अजीतमल। वन विभाग के तत्कालीन वन रेंजर व उसके बेटे पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि मकान बनवाने के नाम पर ईंट भट्ठा मालिक से 29 लाख रुपये उधार लिए थे जिसे लौटाया नहीं गया। यहां तक कि मारपीट कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव गढिया राय निवासी गोपाल दुबे का भट्ठा व आरा मशीन है। आरोप है कि पूर्व में तैनात वन रेजर नरेंद्र रावत ने आगरा में मकान खरीदने के लिए 2,871,738 नकद व 54,500 रुपये की कुल 29,26,000 ईंटें उसके भट्ठे से उधार ली थी। वन रेंजर ने कुछ दिन बाद रुपये वापस करने की बात कही थी। काफी दिन हो जाने के बद गोपाल ने रुपये वापस करने के लिए कहा तो आरोपी टरकाने लगा। रुपये हड़पने की नीयत समझ आने के बाद पीड़ित ने तत्कालीन एसपी व अन्य अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी। एसपी ने मामले में तत्कालीन सीओ भरत पासवान को जांच के निर्देश दिए थे।
जांच रिपोर्ट देने के बाद भी कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसी दौरान तीन नवंबर 2023 को आरोपी नरेंद्र रावत व उसके बेटे अभिषेक रावत ने मारपीट कर दी थी। जिसका वीडियो पीड़ित के पास है। पीड़ित ने आरोपी पर पद व रसूख का गलत प्रयोग करने का आरोप लगाया। मारपीट के मामले में आरोपी अधिकारी ने ऑफिस के कर्मचारी पर गलत बयान देने व पीड़ित की आरा मशीन पर कार्रवाई की धमकी दी थी। पीड़ित ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई। जहां छह अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए। तत्कालीन वन रेंजर नरेंद्र रावत ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी हुई है। आरोप निराधार हैं। ऑफिस में घुसकर विपक्षियों ने सरकारी कागज फाड़े दिए थे। उधर अजीतमल सीओ सृष्टि सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट की गई है।