Thursday, July 23, 2026
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महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा: अशोक गहलोत

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नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल भारतीय लोकतंत्र पर गंभीर धब्बा है। गहलोत ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय जब अन्ना हजारे ने आंदोलन किया था, तब सरकार ने उनसे संवाद का रास्ता अपनाया था और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख स्वयं उनसे बातचीत करने गए थे।

गहलोत ने कहा, ”इसके विपरीत, आज की सरकार का रवैया बिल्कुल अलग है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे किसान आंदोलन का मामला हो, महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का या अपने अधिकारों की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों का, केंद्र सरकार ने हर बार विरोध करने वालों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ”लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध नागरिकों का अधिकार होता है, लेकिन इस सरकार के दौर में उसके लिए भी जगह लगातार सिमटती जा रही है।

लोकतंत्र में संवाद होता है, जबकि तानाशाही में बल प्रयोग किया जाता है।” गहलोत ने कहा, ”आज सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर धब्बा भी है। पूरी दुनिया देख रही है कि महात्मा गांधी के देश भारत में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।” उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया।

महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा: अशोक गहलोत

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नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि महात्मा गांधी के देश में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल भारतीय लोकतंत्र पर गंभीर धब्बा है। गहलोत ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय जब अन्ना हजारे ने आंदोलन किया था, तब सरकार ने उनसे संवाद का रास्ता अपनाया था और तत्कालीन केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख स्वयं उनसे बातचीत करने गए थे।

गहलोत ने कहा, ”इसके विपरीत, आज की सरकार का रवैया बिल्कुल अलग है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे किसान आंदोलन का मामला हो, महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन का या अपने अधिकारों की मांग कर रहे पूर्व सैनिकों का, केंद्र सरकार ने हर बार विरोध करने वालों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ”लोकतंत्र में शांतिपूर्ण और संवैधानिक विरोध नागरिकों का अधिकार होता है, लेकिन इस सरकार के दौर में उसके लिए भी जगह लगातार सिमटती जा रही है।

लोकतंत्र में संवाद होता है, जबकि तानाशाही में बल प्रयोग किया जाता है।” गहलोत ने कहा, ”आज सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा बल का इस्तेमाल न केवल पूरी तरह अस्वीकार्य है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र पर एक गंभीर धब्बा भी है। पूरी दुनिया देख रही है कि महात्मा गांधी के देश भारत में शांतिपूर्ण विरोध का गला घोंटा जा रहा है।” उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया।

UP: कूरियर बन गया नकली दवाओं का सबसे बड़ा हथियार, लखनऊ में बढ़ता जानलेवा खतरा; इन दवाओं की हो रही नकल

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राजधानी में नकली दवाओं की तस्करी का बड़ा माध्यम कूरियर सेवा बन गई है। जांच में सामने आया कि दर्द, बुखार और एंटीबायोटिक जैसी अधिक मांग वाली दवाओं की नकली खेप दूसरे राज्यों से लाई जा रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसी दवाएं मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग राजधानी में नकली दवाओं के नेटवर्क को तोड़ नहीं पा रहा। इसकी बड़ी वजह ये है कि राजधानी में नकली दवाओं की ज्यादातर आपूर्ति कूरियर के जरिये पहुंच रही है। जिले के अंदर और आसपास के जिलों में माल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए ही वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है।

अधिकारी भी मानते हैं कि दवा की दुकानों तक पहुंचने के बाद नकली-असली की पहचान करना काफी मुश्किल हो जाता है। नकली दवाओं को पकड़ने के लिए गोपनीय सूचनाओं पर आश्रित रहना पड़ता है। बृहस्पतिवार रात विभिन्न ब्रांड की नकली दवाओं की बरामदगी ने फिर से सवाल खड़े किए हैं कि आखिर इन दवाओं के निर्माण और सप्लाई का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है।

पिछले तीन वर्ष में कई बार कार्रवाई के बाद भी नकली दवाओं के धंधे पर पूरी तरह से रोक नहीं लग सकी है। पुलिस और एफएसडीए के अधिकारी भी मानते हैं कि जब तक नकली दवाओं के उत्पादन और आपूर्ति पर नकेल नहीं कसेगी, तब तक इस धंधे को रोक पाना मुश्किल है। 

दूसरे राज्यों से आ रहीं नकली दवाएं

एफएसडीए के सहायक मंडल आयुक्त ब्रजेश ने बताया कि पकड़ी गई नकली दवाओं की आपूर्ति दूसरे राज्यों से हो रही है। विभाग एक-एक कड़ी जोड़कर उन फर्मों पर नकेल कसने की तैयारी में है, जो नकली दवाओं के कारोबार में लिप्त हैं। ब्रजेश के अनुसार, नकली दवाओं की खेप कूरियर के जरिये लखनऊ पहुंच रही है जिसे आसपास के जिलों में खपाया जा रहा है।

ज्यादा प्रचलित दवाओं की करते हैं नकल

अब तक की जांच में सामने आया है कि नकली दवा के सौदागर उन दवाओं नकल ज्यादा करते हैं जो बेहद प्रचलित हैं। जिनका सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे दर्द, सूजन, सर्दी-जुकाम, बुखार के उपचार में इस्तेमाल होता है। इसके अलावा एंटीबायोटिक, एंटीएलर्जिक और विटामिन सप्लीमेंट वाली नकली दवाएं भी खूब बनाई जाती हैं। बाजार में ऐसी दवाओं की मांग ज्यादा होती है तो इनकी बिक्री बेहद आसानी से हो जाती है।

जान भी ले सकती हैं नकली दवाएं

डॉक्टरों का कहना है नकली दवाओं में उपचार के लिए आवश्यक सक्रिय तत्व नहीं होते या उसकी मात्रा मानक से बेहद कम या ज्यादा होती है। इससे बीमारी नियंत्रित होने के बजाय बढ़ सकती है। एंटीबायोटिक के मामलों में दवा के प्रतिरोध का खतरा बढ़ जाता है, जबकि गंभीर मरीजों में नकली दवा जान भी ले सकती है।

गहन जांच करने की जरूरत

लखनऊ केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता मयंक रस्तोगी ने बताया कि नकली दवाओं के खिलाफ एफएसडीए की टीम अच्छा काम कर रही है। लखनऊ के मेडिसिन मार्केट में टीम ने 28 दुकानों का सर्वे किया था। जांच टीम में प्रदेश भर से बुलाए गए 17-18 ड्रग इंस्पेक्टर भी शामिल थे। किसी भी दुकान से नकली दवाएं बरामद नहीं हुईं। नकली दवाओं के मामले में काफी समय से आगरा का नाम आता रहा है। वहां पर गहन जांच करने की जरूरत है।

राजधानी में नकली दवाओं की बरामदगी के मामले

अगस्त 2023 : अमीनाबाद और बस स्टेशन क्षेत्र में पुलिस व ड्रग विभाग ने छापा मारकर दो करोड़ रुपये कीमत की 65 हजार से अधिक नकली गोलियां बरामद की थीं। रोडवेज बसों के जरिये इनकी सप्लाई दूसरे जिलों में की जा रही थी।

नवंबर-दिसंबर 2023 : अमीनाबाद स्थित वीडीएस फार्मा पर छापे में नामी कंपनियों की नकली दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाएं मिलीं। जांच के दौरान आगरा, चेन्नई और पुडुचेरी तक नेटवर्क फैला मिला।

जून 2025 : काकोरी में किराना स्टोर की आड़ में चल रही अवैध फैक्टरी से करीब 1.2 करोड़ रुपये की नकली ऑक्सीटोसिन दवाएं पकड़ी गईं।

31 अगस्त-1 सितंबर 2025 : पारा क्षेत्र में एसटीएफ और औषधि विभाग ने नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने वाली फैक्टरी पकड़ी। दो करोड़ का माल बरामद।

14 फरवरी 2026 : कोडिन कफ सिरप सिंडिकेट मामले में एसटीएफ ने गिरोह के एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया।

यूपी: प्रदेश में आने वाले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी, इन जिलों के लिए जारी हुआ विशेष अलर्ट

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प्रदेश वासियों को भीषण उमस और गर्मी से राहत मिलने वाली है। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसूनी सक्रियता और बादलों की आवाजाही को देखते हुए अगले पांच दिनों तक झमाझम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इसी के तहत राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बना एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र पिछले 48 घंटों में उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। शुक्रवार को यह पश्चिम बंगाल, उससे सटे झारखंड और उत्तरी ओडिशा के पास केंद्रित है। अगले 24 घंटों के दौरान इस सिस्टम के धीरे-धीरे कमजोर होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और मानसूनी ट्रफ के दक्षिण की ओर खिसकने की संभावना है। इसी मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश में मानसून तेजी से सक्रिय हो रहा है।

18 से 23 जुलाई तक मानसूनी बारिश में बढ़ोतरी

प्रदेश में 18 से 23 जुलाई के बीच मानसूनी बारिश में व्यापक बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। भारी बारिश के चलते अगले तीन से चार दिनों में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है।मौसम विभाग ने भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट को देखते लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। विशेषकर आकाशीय बिजली चमकने के दौरान और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इन जिलों में होगी अधिक बारिश

UP: Heavy rain warning for the next five days in the state, special alert issued for these districts

अत्यधिक भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट) – एटा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और संभल
सामान्य से अधिक बारिश- आगरा, औरैया, फिरोजाबाद और हापुड़
सामान्य बारिश- बाराबंकी, गोंडा, कानपुर नगर, खीरी, महाराजगंज, बदायूं, बागपत, बरेली, बिजनौर, बुलंदशहर, इटावा, हमीरपुर, ललितपुर और सहारनपुर।
सामान्य से कम बारिश – लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी और अयोध्या।

UP: कलंक से मुक्ति के लिए चंपत राय करेंगे ऐसा काम, रामलला की शरण में होगी विशेष साधना; पहली बार लिया फैसला

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चढ़ावा चोरी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपने जीवन का पहला चातुर्मास अयोध्या में करने का निर्णय लिया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, 25 जुलाई से शुरू होकर 21 नवंबर (देवउठनी एकादशी) तक चलने वाले इस चार माह के कालखंड में वह अयोध्या नहीं छोड़ेंगे।

रामलला की शरण में रहकर साधना, मंत्र जाप, रामचरितमानस का नियमित पाठ तथा सात्विक जीवनचर्या का पालन करेंगे। चंपत राय 23 जून से ही राम मंदिर से सटे रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में एक तरह से एकांतवास में हैं। बताया जा रहा है कि वह प्रतिदिन लगभग चार घंटे तक साधना करते हैं।

चढ़ावा चोरी के लिए रामलला से माफी मांग रहे आचार्य

श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नौ दिवसीय प्रायश्चित पूजन शुरू कराया गया है। यह अनुष्ठान गुप्त नवरात्र के अवसर पर शुरू हुआ है।  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से गुप्त नवरात्र के शुभारंभ पर 15 जुलाई को शुरू कराए गए अनुष्ठान का समापन 23 जुलाई को होगा। अनुष्ठान में भगवान श्रीराम का विशेष पूजन किया जा रहा है और उनसे वैदिक क्रियाओं के माध्यम से क्षमा मांगी जा रही है और परिसर का शुद्धिकरण कराया जाएगा।

इस विशेष अनुष्ठान में मंदिर परिसर के भीतर और आसपास कुल 70 वैदिक आचार्य शामिल होकर वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर रहे हैं। प्रायश्चित पूजन राम मंदिर के गर्भगृह, यज्ञ मंडप और परकोटा के शिव मंदिर में एक साथ संपन्न कराया जा रहा है।

शुद्धिकरण और प्रायश्चित के लिए ऐसे अनुष्ठान कराए जाते हैं

अनुष्ठान के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, रुद्राभिषेक और भगवान श्रीराम का विशेष पूजन किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदिर में किसी भी प्रकार की अशुभ या अपवित्र मानी जाने वाली घटना के बाद शुद्धिकरण और प्रायश्चित के लिए ऐसे अनुष्ठान कराए जाते हैं।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य भगवान के समक्ष क्षमा-याचना के साथ मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखना है। अनुष्ठान में शामिल आचार्य विट्ठल ने बताया कि प्रायश्चित का सबसे बड़ा अर्थ अपनी भूल को स्वीकार कर उसे दोबारा न होने देना है।

उन्होंने बताया कि अनुष्ठान सुबह नौ से 12:30 बजे और दोपहर 3:30 बजे से सात बजे तक हो रहा है। प्रायश्चित पूजन में दिल्ली, जम्मू कश्मीर, महाराष्ट्र समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से 10 आचार्य शामिल हैं। शेष आचार्य अन्य अनुष्ठानों में लगे हैं।

गणना में बैंक के नियमित कर्मियों की ड्यूटी लगवाने की सिफारिश

गणना प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो इसको लेकर एसआईटी ने विस्तृत जांच में कई अहम सिफारिशें की हैं। अब गणना में जो बैंक कर्मी लगाए जाएंगे वह नियमित कर्मचारी होंगे। वहीं इनकी ड्यूटी बदलती रहेगी। हर पंद्रह दिनों में इन कर्मचारियों को बदला जाएगा।

बैंक की तरफ से निगरानी के लिए एक अधिकारी भी तैनात होगा। एसआईटी ने इसके अलावा भी कई अहम सिफारिशें की हैं। जो जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद लागू की जाएंगी। चोरी में जो छह गणना कर्मी जेल गए हैं वह लिखापढ़ी में हाउसकीपिंग के कार्य के लिए भर्ती किए गए थे गणना की ड्यूटी उनसे ट्रस्ट के पदाधिकारी करवा रहे थे।

बिधूना/सहार पांच दिन से सर्वर व ई-पॉस मशीन ठप

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बिधूना/सहार। क्षेत्र में पिछले पांच दिन से सर्वर ठप होने और ई-पॉस मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण किसानों को डीएपी और यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। धान रोपाई और खरीफ की बोआई के सीजन में खाद वितरण बंद होने से किसान परेशान हैं।शुक्रवार को कुछ देर के लिए सर्वर चालू हुआ तो राहत की उम्मीद जगी लेकिन आधार आधारित सत्यापन और अपडेट की धीमी गति के कारण किसान को 15 से 20 मिनट का समय लग गया। इसके चलते सीमित समय में केवल 11 किसानों को ही खाद वितरित की जा सकी।

किसान रोजाना सुबह से शाम तक सहकारी समितियों व पीसीएफ केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और घंटों इंतजार के बाद बिना खाद लिए ही खाली हाथ लौट रहे हैं। बिधूना क्षेत्र की समितियों में भी पिछले पांच दिन से सर्वर पूरी तरह डाउन है।इसके बाद दोबारा सर्वर बंद हो गया और दोपहर तक लाइन में खड़े किसान बिना खाद लिए लौट गए। समिति प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार तक सर्वर व्यवस्था पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है, इसके बाद वितरण सुचारू किया जाएगा। उधर,

ताजपुर स्थित पीसीएफ केंद्र पर अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों में आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि केंद्र पर न तो कोई सूचना बोर्ड लगा है और न ही केंद्र प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर या खाद वितरण से जुड़ी कोई जानकारी प्रदर्शित की गई है। कर्मचारियों के समय पर न मिलने से किसानों को बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने मांग की है कि केंद्र पर स्पष्ट सूचना बोर्ड और संपर्क नंबर अंकित कराया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सहार स्थित बहुद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में पांच दिन से पॉस मशीन बंद है। समिति पर पहुंचे किसान जय सिंह किचहिया, रामवीर, शिव कुमार शाक्य, रामनाथ, बृजेश कुमार, श्रीकांत, चंद्रपाल, संजय और विजय कुमार ने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह 10 बजे ही समिति पहुंच जाते हैं।
इस उम्मीद में शाम पांच बजे तक बैठे रहते हैं कि शायद मशीन चालू हो जाए लेकिन अंत में उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द खाद न मिली तो खरीफ की बोआई बुरी तरह प्रभावित होगी।
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वर्जन —
पॉस मशीन तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रही है। विभागीय अधिकारियों को सूचित कर शिकायत दर्ज करा दी गई है। मशीन ठीक होते ही वितरण तत्काल शुरू कराया जाएगा। – मधु जायसवाल, सचिव सहकारी समिति, सहार

Auraiya News: बंदरों के डर से घर से निकलने में घबरा रही डेढ़ लाख की आबादी

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औरैया। मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक इन दिनों बंदरों का उत्पात चरम पर है।कटखने बंदर सड़कों और छतों पर आजाद घूम रहे हैं। हालात यह हैं कि 25 वार्डों की करीब डेढ़ लाख आबादी घरों में कैद रहने के लिए मजबूर है। लोग बंदरों से बचने के लिए अपने घरों में लोहे के जाल लगवा रहे हैं।
मोहल्लों में बंदरों के डर से महिलाएं छतों पर कपड़े सुखाने जाने से घबरा रही हैं। बुजुर्गों ने पार्कों में टहलना बंद कर दिया है और बच्चों को स्कूल भेजते समय अभिभावकों के मन में डर बना रहता है। जगह-जगह बंदरों के झुंड जमा होने के कारण लोगों का गली-मोहल्लों से निकलना भी दूभर हो गया है।

जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना पांच से 10 केस बंदरों के हमले के पहुंच रहे हैं। जहां घायलों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर पालिका प्रशासन व वन विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहा है। इस सब के बीच शहर वासीपरेशान हैं।

इंटरनेशनल ट्रेड शो में सजेंगे औरैया के व्यंजन

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औरैया। जनपद के पारंपरिक व्यंजनों और उत्पादों जैसे शुद्ध देसी घी, दूध की मिठाई, बालूशाही व शुद्ध गुड़ से बने उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। इसके लिए सितंबर में ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोजीशन मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में व्यंजन सजाए जाएंगे।इसमें पहली बार एक जनपद एक व्यंजन के तहत चयनित उद्यमियों को प्रदर्शनी के लिए स्टॉल व आवागमन का पूरा खर्च सरकार देगी। इसके संवर्धन के लिए जल्द ही उद्यमियों के साथ बैठक कर सुझाव भी लिए जाएंगे।इस आयोजन को लेकर देशी घी और बालूशाही का उत्पादन करने वाले व्यापारियों को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से इसे लेकर व्यापारियों से संपर्क भी किया जा रहा है। योजना के तहत व्यवसाय विस्तार, स्वचालित मशीनें लगाने, पैकेजिंग-लेबलिंग, क्लाउड किचन, कोल्ड चेन और वैन आदि के लिए ऋण की सुविधा दी जाएगी। पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।इस आयोजन को लेकर देशी घी और बालूशाही का उत्पादन करने वाले व्यापारियों को विशेष तौर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र की ओर से इसे लेकर व्यापारियों से संपर्क भी किया जा रहा है। योजना के तहत व्यवसाय विस्तार, स्वचालित मशीनें लगाने, पैकेजिंग-लेबलिंग, क्लाउड किचन, कोल्ड चेन और वैन आदि के लिए ऋण की सुविधा दी जाएगी। पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा।

Auraiya News: मक्के की फसल पर फॉलआर्मी कीट का खतरा

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औरैया। जनपद के बिधूना क्षेत्र में खरीफ की मक्का फसल पर खतरनाक फॉलआर्मी कीट का प्रकोप देखा जा रहा है।

कृषि विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए किसानों को सचेत किया गया है। यह कीट बेहद नुकसानदेह है। इसकी सूड़ी पौधे पर जाल की तरह फैलकर उसे तेजी से बर्बाद करती है।

जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि इस कीट का सिर काले रंग का होता है, जिस पर उल्टे ‘वाई’ आकार का निशान होता है। इसके शरीर पर गहरे काले धब्बे होते हैं और पत्तियों में छिद्र व किनारों पर महीन भूसे के बुरादे जैसा उत्सर्जित पदार्थ दिखाई देता है। बिधूना क्षेत्र में कुछ जगह इसकी शिकायत सामने आई है। यह तेजी से फसल को नुकसान पहुंचाता है।बचाव के लिए खेतों में पक्षियों के बैठने के लिए टहनियां लगाएं। सुबह छह से नौ बजे तक प्रकाश प्रपंच (लाइट ट्रैप) का प्रयोग करें। रासायनिक छिड़काव के लिए नीम ऑयल (05 मिली/लीटर) या इमामेक्टिन बेन्जोएट (0.4 ग्राम/लीटर) का घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करें। कीट की पहचान बहुत जरूरी है।

फफूंद को जिले का मुख्य रेलवे स्टेशन घोषित करने की मांग तेज

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दिबियापुर। फफूंद रेलवे स्टेशन को जिला मुख्यालय का मुख्य रेलवे स्टेशन घोषित करने की मांग तेज हो गई है। शुक्रवार को उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अजय गुप्ता पैराडाइज के नेतृत्व में व्यापार मंडल ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम बृजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में व्यापार मंडल ने कहा कि जनपद औरैया का प्रमुख रेलवे स्टेशन दिबियापुर में स्थित है। यह स्टेशन जिला मुख्यालय ककोर से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर है। इससे लगभग 3500 से 5000 तक लोगों का रोजाना आवागमन होता है।