Friday, May 8, 2026
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Etawah News: डामर की किल्लत से 117 सड़कों का निर्माण लटका

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इटावा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव के बीच कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की आपूर्ति पर पड़ा असर अब जनपद के विकास कार्यों पर भी दिखने लगा है। डामर (बिटुमिन) की भारी किल्लत के चलते जिले में 117 सड़कों का निर्माण कार्य पूरी तरह से अधर में है। स्थिति यह है कि एक महीने से डामर की आपूर्ति ठप है और इसके दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं।
लोक निर्माण विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद के चारों परिक्षत्रों में 117 सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इसके लिए पांच करोड़ 79 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। इनमें कई जिला और ग्रामीण मार्ग शामिल हैं और इनकी टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है लेकिन डामर की आपूर्ति न होने से निर्माण कार्य ठप पड़ा है।

Kanpur: फंदे पर लटका मिला होम्योपैथिक डॉक्टर के बेटे का शव, परिजनों में मचा कोहराम

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Kanpur News: होम्योपैथिक डॉक्टर के बेटे ने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।

चकेरी थाना क्षेत्र के विराट नगर में रविवार देर शाम होम्योपैथिक डॉक्टर के बेटे का शव फंदे पर लटका मिला। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं आत्महत्या की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। विराट नगर निवासी होम्योपैथिक डॉक्टर प्रभात के बेटे देवांश राजवंश कुशवाहा (21) प्राइवेट कॉलेज से इंटर की पढ़ाई कर रहा था।बड़े भाई अक्षांश राजवंश, जो दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, के मुताबिक रविवार शाम करीब सात बजे देवांश अपने कमरे में था। तभी मां पूनम ने उसे मोमोज खाने के लिए बुलाया। देवांश नीचे आया, मोमोज लिया और वापस कमरे में चला गया। बताया गया कि करीब 7:51 बजे मां किसी काम से कमरे में पहुंचीं तो देवांश का शव नायलॉन की रस्सी के सहारे लटका मिला।

यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। घटना के समय कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के अनुसार देवांश को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं थी, ऐसे में उसका यह कदम उठाना सभी के लिए हैरान करने वाला है। चकेरी थाना प्रभारी अजय मिश्रा के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। 

झपकी बनी काल: जालौन में भीषण सड़क हादसा, आठ की मौत; दो गंभीर रूप से घायल

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जालौन जनपद के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मृतकों की संख्या आठ हो गई है।, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है। उरई से गंभीर हालत में कानपुर रेफर किए गए शिवानंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसा जोल्हुपुर मोड़ के पास हुआ, जहां अयोध्या से उरई लौट रही एक कार चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से जा भिड़ी। इस दर्दनाक हादसे से क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, ललितपुर जनपद के महरौनी निवासी शशिकांत तिवारी अपने परिजनों के साथ अयोध्या दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद सभी लोग कार से वापस लौट रहे थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे जैसे ही उनकी कार कालपी क्षेत्र के जोल्हुपुर मोड़ के पास पहुंची, चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सामने चल रहे वाहन से टकरा गया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं, उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ घायल करीब एक घंटे तक कार के केबिन में फंसे रहे, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।

Horrific Road Accident in Jalaun; Eight Dead, two Critically Injured
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
कार में कुल 10 लोग सवार थे, जिनमें शशिकांत तिवारी, कृष्णकांत, दीपक तिवारी, हरिमोहन तिवारी, भूषण तिवारी, अंशुल तिवारी, स्वामी प्रसाद तिवारी, मनोज और देशराज शामिल बताए जा रहे हैं। सभी एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कालपी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

10 मिनट तक मेडिकल कॉलेज के बाहर तड़पते रहे मरीज 
घायलों को लेकर एम्बुलेंस मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर पहुंची, लेकिन मरीज को उतारने के लिए वहां पर कोई भी वार्ड बॉय नहीं नहीं था। हालत यह रही कि मरीज 10 मिनट तक एंबुलेंस में ही तड़पते रहे इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह मरीजों को बाहर निकाला और इमरजेंसी के अंदर पहुंचा जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

Weather in UP: सुबह नौ बजे छाया घना अंधेरा, तेज हवाओं के साथ बारिश ने यूपी में बदला मौसम, तस्वीरें

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यूपी में मौसम अचानक बदल गया। सोमवार की सुबह राजधानी लखनऊ अंधेरे में डूब गई और तेज हवाएं चलने के साथ ही बारिश होने लगी।

राजधानी लखनऊ सहित यूपी के कई जिलों में सोमवार की सुबह करीब नौ बजे मौसम अचानक बदल गया। आसमान में काले बादल छा गए। हाल ये हो गया कि हर तरफ अंधेरा छा गया। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने लगीं और बारिश होने लगी।


इस दौरान ऑफिस जाने के लिए घरों से निकले लोगों को अपने वाहनों की लाइटें जलानी पड़ीं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिन के लिए प्रदेश में बूंदाबांदी, आंधी और ओलावृष्टि की भविष्यवाणी की है।

कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे शाम से आठ बजे हों। घरों से ऑफिस के लिए निकले लोगों को खास मुश्किल हुई।

प्रदेश में संभावित खराब मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। आंधी, तेज हवाओं और बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

मौसम विभाग की दी गई चेतावनी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं होंगी। अगले चार-पांच दिनों तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है।

इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे के पास तेज आंधी में कार पर गिरा पेड़।

कल्याणपुर में मैकाले रोड पर सीवर लाइन के मेनहोल से ओवरफ्लो होकर निकलता बरसात का पानी।

कल्याणपुर गैस गोदाम वाली सड़क मामूली बारिश में ही तालाब बन गई।

बाराबंकी जिले में सोमवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली और दिन चढ़ने के साथ ही मानो शाम उतर आई। सुबह करीब 8:30 बजे के बाद आसमान पर काले घने बादल इस तरह छा गए कि चारों ओर अंधेरा पसर गया। देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसने शहर से लेकर गांव तक अफरातफरी का माहौल बना दिया।
Weather in UP: The capital was plunged into darkness at 9 am, the roads were dark, the weather suddenly change
बारिश के साथ तेज गरज-चमक ने लोगों को सहमा दिया। हालात ऐसे बन गए कि दिन में ही घरों और दुकानों में दोबारा बल्ब जलाने पड़े। सड़कों पर चल रहे लोग अचानक बदले मौसम से बचने के लिए इधर-उधर शरण लेते नजर आए। बाजारों में भी रफ्तार थम गई और खुले में काम कर रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
श्रावस्ती: तराई में बदला मौसम का मिजाज, तेज हवा के साथ बादलों की दस्तक
तराई में मौसम की उठापटक का दौर लगातार जारी है। सुबह से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल रही है। वहीं 9 बजे के बाद काले घने बादलों ने दस्तक दी है। बादलों को देख किसानों को बेचैनी बढ़ गई है। किसान खेत में पड़ी अपनी फसल और भूसे आदि को समेटने में जुट गए हैं। हालांकि अभी बारिश शुरू नहीं हुई है।
बलरामपुर: आंधी-बारिश से भारी नुकसान, पेड़ गिरने से एंबुलेंस हादसे का शिकार
तेज आंधी और हवाओं के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने नगर सहित ग्रामीण इलाकों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। आंधी के चलते दर्जनों पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो गया। तेज हवाओं के कारण विद्युत पोल और तार टूट गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। आपूर्ति बहाल करने के लिए विद्युत विभाग के कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।
इसी बीच एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला से मरीज को लाने जा रही एंबुलेंस पर अचानक पेड़ गिर गया। हादसे में एंबुलेंस चालक रामदीन और सहायक प्रभात यादव फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया। बारिश और आंधी से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, वहीं प्रशासन द्वारा राहत और बहाली कार्य तेज कर दिए गए हैं।
गोंडा: मई में कांपे लोग, आंधी-तूफान ने दिलाई सर्दी की याद
सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को अचानक ठंड का एहसास होने लगा। जहां कुछ दिन पहले तक तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं अब यह गिरकर करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
तेज हवाओं और झमाझम बारिश के चलते वातावरण में ठंडक घुल गई, जिससे लोगों को गर्मी में भी ठिठुरन महसूस होने लगी। मई के महीने में इस तरह का मौसम बदलाव लोगों के लिए हैरानी भरा रहा। मौसम में आए इस अचानक परिवर्तन से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों और आमजन के बीच मौसम को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी प्रभावों के कारण संभव हुआ है।
सुल्तानपुर: अचानक बदला मौसम, आंधी-बारिश से शहर बेहाल
सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से शहर में जनजीवन प्रभावित हो गया। कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाजारों और सड़कों पर पानी भरने से यातायात धीमा पड़ गया। अचानक आई बारिश के कारण लोग जहां थे, वहीं फंस गए और भीगते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचे। गर्मी से जरूर राहत मिली, लेकिन जलभराव ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी।
अयोध्या: तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश, दिन में छाया अंधेरा
राम नगरी में सोमवार सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर ही अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसमान में घने बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटकर गिर गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी आंधी-तूफान का असर देखने को मिला। अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के चलते जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने आगे भी ऐसे ही मौसम बने रहने के संकेत दिए हैं।

UP: दिल्ली से लखनऊ आ रही उड़ान भोपाल डायवर्ट, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक-केशव प्रसाद मौये थे विमान में; जानें वजह

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खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण दिल्ली में हवाई यातायात प्रभावित हुआ, जिससे 15 उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों फ्लाइटें प्रभावित रहीं। यात्रियों को काफी परेशानी हुई, हालांकि मौसम सुधरने पर सभी उड़ानों को उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

दिल्ली में खराब मैासम के चलते रविवार रात से लेकर सोमवार सुबह तक 15 विमानों को लखनऊ डायवर्ट किया गया। इसी बीच दिल्ली से लखनऊ आ रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व केशव प्रसाद मैार्य की फ्लाइट भी लैंड नहीं हो सकी। विमान को भोपाल डायवर्ट कर दिया गया। मैासम सामान्य होने पर दोपहर करीब साढ़े बारह बजे विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड हो सके।मैासम में बदलाव के चलते अमैासी एयरपोर्ट पर बीती रात से लेकर सोमवार सुबह तक विमानों का जमावड़ा हो गया। करीब डेढ़ दर्जन विमानों को डायवर्ट कर लखनऊ में उतारा गया। इतना ही नहीं दिल्ली से भोपाल जाने वाली इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान संख्या 6ई-6476 से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मैार्य व ब्रजेश पाठक लखनऊ आ रहे थे। यह विमान सुबह 7:16 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुआ। विमान जब लखनऊ पहुंचा तो खराब मैासम के चलते लैंड नहीं कर सका। पायलट ने लैंडिंग के लिए तीन बार प्रयास किए, लेकिन उसकी कोशिशें सफल नहीं हुईं।

इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर एटीसी से अनुमति मिलने पर विमान को भोपाल डायवर्ट कर दिया गया। करीब 2:26 घंटे की देरी से सुबह 10:26 बजे भोपाल एयरपोर्ट लैंड हुआ। सूत्रों के अनुसार मैासम सामान्य होने के बाद विमान को वापस लखनऊ लाया गया। दोपहर करीब 12:30 बजे विमान दोनों मुख्यमंत्रियों को लेकर लखनऊ में लैंड हुआ।

 

तीन अंतरराष्ट्रीय, 12 घरेलू विमान लखनऊ में उतरे

दिल्ली में खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित 15 विमान लखनऊ डायवर्ट किए गए। काठमांडू से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की एआई-212, मस्कट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की आईएक्स-164 व फुकेट से जाने वाली इंडिगो की 6ई-1082 लखनऊ डायवर्ट की गईं।

जबकि घरेलू उड़ानों में औरंगाबाद से जाने वाली इंडिगो की 6ई-6257, मुंबई से जाने वाली एयर इंडिया की एआई-2986, कोयंबटूर से जाने वाली इंडिगो की 6ई-2409, गुवाहाटी से जाने वाली आईएक्स-1042, हैदराबाद से जाने वाली एसजी-902 व 6ई-6025, जयपुर से जाने वाली इंडिगो की 6ई-663, 6ई-2376 व 6ई-101 एवं एयर इंडिया की एआई-895, बंगलुरु से जाने वाली इंडिगो 6ई-839 लखनऊ डायवर्ट की गई।

लखनऊ आने वाले विमान हवा में काटते रहे चक्कर

इसके अतिरिक्त खराब मैासम के चलते दिल्ली, हैदराबाद व चंडीगढ़ से लखनऊ आने वाली उड़ानों को भी लैंडिंग में दुविधाएं हुईं। विमानों में हवा में कई चक्कर काटने पड़े। मैासम ठीक होने पर लैंडिंग हुई। इंडिगो एयरलाइंस का दिल्ली से लखनऊ आने वाली 6ई-6476 को भोपाल डायवर्ट कर दिया गया, लेकिन हैदराबाद से लखनऊ आने वाली 6ई-179 व चंडीगढ़ से आने वाली 6ई-146 को हवा में कई चक्कर काटने पड़े, जिसके बाद लैंडिंग हो सकी।

ईस्ट एप्रन तैयार, रात में भी हाल्ट कर सकेंगे विमान

लखनऊ एयरपोर्ट पर ईस्ट एप्रन बनाया गया है। इस एप्रन के बन जाने से विमानों की पार्किंग आसान हो गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि इसकी उपलब्धता के कारण ही नियमित ट्रैफिक को प्रभावित किए बगैर 15 अतिरिक्त विमानों को पार्किंग और अन्य तकनीकी सुविधाएं प्रदान की जा सकी। इसके अलावा ईस्ट एप्रन बन जाने से विमानों को रात में भी हाल्ट करवाया जा सकेगा। इससे एयरपोर्ट की क्षमता में वृद्धि हुई है।

Auraiya News: ट्रेनों के निरस्त होने व लेटलतीफी से यात्री परेशान

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दिबियापुर। फफूंद स्टेशन पर रविवार को रेल यातायात व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आई। गोविंदपुरी से अलीगढ़ जाने वाली सुपरफास्ट पैसेंजर के निरस्त होने और कई प्रमुख ट्रेनों के घंटों लेट होने से यात्रियों को परेशान होना पड़ा।आलम यह था कि ट्रेनों में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पर कानपुर की ओर से महानंदा एक्सप्रेस पहुंची तो कोच पहले से ही खचाखच भरे हुए थे।ट्रेन रुकते ही यात्री बोगियों में घुसने के लिए एक-दूसरे पर गिरते-पड़ते नजर आए। कुछ यात्री जान जोखिम में डालकर खिड़कियों से लटक गए। स्थिति बिगड़ती देख जीआरपी के जवानों ने मोर्चा संभाला और मशक्कत के बाद पायदानों और खिड़कियों पर लटके यात्रियों को नीचे उतारा।

यही नजारा लूप लाइन पर खड़ी नेताजी एक्सप्रेस में भी देखने को मिला। गर्मी के बीच घंटों इंतजार ने यात्रियों के धैर्य की परीक्षा ली। स्टेशन पर मौजूद यात्री चार्ट के अनुसार समर स्पेशल पांच घंटा देरी से, पैसेंजर कानपुर-इटावा एक घंटा लेट, ऊंचाहार एक्सप्रेस आधा घंटा विलंब, नेताजी एक्सप्रेस आधा घंटा की देरी से पहुंची। प्लेटफार्म तीन और चार पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए स्टेशन अधीक्षक राजू दास रंजन ने यात्रियों से शांति बनाए रखने की अपील की।

Auraiya News: गैस सिलिंडर ही नहीं, लकड़ी और कोयला भी हुआ महंगा

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बिधूना। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कीमतों में ही इजाफा नहीं हुआ है। लकड़ी और कोयले के दाम भी बढ़ गए हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले लोगों के सामने चूल्हे की आंच का इंतजाम करना जेब पर भारी पड़ रहा है।दुकानदारों का कहना है कि एक ओर व्यावसायिक गैस सिलिंडर समय से उपलब्ध नहीं हो रहा, वहीं जो मिल रहा है वह एक हजार रुपये महंगा हो गया है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में कोयला और लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। इनकी कीमतों में भी अब बढ़ोतरी हो गई है।

10 रुपये किलो मिलने वाली लकड़ी अब 15 रुपये में मिल रही है जबकि 25 रुपये किलो मिलने वाला कोयला अब 40 रुपये किलो मिल रहा है। लकड़ी और कोयले का विकल्प भी अब बजट बिगाड़ रहा है। ऐसे में सस्ते आइटम भी अब महंगे करने होंगे।

फास्ट फूड से जुड़े हर आइटम में पांच-पांच रुपये की बढ़ोतरी करना उनके लिए मजबूरी बन गई है। यही नहीं प्लेट में आइटम की मात्रा में भी कमी करनी पड़ रही है। चूल्हे की आंच में आई महंगाई से कारोबार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।


बोले कारोबारी-लागत बढ़ गई
फास्टफूड विक्रेता संजय बाथम ने बताया कि गैस सिलिंडर महंगा होने से लकड़ी और कोयले की भट्ठी पर सामग्री तैयार कर रहे हैं। अब लकड़ी का भाव भी 15 रुपये किलो तक जा पहुंचा है। कोयला भी 40 रुपये तक पहुंच गया है। ऐसे में फास्ट फूड के आइटम तैयार करने में लागत बढ़ गई है।

समोसा दुकानदार कल्लू ने बताया कि सिलिंडर के दाम तीन हजार के पार चले गए हैं। भट्टी पर समोसा और गुजिया तैयार करना भी महंगा हो गया है। समोसे का भाव 10 रुपये प्रति पीस करना पड़ गया है। ऐसे में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। कारोबार प्रभावित हो रहा है।

Auraiya News: सोनिक टोल प्लाजा पर बना दो बेड का ट्राॅमा सेंटर

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सोनिक। मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के कारण सोनिक टोल प्लाजा पर दो बेड का ट्रॉमा सेंटर बनकर तैयार हो गया। वहीं ओरहर में निर्माणाधीन फूड प्लाजा शुरू न होने से यात्रियों को पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इससे वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है।594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को हो गया है। गंगा एक्सप्रेसवे पर आपात स्थिति के यात्रियों को चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए सोनिक टोल बूथ पर दो बेड का ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। यहां तैनात डॉ. आयुष यादव ने बताया कि दो बेड के अस्पताल आपातकालीन चिकित्सा देने की व्यवस्था की गई है। एक शिफ्ट में तीन स्टाफ की तैनाती भी की गई है। वहीं एक्सप्रेसवे पर ओरहर स्थित फूड प्लाजा में अभी में वातानुकूलित कक्ष का काम चल रहा है। इसी कारण फूड प्लाजा का अभी संचालन नहीं शुरू हो सका है। वहीं बने कैफेटेरिया की भी शुरुआत नहीं हो सकी है।

मेरठ से प्रयागराज की तरफ जा रहे कार सवारों में संजय, सत्यम व गोलू ने बताया कि बांगरमऊ में तो फूड प्लाजा शुरू हो गया है लेकिन वहां से 50 किलोमीटर दूर ओरहर स्थित फूड प्लाजा में पानी भी नहीं मिल सका है। आगे कहां मिलेगा, यह भी पता नहीं है।

कोट्स

वाहन चालकों को हो रही असुविधा को देखते हुए एक सप्ताह के अंदर फूड प्लाजा शुरू हो जाएगा। जो जगह गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास जगह बच रही है, वहां पर पेड़ लगाए जाएंगे।

सतीश कुमार, प्रोजेक्ट मैनेजर, कार्यदायी संस्था पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर

Auraiya: बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे किनारे मिला किसान का शव, जांच में जुटी पुलिस

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सदर कोतवाली क्षेत्र में गांव अस्ता के पास सोमवार एक व्यक्ति का शव संदिग्ध हालात में पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सूचना पर थाना अयाना और सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान त्रिभुवन सिंह (45) निवासी गांव अस्ता के रूप में हुई है।

फॉरेंसिक टीम ने की पड़ताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया गया। प्राथमिक जांच  मामला संदिग्ध लग रहा है। चेहरे पर चोट के निशान मिले है। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

छात्रा को फेल करने के प्रकरण दोषी पाए गए प्रधानाचार्य पद से हटाए गए, अब FIR की तैयारी*

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छात्रा को फेल करने के प्रकरण दोषी पाए गए प्रधानाचार्य पद से हटाए गए, अब FIR की तैयारी

अयोध्या।

आजाद इंटर कालेज पलिया जगमोहन सिंह मिल्कीपुर प्रधानाचार्य पर हाई स्कूल छात्रा ने साजिश के तहत सभी विषयों के प्रैक्टिकल मे फेल करने का आरोप लगाया था।

इस मामले में डीआईओएस डॉक्टर पवन कुमार तिवारी द्वारा गठित तीन सदस्यों की कमेटी ने जांच कर अपनी रिपोर्ट डीआईओएस को सौंप दिया है।

गठित टीम में शामिल अध्यक्ष एडीआईओएस अवनीश कुमार पांडेय ने बताया जांच में कॉलेज के प्रधानाचार्य गोविन्द नाथ को दोषी पाया गया है जिनका पदभार तुरंत समाप्त किया जाता है।

उन्होंने बताया इस मामले में दोषी कॉलेज के प्रधानाध्यापक देव कुमार यादव भी हैं। यह कालेज कक्षा आठ तक ही एडेड है। उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए पत्र बीएसए अयोध्या को भेजा गया है।

जिले में कक्षा 8 तक की मान्यता पर 12वी तक कई स्कूलों का संचालन हो रहा है, अब पूरे जिले में निजी स्कूलों ओर गिरेगी गाज।