इटावा। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार से जिले के 1484 परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई। स्कूल के पहले ही दिन कहीं विद्यालय निर्धारित समय तक नहीं खुले, तो कहीं परिसर में गंदगी का अंबार मिला। कई स्कूलों में पानी की किल्लत के कारण शौचालय बंद थे। वहीं, अधिकांश विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। कई जगह शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों और अभिभावकों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करते नजर आए। जिले में करीब 90 हजार छात्र-छात्राएं परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत हैं। 20 मई से शुरू हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को विद्यालय खुले। हालांकि, बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी की ओर से जारी शासनादेश में विद्यालय खुलने से पहले शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई विद्यालयों में इनका पालन नहीं दिखा।
बकेवर। प्राथमिक विद्यालय बकेवर प्रथम में पहले दिन पहुंचे नौनिहालों का रोली-चंदन का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। प्रधानाध्यापक नवनीत कुमार पाण्डेय, सहायक अध्यापक शबाना खानम, रीना कुमारी, आरती तथा शिक्षामित्र रीना तिवारी और धूप श्री ने बच्चों का अभिनंदन कर उन्हें टॉफियां वितरित कीं। इसके विपरीत, कंपोजिट विद्यालय बकेवर में 272 बच्चों के सापेक्ष केवल 10 बच्चे ही पहुंचे। प्रधानाचार्य बलराज चतुर्वेदी और शिक्षक बच्चों का इंतजार करते रहे। विद्यालय परिसर में सफाई नहीं हुई थी। प्रधानाचार्य ने बताया कि सफाई व्यवस्था के लिए नगर पंचायत को पत्र भेजा गया है। कुड़रिया कंपोजिट विद्यालय में भी सुबह शिक्षक बच्चों की राह देखते मिले। परिसर में गंदगी फैली थी और सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचा था। (संवाद)


