राज्य ब्यूरो, रांची। कोई भी चिकित्सक अधिकतम दो ही अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर अपनी सेवा दे सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग को यह सूचना मिली है कि कई चिकित्सक ऐसे हैं जो दो से अधिक केंद्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे चिकित्सकों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर दो से अधिक केंद्रों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों को अविलंब चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के तहत फैसला
सोमवार को आरसीएच नामकुम में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ऐसे चिकित्सकों की गंभीरता से चिह्नित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में केंद्रों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया गया।
सोमवार को पहली महत्वपूर्ण बैठक पीसी एंड पीएनडीटी राज्य सलाहकार समिति एवं राज्य समुचित प्राधिकारी की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में हुई।
अवैध लिंग जांच के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
इसमें अभियान निदेशक ने राज्य में अवैध लिंग जांच के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए विशेष टीम बना कर औचक निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है कि निरीक्षण के लिए गठित टीम को भी उनके प्रस्थान के अंतिम समय
तक यह जानकारी नहीं दी जाएगी कि उन्हें किस स्थान और किस अल्ट्रासाउंड क्लीनिक का निरीक्षण करना है।
गोपनीय रखा जाएगा प्रक्रिया
पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा जाएगा ताकि कोई भी संदिग्ध केंद्र सतर्क न हो सके। वहीं, दूसरी बैठक निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल की अध्यक्षता में पीसी एंड पीएनडीटी राज्य निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति की आयोजित की गई। इन बैठकों में नवनियुक्त व मनोनीत सदस्यों को इस कड़े कानून के महत्वपूर्ण प्रविधानों, तकनीकी पहलुओं व उनके उत्तरदायित्वों से विस्तार से अवगत कराया गया।
साथ ही स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली आगामी राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक के मुख्य एजेंडों की रूपरेखा भी सर्वसम्मति से तैयार की गई।
- राज्य में मार्च 2026 तक कुल 1,161 अल्ट्रासाउंड क्लिनिक क्रियाशील हैं।
- विभिन्न जिलों में कुल 718 अल्ट्रासाउंड क्लिनिकों का सघन निरीक्षण किया गया है।
- अनियमितता पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए राज्य भर में 30 क्लीनिकों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि एक केंद्र को सील व जब्त किया गया है। एक मामले में न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई गई है।

