आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी कथित मुठभेड़ प्रकरण के बाद जिला पुलिस के अधिकारियों और जवानों को धमकी भरे कॉल एवं आपत्तिजनक मैसेज मिलने का सिलसिला जारी है।
शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष से लेकर कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन 400 से अधिक कॉल और मैसेज विभिन्न थानों, डीएसपी कार्यालयों और वरीय अधिकारियों के मोबाइल पर आ रहे हैं।
इनमें अधिकांश नंबर उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। कई बार देर रात भी कॉल कर पुलिसकर्मियों को धमकाने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई है।
संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, लोकेशन और उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान होने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन फोन कॉल को काफी गंभीरता से हैंडल किया जा रहा है।
36 बिरादरियों का जुटान, कुंडवा मंदिर में होगी महापंचायत
बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कल सर्व समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में क्षेत्र की 36 बिरादरियों के प्रतिनिधियों एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल होने का आह्वान किया गया है।
आयोजकों द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार यह महापंचायत बुधवार 24 जून को दोपहर 12 बजे से बिलौटी स्थित प्राचीन कुंडवा शिव यानी कुंडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित होगी। महापंचायत का उद्देश्य भरत तिवारी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर समाज की एकजुटता प्रदर्शित करना तथा आगे की रणनीति तय करना बताया गया है।
पोस्टर में भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए अधिक से अधिक लोगों से उपस्थित होने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि महापंचायत में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा सर्व समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भरत तिवारी की मौत के मामले को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा बनी हुई है। विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा घटना की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। ऐसे में 24 जून को होने वाली यह महापंचायत क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


