Friday, February 13, 2026
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सिरकटा लेकिन कई महीने रहा जिंदा… इस मुर्गे ने दी मौत को मात, 80 साल पुरानी कहानी कर देगी हैरान!

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इंटरनेशनल डेस्क। यह कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं लगती। 80 साल पहले अमेरिका के कोलोराडो में एक किसान ने एक मुर्गे का सिर काट दिया लेकिन वह मरा नहीं बल्कि बिना सिर के वह पूरे 18 महीने तक जिंदा रहा। इस मुर्गे को ‘माइक द हेडलेस चिकन’ के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं क्या है इस अनोखी घटना के पीछे का विज्ञान।

कैसे हुई घटना?

10 सितंबर 1945 को किसान लॉयड ऑलसेन अपने फार्म पर मुर्गियां काट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक मुर्गे का सिर काट दिया लेकिन वह मुर्गा मरा नहीं बल्कि भागने लगा। लॉयड अगली सुबह जब जागे तो हैरान रह गए क्योंकि मुर्गा अब भी जिंदा था।

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लॉयड ने इस मुर्गे को एक डिब्बे में रखा और उसका नाम ‘माइक’ रख दिया। जल्द ही पूरे इलाके में इस बिना सिर वाले मुर्गे की कहानी फैल गई। इसके बाद एक साइडशो प्रमोटर होप वेड ने लॉयड से संपर्क किया और माइक को सर्कस में दिखाने का प्रस्ताव दिया। लॉयड और उनकी पत्नी क्लारा ने माइक को लेकर अमेरिका का दौरा किया और इससे खूब पैसे कमाए।

ऐसे जिंदा रहा माइक

➤ भोजन और देखभाल: लॉयड माइक को ड्रॉपर की मदद से तरल भोजन और पानी सीधे उसकी ग्रासनली में देते थे। इसके अलावा वह सिरिंज से उसके गले से बलगम भी साफ करते थे।

➤ मौत: 18 महीने बाद एक रात माइक का दम घुट गया क्योंकि लॉयड अपनी सिरिंज भूल गए थे।

क्या कहता है विज्ञान?

वैज्ञानिकों के लिए भी यह एक रहस्य था। न्यूकैसल विश्वविद्यालय के मुर्गी विशेषज्ञ डॉ. टॉम स्मल्डर्स के अनुसार पक्षियों का अधिकांश मस्तिष्क सिर के आगे नहीं बल्कि रीढ़ की हड्डी के पास होता है।

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➤ माइक का मस्तिष्क: जब कुल्हाड़ी से वार किया गया तो माइक की चोंच, आँखें और चेहरा कट गया लेकिन उसके मस्तिष्क का लगभग 80% हिस्सा बच गया। यही हिस्सा उसके हृदय गति, सांस लेने, भूख और पाचन तंत्र को नियंत्रित करता था।

➤ रीढ़ की हड्डी का कमाल: स्मल्डर्स बताते हैं कि मुर्गे के सिर काटने से भले ही मस्तिष्क का ऊपरी हिस्सा अलग हो गया हो लेकिन रीढ़ की हड्डी के सर्किट में बची हुई ऑक्सीजन की वजह से शरीर कुछ समय तक खुद ही काम करता रहा।

यह घटना आज भी विज्ञान और कुदरत की अनूठी मिसाल है जो हमें हैरान करती है।

संजय लीला भंसाली को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित

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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। संजय लीला भंसाली वास्तव में भारतीय सिनेमा के सर्वश्रेष्ठ फिल्म निर्माताओं में से एक हैं। उन्हें राज कपूर, के. आसिफ और गुरुदत्त जैसे दिग्गजों के समकक्ष माना जाता है। अपनी फिल्मों के माध्यम से, उन्होंने भारतीय कहानियों को सबसे प्रामाणिक भारतीय शैली में रचने का एक मानक स्थापित किया है। भारतीय मनोरंजन जगत में उनका एक अलग ही महत्व है, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर पहुँचाया है। अपनी उल्लेखनीय फिल्मों से भारतीय सिनेमा में अभूतपूर्व योगदान देने के साथ ही, अब उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

संजय लीला भंसाली को फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में उनके समग्र योगदान के लिए मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार, वर्ष 2025 से सम्मानित किया जाएगा। हालाँकि भंसाली पहले ही राष्ट्रीय पुरस्कारों और कई अन्य प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं, यह उनके लिए एक और उपलब्धि है, और अपनी अद्वितीय कहानी कहने की कला के माध्यम से भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए वे इसके सच्चे हकदार हैं।

राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार 13 अक्टूबर को खंडवा में प्रदान किया जाएगा। मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग ने उत्कृष्टता और सृजनात्मकता को सम्मानित करने की अपनी सुस्थापित परंपरा का पालन करते हुए सिनेमा के क्षेत्र में निर्देशन, अभिनय, पटकथा और गीत लेखन के लिए प्रतिवर्ष राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार की शुरुआत की है। यह पुरस्कार उत्कृष्टता, दीर्घकालीन अभ्यास और सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि के आधार पर दिया जाता है।

इसके अलावा, संजय लीला भंसाली की अगली फिल्म “लव एंड वॉर” के लिए भी बेसब्री बढ़ रही है। इस फिल्म में संजय लीला भंसाली और रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की प्रतिभाशाली तिकड़ी के शानदार सहयोग को बड़े पर्दे पर देखने का बेसब्री से इंतज़ार है। यह फिल्म 20 मार्च, 2026 को रिलीज़ होगी।

रक्षाबंधन से एक दिन पहले बड़ा हादसा, बाराबंकी में रोडवेज बस पर गिरा पेड़, पांच लोगों की मौत

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बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लगातार हो रही बारिश के बीच जिला मुख्यालय से नौ किलोमीटर दूर हैदरगढ़ मार्ग पर रोडवेज की अनुबंधित बस पर पेड़ गिर गया। इस हादसे में चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। एक महिला की पहचान शहर के मोहल्ला गुलरिया गार्दा की निवासी शिक्षा मेहरोत्रा (53) के रूप में हुई है। बाकी की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। तीन अन्य महिलाओं की आयु 40 से 45 साल के मध्य बताई जा रही है। बस में करीब 40 लोग सवार थे। पेड़ काटकर लोगों को निकाला गया। हादसे के बाद कई यात्री खिड़की से कूदकर निकले। बारिश के दौरान हुए हादसे के कारण राहत व बचाव कार्य में देर हो रही है।

 बाराबंकी से हैदरगढ़ जा रही थी बस
पुलिस सूत्रों के अनुसार रोडवेज बस सवारियां लेकर बाराबंकी से हैदरगढ़ जा रही बस पर करीब साढ़े 10 बजे राजा बाजार के पास पेड़ गिर पड़ा। पेड़ इतनी तेज गिरा कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बीच में पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। बस के अंदर फंसे लोगों की चीखपुकार दिल को दहला देने वाली थी। स्थानीय नागरिकों पर पुलिस की सहायता से बस में फंसे लोगों को बाहर निकल गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अवधेश कुमार यादव ने बताया कि हादसे में चार महिला व एक ड्राइवर सहित कुल पांच की मौत हुई है। एक महिला की पहचान हो गई है जबकि अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

बाराबंकी में बस हादसे से योगी दुखी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में हुये सड़क हादसे में जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया ‘‘ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद बाराबंकी में सड़क हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।

 सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत बचाव के निर्देश
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। गौरतलब है कि बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में आज सुबह रोडवेज की अनुबंधित बस पर पेड़ गिरने से पांच लोगों की मौत हो गयी थी।

घर से भागी दो बहनें…पति-पत्नी बनकर वापस लौटीं, बेटी को दूल्हे के ड्रेस में देखकर घरवालों ने पकड़ लिया माथा

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मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, यहां पर दो चचेरी बहनें अचानक से लापता हो गई। कुछ दिन बाद खुद ही दोनों वापस लौट आई और थाने पहुंच गई। जहां उन्होंने बताया कि वह दोनों एक साथ रहना चाहती हैं और शादी कर ली है।

मीडिया के अनुसार, एक लड़की के पिता ने IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पिता ने आरोप लगाया था कि बेटी को मुजफ्फरनगर के तितावी गांव में रहने वाला उसका चचेरा भाई बहला-फुसलाकर भगा के ले गया है। उन्हें यह भी शक था उनकी बेटी को कहीं बेच दिया होगा। शिकायत लखनऊ थाने पहुंची तो जांच शुरू हुई, पुलिस ने लापता लड़की से संपर्क कर थाने बुलाया और सुरक्षा का वादा किया।

शादी करने के बाद लौटी युवतियां
शादी करने के बाद दोनों लड़कियां 7 अगस्त को वापस आई और पुलिस स्टेशन पहुंच गई। इस एक दूल्हे के ड्रेस में थी और दूसरी की मांग में सिंदूर लगा हुआ था। उनके साथ वहां पर परिजन भी मौजूद थे। परिजनों और पुलिस के सामने दोनों ने कहा कि हम डेढ़ साल से एक-दूसरे से प्यार करते हैं, रिलेशनशिप में हैं और भविष्य में एकसाथ रहना चाहती हैं। हमने जिंदगी भर साथ रहने का फैसला किया है और मंदिर में शादी कर ली है।

वृंदावन की विधवा माताएँ रक्षाबंधन पर PM मोदी को भेंट करेंगी 1001 हस्तनिर्मित राखियाँ और मिठाई करेंगी भेंट

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Mathura News,(मदन सास्वत): वृन्दावन में भक्ति, गरिमा और सामाजिक परिवर्तन की एक मार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, वृंदावन की बुजुर्ग विधवाओं का एक समूह इस रक्षाबंधन पर नई दिल्ली जाएगा,  जहाँ वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें 1001 विशेष रूप से हस्तनिर्मित राखियाँ और मिठाइयाँ भेंट करेंगी।

ये अनोखी राखियाँ वृंदावन के माँ शारदा और अन्य आश्रमों में रहने वाली विधवाओं द्वारा प्रेमपूर्वक तैयार की गई हैं। ये आश्रम सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित विधवा कल्याण कार्यक्रम का हिस्सा हैं। प्रत्येक राखी को भगवान राम, भगवान कृष्ण और प्रधानमंत्री की छवियों से सजाया गया है जो आध्यात्मिक जुड़ाव और व्यक्तिगत स्नेह का प्रतीक है। इन आश्रमों की महिलाएँ पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री को राखी बाँध रही हैं।

इस पहल के बारे में सुलभ इंटरनेशनल के अध्यक्ष कुमार दिलीप ने कहा, “हमारी चार माताएँ दिल्ली जाएँगी और प्रधानमंत्री को स्वयं राखियाँ और मिठाइयाँ भेंट करेंगी। यह सुलभ द्वारा पोषित उस भावनात्मक यात्रा का एक और पड़ाव है, जिसमें हमारी विधवा माताएँ गरिमा और आनंद के साथ रक्षाबंधन मनाती हैं।जिसमे हमको आकर और माताओं के साथ त्यौहार मनाने में अत्यंत सुखद अनुभूति हुई है इस पहल की शुरुआत सुलभ आंदोलन के दूरदर्शी संस्थापक, स्वर्गीय डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने की थी, जिनका उद्देश्य विधवाओं को होली, दिवाली और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में सम्मिलित कर सामाजिक बहिष्कार समाप्त करना था।

इस दल में लगभग 70 वर्षीय चाबी शर्मा समेत तीन अन्य महिलाएँ बहुत उत्साहित हैं कि वे प्रधानमंत्री के निवास पर जाएँगी। वहीं 81 वर्षीय मनु घोष, जो पूर्व में प्रधानमंत्री को राखी बाँध चुकी हैं, ने कहा, “भले ही इस बार मैं यात्रा न कर सकूँ, लेकिन मोदी जी के लिए राखियाँ बनाकर मुझे बेहद खुशी और उत्साह मिल रहा है। ये सारी राखियाँ हमारे मोदी भैया के लिए प्रेम से भरी हैं,” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा।

 

Auraiya News: दो सड़क हादसों में किशोर और युवक की गई जान

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फफूंद। कस्बे में गुरुवार को हुए दो सड़क हादसों में एक किशोर समेत दो की जान चली गई। हादसे से दोनों परिवारों में त्योहार की खुशियां गम में बदल गईं। किशोर के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव ले गए।कस्बा के मोहल्ला ऊंचा टीला निवासी जितेंद्र कुमार राठौर का बेटा आशीष (17) गुरुवार रात 10 बजे बाइक से अजीतमल के गांव मुरादगंज जाने की बात कहकर घर से निकला था।औरैया रोड स्थित मोड़ पर पहुंचते ही उसकी बाइक अचानक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। इससे किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की पूछताछ के दौरान परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।

दूसरी घटना वहां से करीब 50 मीटर दूर कूड़ा डंपिंग जोन के पास देर रात करीब साढ़े 10 बजे हुई। यहां कस्बे के मोहल्ला भराव निवासी भगवानदास दिवाकर का बेटा जितेंद्र दिवाकर (20) भोजन करने के बाद सड़क पर टहल रहा था। तभी किसी वाहन ने पीछे से उसे टक्कर मार दी। जिससे वह उछलकर सड़क पर गिर गया।

वहां गश्त करने आ रही पुलिस ने युवक को सीएचसी दिबियापुर में भर्ती कराया। वहां से उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज फिर वहां से सैफई रेफर कर दिया गया। देर रात उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई।
थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश पाल ने बताया कि किशोर के परिजनों की तरफ से कोई सूचना नहीं दी गई। युवक का पोस्टमार्टम सैफई में हो रहा है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
चार साल पहले आशीष की बहन की नदी में डूबने से हुई थी मौत

औरैया। आशीष के पिता कस्बे में किराने की दुकान किए हैं। आशीष इसमें हाथ बंटाता था। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। सबसे छोटी बहन चार वर्ष पहले अयाना के फरिया गांव स्थित ननिहाल गई थी। वहां यमुना नदी में नहाने के दौरान डूबने से उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। (संवाद)

भाई के लिए खरीदी थी राखी, जितेंद्र का शव देख चीख पड़ी बहन
औरैया। गुरुवार देर रात सड़क हादसे में जितेंद्र की मौत हो गई थी। वह तीन भाई दो बहनों में चौथे नंबर का था। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। दोनों भाई बाहर रहकर नौकरी करते हैं। जानकारी के बाद दोनों भाई घर के लिए निकल पड़े। मौत की सूचना पर बहन राखी सैफई अस्पताल पहुंची। वह भाई का शव देख चीख पड़ी। रक्षाबंधन को लेकर उसने भाई के लिए राखी खरीदी थी। मौत के बाद बहन के अरमान धरे के धरे रह गए।

Raksha Bandhan: UP में रोडवेज बसों में यात्रा फ्री, उमड़ी महिलाओं की भीड़; धक्का-मुक्की और झड़प के बीच हुआ सफर

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रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में फ्री यात्रा की सुविधा दी गई है। इसके चलते बसों में भयंकर भीड़ उमड़ पड़ी। लखनऊ के आलमबाग, कमता, कैसरबाग, चारबाग बस अड्डों से रवाना होने वाली हर बस फुल रही। यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। बस में प्रवेश के लिए महिलाओं को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
शुक्रवार की सुबह से शुरू हुई रोडवेज बसों में फ्री बस यात्रा का लाभ उठाने के लिए महिलाएं पहुंची। रक्षाबंधन से पूर्व महिलाएं सीतापुर, लखीमपुर, हरदोई, गोरखपुर, बस्ती सहित कई जिलों के लिए रवाना होने लगीं। कमता बस अड्डे की स्थिति यह रही कि बस के आते ही प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों की मशक्कत शुरू हो जाती। बस आई, प्लेटफॉर्म पर लगने से पहले ही फुल हो गई। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रोडवेजकर्मियों ने मोर्चा संभाला। कमता बस अड्डे की तरह कैसरबाग, आलमबाग व चारबाग बस अड्डों पर भी भीड़ रही। इस बार महिला के साथ पुरुष अटेंडेंट को भी फ्री सुविधा मिलने के कारण ही भीड़ ज्यादा रही। ऐसे में बस में सीट पाने के लिए लोगों को धक्का-मुक्की तक करनी पड़ी। सीट पर कब्जा के लिए यात्रियों में कई बार झड़प भी हुई। आलमबाग बस अड्डा पर दोपहर पौने एक बजे आजमगढ़ जाने के लिए बस के आते ही यात्रियों का रेला उमड़ पड़ा। मिनटों में ही बस फुल हो गई। जिसे सीट नहीं मिली, वह मायूस हो गया। इतना ही नहीं एसी बसों तक में यात्रियों की भीड़ रही।

आगरा की एसी बस हुई लेट, रिजर्वेशन वाले यात्री परेशान

आलमबाग बस अड्डे पर आगरा के लिए चलने वाली जनरथ बस को दोपहर दो बजे रवाना होना था, लेकिन बस नहीं आई। अचानक बस को कैंसिल कर दिया गया, ऐसी सूचना से यात्री परेशान हो गए। लेकिन बस एक घंटे देरी से आई, इस पर रिजर्वेशन कराकर सफर करने वाले सीटों तक नहीं पहुंच पाए। महिलाओं व उनके साथ सहयात्रियों की धक्का-मुक्की से असुविधाएं हुईं।
Raksha Bandhan 2025: Travel in roadways buses is free in UP crowd of women gathered had to travel standing

900 बसों को ड्यूटी पर लगाया

रोडवेज के लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों को बस यात्रा में कोई परेशानी न उठानी पड़े, इसके लिए व्यवस्थाएं चाकचौबंद की गईं। बस अड्डों पर कर्मचारियों व अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। सभी बस डिपो के एआरएम और अन्य अधिकारियों को विशेष हिदायतें दी गई थीं कि बसों को सिस्टम से लगवाते रहें, यात्रियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखें। लखनऊ परिक्षेत्र की तरफ से 900 से अधिक बसें लगाई गई थीं।
Raksha Bandhan 2025: Travel in roadways buses is free in UP crowd of women gathered had to travel standing

ट्रेनों में खिड़कियों से सीटों तक पहुंचे यात्री

चारबाग, लखनऊ जंक्शन सहित शहर के रेलवे स्टेशनों पर शुक्रवार को खासी भीड़ रही। लखनऊ से गोरखपुर, दिल्ली, प्रयागराज, मुंबई जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों ने खिड़कियों से बोगियों में प्रवेश किया। रेलवे स्टेशनों पर भी काफी भीड़ रही। हालांकि स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाला।

UP Weather : फिलहाल जोरदार बारिश से राहत के आसार नहीं, आज प्रदेश के 30 जिलों में भारी बरसात का यलो अलर्ट

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उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी मानसूनी बारिश लगातार जारी है। प्रयागराज, वाराणसी, बदायूं, उन्नाव, कानपुर समेत उत्तर से दक्षिण तक प्रदेश के लगभग 24 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग की मानें तो बारिश से फिलहाल एक हफ्ते राहत की उम्मीद नहीं है। बंगाल की खाड़ी में उठी हलचल और उत्तरी उड़ीसा में चक्रवाती परिसंचरण के असर से 11 अगस्त से दोबारा प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश का दौर शुरू होने के संकेत हैं।

शुक्रवार को गोंडा, बहराइच, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, अयोध्या आदि जिलों में घनघोर बारिश देखने को मिली। गोंडा में सर्वाधिक 210 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। वहीं अयोध्या में 170 मिमी, बहराइच और सुल्तानपुर में 160 मिमी बारिश हुई। 9 व 10 अगस्त को पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश के आसार हैं। शनिवार को प्रदेश के 30 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं 40 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना है।

उत्तरी पंजाब में उठा पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर से ला रहा नमी
आंचलिक माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और उत्तरी उड़ीसा में चक्रवाती परिसंचरण और उत्तरी पंजाब में बने नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से यूपी में 11 अगस्त के बाद मानसूनी बारिश दोबारा जोर पकड़ेगी। उत्तरी पंजाब में उठा पश्चिमी विक्षोभ यूपी की ओर बढ़ रहा और अरब सागर से पर्याप्त मात्रा में नमी ला रहा है।

यहां है भारी बारिश की संभावना
बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, फरुखाबाद, कत्रौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, विजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, महोबा, ललितपुर एवं आसपास के इलाकों में।

Live Raksha Bandhan 2025 Live: रक्षाबंधन आज, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त साथ ही भद्रा और राहुकाल का समय

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Raksha Bandhan 2025 Shubh Muhurat, Bhadra Kaal Time: आज रक्षाबंधन का पावन पर्व देशभर में मनाया जा रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व होता है और यह हर वर्ष श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। रक्षाबंधन पर भद्राकाल का विशेष ध्यान दिया जाता है,लेकिन इस वर्ष न तो भद्राकाल का साया रहेगा और न ही पंचक का। हिंदू पंचांग के अनुसार आज रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए पूरे 7 घंटे और 37 मिनट का समय मिलेगा।

Auraiya News: ‘पंचायत एडवांस इंडेक्स’ पर दिखेगी प्रत्येक गांव की कुंडली

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औरैया। गांव कितना समृद्ध हुआ है और किस हद तक बदहाली है। अब प्रत्येक गांव की यह कुंडली ‘पंचायत एडवांस इंडेक्स’ पर नजर आएगी। एक एक ग्रामीण का ब्योरा इस पीएआई पोर्टल पर नजर आएगा। यह सब जानकारी पोर्टल में समाहित करने के लिए पंचायती राज विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक पंचायत के सचिव इसे ब्योरा को जुटाएंगे। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। इस योजना के तहत जल्द ही जिले में प्रशिक्षण शुरू हो जाएंगे। शासन स्तर से इसे लेकर हरी झंडी मिल गई है।

जिले की 477 ग्राम पंचायतों में कितना विकास हुआ है। किन मामलों को लेकर गांवों में खामियां है। कितने लोग कर्जदार हैं। किस योजना के तहत लोग लाभान्वित हुए हैं। और कौन सी योजना के पात्र अभी भी वंंचित है। इन तथ्यों के साथ-साथ कितने लोगों पर मुकदमे हैं। कितने अपराधी है। सामाजिक तानाबाना कितना मजबूत है। करीब 100 मानकों के तरह प्रत्येक पंचायत का डेटा पंचायत एडवांस इंडेक्स पर जुटाया जाना है। इस पोर्टल पर यह डेटा नजर आने पर वहां की सुख समृद्धि से लेकर तमाम बिंदु सामने आ जाया करेंगे।

गांव की प्रत्येक बिंदु पर स्थिति का आकलन इस पोर्टल से लगाया जा सकेगा। यहां पर पुरस्कृत होने वाली पंचायतों का आकलन भी इसी पोर्टल से किया जाएगा। इस पोर्टल से जुटे आंकड़ों से वो गांव भी साफ-साफ नजर आएंगे, जहां पर विकास कराने की अहम जरूरत है। इसके आधार पर अधिकारी अपनी प्राथमिकता भी तय कर सकेंगे। पीएआई पोर्टल पर यह जानकारी जुटाने के लिए पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी मिली है। उनके इस काम में पंचायत सहायक व रोजगार सेवक मदद करेंगे। विभाग ने इन कर्मियों के प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी है।

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पोर्टल पर ऐसे पुख्ता बनेगा डेटा
पीएआई पोर्टल पर प्रत्येक गांव की जानकारी जुटाई जाएगी। यह जानकारी कितनी सत्य है। इसके लिए पंचायत से जुटाया गया डेटा संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। जहां से हरी झंडी मिलने के बाद ही उस जानकारी को ओके किया जाएगा।

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बोले जिम्मेदार—
‘पीएआई पोर्टल के जरिये पंचायत एडवांस इंडेक्स तैयार किया जा रहा है। इससे प्रत्येक पंचायत की सुख समृद्धि से लेकर तमाम बिंदुओं को देखा जा सकेगा। वृद्ध स्तर पर गांव का डेटा इसमें नजर आएगा। गांवों का आकलन करने में आसानी होगी। जानकारी जुटाने के लिए जल्द ही प्रशिक्षण शुरू किए जाएंगे।’
-श्रीकांत यादव, डीपीआरओ