अलीगढ़ – विकास लोक कॉलोनी में फायरिंग से हड़कंप, युवक को घेरकर की दबंगों ने की फायरिंग, युवक ने इलाके के घर में घुसकर बचाई जान, भगदड़ में लोगों ने दबंगों को पकड़कर पीटा, 3 को तमंचे के साथ पकड़ा, पुलिस को सौंपा, अलीगढ़ के गांधी पार्क थाना इलाके की घटना
कोलकाताः चाय बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन सी मुरुगन ने शनिवार को भरोसा दिलाया कि देश में सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय के आयात को रोकने के लिए आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण किया जाएगा। चाय उद्योग ने शिकायत की है कि नेपाल और वियतनाम जैसे देशों से सस्ती और खराब गुणवत्ता वाली चाय देश में आ रही है, जिससे उद्योग को नुकसान हो रहा है।
चाय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) की द्विवार्षिक बैठक में मुरुगन ने कहा कि बोर्ड आयात की गुणवत्ता का 100 प्रतिशत परीक्षण करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना तैयार की जा रही है, जिसमें 15–20 दिन लगेंगे। इसके बाद कानूनी सलाह और वाणिज्य मंत्रालय की मंजूरी ली जाएगी। मुरुगन ने कहा कि बोर्ड उद्योग में सुविधा प्रदान करेगा और नियंत्रण को आसान बनाएगा। चाय बोर्ड नीलामी प्रणाली में सीधे शामिल नहीं होगा लेकिन इसे सुगम बनाएगा। साथ ही, भारतीय चाय के प्रचार और विपणन को बढ़ावा देने का प्रयास भी करेगा।
उन्होंने बताया कि चाय विकास और प्रचार योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 1,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे छोटे चाय उत्पादकों को भी लाभ मिलेगा। पश्चिम बंगाल के श्रम सचिव अवनींद्र सिंह ने कहा कि चाय उद्योग कठिन दौर से गुजर रहा है। नेपाल से आयातित सस्ती और निम्न गुणवत्ता वाली चाय दार्जीलिंग चाय उद्योग को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने उद्योग से अपील की कि बंद चाय बागानों को खरीदकर उन्हें पुनर्जीवित किया जाए और इसमें कामगारों को इक्विटी देकर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे कामगारों में स्वामित्व की भावना विकसित होगी।
बिजनेस डेस्कः दुनिया में एक युद्ध थमता है तो दूसरे के भड़कने के संकेत मिलने लगते हैं। इसी कड़ी में अमेरिका ने अब वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी वायुसेना ने राजधानी काराकस समेत चार शहरों को निशाना बनाते हुए कुल 9 हवाई हमले किए हैं। मीडिया संस्थानों ने इस हमले की पुष्टि की है। काराकस के कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद पूरे वेनेजुएला में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स को कच्चे तेल, सोना और चांदी की कीमतों में तेज उछाल की उम्मीद है। माना जा रहा है कि सोमवार को कमोडिटी बाजार गैप-अप ओपनिंग के साथ खुल सकते हैं। भू-राजनीतिक तनाव के दौरान निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने और चांदी की मांग बढ़ती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ी नहीं है, इसलिए भारतीय शेयर बाजार पर इसका बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की संभावना कम है। हालांकि, बुल्स का उत्साह थोड़ा कमजोर हो सकता है और सोमवार को बाजार में अपेक्षित तेज खरीदारी देखने को नहीं मिल सकती।
सोना-चांदी के अलावा बेस मेटल्स, कच्चा तेल और अन्य एनर्जी कमोडिटीज में भी मजबूती देखी जा सकती है। अमेरिका का हमला क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाएगा, जिससे अनिश्चितता का माहौल बनेगा और निवेशक कमोडिटीज की ओर रुख कर सकते हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता का कहना है कि MCX पर सोने की कीमतें 1,40,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं, जबकि चांदी के भाव 2,45,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक जाने की संभावना है। वहीं, MCX कच्चा तेल 5,200 से 5,300 रुपए प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है।
अमेरिका-वेनेजुएला संकट ने उन समुद्री मार्गों को खतरे में डाल दिया है, जिनका इस्तेमाल दुनिया के प्रमुख चांदी निर्यातक देश पेरू और चाड करते हैं। सप्लाई में रुकावट की आशंका से चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी आ सकती है।
गाजियाबाद: बंग्लादेश में हिन्दू युवक की हत्या के बाद से लोग गुस्से में है। भारत सरकार से हिंदुओं की रक्षा के लिए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) में एक बांग्लादेशी क्रिकेटर के शामिल होने से लोगों में भारी उभाल है। इसे लेकर बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने केकेआर टीम के मालिक अभिनेता शाहरुख खान पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने एक संस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि शाहरुख खान की फिल्मों का बहिष्कार करने की अपील की। विधायक ने कहा कि कोई भी उनकी फिल्में न देखे ये पक्का जिहादी है उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।
नंदकिशोर गुर्जर ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करेगी। उन्होंने अभिनेता पर देशविरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनमें थोड़ी भी शर्म है तो उन्हें बांग्लादेश जाकर अपनी मौसी के पास चले जाना चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक शाहरुख खान या कोलकाता नाइट राइडर्स प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है
Chandauli News: चंदौली जिले में 31 दिसंबर की शाम एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। सैयदराजा के वार्ड नंबर 9 का 12 वर्षीय शिव पतंग पकड़ने के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया, तभी सामने से गया की तरफ से एक मालगाड़ी आ गई। समय कम होने पर शिव ने समझदारी दिखाई और ट्रैक पर लेट गया। गनीमत रही कि पूरी ट्रेन उसके ऊपर से निकल गई, और वह सुरक्षित बच निकला।
पतंग की चाहत ले गई मौत के करीब
स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चे मैदान में पतंग उड़ा रहे थे। इसी दौरान एक कटी पतंग रेलवे ट्रैक की ओर चली गई। शिव उसे पकड़ने के लिए ट्रैक पर भागा। तभी मालगाड़ी सामने आ गई। भागने का समय न होने पर शिव ने पटरियों के बीच लेटकर अपनी जान बचाई। आसपास के लोग उसे चिल्लाकर हिले बिना लेटे रहने के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों ने देखा रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
पास की रहने वाली अर्चना केसरी ने बताया कि वे छत पर थीं। उन्होंने देखा कि ट्रैक पर बच्चा पतंग पकड़ने भागा और मालगाड़ी उसके ऊपर से गुजर रही थी। यह देख सबकी सांसें थम गईं। पूरी ट्रेन गुजरने के बाद शिव सुरक्षित बाहर आया और सभी ने राहत की सांस ली।
वीडियो वायरल
शिव की बहादुरी और समझदारी का यह मंजर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बच्चा ट्रेन के नीचे से कैसे बाल-बाल बचा।
लोकल प्रशासन और लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग और पड़ोसी इस घटना को चौंकाने वाला और हैरतअंगेज बता रहे हैं। सभी की राय है कि इस बच्चे ने बेहद होशियारी दिखाई और अपनी जान बचाई।
नेशनल डेस्क: मुंबई से ताल्लुक रखने वाली एक NRI महिला ने भारत में इक्विटी और डेट म्यूचुअल फंड में निवेश कर लगभग 1.35 करोड़ रुपये का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन कमाया। खास बात यह रही कि उन्होंने इस कमाई पर भारत में कोई टैक्स नहीं चुकाया। वजह थी—उनकी टैक्स रेजिडेंसी सिंगापुर में होना और भारत-सिंगापुर टैक्स संधि का सही इस्तेमाल।
जब महिला ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया, तो उन्होंने भारत-सिंगापुर डबल टैक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट (DTAA) का हवाला दिया। उनका कहना था कि इस तरह का कैपिटल गेन टैक्स लगाने का अधिकार भारत का नहीं, बल्कि सिंगापुर का है।
टैक्स विभाग की आपत्ति और बढ़ता विवाद
इनकम टैक्स विभाग इस दावे से सहमत नहीं हुआ। विभाग का तर्क था कि म्यूचुअल फंड यूनिट्स की वैल्यू भारत में मौजूद एसेट्स से निकलती है, इसलिए टैक्स भारत में लगना चाहिए। इसी आधार पर महिला को नोटिस भेजा गया और उनका दावा खारिज कर दिया गया।
महिला ने इसके बाद डिस्प्यूट रेजोल्यूशन पैनल (DRP) में अपील की, लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। मामला आगे बढ़ता गया और आखिरकार पहुंचा इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT), मुंबई।
ITAT में निर्णायक बहस
ITAT में महिला की ओर से सबसे अहम दलील यह दी गई कि म्यूचुअल फंड यूनिट्स को कंपनी के शेयरों के बराबर नहीं रखा जा सकता। DTAA में शेयरों से होने वाले कैपिटल गेन और “अन्य संपत्तियों” से होने वाले गेन के लिए अलग नियम हैं।
इस केस में आर्टिकल 13(5) लागू किया गया, जिसके अनुसार ऐसी संपत्ति से होने वाली आय पर टैक्स लगाने का अधिकार केवल उसी देश को होता है, जहां निवेशक टैक्स रेजिडेंट है। चूंकि महिला टैक्स उद्देश्यों के लिए सिंगापुर की रेजिडेंट थीं, इसलिए टैक्स का अधिकार भी सिंगापुर को ही बनता है, भारत को नहीं।
ट्रिब्यूनल का साफ फैसला
ITAT मुंबई ने महिला की दलीलों को स्वीकार कर लिया। ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियां नहीं, बल्कि ट्रस्ट के रूप में बनाए जाते हैं। इसलिए उनकी यूनिट्स को “शेयर” नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया कि महिला को म्यूचुअल फंड से हुए कैपिटल गेन पर भारत में टैक्स नहीं देना होगा।
बिजनेस डेस्कः मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक और फाइनेंशियल एक्सपर्ट रॉबर्ट कियोसाकी ने नए साल की शुरुआत में ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दे दी है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने दुनिया की आर्थिक स्थिति को बेहद कमजोर बताया है, खासतौर पर चीन की अर्थव्यवस्था को सबसे नाजुक कड़ी करार दिया है।
कियोसाकी ने लिखा कि मौजूदा हालात ऐसे हैं कि दुनिया को सिर्फ एक छोटे से “इवेंट” की जरूरत है, जो पूरी आर्थिक व्यवस्था को हिला सकता है। उन्होंने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे 1914 में आर्चड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या ने पहला विश्व युद्ध शुरू कर दिया था, वैसे ही आज भी कोई अप्रत्याशित घटना बाजारों को बड़े संकट में डाल सकती है।
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब कियोसाकी ने इस तरह की चेतावनी दी हो। वे पिछले एक दशक से लगातार बाजारों में बड़े उतार-चढ़ाव और आर्थिक संकट की आशंका जताते रहे हैं।
कियोसाकी का मानना है कि हर आर्थिक संकट सभी के लिए नुकसानदायक नहीं होता। उन्होंने साफ कहा कि मुश्किल वक्त में ज्यादातर लोग गरीब हो जाते हैं, लेकिन जो तैयार रहते हैं, वे और अमीर बनते हैं। यही वजह है कि वे संकट को सिर्फ खतरा नहीं, बल्कि अवसर भी मानते हैं।
उनके अनुसार, बढ़ता वैश्विक कर्ज, राजनीतिक तनाव और कमजोर होती अर्थव्यवस्थाएं हालात को बेहद संवेदनशील बना देती हैं, जहां एक छोटा झटका भी बड़े वित्तीय तूफान में बदल सकता है। हालांकि पोस्ट में उन्होंने कोई ठोस आंकड़े नहीं दिए, लेकिन उनकी बातों का सीधा संबंध आज की वैश्विक चुनौतियों से जुड़ता है—जैसे चीन की सुस्त होती ग्रोथ, दुनिया भर में बढ़ता कर्ज और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव।
कियोसाकी की यह पोस्ट भले ही धन्यवाद से शुरू हुई हो लेकिन जल्द ही यह वैश्विक संकट की चेतावनी में बदल गई। वे लगातार रिटेल निवेशकों को यह सलाह देते रहे हैं कि डर के बजाय तैयारी करें, क्योंकि मुश्किल समय में सस्ती संपत्तियों में निवेश कर बड़ा फायदा कमाया जा सकता है। यही बेबाक सोच उन्हें निवेशकों के बीच इतना लोकप्रिय बनाती है।