है। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद का निधन, 70 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

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नेशनल डेस्क : कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद सुशीला तिरिया का रविवार शाम एम्स भुवनेश्वर में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तिरिया मयूरभंज लोकसभा सीट से दो बार सांसद चुनी गईं और दो बार राज्यसभा की सदस्य भी रहीं। परिजनों ने बताया कि तिरिया का फेफड़ों के संक्रमण को लेकर इलाज किया जा रहा था।

कांग्रेस की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने एक बयान में कहा, “मैं मयूरभंज की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यसभा एवं लोकसभा सदस्य सुशीला तिरिया के निधन के बारे में जानकर बेहद दुखी हूं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।”

कैसे हुई साध्वी प्रेम बाईसा की मौत? आ गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लेकिन…

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नेशनल डेस्कः  कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी उनकी मौत की सही वजह साफ नहीं हो पाई है। इसी वजह से पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं और मौके से मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। डॉक्टरों की शुरुआती राय के बाद इस मामले में जहर या दवाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका भी जताई जा रही है।

आंतें लाल मिलीं — क्या यह जहर का संकेत है?

पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि साध्वी की छोटी और बड़ी आंतें पूरी तरह लाल हो चुकी थीं। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में जहरीला पदार्थ जाने पर कई बार आंतों में ऐसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। हालांकि, सिर्फ इसी आधार पर मौत का कारण तय नहीं किया जा सकता। इसलिए डॉक्टरों ने विसरा (शरीर के अंदरूनी अंगों के नमूने) सुरक्षित रख लिए हैं और उन्हें फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेज दिया गया है। एफएसएल की केमिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि उनके शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं।

आश्रम के पास मिली दवाएं, बढ़े सवाल

पुलिस को पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम के पास से आस्थालीन (Asthalin) दवा के खाली रैपर मिले हैं। यह दवा आमतौर पर अस्थमा और सांस की गंभीर समस्या वाले मरीजों को दी जाती है। इससे जांच में नया मोड़ आ गया है क्योंकि आश्रम के कंपाउंडर देवी सिंह ने पुलिस को बताया था कि साध्वी को सिर्फ “मामूली जुकाम” था और इसी वजह से उसे बुलाया गया था। अब पुलिस पूछ रही है कि अगर समस्या हल्की थी, तो अस्थमा की दवाएं वहां क्यों थीं?

डेक्सोना इंजेक्शन का इस्तेमाल — क्या था खतरा?

जांच में यह भी सामने आया है कि कंपाउंडर ने साध्वी को सबसे पहले डेक्सोना (Dexona) इंजेक्शन लगाया था। यह एक स्टेरॉयड इंजेक्शन है, जो सांस की नली में सूजन कम करने और एलर्जी या गंभीर संक्रमण में दिया जाता है। कंपाउंडर ने बताया कि साध्वी पहले भी कई बार यह इंजेक्शन लगवा चुकी थीं। इससे शक पैदा हो रहा है कि क्या साध्वी लंबे समय से किसी छिपी हुई सांस की बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके बारे में सार्वजनिक तौर पर कभी बात नहीं की गई?

पुलिस किन एंगल से जांच कर रही है?

अब पुलिस कई संभावनाओं पर काम कर रही है:

  • क्या दवाओं की ओवरडोज से हालत बिगड़ी?
  • क्या गलत दवाओं का खतरनाक कॉम्बिनेशन दिया गया?
  • क्या साध्वी ने खुद कोई जहरीला पदार्थ लिया?
  • या फिर यह किसी की साजिश का नतीजा है?

इन सभी सवालों का जवाब फिलहाल एफएसएल की अंतिम रिपोर्ट पर टिका है। उसी रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह सामने आएगी।

लैपटॉप पर उंगलियां चलाता मर गया युवक! मौत के 8 घंटे बाद भी फोन पर मिलता रहा काम

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इंटरनेशनल डेस्कः चीन में 32 साल के एक प्रोग्रामर की लंबे समय तक लगातार काम करने के बाद अचानक मौत हो गई है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस युवक का नाम गाओ गुआंगहुई था। उनके परिवार का कहना है कि उनकी मौत का मुख्य कारण जरूरत से ज्यादा काम (ओवरवर्क) था। इस घटना के बाद चीन के सोशल मीडिया पर काम के दबाव और निजी जिंदगी के संतुलन को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 में प्रमोशन मिलने के बाद गाओ को टीम लीडर बनाया गया था। इसके बाद उनके लिए देर रात तक काम करना और ओवरटाइम करना आम बात हो गई थी। उनकी पत्नी ली कई बार उनसे कहती थीं कि वह समय पर घर लौटें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। ली ने भावुक होते हुए कहा, “अगर मैं समय पीछे ले जा पाती, तो मैं उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर कर देती।”

घटना कैसे हुई?

यह दुखद घटना 29 नवंबर 2025 की है। उस दिन सुबह गाओ ने उठते ही तबीयत खराब महसूस की, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने घर से ही काम करना जारी रखा। कुछ समय बाद उनकी हालत और बिगड़ गई और वह अचानक बेहोश हो गए। परिवार वाले उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने दोपहर में उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण अचानक दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) बताया गया।

मौत के बाद भी आता रहा काम का मैसेज

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गाओ की मौत के आठ घंटे बाद भी उनके फोन पर काम से जुड़ा एक मैसेज आया। इसमें उनसे तुरंत एक जरूरी निरीक्षण (urgent inspection) करने के लिए कहा गया था। इस घटना ने चीन में काम के अत्यधिक दबाव वाले माहौल पर भारी गुस्सा पैदा कर दिया है।

चीन में ‘ओवरवर्क कल्चर’ पर बहस तेज

इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नौकरी इंसान की जान से ज्यादा जरूरी है? कई लोगों ने कहा कि कंपनियां कर्मचारियों से अमानवीय तरीके से काम लेती हैं। हालांकि, चीन के श्रम कानून के अनुसार किसी कर्मचारी को दिन में 8 घंटे और सप्ताह में 44 घंटे से ज्यादा काम नहीं करना चाहिए, लेकिन व्यवहार में कई कंपनियां इससे कहीं अधिक काम करवाती हैं। यह घटना चीन के ‘996 कल्चर’ (सुबह 9 से रात 9, हफ्ते में 6 दिन) पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है और काम व निजी जीवन के संतुलन पर नई चर्चा छेड़ती है।