Wednesday, June 17, 2026
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राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: 18 हजार की सैलरी… गोबर के ढेर से निकले लाखों, 1.5 करोड़ की जमीन देख SIT हैरान

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Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेराफेरी का मामला अब काफी गंभीर हो चला है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक हाई-लेवल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। दूसरी तरफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मंदिर के एक कर्मचारी लवकुश मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम ने जब रुदौली के शुजागंज क्षेत्र में रहने वाले आरोपी कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। लवकुश के घर से करीब 10 लाख रुपए की नकदी बरामद हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि चोरों और जांच एजेंसियों से बचने के लिए कुछ रकम तो घर की अलमारी में रखी गई थी, जबकि बाकी के पैसे बाहर गोबर के ढेर में दबाकर छिपाए गए थे। हालांकि, प्रशासन ने अभी इस बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक या अंतिम बयान जारी नहीं किया है। इस मामले में एक और संदिग्ध कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है। ये दोनों ही कर्मचारी मंदिर में आने वाले चढ़ावे को गिनने और उसकी देखरेख के काम में लगे थे।

महीने की तनख्वाह 18 हजार, लेकिन खरीद डाली करोड़ों की जमीन
जांच एजेंसियों के रडार पर इन कर्मचारियों की कमाई और संपत्ति का यह अंतर सबसे पहले आया। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों की मासिक सैलरी महज 18 से 20 हजार रुपए के बीच थी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इनकी माली हालत अचानक से बदल गई। जांच में सामने आया है कि एक कर्मचारी ने हाल ही में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की भारी-भरकम कीमत वाली जमीन खरीदी, जबकि दूसरे ने भी लगभग 40 लाख रुपए का एक प्लॉट अपने नाम किया। इतनी कम सैलरी में इतनी बड़ी संपत्तियां खड़ा करना ही जांच एजेंसियों के शक की सबसे बड़ी वजह बना।

पिता का दावा- बेटा निर्दोष है, जमीन गिरवी रखकर जुटाए पैसे
इस बीच, आरोपी लवकुश मिश्रा के पिता बच्चूलाल ने अपने बेटे का बचाव किया है। उन्होंने घर से 10 लाख रुपए मिलने की बात तो स्वीकार की, लेकिन बेटे को पूरी तरह निर्दोष बताया। बच्चूलाल का कहना है कि फैजाबाद में जो मकान बन रहा है, उससे उनके बेटे का कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मकान बनवाने के लिए उन्होंने अपनी खुद की खेती की जमीन गिरवी रखी थी, जिससे यह रकम आई है। दूसरी ओर, गांव वालों का कहना कुछ और ही है। ग्रामीणों के मुताबिक, जांच टीम में 6 लोग शामिल थे (2 पुलिस की वर्दी में और 4 सादे कपड़ों में)। गांव में यह चर्चा आम है कि राम मंदिर में नौकरी मिलने के बाद से ही लवकुश के ठाट-बाट और आर्थिक स्थिति में अचानक बहुत बड़ा उछाल आया था।

IAS अफसर के हाथ में कमान, नृपेंद्र मिश्र ने साधी चुप्पी
मामले के तूल पकड़ने के बाद राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र भी 5 दिनों के भीतर दूसरी बार अयोध्या पहुंचे। हालांकि, जब उनसे इस वित्तीय गड़बड़ी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनका काम सिर्फ और सिर्फ मंदिर निर्माण के कार्यों की देखरेख करना है, वे इस मामले पर टिप्पणी नहीं करेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की लिखित शिकायत और अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस पूरे घोटाले की परतें खोलने के लिए जो SIT बनाई है, उसकी कमान एक सीनियर प्रशासनिक अधिकारी को सौंपी गई है। लखनऊ के कमिश्नर (IAS) विजय विश्वास पंत को इस जांच टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ IPS किरन एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। शासन ने इस टीम को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर अपनी शुरुआती (प्रारंभिक) रिपोर्ट और अगले 15 दिनों के अंदर पूरी अंतिम जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपें।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश के आरोपों पर CM योगी का बड़ा एक्शन, गोबर के ढेर से लाखों मिलने पर SIT गठित

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और दान राशि से संबंधित आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है। यह दल तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों के संबंध लगाए जा रहे आरोपों की जांच कर सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा।

IAS विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में 3 सदस्यीय SIT गठित

एसआईटी में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी तथा लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी व पुलिस महानिरीक्षक किरन एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं। बयान में कहा गया कि अयोध्या स्थित तीर्थ क्षेत्र में दानपात्रों को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष जांच दल गठित किए जाने का अनुरोध किया था। ट्रस्ट के अनुसार अफवाहों पर रोक लगाने और मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए इसकी गहन जांच आवश्यक है। यह तीर्थ क्षेत्र की छवि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचाने की गहरी साजिश है, जिसका पर्दाफाश होना बेहद जरूरी है।

‘सरकार का हर आदेश मंजूर’- सवालों पर SIT सदस्य का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रस्ट के इस अनुरोध पर तत्काल प्रभाव से तीन वरिष्ठ अधिकारियों के विशेष जांच दल का गठन किया है। यह टीम पूरे प्रकरण की गहन छानबीन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। तीन सदस्यों वाली एसआईटी के एक सदस्य से संपर्क करने पर उन्होंने इस विषय पर सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। हालांकि, समिति के इस सदस्य ने एक न्यूज एजेंसी से सिर्फ इतना कहा, कि सरकार जो भी काम हमें सौंपेगी, हम उसे पूरा करेंगे। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं कहना है।

‘चढ़ावे के करोड़ों रुपए गायब’- अखिलेश यादव का तीखा हमला

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे में आए करोड़ों रुपए गायब हो गए। यादव ने इस मामले में अदालत से स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। उन्होंने 7 जून को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों रुपये की रकम गायब होने की सूचना मिली है। यादव ने कहा कि ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता।

Delhi-NCR और UP के लोगों का इंतजार खत्म, आ गई जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की फाइनल डेट, इस दिन से शुरू होंगी उड़ानें

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Noida International Airport First Flight : दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों का वर्षों लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। जेवर (गौतमबुद्ध नगर) में बनकर तैयार हुआ ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ (NIAL) कल यानी 15 जून 2026 से अपनी पहली कमर्शियल उड़ान के साथ पूरी तरह चालू होने जा रहा है। दिल्ली के आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट के बाद यह दिल्ली-एनसीआर का दूसरा बड़ा इंटरनेशनल गेटवे बनेगा। एयरपोर्ट की पहली उद्घाटन उड़ान देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo द्वारा ऑपरेट की जाएगी।

वहीं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओपनिंग को बेहद खास और ऐतिहासिक बनाया जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट से रवाना होने वाली सबसे पहली विशेष उड़ान में उन स्थानीय किसानों को यात्रा कराई जाएगी जिनकी जमीन पर इस भव्य एयरपोर्ट का निर्माण हुआ है।

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15 जून की सुबह होने वाले इस उद्घाटन समारोह में केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट के सीईओ (CEO) भी मौजूद रहेंगे जो इस फ्लाइट को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

फ्लाइट्स का पूरा टाइम-टेबल और रूट

जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत चरणबद्ध (Phase-wise) तरीके से की जा रही है। उद्घाटन फ्लाइट वास्तव में लखनऊ से 15 जून सुबह 7:05 बजे उड़ान भरेगी और सुबह 8:05 बजे नोएडा एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। इसके बाद यहां से लखनऊ के लिए वापसी की उड़ान होगी। अगले ही दिन यानी 16 जून से आईटी सिटी बेंगलुरु के लिए नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी। जुलाई महीने से नवी मुंबई, भोपाल, देहरादून, जोधपुर और बरेली के लिए भी डायरेक्ट फ्लाइट्स की सेवा शुरू हो जाएगी।

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इंडिगो के बाद ‘अकासा एयर’ और ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगी। वहीं इस साल (2026) के अंत तक यहाँ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू करने की तैयारी है। जेवर एयरपोर्ट को दुनिया के सबसे आधुनिक और डिजिटल एयरपोर्ट्स की तर्ज पर विकसित किया गया है जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।

पेपरलेस और डिजिटल ट्रैवल: पैसेंजर्स के समय को बचाने के लिए यहां ‘सेल्फ चेक-इन कियोस्क’, ‘डिजीयात्रा’ (DigiYatra) के तहत बायोमेट्रिक फेस-बोर्डिंग और ऑटोमेटेड बैगेज ड्रॉप काउंटर लगाए गए हैं जिससे लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।

प्रीमियम टर्मिनल: टर्मिनल के अंदर आलीशान वेटिंग लाउंज, बिजनेस और फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए खास प्रीमियम लाउंज, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग जोन, ब्रांडेड रेस्टोरेंट और बड़ा फूड कोर्ट बनाया गया है।

धुंध और कोहरे का तोड़: एयरपोर्ट का रनवे 3,900 मीटर लंबा है जिस पर बेहद एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम और आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग लगाई गई है। इसकी मदद से उत्तर भारत की भीषण सर्दियों और घने कोहरे (Dense Fog) में भी फ्लाइट्स बिना किसी रुकावट के सुरक्षित लैंड और टेकऑफ कर सकेंगी।

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जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार के बेहतरीन तालमेल का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में करीब 1334 हेक्टेयर (लगभग 3300 एकड़) जमीन का अधिग्रहण किया गया था।

इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विकसित भारत के संकल्प की रफ्तार बताते हुए कहा था कि जेवर एयरपोर्ट सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी, पर्यटन, वैश्विक निवेश और लॉजिस्टिक्स का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा।

VIDEO: आसमान में फंसी 223 यात्रियों की सांसे… सिडनी जा रहे प्लेन के बाएं इंजन के उड़े परखच्चे

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कोलंबो: श्रीलंका में 12 जून शुक्रवार को एक बहुत बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। कोलंबो से सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) जा रहे श्रीलंकन एयरलाइंस के एक बड़े यात्री विमान पर उड़ान के दौरान आसमान में बिजली गिर गई। बिजली गिरने से विमान के बाएं इंजन को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन पायलट की सूझबूझ और किस्मत के चलते एक भयानक तबाही टल गई। क्रू मेंबर्स ने समझदारी दिखाते हुए विमान को वापस कोलंबो एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड करा लिया।

आधी रात को आसमान में क्या हुआ?  
घटना के मुताबिक, श्रीलंकन एयरलाइंस के विमान Airbus A330-243 ने रात करीब 1:00 बजे कोलंबो के बंदरनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सिडनी के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ ही समय बाद विमान का सामना बेहद खराब मौसम और भयंकर कड़कती बिजली से हुआ।

अचानक एक तेज बिजली सीधे विमान के Left Engine पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि इंजन के कवर पर जलने के गहरे निशान बन गए और उसके कुछ हिस्से उखड़कर अलग हो गए।

 पायलट का सूझबूझ भरा फैसला
इंजन डैमेज होने के तुरंत बाद फ्लाइट क्रू और पायलट ने बिना वक्त गंवाए इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन किया। उन्होंने आगे का सफर जारी रखने के बजाय विमान को तुरंत वापस मोड़ने (Divert) का फैसला किया। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए क्षतिग्रस्त इंजन के साथ विमान को वापस कोलंबो के बंदरनायके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। एयरलाइंस ने भी आधिकारिक बयान जारी कर इस सफल लैंडिंग की पुष्टि की है।

 सभी यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित  
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में सबसे राहत की बात यह रही कि किसी को खरोंच तक नहीं आई। विमान में सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं:

कुल यात्री: 207
क्रू मेंबर्स: 16
 
लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को तुरंत दूसरे विमान (Airbus A330) में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद उन्होंने सिडनी के लिए अपनी आगे की यात्रा पूरी की। वहीं, बिजली का शिकार हुए विमान को गहरी तकनीकी व स्ट्रक्चरल जांच और मरम्मत के लिए एयरलाइन के हैंगर (Hangar) में भेज दिया गया है।

मौत के मुंह तक ले गया इंस्टाग्राम का इश्क: ‘जीने का मन नहीं करता’, भेजे वॉयस मैसेज; और फिर इस हाल में मिली लाश

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राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह रेलवे क्रॉसिंग के पास जंगल में एक पेड़ की डाल से दुपट्टे के सहारे युवक का शव लटका मिला। मोबाइल फोन और आधार कार्ड की मदद से पुलिस ने उसकी पहचान की। उसकी पहचान बदायूं के हरगनपुर गांव, पोस्ट-सिरासौल, बिल्सी निवासी अमन (20) के रूप में हुई।

घटना निगोहां थाना क्षेत्र के ब्रह्मदासपुर गांव स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास की है। पुलिस को मोबाइल फोन से कुछ वॉइस मैसेज भी मिले हैं। पुलिस का दावा है कि अमन ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की है। युवती निगोहां और मोहनलालगंज क्षेत्र के बीच के किसी गांव की रहने वाली बताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने हत्या किए जाने की आशंका जताई है। 

रोहतक में मजदूरी करता था अमन

शनिवार सुबह करीब 6.00 बजे ग्रामीणों ने अमन का शव पेड़ से लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोबाइल फोन और आधार कार्ड की मदद से उसकी पहचान करके परिजनों को जानकारी दी। पिता राजेश ने पुलिस को बताया कि अमन हरियाणा के रोहतक में मजदूरी करता था। शुक्रवार शाम करीब 8.00 बजे उनकी उससे बात हुई थी। उस समय वह काफी परेशान लग रहा था।

उन्होंने अमन से घर आने के लिए कहा था, लेकिन उसने साफ मना कर दिया था। शनिवार सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिली। मौके से पुलिस को बैग भी मिला है। जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी बुलाई गई। एफएसएल टीम ने मौके से कुछ नमूने एकत्र करके जांच के लिए भेजे हैं।

वॉइस मैसेज से आत्महत्या की आशंका

पुलिस का कहना है कि अमन के मोबाइल फोन की जांच में कुछ वॉइस मैसेज मिले हैं। ये मैसेज उसने दो-तीन दिन पहले अपने कुछ परिचितों को भेजे थे। इसमें उसने कहा था कि उसका जीने का मन नहीं कर रहा है। मोबाइल फोन में ‘जान आई लव’ और ‘लव यू-2’ नाम से दो नंबर भी सेव मिले हैं।

जांच में पुलिस को यह भी पता चला है कि अमन ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की है। सूत्रों के अनुसार, अमन की इंस्टाग्राम के माध्यम से निगोहां और मोहनलालगंज क्षेत्र के बीच रहने वाली एक युवती से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया था।

परिजनों ने फिलहाल कोई आरोप नहीं लगाया

एसआई संदीप मिश्रा ने बताया कि अमन के परिजनों ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। परिजन लखनऊ आ रहे हैं। यदि वे कोई तहरीर देते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने हत्या किए जाने की आशंका जताई है।

चिड़ियाघर बना ‘लॉन्ग लाइफ जोन’: पिंजरे में कैद, लेकिन उम्र में आजाद वन्यजीव; बेहतर भोजन-इलाज दे रहा लंबा जीवन

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आधुनिक जीवनशैली में पौष्टिक भोजन, उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरुकता के बावजूद इंसान अक्सर अपनी औसत उम्र तक पहुंचने से पहले ही जिंदगी की दौड़ से बाहर हो जा रहा है। लेकिन, वन्यजीवों की दुनिया में तस्वीर कुछ अलग है। यहां कई ऐसे जीव हैं जो अपनी प्राकृतिक औसत उम्र को पीछे छोड़ते हुए लंबी जिंदगी जी रहे हैं।राजधानी लखनऊ स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर) में वन्यजीवों के जीवनकाल पर किए गए अध्ययन में यह दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि चिड़ियाघर के पिंजरों और बाड़ों में रह रहे कई वन्यजीव अपनी औसत प्राकृतिक उम्र से अधिक समय तक जीवित हैं। इसके पीछे बेहतर भोजन, नियमित चिकित्सकीय देखभाल और पूरी तरह सुरक्षित वातावरण को प्रमुख वजह माना गया है।

चिड़ियाघर प्रशासन ने शेर, हिप्पो, जिराफ और चिंपांजी समेत कई प्रमुख वन्यजीवों के जीवनकाल का अध्ययन किया। इसमें पाया गया कि प्रत्येक जीव की उम्र, शारीरिक जरूरत और मौसम के अनुसार उसकी खुराक तय की जाती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वहीं जंगल की तरह यहां शिकारियों या अन्य प्राकृतिक खतरों का सामना भी नहीं करना पड़ता।

एक नजर में

 

वन्यजीव   जन्म उम्र औसत उम्र वजह
बब्बर शेरनी (वंसुधरा) 2006 19 वर्ष 14-15 वर्ष मौसम व उम्र के साथ खुराक में बदलाव, पूरी तरह सुरक्षित वातावरण
हिप्पो (धीरज) 1981 45 वर्ष 35-40 वर्ष वजन के मुताबिक चोकर, हरा चारा, खीरा और अन्य विशेष सुविधाएं
जिराफ (सुजाता) 2001 25 वर्ष 23-25 वर्ष चोकर, चना, हरी पत्तियां, दाना, नियमित देखभाल और अन्य जीवों से सुरक्षा
चिंपांजी (निकिथा) 1990 36 वर्ष 35-38 वर्ष हाई-टेक चिकित्सा, सुरक्षित माहौल और मौसम के अनुकूल पौष्टिक भोजन

जंगल से ज्यादा सुरक्षित है चिड़ियाघर का बाड़ा

जंगल में वन्यजीवों के अस्तित्व पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। उन्हें कभी अपने ही कुनबे के जीवों से तो कभी बाहरी शिकारियों से जूझना पड़ता है। इसके विपरीत, चिड़ियाघर के बाड़ों में वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। यहां उन्हें उनकी शारीरिक जरूरत के आधार पर मापा हुआ पौष्टिक आहार दिया जाता है और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रहते हैं। -उत्कर्ष शुक्ला, वन्यजीव चिकित्सक व उप निदेशक, लखनऊ चिड़ियाघर

इंसानों से सीख, वन्यजीवों पर प्रयोग

लखनऊ चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार बिस्वाल के मुताबिक वर्तमान में मनुष्यों की औसत उम्र लगभग 70 वर्ष है, लेकिन तनाव और अन्य कारणों से लोग समय से पहले ही काल के गाल में समा जाते हैं। वन्यजीवों के मामले में ऐसा नहीं है। चिड़ियाघर परिसर में इस समय दो दर्जन से अधिक ऐसे वन्यजीव मौजूद हैं, जो अपनी ढलती उम्र के बावजूद बेहतर देखरेख, प्यार और समय पर मिलने वाले इलाज की बदौलत लंबी और खुशहाल जिंदगी का आनंद ले रहे।

राम मंदिर दान विवाद: ट्रस्ट ने सीएम योगी से की मांग, एसआईटी गठित करके करवाएं जांच

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यूपी के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में ट्रस्ट ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। ट्रस्ट ने अब सीएम योगी से एसआईटी गठित करके जांच करवाने की मांग की है। मामले का सबसे गंभीर पहलू यह माना जा रहा है कि कथित रूप से धनराशि लंबे समय तक मंदिर परिसर से बाहर जाती रही, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। जांच कमेटी अब यह भी पड़ताल करेगी कि सुरक्षा जांच, निगरानी व्यवस्था और प्रवेश-निकास नियंत्रण प्रणाली में आखिर कहां चूक हुई।

इतना ही नहीं सीसीटीवी कवरेज, सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता भी जांच के दायरे में रहेगी। यदि सुरक्षा स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। 

जानें अभी तक इस पर क्या हुआ?

बताते चलें कि राम मंदिर के दानपात्र से धन गबन के आरोप में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में छापेमारी कर 10 से 12 लाख रुपये बरामद किए गए। कार्रवाई राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में की गई। बरामदगी आरोपी लवकुश मिश्रा के घर से हुई, जो मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत रहा है।

लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि ट्रस्ट के तीन-चार लोग उनके घर पहुंचे और ताला तोड़कर नकदी अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी क्योंकि वे गाजियाबाद में रह रहे थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है और मकान निर्माण के लिए उन्होंने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, लवकुश पहले कार मिस्त्री था और मंदिर में नौकरी मिलने के बाद उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से बदली थी। वहीं गांव में यह भी चर्चा है कि कुछ रुपये घूर में छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद किया है।

लवकुश राम मंदिर में कर्मी के तौर पर कार्यरत रहा

आरोपी युवक लवकुश मिश्रा (27 वर्ष) राम मंदिर में कर्मी के तौर पर कार्यरत रहा। उस पर दानपात्र के चढ़ावे के पैसे का गबन करने का आरोप है। लवकुश के पिता बच्चूलाल ने बताया कि राम मंदिर से चंपत राय सहित तीन-चार लोग उनके घर आए थे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में बन रहे मकान का उनके बेटे से कोई संबंध नहीं है। यह मकान उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर बनवाया है। मेरा लड़का पिछले 5-6 महीने से राम मंदिर में काम कर रहा था। उसे वहां रवि मिश्रा ने काम पर लगवाया था।

रवि मिश्रा हमारे समधी हैं। फैजाबाद में जिस मकान का निर्माण हो रहा है, उसके लिए हमने बहुत पहले जमीन खरीद ली थी। उस जमीन और मकान से मेरे लड़के का कोई लेना-देना नहीं है। मैं करीब 10-12 बीघा खेत गिरवी रखकर मकान बनवा रहा हूं। मेरा लड़का जो पैसा राम मंदिर से लेकर आया था, उसे जो लोग यहां आए थे, वे अपने साथ लेकर चले गए। अब उससे हमारा कोई मतलब नहीं है।

जसपाल राणा के निधन पर CM योगी ने जताया दुख, कहा- उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक मंच पर भारत को गौरव दिलाने वाले जसपाल राणा की असाधारण उपलब्धियां और युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने में उनका योगदान हमेशा यादगार रहेगा। उन्होंने निशानेबाज के निधन पर शोक व्यक्त किया। राणा (49) का बृहस्पतिवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया।

आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”विश्वप्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज, निशानेबाजी कोच, ‘पद्म श्री’ जसपाल राणा का निधन अत्यंत दु:खद एवं भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि।” उन्होंने कहा, ”वैश्विक पटल पर भारत को गौरवान्वित करने वाली उनकी असाधारण उपलब्धियां तथा युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ”प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि वह उन्हें अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके प्रशंसकों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ऊं शांति।’

इंडिगो फ्लाइट में Bomb की अफवाह से अफरा-तफरी, शौचालय में नोट मिलने के बाद रोकी गई उड़ान… जांच में कुछ नहीं मिला

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Lucknow News: लखनऊ से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की एक उड़ान में शुक्रवार को विलंब हो गया क्योंकि विमान में बम होने की झूठी धमकी की सूचना मिली। सूत्रों के अनुसार, लगभग 180 यात्रियों को लेकर यह उड़ान सुबह 10.45 बजे लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली थी, लेकिन प्रस्थान से कुछ समय पहले ही चालक दल को संभावित बम धमकी की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद विमान को एप्रन पर रोक दिया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन तलाशी अभियान शुरू किया।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि विमान के शौचालय से एक टिशू पेपर मिला, जिस पर बम लिखा हुआ था, जिसके बाद अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि जांच में यह धमकी झूठी निकली। अधिकारियों ने बताया कि विमान की पूरी जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों के अनुसार, आगे की कानूनी और सुरक्षा प्रक्रियाएं जारी हैं। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक उड़ान रवाना नहीं हुई थी।

राम मंदिर के बनने से अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन को सार्वजनिक किया जाए: भाजपा नेता

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नेशनल डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रजनीश सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी को लेकर हो रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के बनने के समय से लेकर अब तक के सभी वित्तीय लेन-देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की। सिंह ने शुक्रवार को भेजे पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वह ट्रस्ट को निर्देश दें कि न्यास अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी आय, खर्च, दान, बैंक खातों, जमीन के लेन-देन और संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक करे।

करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक राम मंदिर 
उन्होंने भगवान राम को सत्य, धर्म और जन-कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि राम के नाम पर काम करने वाली संस्थाओं को पारदर्शिता के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए। उन्होंने पत्र में कहा, “देश-विदेश के करोड़ों भक्तों ने राम मंदिर के निर्माण के लिए अपनी आस्था और जीवन भर की कमाई का योगदान दिया है। यह धन किसी व्यक्ति, समूह या संस्था का नहीं है, बल्कि करोड़ों भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है।” सिंह ने कहा कि हर भक्त को यह जानने का ‘नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार’ है कि दान में मिले पैसे, गहनों और अन्य कीमती चीजों का इस्तेमाल कैसे किया गया है। भाजपा नेता की यह मांग मंदिर के दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आई है।

पूर्व सांसद ने मंदिर में चोरी को लेकर उठाए सवाल 
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बुधवार को दावा किया था कि उन्हें राम मंदिर में दान के कथित दुरुपयोग और चोरी के बारे में जानकारी थी लेकिन वे इसका विवरण बताने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने गोंडा में पत्रकारों से कहा था, “अगर मैं सच बोलूंगा, तो मुसीबत में पड़ जाऊंगा क्योंकि वे बहुत ताकतवर लोग हैं।” रजनीश सिंह ने पत्र में ‘समर्पण निधि’ अभियान के तहत जमा हुए फंड, नकद, चेक, ऑनलाइन अंतरण और दान पेटियों के जरिए मिले दान, सोना, चांदी व गहनों के रूप में मिले योगदान का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।

श्रद्धालु की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शुक्रवार को कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले की जांच पहले ही शुरू कर दी है। शाही ने कहा, “ट्रस्ट अपने नियमों और कानूनों के अनुसार जरूरी कार्रवाई करेगा। ट्रस्ट इस मामले को लेकर पूरी तरह से जागरूक और सतर्क है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा की जाएगी और कहा, “किसी भी श्रद्धालु की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।

अगर कहीं कोई कमी या गड़बड़ी है, तो उसकी जांच की जा रही है। शाही ने कहा कि राज्य सरकार अभी इस मामले में दखल नहीं दे रही है क्योंकि यह ट्रस्ट का मामला है। उन्होंने कहा, “अगर ट्रस्ट सरकार से किसी मदद या कार्रवाई की उम्मीद करता है, तो सरकार उस पर विचार करेगी।