Wednesday, July 22, 2026
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UP की छात्राओं को Yogi सरकार का बड़ा तोहफा: 50 हजार मेधावी लड़कियों को मिलेगी फ्री स्कूटी, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

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UP Cabinet Decision: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मंजूरी दे दी, जिसके तहत राज्य में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी स्नातक छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। जहां मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद लोक भवन के सभागार में राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने पत्रकारों को बताया कि इस योजना में इस वर्ष करीब 50 हजार छात्राएं लाभान्वित होंगी। उपाध्याय ने बताया कि विभाग ने महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों को उच्च शिक्षा में प्रोत्साहन देने के लिए स्कूटी देने के वास्ते रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत आए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

किसे मिलेगी मुफ्त स्कूटी?
मंत्री के अनुसार, रानी लक्ष्मीबाई स्‍कूटी योजना के तहत सभी प्रकार के राज्‍य विश्‍वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, राज्य विश्वविद्यालय से सम्बद्ध सभी सरकारी महाविद्यालय, अनुदान प्राप्त महाविद्यालय व स्व वित्त पोषित महाविद्यालयों को इस परिधि में शामिल किया गया है। इसमें उच्च संस्थानों के शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तीर्ण समस्त स्नातक छात्राओं में से जो शीर्ष 5 प्रतिशत में शामिल होंगी, उन्हें लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जिनके परिवार की आय सीमा 12 लाख वार्षिक से कम होगी। साथ ही छात्राओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना अनिवार्य होगा।

विशेष छूट और योजना का मुख्य उद्देश्य
मंत्री ने बताया कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इसमें यह भी व्यवस्था की है कि दिव्यांगजन, निराश्रित परिवार और शहीद परिवार की बच्चियों को भी मुफ्त स्कूटी दी जाएगी और उनके लिए मेरिट की कोई बाध्यता नहीं होगी। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि स्‍कूटी की खरीद चयन प्रक्रिया के तहत की जाएगी, जिसके लिए पोर्टल पर प्रस्ताव आमंत्रित किये जाएंगे, जिनका अवलोकन मंत्रिमंडल करेगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को परिवहन संबंधी समस्याओं से राहत देकर उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना तथा सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।

Punjab में उमस भरी गर्मी बनी मुसीबत, वायरल बुखार के साथ डेंगू ने भी दी दस्तक

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माछीवाड़ा साहिब : पंजाब में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के कारण जहां लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं वायरल बुखार और अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या भी अस्पतालों में बढ़ने लगी है। माछीवाड़ा के निजी अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा खांसी, जुकाम, उल्टी जैसी बीमारियां भी लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं।

आमतौर पर डेंगू के मामले अक्टूबर-नवंबर में सामने आते हैं, लेकिन इस बार इसकी शुरुआत 2-3 महीने पहले ही हो गई है। निजी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल डेंगू के शुरुआती मामले सामने आ रहे हैं। बुखार के कारण मरीजों के प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं और 1-2 मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव भी आई है। समय से पहले डेंगू के मामले सामने आना चिंता का विषय माना जा रहा है। सरकारी अस्पताल के एसएमओ डॉ. लखविंदर सिंह ने बताया कि उमस भरी गर्मी के कारण अधिक पसीना आने से वायरल बुखार के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लार्वा की जांच कर रही हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में निश्चित रूप से वृद्धि हुई है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

बच्चे और बुजुर्ग गर्मी से बचने के लिए घर से बाहर न निकलें : डॉ. सुनील दत्त
MBBS डॉ. सुनील दत्त ने बताया कि इस बार पंजाब में मानसून की बारिश पर्याप्त नहीं हुई, जिसके कारण उमस और गर्मी बढ़ गई है और लोग बीमार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। डॉ. दत्त ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि बीमारियों से बचने के लिए बाहर का जंक फूड खाने से परहेज करें और घर का ताजा व सादा भोजन ही खाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पानी को उबालकर पीना चाहिए और विशेष रूप से बच्चों एवं बुजुर्गों को उबला हुआ पानी ही दिया जाए। साथ ही, जिस व्यक्ति को वायरल बुखार, खांसी या जुकाम हो, उससे उचित दूरी बनाए रखें, क्योंकि इसके संक्रमण के कीटाणु तेजी से फैलते हैं।

कोरोना फिर बढ़ा रहा टेंशन, UP के इस जिले में 27 महीने का मासूम मिला कोविड पॉजिटिव, कुछ ही दिनों में मिला तीसरा केस

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वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर दस्तक दी है। चंदौली निवासी दो वर्षीय मासूम बच्चे को बुखार, सर्दी और खांसी की शिकायत होने पर परिजनों ने ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच में उसके कोविड-19 संक्रमित होने की पुष्टि हुई।

कोविड-19 की पुष्टि होने के बाद बच्चे को तत्काल अस्पताल के अलग वाडर् में स्थानांतरित कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार बच्चे की स्थिति सामान्य है और उसका उपचार जारी है। उल्लेखनीय है कि वाराणसी में पिछले कुछ दिनों के भीतर कोविड-19 संक्रमण का यह तीसरा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा फिर शुरू: मौसम में सुधार के बाद 21 जुलाई से खुले मार्ग

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Chardham Yatra Resumed 21 July : उत्तराखंड में तीर्थयात्रियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार और गढ़वाल मंडल प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों की गहन समीक्षा करने के बाद मंगलवार (21 जुलाई 2026) से चारधाम यात्रा को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी जनपदों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा का संचालन किया जा रहा है।

यात्रा मार्गों की निरंतर निगरानी की जा रही है तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष सतकर्ता बरती जा रही है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान यदि किसी स्थान पर भारी वर्षा, भूस्खलन अथवा अन्य कारणों से यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बाधित होता है तो वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों अथवा होल्डिंग एरिया में ही रुकें तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णत: पालन करें।

जहाज पर अटैक में 4 भारतीय नाविकों की मौत पर आगबबूला हुआ भारत, रूस के खिलाफ लिया कड़ा एक्शन

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International Desk: यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास एक नागरिक मालवाहक जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में रूस के कार्यवाहक राजदूत (Charge d’Affaires) को तलब किया और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नागरिक जहाजों और निर्दोष चालक दल को निशाना बनाने को “बेहद निंदनीय” बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।  यह हमला रविवार शाम उस समय हुआ जब गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले मालवाहक जहाज MV Golden Leo ने यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होना शुरू किया था। यूक्रेन की नौसेना के अनुसार, जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। जहाज पर कुल 17 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें पांच भारतीय और कई सीरियाई नागरिक शामिल थे। हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।

भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
घटना के बाद विदेश मंत्रालय ने रूस के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर इस हमले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने कहा कि युद्ध के दौरान व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और मुक्त नौवहन के सिद्धांतों के खिलाफ है। नई दिल्ली ने मृत भारतीयों के मामले में जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत इस हमले की कड़ी निंदा करता है। मंत्रालय के अनुसार, व्यावसायिक जहाजों पर हमला करना, निर्दोष नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार की स्वतंत्रता को प्रभावित करना अस्वीकार्य है।

 

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनेगी नई SIT, आईजी किरण एस संभाल सकते हैं कमान

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लखनऊ। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करेगी।

नई एसआईटी की कमान मौजूदा एसआईटी के सदस्य लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को ही सौंपी जा सकती है। इस बीच सरकार ने लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में गठित वर्तमान एसआइटी को अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 जुलाई तक का और समय दे दिया है।

कौन-कौन होंगे एसआईटी टीम में?

सूत्रों के अनुसार चढ़ावा चोरी पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का राज्य सरकार हर पहलु से अध्ययन कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नई एसआईटी के गठन के लिए नाम तय करने को कह दिया है।

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सूत्र बताते हैं कि मौजूदा एसआईटी के सदस्य आईजी किरण एस. की अध्यक्षता में ही एसआईटी बनाकर उसमें एक डीआईजी व एक एसएसपी स्तर के आईपीएस को रखा जा सकता है। वैसे चर्चा इस बात की भी है कि नई एसआईटी, एडीजी स्तर के वरिष्ठ आईपीएस की अगुवाई में भी बनाने पर विचार किया जा सकता है।

ऐसे में एडीजी स्तर के लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेन्द्र सिंह सेंगर, लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण, मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर को एसआइटी प्रमुख बनाया जा सकता है।

कोर्ट ने 30 जुलाई तक का दिया समय

इस बीच सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने वाली मौजूदा एसआईटी के अनुरोध पर राज्य सरकार ने उसे 30 जुलाई तक अंतिम रिपोर्ट सौंपने का समय दे दिया है।

सूत्र बताते हैं कि एसआईटी द्वारा गृह विभाग को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार उस पर अपने स्तर से सीधे कोई कार्रवाई करने के बजाय श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को रिपोर्ट उपलब्ध करा देगी।

सबसे पहले 13 जून को गठित हुई थी एसआईटी

उल्लेखनीय है कि ट्रस्ट के अनुरोध पर ही सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआइटी गठित की थी। एसआईटी की 22 जून को मिली प्रारंभिक रिपोर्ट भी सरकार ने ट्रस्ट को सौंप दी थी। ट्रस्ट ने ही जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही अन्य कार्रवाई की।

CJP प्रोटेस्ट का पाकिस्तान कनेक्शन: कहां लिखी गई संसद मार्च की स्क्रिप्ट? विदेशी फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट की जांच शुरू

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के अचानक उग्र होने और इसके पीछे सोशल मीडिया पर रची जा रही पटकथा को लेकर एक बड़ी ‘टूलकिट’ और विदेशी-विपक्षी साजिश का एंगिल सामने आ रहा है।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आखिर एक ‘व्यंग्य’ के रूप में शुरू हुआ आनलाइन पेज कुछ ही दिनों में दिल्ली की सड़कों पर लाठीचार्ज और अराजकता की वजह कैसे बन गया? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी छात्र नहीं थे।

संदिग्ध हैंडल्स के जरिए फैलाई गई भ्रामक जानकारी

हिंसा में अन्य बाहरी तत्वों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में इंटरनेट मीडिया गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि कई संदिग्ध हैंडल्स के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाई गई थी, जिनमें से कुछ अकाउंट्स कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।

अशोक रोड पर प्रदर्शकारियों को हटाने के लिए छोड़ी गई आंसू गैस के शैल को वापस फेंकता प्रदर्शनकारी। जागरण

इनमें झूठा दावा किया गया था कि हिंसा के दौरान सात प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, 391 घायल हुए और 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इस पूरे मार्च को हवा देने के लिए मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया गया है। सीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल ने महज कुछ ही दिनों में दो करोड़ से अधिक फालोअर्स बटोरे, जिसने देश की स्थापित राजनीतिक पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया।

आईपी एड्रेस खंगालने में जुटी पुलिस

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी तेजी से बिना किसी ‘पेड बोट्स’ या ‘विदेशी रीच’ के बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ना सामान्य नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां अब उन सभी मुख्य इंटरनेट मीडिया हैंडल्स और आईपी एड्रेस को खंगाल रही हैं, जहां से इस ‘टूलकिट’ को ऑपरेट किया जा रहा था।

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संसद मार्ग पर बैरिकेड तोड़ते प्रदर्शनकारी। 

बिहार में 18 जिलों के पासपोर्ट और डाकघरों को उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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पटना। बिहार में पटना स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, जीपीओ और मनेर पासपोर्ट कार्यालय सहित प्रदेश के करीब डेढ़ दर्जन जिलों के डाकघरों और पासपोर्ट सेंटरों को आरडीएक्स और साइनाइड गैस बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

यह धमकी एक ईमेल के जरिए भेजी गई, जिसके बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने संबंधित स्थानों पर सर्च आपरेशन चलाया।

हालांकि, गहन जांच के बाद कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना को प्राप्त हुए इस धमकी भरे ईमेल में एक विशेष समय सीमा का उल्लेख किया गया था।

मेल में लिखा था कि दोपहर 1:15 बजे तीन साइनाइड गैस आरडीएक्स बमों के जरिए इन दफ्तरों को उड़ा दिया जाएगा। इसके साथ ही मेल के विषय में एक अभिनेत्री द्वारा धार्मिक टिप्पणी किए जाने का हवाला देते हुए सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई थी और एक खास वर्ग के लोगों को वहां से हट जाने की बात कही गई थी।

यह ईमेल पटना के अलावा गया, वैशाली, बक्सर, बेतिया, मोतिहारी, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों के कार्यालयों को लक्षित करके भेजा गया था।

खोजी कुत्तों और सुरक्षा उपकरणों से हुई जांच

पटना के सिटी एसपी वेस्ट संकेत कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ मनेर पासपोर्ट कार्यालय और डाकघर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर तुरंत खोजी कुत्तों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से चप्पा-चप्पा छाना गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह किसी शरारती तत्व की हरकत लग रही है। पुलिस और साइबर सेल की टीमें ईमेल के आईपी एड्रेस और इसे भेजने वाले का सुराग लगाने में जुट गई हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान राहत की बात यह रही कि किसी भी कार्यालय में कामकाज बाधित नहीं हुआ और सभी सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं।

डाक विभाग ने जारी किया अलर्ट, सतर्कता बरतने के निर्देश

दूसरी ओर, डाक विभाग ने भी इस धमकी को लेकर अपनी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। डाक विभाग के सहायक निदेशक राजीव कुमार द्वारा एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।

विभाग का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह मामला एक अफवाह या होक्स प्रतीत होता है, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

इसके मद्देनजर बिहार सर्किल के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, मंडल प्रमुखों और संबंधित पोस्टमास्टरों को चौबीसों घंटे आवश्यक सतर्कता बरतने तथा तय सुरक्षा मानकों के अनुसार तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

‘हो गया रिटायरमेंट? कटवाली नाक’, Rohit Sharma के शतक के बाद पूर्व क्रिकेटर ने आलोचकों पर जमकर निकाली भड़ास

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नई दिल्‍ली। रोहित शर्मा के लॉर्ड्स में शतक के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्‍मद कैफ ने ‘हिटमैन’ के आलोचकों पर तंज कसा है। भारत और इंग्‍लैंड के बीच दूसरे वनडे के बाद खबर आई थी कि रोहित शर्मा के लिए लॉर्ड्स वनडे आखिरी साबित हो सकता है।

रिपोर्ट में बताया गया कि प्रबंधन अब रोहित से आगे बढ़ना चाहता है और भारतीय बल्‍लेबाज को इसकी सूचना दी जा चुकी है। शुरुआती दो वनडे में फ्लॉप होने के बाद रोहित शर्मा दबाव में भी थे। हालांकि, रोहित ने शतक जड़कर संन्‍यास की सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया।

कैफ ने लिए मजे

भारतीय टीम के पूर्व बल्‍लेबाज मोहम्‍मद कैफ ने अपने इंस्‍टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्‍होंने कहा, ‘हो गया रिटायरमेंट? कटवाली नाक। रोहित शर्मा का रिटायरमेंट वो खुद तय करेगा। उसका हक बनता है। इतना हिंदुस्‍तान के लिए उसने काम किया है। वो अपनी मर्जी से जाएगा। अब समझ लो इतना दबाव है कि भैया हो गया आप जाओ, रिटायरमेंट लो। उस दबाव में लॉर्ड्स में उनके बल्‍ले से शतक आया इस मैच में।’

रोहित की उम्‍दा पारी

बता दें कि रोहित शर्मा ने इंग्‍लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 110 गेंदों में 138 रन की पारी खेली। उन्‍होंने अपनी शतकीय पारी के दौरान 17 चौके और पांच छक्‍के जमाए। भारतीय टीम हालांकि, इंग्‍लैंड द्वारा मिले 388 रन के लक्ष्‍य का पीछा करने में असफल रही और 27 रन से मैच व सीरीज गंवा बैठी।

रोहित का साथ दो

बहरहाल, कैफ ने वीडियो में यह भी कहा कि रोहित पर दबाव नहीं डाले व कप्‍तान और टीम प्रबंधन का समर्थन मिले, तो वो बहुत कुछ कर सकते हैं। पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘अगर मान लो शुभमन गिल बतौर कप्‍तान ये बोलदे कि 2027 वर्ल्‍ड कप में रोहित भाई मुझे चाहिए। अगर मीडियो में खुल कर बोले। अगर बीसीसीआई बोले कि रोहित शर्मा पर कोई उंगली न उठाएं, हम उसके साथ खडे़ हैं। जब तक वो चाहेगा वो खेलेगा।’

उन्‍होंने आगे कहा, ‘अगर ये बयान आ जाए तो समझ लो वो क्‍या कर बैठेगा। अभी तो दबाव में है कि कोई उसके साथ खड़ा नहीं है। सब इंतजार कर रहे हैं कि भाई आउट हो और बाहर करें। उस दबाव में उनके बल्‍ले से शतक आया है। जब उसको एहसास होगा कि उसके साथ उसकी टीम खड़ी है, कप्‍तान खड़ा है, कोच खड़ा है, बीसीसीआई खड़ा है, वो भाई हिमालय पर्वत चढ़ जाएगा। जान न्‍योछावर कर देगा, ऐसा खिलाड़ी है वो। उत्‍तर मिल गया है। उम्‍मीद है कि अब यहां से आप सब शांति बनाके रखेंगे और उसको तसल्‍ली से खेलने देंगे।’

‘गैराज से चलने वाले लॉ कॉलेजों को मान्यता चिंताजनक’, सुप्रीम कोर्ट ने BCI के दोहरे रवैये पर गहरी नाराजगी जताई

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नई दिल्ली। न्याय के मंदिर में जब कानून के ज्ञाताओं की साख पर सवाल उठे, तो सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख अख्तियार करना स्वाभाविक है।

कोर्ट ने देश में लॉ कॉलेजों की गिरती गुणवत्ता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के दोहरे रवैये पर गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। इसने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गैराज जैसी जगहों से चलने वाले लॉ कॉलेजों को बीसीआई द्वारा मान्यता देना बेहद चिंताजनक विषय है।

बीसीआई के दोहरे रवैये पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

यह मामला 50 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट के.आर. सुदर्शन से जुड़ा है, जिन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की है। उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित होने के कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी बार काउंसिल ने वकील के रूप में उनका नामांकन रोक दिया।

जब बीसीआई के वकील ने इस मामले में ‘व्यापक चिंता’ की बात कही, तो जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ भड़क गई। पीठ ने बीसीआई के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि काउंसिल एक तरफ आपराधिक मामलों के दोषियों को नामांकन दे रही है, वहीं दूसरी तरफ लंबित मामलों वाले योग्य उम्मीदवारों का रास्ता रोक रही है।

कानून के दायरे से बाहर पाबंदी और राहत की गुहार

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि देश में गंभीर अपराधों के दोषियों तक का नामांकन हुआ है, जबकि याचिकाकर्ता पर महज एक कंपनी को सलाह देने का आरोप है।

पीठ ने माना कि एडवोकेट्स एक्ट, 1961 की धारा 24ए के तहत केवल आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर नामांकन रोकना गैर-कानूनी है। हाईकोर्ट के पुराने निर्देशों के आधार पर बीसीआई द्वारा बनाए गए नियमों को कोर्ट ने कानून के दायरे से बाहर बताया। इस मामले की वैधानिकता अब मद्रास हाईकोर्ट की पांच जजों की बड़ी पीठ के समक्ष लंबित है।