Thursday, February 19, 2026
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अछल्दा गौतला एक गोलीकांड व तीन मुठभेड़, अपराधियों के हौसले बुलंद

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औरैया। 16 दिन पहले अछल्दा में हुए गोलीकांड में पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए जंग कर रही है। यह तस्दीक पुलिस व बदमाशों के बीच हुई तीन मुठभेड़ कर रही है। तीन मुठभेड़ में चार आरोपी धरे गए हैं, जिन्होंने पुलिस पर भी फायर झोंका है। वहीं, गोलीकांड में जहां अपराधियों का दुस्साहस साफ-साफ दिखा। जिलाबदर रहते अपराधियों ने वारादात को अंजाम दिया। गोलीकांड में एक जान चली गई तो दूसरा घायल हुआ था। खास बात तो यह है कि इस कांड की साजिश रचने में गैर जनपद में तैनात खाकी वर्दी भी शामिल रही। पकड़े आए अपराधियों ने पूछताछ में यह बात खुद कबूली है। ये पूरा मामला अपराधियों में पुलिस को कोई खौफ न होना बयां कर रहा है।

अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव गौतला में बदमाशों के दो गुटों की तनातनी वैसे तो काफी समय से चली आ रही है। यह तनातनी वर्ष 2024 में दुश्मनी में बदल गई। पुलिस के अनुसार दूसरे गुट के विपिन और उसके दोस्त प्रशांत को रास्ता से हटाने के लिए फिरोजाबाद में तैनात सिपाही कुलदीप ने साजिश रची। 24 सितंबर को घर जाते समय विपिन व प्रशांत पर फायर झोंक दिया। इसमें विपिन घायल हो गया जबकि प्रशांत ने भाग कर जान बचाई, लेकिन आरोपियों ने रात में उसे घर के बाहर उसे उठा लिया। बाद में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस को उसका शव 26 अक्तूबर को धान के खेत में मिला था। मामले में पुलिस ने रजनीश, रॉकी, सुखानी, राहुल जयकेश, सुखदेव, बलवीर, कुलदीप व अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की और धरपकड़ के लिए दबिश दी। 28 सितंबर मुठभेड़ में पुलिस ने सुखानी को गिरफ्तार कर लिया। 30 सितंबर को मुठभेड़ में गौतम व सुखदेख को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बाद अपराधियों में पुलिस का खौफ नहीं दिखा। बुधवार रात चेकिंग के दौरान रजनीश ने भी पुलिस पर फायर झोंक दिया जो उनके दुस्साहस को बताता है। जानकार बताते हैं कि इन अपराधियों को सफेदपोश भी संरक्षण देते हैं। चुनावी बयार में इन अपराधियों का सहारा लिया जाता है। थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा ने बताया कि गोलीकांड में नामजद राहुल ने दो अक्तूबर को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

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हिस्ट्रीशीटर झबरा बना पुलिस की चुनौती
बुधवार को जेल गए आरोपी रजनीश ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि गोलीकांड में गांव नगला रामधन निवासी गैंगस्टर व हिस्ट्रीशीटर प्रदीप यादव उर्फ बबलू झबरा व गांव द्वारिका की मडैया निवासी अनुज यादव शामिल थे। झबरा का नाम प्रकाश में आने के बाद अब वह पुलिस के लिए चुनौती बन गया। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 30 मुकदमे दर्ज हैं।

Auraiya News: सहायल में स्वास्थ्य टीम ने डाला डेरा, जांच के बाद बांटी दवाएं

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औरैया। सहायल में फैले बुखार के प्रकोप के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में डेरा डाला है। टीम ने बुखार के मरीजों की जांच की। और 36 मरीजों के सैंपल भी लिए। हालांकि रिपोर्ट में वायरल बुखार आया। वहीं, डेंगू के एक संदिग्ध मरीज को पीएचसी में भर्ती कराया गया। एलाइजा जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट का विभाग को इंतजार है। उधर, पीएचसी में भी वायरल बुखार से ग्रसित मरीज बड़ी तादाद में पहुंचे जिन्हें किट से जांच के बाद दवाएं बांटी गईं।

सहायल गांव में बुधवार को बुखार से ग्रसित एक वृद्धा की मौत हो गई थी। इस पर संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने गांव में फैले बुखार की हकीकत जांची थी। 10 अक्तूबर को खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया है। गुरुवार को गांव में किट से हुई जांच में एक मरीज के डेंगू होने की आशंका जताई गई थी। जिसे शुक्रवार को पीएचसी में भर्ती कराया गया। वहीं, दूसरे दिन शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम के पहुंचने के बाद बुखार से पीड़ित मरीज घरों से निकलकर शिविर में पहुंचे।

शिविर में डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की किट से जांच की। यहां पर 36 मरीजों की जांच किट से हुई। जांच में वायरल बुखार पाया गया जिन्हें दवाएं भी दी गई। शिविर में सुबह से दोपहर तक जांच का दौर जारी रहा। उधर पीएचसी में भी मरीजों की भीड़ उमड़ी। पीएचसी के डॉ. अभय कुमार ने बताया कि गांव में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच की गई है। 36 मरीजों के सैंपल लिए गए हैं जबकि डेंगू की आशंका पर एक मरीज को पीएचसी में भर्ती कराया गया है। एलाइजा रिपोर्ट आने के बाद हकीकत पता चलेगी। ——————

गांव में सफाई अभियान हुआ तेज
फोटो-10एयूआरपी 04- नालियों की सफाई करते कर्मी। संवाद
सहायल में बुखार तेजी से फैलने पर पंचायती राज विभाग भी हरकत में आया है। गली-मोहल्लों में बजबजाती नालियों की सफाई शुरू कराई गई है। सफाई कर्मी दिनभर इस काम में जुटे रहे। सचिव से लेकर ब्लॉक के जिम्मेदार इस अभियान की सुध लेते रहे।

Auraiya News: तत्कालीन वन रेंजर और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट

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अजीतमल। वन विभाग के तत्कालीन वन रेंजर व उसके बेटे पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि मकान बनवाने के नाम पर ईंट भट्ठा मालिक से 29 लाख रुपये उधार लिए थे जिसे लौटाया नहीं गया। यहां तक कि मारपीट कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।

कोतवाली क्षेत्र के गांव गढिया राय निवासी गोपाल दुबे का भट्ठा व आरा मशीन है। आरोप है कि पूर्व में तैनात वन रेजर नरेंद्र रावत ने आगरा में मकान खरीदने के लिए 2,871,738 नकद व 54,500 रुपये की कुल 29,26,000 ईंटें उसके भट्ठे से उधार ली थी। वन रेंजर ने कुछ दिन बाद रुपये वापस करने की बात कही थी। काफी दिन हो जाने के बद गोपाल ने रुपये वापस करने के लिए कहा तो आरोपी टरकाने लगा। रुपये हड़पने की नीयत समझ आने के बाद पीड़ित ने तत्कालीन एसपी व अन्य अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। एसपी ने मामले में तत्कालीन सीओ भरत पासवान को जांच के निर्देश दिए थे।
जांच रिपोर्ट देने के बाद भी कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसी दौरान तीन नवंबर 2023 को आरोपी नरेंद्र रावत व उसके बेटे अभिषेक रावत ने मारपीट कर दी थी। जिसका वीडियो पीड़ित के पास है। पीड़ित ने आरोपी पर पद व रसूख का गलत प्रयोग करने का आरोप लगाया। मारपीट के मामले में आरोपी अधिकारी ने ऑफिस के कर्मचारी पर गलत बयान देने व पीड़ित की आरा मशीन पर कार्रवाई की धमकी दी थी। पीड़ित ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। जहां छह अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए। तत्कालीन वन रेंजर नरेंद्र रावत ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी हुई है। आरोप निराधार हैं। ऑफिस में घुसकर विपक्षियों ने सरकारी कागज फाड़े दिए थे। उधर अजीतमल सीओ सृष्टि सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट की गई है।

Auraiya News: डॉक्टरों की कमी से कराह रहे सरकारी अस्पताल, मरीज बेहाल

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औरैया। लगातार जिले की आबादी बढ़ रही है लेकिन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। आबादी के हिसाब से डॉक्टरों की कमी खल रही है। औरैया जिले की बात करें तो यहां पर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में 150 डॉक्टरों की जरूरत है पर महज 78 डॉक्टर ही तैनात है। स्वीकृत के मुकाबले डॉक्टरों के आधे पद रिक्त हैं। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार शासन को डिमांड भेजी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार एक हजार की जनसंख्या पर एक डॉक्टर होना चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय मानक है। मानक के अनुसार अगर डॉक्टर मिल जाए तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस मानक के अनुसार अगर हम औरैया की बात करें तो यहां पर इस समय करीब 14 लाख की आबादी है। ऐसे में एक हजार की आबादी के हिसाब से 1400 डॉक्टर होने चाहिए लेकिन स्वास्थ्य महकमे में इस समय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में 150 पद डॉक्टरों के स्वीकृत हैं। इनके मुकाबले करीब 78 की तैनाती है। शेष पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। खास बात तो यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी रोजाना दो हजार के पार जा रही है। वहीं, जिला अस्पताल में 500 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। कुछ ऐसा हाल सीएचसी का भी है। मरीजों की भीड़ उमड़ रही है लेकिन उन्हें इलाज के लिए डॉक्टर मिल नहीं रहे हैं। इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। तब कहीं जाकर उन्हें इलाज नसीब हो रहा है। गंभीर रोगियों को तो गैर जनपद की दौड़ लगानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर शासन में लगातार डिमांड भेजी जा रही है। धीरे-धीरे डॉक्टरों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है।

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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों के 86 पद स्वीकृत है। इसके मुकाबले 35 की तैनाती हो सकी है। 51 पद रिक्त हैं। ऐसा ही हाल शहर के जिला अस्पताल का है। यहां पर स्वीकृत 22 पदों के मुकाबले नौ की तैनाती है। 13 डॉक्टरों की कमी है। सीएचसी की बात करें तो हर सीएचसी में डॉक्टरों के छह पद स्वीकृत हैं लेकिन इनके मुकाबले आधे से ज्यादा पद खाली हैं। दिबियापुर में तीन, बेला में दो, बिधूना में दो, अछ्ल्दा में तीन, एरवाकटरा में दो, सहार में दो व अजीतमल में दो पद रिक्त हैं।

Free LPG Cylinder: सरकार का बड़ा फैसला, दीवाली पर 1.75 करोड़ महिलाओं को मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर, जानिए आवेदन कैसे करें!

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नेशनल डेस्कः उत्तर प्रदेश सरकार ने दिवाली 2025 के अवसर पर राज्य की 1.75 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस सिलेंडर देने का ऐलान किया है। यह सुविधा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दी जाएगी। योगी सरकार की यह पहल महिलाओं के जीवन में सुविधा और स्वच्छता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्या है फ्री गैस सिलेंडर योजना?
यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की पात्र लाभार्थी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार त्योहारों के दौरान इन उपभोक्ताओं को मुफ्त सिलेंडर प्रदान करती है। इसके लिए महिलाओं को पहले सिलेंडर खरीदना होगा और बाद में सरकार सब्सिडी की राशि उनके बैंक खाते में वापस ट्रांसफर कर देती है। यानी, सिलेंडर का भुगतान रिम्बर्समेंट के जरिए किया जाता है।

ई-केवाईसी कराना अनिवार्य
फ्री सिलेंडर का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा होना जरूरी है। इसके लिए महिलाएं आधिकारिक उज्ज्वला योजना वेबसाइट पर जाकर ई-केवाईसी टैब पर क्लिक करें, अपनी गैस कंपनी (इंडेन, एचपी या भारत गैस) चुनें और निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरी करें। यदि चाहें तो नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर भी ई-केवाईसी करवा सकते हैं। बिना ई-केवाईसी के भुगतान में देरी हो सकती है, इसलिए इसे जल्द पूरा करना आवश्यक है।

कैसे उठाएं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ?
जिन महिलाओं ने अभी तक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन नहीं किया है, उन्हें पहले आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन, चूल्हा, रेगुलेटर, पाइप और पहला भरा हुआ सिलेंडर मिलता है। इसके अलावा, प्रति वर्ष अधिकतम नौ सिलेंडरों पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी भी दी जाती है। 5 किलो के छोटे सिलेंडर पर सब्सिडी वजन के आधार पर तय होती है। इस योजना का लाभ केवल 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाएं ही उठा सकती हैं और इसके लिए आवेदन कर सकती हैं।

झारखंड: सारंडा जंगल में IED ब्लास्ट में CRPF इंस्पेक्टर समेत 3 जवान घायल, नक्सलियों ने पुलिया भी उड़ाई

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नेशनल डेस्क : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल से शुक्रवार शाम को एक बड़ी सुरक्षा चुनौती सामने आई है, जहां नक्सलियों ने दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। एक तरफ आईईडी (IED) ब्लास्ट में सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर समेत तीन जवान घायल हो गए, वहीं दूसरी जगह नक्सलियों ने विस्फोटक से एक पुलिया उड़ा दी।

अभियान पर हमला
यह घटना जराईकेला थाना क्षेत्र के सामठा इलाके के बाबूडेरा में हुई। जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने अचानक आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इसमें सीआरपीएफ 60 बटालियन के इंस्पेक्टर केके मिश्रा के साथ दो अन्य जवान रामकृष्ण घाघराई और मंटू कुमार घायल हुए। रामकृष्ण घाघराई खरसावां के विधायक कृष्ण गागरे के भाई हैं।

तत्काल राहत और उपचार
घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि घायल जवानों का उपचार किया जा रहा है। सुरक्षा बलों पर हमले के अलावा, नक्सलियों ने एक अन्य स्थान पर लैंडमाइन ब्लास्ट कर पुलिया उड़ा दी, हालांकि इस घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

इलाके में फिर फैला डर
सारंडा जंगल में पिछले कुछ दिनों से शांति बनी हुई थी, लेकिन नक्सलियों की यह हरकत पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर गई। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की घेराबंदी और सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है। यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों के बावजूद नक्सली अब भी अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

Karwa Chauth 2025: पहली बार रख रही हैं करवा चौथ का व्रत, जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि, मिलेगा कितना समय

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Karwa Chauth 2025: करवा चौथ का दिन हर सुहागिन के लिए बहुत ही खास होता है। सभी सुहागिनें इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करती है। ये त्योहार इस साल 10 अक्टूबर यानी कल मनाया जाएगा। इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर रात 10:54 बजे शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 7:38 बजे खत्म होगी।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 
जानकारी के अनुसार, करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:57 बजे से शुरू होकर 7:11 बजे तक रहेगा यानी एक घंटे 14 मिनट का होगा। इस दौरान पूजा करना शुभ माना जाता है। चंद्रमा उदय शाम 7:42 बजे होगा।

पूजा की विधि 
पूजा के लिए शाम को लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। एक लोटे में जल भरकर उसके ऊपर श्रीफल रखें और कलावा बांध दें। दूसरा मिट्टी का करवा जल से भरकर, ढक्कन में शक्कर रखें और ऊपर दक्षिणा रखें। करवे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद धूप, दीप, अक्षत और फूल अर्पित करें। पूजा के बाद गेहूं के दाने लेकर चौथमाता की कथा पढ़ें या सुनें। रात को चंद्रमा उदय होने पर चंद्र देव को अर्ध्य दें और बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत खोलें।

पूजन सामग्री 
लकड़ी का आसन, देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी, रोली, मौली, मिठाई, छन्नी, लोटे में चावल, दान सामग्री, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, मिट्टी या तांबे का करवा और व्रत कथा की किताब। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक बनकर महिलाओं के जीवन में खुशियां लेकर आता है।

करवा चौथ का महत्व  
करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली का प्रतीक है। इस दिन महिलाएं चंद्रमा की पूजा कर अपने पति की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।

तेज रफ्तार बस का कहर: ललितपुर में बाइक सवार 2 लोगों की दर्दनाक मौत, आरोपी चालक अभी भी फरार; तलाश में जुटी पुलिस

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Lalitpur News: शुक्रवार को ललितपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। यह हादसा सदर कोतवाली क्षेत्र के बिरधा पुलिस चौकी के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, सागर से झांसी जा रही एक तेज रफ्तार निजी बस ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी।

कौन थे मृतक?
इस हादसे में 40 वर्षीय गंगाराम और 30 वर्षीय राजेश की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस इतनी तेज चल रही थी कि चालक बाइक को देखकर भी गाड़ी नहीं रोक पाया और पीछे से टक्कर मार दी।

पुलिस की कार्रवाई
सदर सर्किल अधिकारी (सीओ) अजय कुमार ने बताया कि बस चालक हादसे के बाद लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर बस छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

हादसे के बाद का माहौल
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए ट्रैफिक बाधित हो गया। स्थानीय लोग प्रशासन से इस क्षेत्र में स्पीड लिमिट का कड़ाई से पालन कराने और भारी वाहनों की जांच करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों।

पुलिस की खोज जारी
पुलिस ने बताया कि बस सागर (मध्य प्रदेश) से झांसी (उत्तर प्रदेश) जा रही थी और ललितपुर के शहरी इलाके में प्रवेश करते ही यह हादसा हुआ। पुलिस अब भी बस चालक की तलाश कर रही है और जल्द उसे गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

प्रयागराज में नौकरी का लालच देकर नाबालिग से दरिंदगी, फिर कराया धर्म परिवर्तन! नाराज हिंदू संगठनों ने काटा बवाल

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प्रयागराज (सैयद आकिब रजा): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से धर्मांतरण और दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला यमुनानगर जोन के घूरपुर थाना क्षेत्र के करमा गांव का है, जहां 14 वर्षीय हिंदू नाबालिग लड़की को होटल में काम दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर ले जाया गया, फिर उसका धर्म परिवर्तन कराकर नाम ‘आलिया खान’ रख दिया गया।

नौकरी का झांसा फिर धर्मांतरण के लिए किया मजबूर
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने पहले नौकरी का झांसा दिया, फिर उसे जबरन धर्मांतरण के लिए मजबूर किया। विरोध करने पर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। किसी तरह वह 8 अक्टूबर को आरोपियों के चंगुल से भागकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।

धर्मपरिवर्तन से नाराज हिंदू संगठनों ने थाने का किया घेराव
मामले की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने घूरपुर थाने का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

धर्मांतरण और दुष्कर्म के मामले में केस दर्ज
पुलिस ने धर्मांतरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और घटना की पूरी जांच चल रही है। पुलिस अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले कुशीनगर जिले में भी इसी तरह का धर्मांतरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया था, जिसने प्रदेशभर में गुस्सा और आक्रोश का माहौल पैदा किया था। प्रयागराज की यह घटना एक बार फिर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

नहीं थम रहा भेड़िए का आतंक! खाना खा रही बुजुर्ग महिला पर किया हमला, बुरी तरह नोचा; डर के मारे घर से नहीं निकल रहे लोग

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बहराइच: उत्तर प्रदेश में बहराइच जिले के कैसरगंज क्षेत्र के मझारा तौकली में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला भीगू पुरवा गांव का है, जहां एक बुजुर्ग महिला पर भेड़िए ने बीती रात हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई। घायल महिला को तुरंत बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज जारी है।

अब तक ले चुका चार लोगों की जान 
स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह रात के समय खाना खा रही थीं, तभी अचानक भेड़िया आ गया और उन पर हमला कर दिया। गौरतलब है कि पिछले महीने से भेड़िया अब तक चार व्यक्तियों की जान जा चुकी है और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोग इस बढ़ते खौफ से चिंतित हैं और प्रशासन से सुरक्षा के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

पूरे इलाके में दहशत का माहौल 
इस घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। ग्रामीणों द्वारा स्थानीय प्रशासन को इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की माँग की है, ताकि फिर से ऐसी दुखद घटनाएं न हों।