Monday, March 23, 2026
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इंस्टाग्राम पर गुडबाय लिखकर युवती ने पीया जहर… देवदूत बनकर पहुंची यूपी पुलिस, फिर बदल गई पूरी कहानी

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लखनऊ: आजकल सोशल मीडिया का ट्रेंड काफी बढ़ गया है खासकर युवा इंस्टाग्राम, फेसबुक जैस अन्य साइटों पर रील्स देखने में अधिक समय बिताते जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन इसके कई फायदे भी हैं।

दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े किसी भी घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर अलर्ट कर देता है। उसके बाद मौके पर स्थानीय थाने पर सूचना पहुंच जाती है जिससे किसी का घर उजड़ने से बच जाता है। पुलिस ने इस तकनीक के दम पर दो जिंदगियां बचाकर मिसाल पेश की है। पिछले 24 घंटों के भीतर Meta के Facebook और Instagram से मिले सुसाइड अलर्ट के आधार पर पुलिस ने एक युवक और एक युवती को समय रहते बचा लिया।

लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में पहुंची पुलिस, बची जान 
पहला मामला सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 19 वर्षीय युवती ने इंस्टाग्राम पर जहर पीते हुए वीडियो पोस्ट कर आत्महत्या की मंशा जाहिर की। शाम करीब 6:55 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में युवती तक पहुंच बनाई। उस समय वह जहर पी चुकी थी और उसकी हालत बिगड़ रही थी। पुलिस ने तुरंत उसे उपचार दिलाया और काउंसलिंग के जरिए उसकी जान बचाई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि प्रेम संबंध में परिवार की असहमति के चलते वह मानसिक तनाव में थी।

पारिवारिक विवाद में युवक ने जान देने का किया था प्रयास 
दूसरी घटना कौशाम्बी के मंझनपुर क्षेत्र की है, जहां 18 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर जहर खाने की बात कही। दोपहर 1:12 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने मात्र 10 मिनट में उसके घर पहुंचकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। युवक पारिवारिक विवाद के कारण तनाव में था।

आत्महत्या से जुड़े संकेत पर अलर्ट हो जाती है पुलिस
पुलिस के अनुसार, 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े संकेत मिलते ही तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को लोकेशन देकर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है।

यूपी पुलिस ने अब तक बचाई 2266 लोगों की जान 
इस तकनीकी पहल के जरिए 1 जनवरी 2023 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2266 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस सराहनीय प्रयास के लिए यूपी पुलिस को SKOCH Award 2025 और ET Government Tech Award 2026 से सम्मानित किया जा चुका है।

साहब! वो मुझे मारते हैं… 85 साल की महिला की वो दास्तां जिसने DM को भी कर दिया हैरान, घर पहुंची टीम तो खुला बड़ा राज!

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Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में जिलाधिकारी (DM) की जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। बर्रा-दो की रहने वाली 85 वर्षीय राजरानी अपनी लाठी के सहारे कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपने 88 वर्षीय पति शिवराम के खिलाफ प्रताड़ना की गुहार लगाई। उम्र के उस पड़ाव में जहां अपनों के सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहां राजरानी अपनों के ही जुल्म की दास्तां सुना रही थीं।

‘पैसे की कमी नहीं, पर दिल में रहम नहीं’
राजरानी ने DM जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने सुबकते हुए बताया कि उनके पति शिवराम रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें हर महीने 40 हजार रुपए पेंशन मिलती है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि इतनी मोटी पेंशन होने के बावजूद पति उनकी दवाइयों और इलाज पर एक रुपया खर्च नहीं करते। राजरानी ने बताया कि शादी के 60 साल बीत जाने के बाद अब उनके पति उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करते हैं। उनके दो बेटे और तीन बेटियां हैं, सभी शादीशुदा हैं, लेकिन इस उम्र में वे बिल्कुल अकेली और बेबस महसूस कर रही हैं।

बहकावे और चिड़चिड़ेपन की कहानी
बुजुर्ग महिला ने एक चौंकाने वाला आरोप यह भी लगाया कि उनके पति पास के ही एक मेडिकल स्टोर संचालक के बहकावे में आकर उनके साथ ऐसा व्यवहार करते हैं। हालांकि, जब प्रशासन की टीम जांच के लिए घर पहुंची, तो मामले के कुछ और पहलू भी सामने आए।

DM का तुरंत एक्शन, घर पहुंची टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए DM ने तुरंत जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) विकास सिंह को बुजुर्ग के घर भेजा। DPO ने जब पति शिवराम से बात की, तो पाया कि 88 साल की उम्र और गिरती सेहत के कारण वे काफी चिड़चिड़े हो गए हैं, जिससे अक्सर विवाद होता है। प्रशासन ने दखल देकर राजरानी को उनकी चेकबुक और पासबुक वापस दिलाई, ताकि वे आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर न रहें।

नैनीताल में खाई में गिरी कार, जागेश्वर धाम जा रहे UP के 2 पर्यटकों की चली गई जान, दो गंभीर रूप से घायल

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उन्नाव : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में शनिवार को एक कार के गहरी खाई में गिरने से वाहन में सवार दो पर्यटकों की मौत हो गयी और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कार में सवार सभी लोग उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे।

पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना ज्योलिकोट-भवाली मार्ग पर खूपी के पास सुबह साढ़े आठ बजे उस समय हुई, जब पर्यटक जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे कि तभी गेठिया क्षेत्र में चालक का कार पर से नियंत्रण खो गया और गाड़ी अचानक 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। पुलिस ने बताया कि वाहन के गिरने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मुताबिक, पुलिसकर्मियों, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआएफ) और दमकल की टीमों ने बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया।

पुलिस ने बताया कि खाई से कार सवार चारों लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान उन्नाव के रहने वाले अंकित चौधरी और अभिराज के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि घायल अतुल दुबे और श्याम की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। पुलिस के मुताबित, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी, जानिए आवेदन की तारीख और Exam की डेट

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UPTET 2026 Notification: उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने UPTET 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, 27 मार्च से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे और 2 से 4 जुलाई तक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।

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इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया 27 मार्च से आवेदन कर सकते हैं। जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 26 अप्रैल निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

इस परीक्षा के माध्यम से प्रदेश में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षक बनने का सपना देखने वाले लाखों युवाओं को मौका मिलेगा। हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार UPTET के बाद बड़ी शिक्षक भर्ती का ऐलान कर सकती है।

परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए इस बार डिजिटल सिस्टम पर विशेष जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया को मजबूत कर नकल और गड़बड़ी पर लगाम लगाने की तैयारी की गई है। परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से अपडेट्स चेक करते रहें।

क्या है UP-TET परीक्षा?
यूपी-टीईटी यानी उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य परीक्षा है। यह परीक्षा दो स्तरों पर होती है:-
– प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5 तक)
– उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8 तक)

योग्यता क्या होनी चाहिए?
– बी.एड, डी.एल.एड या संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना जरूरी है।

परीक्षा में निम्नलिखित विषय पूछे जाते हैं:
– बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
– हिंदी भाषा
– गणित
– पर्यावरण अध्ययन (प्राथमिक स्तर)
– विज्ञान / सामाजिक विज्ञान (उच्च प्राथमिक स्तर)

गोरक्षक ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर भड़के देवकीनंदन ठाकुर, कहा- ये सनातन की हत्या है!

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मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के हरियाणा बॉर्डर के समीप ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर की राजमार्ग पर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत  पर अब राजनीति गरमा गई है। मथुरा से लेकर अयोध्या के संता ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। इसी कड़ी कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये सनातन की हत्या है। मथुरा जैसे तीर्थ स्थल में गौ तस्करी, गौ हत्या जैसे कृत्य शर्मनाक है। उन्होंने पुलिस की शैली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के मथुरा में रहते हुए ऐसी दुस्साहसिक घटना प्रशासन के लिए चुनौती है।

देवकीनंदन महाराज ने कहा कि ये घटना साजिशन हत्या या दुर्घटना है इसकी शासन प्रशासन ईमानदारी से निष्पक्ष जांच करे। दोषियों पर करें कड़ी कार्रवाई करे। जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। आप को बता दें कि हत्या ने नाराज आक्रोशित भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया।

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना से संबंधित वीडियो में पुलिस को लोगों को हटाने का प्रयास करते हुए देखा जा सकता है जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों पर पथराव करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने इसके बाद दंगाइयों को काबू में करने के लिए पहले हल्का बल प्रयोग किया और फिर आंसू गैस के गोले भी दागे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाबा कोटवन बॉर्डर क्षेत्र में नबीपुर के समीप गोवंश से लदे एक ट्रक को रोकने का प्रयास कर रहे थे कि तभी गौ-तस्करों ने उन्हें कुचल दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक लोगों ने माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। उन्होंने बताया कि बाबा के समर्थक उनका दाह संस्कार करने के लिए ही शव को आजनौख गांव स्थित उनकी गौशाला लाए थे और अब अगर वे पोस्टमॉर्टम कराना चाहेंगे तो अवश्य कराया जाएगा। कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में स्पष्ट किया कि इस मामले में चार-पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच की जाएगी।

उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी हालांकि इलाके में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने एक बयान जारी कर भ्रम दूर करने का प्रयास किया कि फरसा वाले बाबा शनिवार तड़के चार बजे हरियाणा सीमा थाना क्षेत्र कोसीकलां पर वाहन में गोवंश होने की सूचना पर अपने शिष्यों के साथ नगालैण्ड नंबर के एक कंटेनर को रोककर जांच कर रहे थे।

बयान के मुताबिक, उक्त कंटेनर में साबुन, फिनाइल, शैम्पू आदि सामान भरा हुआ था और इसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी, जिससे बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में ट्रक चालक घायल हो गया। अधिकारी ने बताया कि लोगों द्वारा भ्रामक सूचना के कारण जाम व पथराव की घटना हुई और लोगों को समझाया जा रहा है।

उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के संबंध में हर पहलू की जांच की जाएगी। इसी बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिन में गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना की, जहां उन्होंने गिरिराज जी महाराज की आरती में भाग लिया और गोवर्धन परिक्रमा की।

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UP Desk : भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। जांच में सामने आया है कि यह अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क संगठित तरीके से युवतियों को झांसे में लेकर अलग-अलग शहरों में भेजता था। जांच में ये भी सामने आया है कि यह गिरोह लगभग ₹400 करोड़ तक का नेटवर्क चलाता था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है।

सोशल मीडिया के जरिए शिकार बनती लड़कियां 
जांच एजेंसियों के अनुसार, रक्सौल सीमा लंबे समय से मानव तस्करी के लिए संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। हालिया कार्रवाई में एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसका नेटवर्क देश के कई बड़े शहरों तक फैला हुआ था। बताया जा रहा है कि गिरोह सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को अपने जाल में फंसाता था।

कोडवर्ड से लड़कियों को फसाया
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि तस्कर फर्जी पहचान और रिश्तों के नाम का इस्तेमाल करते थे। गिरोह के सदस्य “मामी”, “मौसी”, “बुआ” और “दीदी” जैसे कोडवर्ड के जरिए अलग-अलग शहरों और संपर्क सूत्रों की पहचान करते थे। व्हाट्सएप चैट और डिजिटल साक्ष्यों से यह भी सामने आया कि पीड़ितों की विस्तृत जानकारी साझा की जाती थी, ताकि उन्हें आगे भेजने में आसानी हो सके।

जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी युवतियों को प्रेम जाल, नौकरी या शादी के झूठे वादों में फंसाते थे। विश्वास हासिल करने के बाद उन्हें ब्लैकमेल कर नेटवर्क के हवाले कर दिया जाता था। इस पूरे रैकेट में एजेंटों को हर पीड़िता के बदले मोटी रकम दी जाती थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस और स्थानीय सामाजिक संगठनों ने कई लड़कियों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, मानव तस्करी के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तराखंड में पूर्णागिरि मेले में UP की महिला श्रद्धालु की अचानक मौत, दर्शन कर लौट रही थी और फिर…

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UP desk: इस समय एक बड़ी दुखद घटना सामने आई है। जहां उत्तराखंड में पूर्णागिरि मेले में यूपी (UP) की महिला श्रद्धालु की अचानक मौत हो गई। बताया गया कि महिला दर्शन कर लौट रही थी। तभी उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिस वजह से महिला श्रद्धालु की जान चली गई।

मिली जानकारी के अनुसार मां पूर्णागिरि मेले में यूपी के जिला एटा निवासी एक महिला श्रद्धालु की सेहत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे नजदीकी स्वास्थ्य कैंप में पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के तहसील शाहबाद, बिसौली डामर निवासी श्रद्धालु रामा देवी (58) पत्नी सुरेश सिंह के रूप में हुई है।

परिजनों के मुताबिक महिला को बीपी की समस्या थी। जिसका इलाज चल रहा था। मां के दर्शन कर लौटते समय तबीयत बिगड़ने मौत हुई है। महिला की अचानक मौत से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रथम दृष्टया मौत का कारण हृदय गति रोकने से माना जा रहा है।

रंधावा सुसाइड केस: परिवार का छलका दर्द, बोले—दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच

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अमृतसर(रमन): पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा द्वारा जहरीली सल्फास निगलकर आत्महत्या करने के मामले के बाद परिवार में गहरा दुख और गुस्सा देखा जा रहा है। घटना के बाद परिजनों की हालत ऐसी है कि वे ठीक से बात करने की स्थिति में भी नहीं हैं।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर का माहौल बेहद गमगीन है और सुबह से किसी ने न तो चाय पी है और न ही खाना खाया है। उन्होंने कहा, “हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। हमारा जवान बेटा और भांजा हमसे छिन गया है। हम इस समय कुछ कहने की हालत में नहीं हैं।”परिजनों ने मांग की कि इस मामले की सच्चाई सामने लाई जाए। उनका कहना है कि चाहे जांच CBI या किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए, लेकिन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

परिवार ने बताया कि वे एक साधारण किसान परिवार से हैं और उनकी पहुंच बड़े अधिकारियों तक नहीं है, इसलिए वे मीडिया के जरिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। परिवार के अनुसार, मृतक की एक छोटी वीडियो भी सामने आई है, जिसमें उसने कथित तौर पर कुछ लोगों से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है। उनका कहना है कि पूरी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस मामले में कौन-कौन जिम्मेदार है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गगनदीप सिंह की मौत के मामले की जांच जारी है। फिलहाल परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ईद पर ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन का ऐलान- हम मुस्लिम देशों से युद्ध नहीं चाहते, ‘IA’ बनाकर बदलेंगे मिडिल ईस्ट का नक्शा

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International Desk: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने नवरोज और ईद-उल-फितर पर मुस्लिम देशों से एकजुटता की अपील की। Masoud Pezeshkian ने नवरोज और ईद-उल-फितर के मौके पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि ईरान किसी भी इस्लामिक देश से टकराव नहीं चाहता। उन्होंने साफ कहा कि मुस्लिम देशों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए। अपने संदेश में उन्होंने हालिया हमलों में मारे गए Ali Khamenei और अन्य लोगों के लिए शोक व्यक्त किया और इसे “शहादत” बताया।

 

‘इस्लामिक असेंबली ऑफ मिडिल ईस्ट’ का प्रस्ताव
ईरानी राष्ट्रपति ने एक बड़ा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों को मिलकर एक “Islamic Assembly बनानी चाहिए  । यह संगठन सुरक्षा, आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा।  इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को बाहरी ताकतों की जरूरत नहीं है, बल्कि देश खुद मिलकर समस्याएं सुलझा सकते हैं।

अमेरिका- इजराइल पर सीधा आरोप
पेजेशकियन ने Israel पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अशांति और अस्थिरता का असली कारण इजराइल है। इजराइल “आतंकवाद, जनसंहार और साजिशों” को बढ़ावा दे रहा है। ईरान ने इशारों में United States की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि विदेशी शक्तियों की मौजूदगी ही तनाव बढ़ा रही हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा का जिम्मा स्थानीय देशों को ही संभालना चाहिए

मुस्लिम देशों को ‘भाई’ बताया
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा हम मुस्लिम देशों से युद्ध नहीं चाहते । सभी इस्लामिक देश हमारे “भाई” हैं। दुश्मन ताकतें मुस्लिम देशों के बीच फूट डाल रही हैं।  Iran, Israel और United States के बीच चल रहा तनाव अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। पूरे वेस्ट एशिया में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और इसका असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है।

Food Safety Alert: नाले के पानी में धोए जा रहे प्याज, सामने आया चौंकाने वाला वीडियो

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नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ा दी है। वीडियो में एक सब्जी विक्रेता को कथित तौर पर गंदे नाले के पानी में प्याज धोते हुए देखा जा सकता है।

वीडियो में क्या दिखा?
वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि विक्रेता बिक्री के लिए रखी जाने वाली प्याज को एक गंदे नाले के पानी में डुबोकर धो रहा है। यह दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए, क्योंकि इस तरह की हरकत सीधे तौर पर खाद्य स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन करती है।

सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूजर्स ने इसे बेहद लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी स्थिति में आम लोग कैसे सुरक्षित और साफ खाना खा पाएंगे।

स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद खाद्य स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गंदे पानी में धोई गई सब्जियां खाने से कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं, जैसे पेट संक्रमण, फूड पॉयजनिंग और अन्य गंभीर समस्याएं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। कई लोगों का कहना है कि सड़क किनारे और बाजारों में सब्जी बेचने वालों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

खाद्य सुरक्षा पर फिर छिड़ी बहस
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक बाजारों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और सफाई सुनिश्चित करने के लिए और कड़े नियमों की जरूरत है।कुल मिलाकर, इस वायरल वीडियो ने न केवल लोगों को चौंकाया है, बल्कि उन्हें अपने खानपान और स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क रहने के लिए भी मजबूर कर दिया है।