Saturday, February 14, 2026
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सुनहरे दौर का अंत! दूरदर्शन की दिग्गज और मशहूर एंकर Sarala Maheshwari का निधन, 71 साल की उम्र में छोड़ी दुनिया

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Sarala Maheshwari Death : भारतीय टेलीविज़न पत्रकारिता की एक सम्मानित आवाज़, दूरदर्शन की जानी-मानी पूर्व न्यूज़ एंकर सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मीडिया जगत और दर्शकों में शोक की लहर दौड़ गई है। शांत, सटीक और गरिमापूर्ण प्रस्तुति के लिए पहचानी जाने वाली माहेश्वरी दशकों तक भारतीय घरों का भरोसेमंद चेहरा रहीं।

दूरदर्शन ने दी श्रद्धांजलि (Sarala Maheshwari Death)
दूरदर्शन नेशनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक संदेश जारी करते हुए सरला माहेश्वरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पोस्ट में कहा गया, “दूरदर्शन परिवार की ओर से हम श्रीमती सरला माहेश्वरी को दिल से श्रद्धांजलि देते हैं। वह एक सम्मानित और पूजनीय न्यूज़रीडर थीं, जिन्होंने अपनी कोमल आवाज़, सटीक उच्चारण और गरिमापूर्ण डिलीवरी से भारतीय न्यूज़ की दुनिया में एक खास स्थान बनाया। उनकी सादगी, संयम और व्यक्तित्व ने दर्शकों में गहरा विश्वास जगाया।”

पत्रकारिता के सुनहरे दौर की पहचान
महिला कांग्रेस सहित कई संगठनों और पत्रकारिता से जुड़े लोगों ने उनके निधन को “टेलीविज़न जर्नलिज़्म के एक सुनहरे दौर का अंत” बताया। श्रद्धांजलि संदेशों में उनकी विश्वसनीयता, शालीनता और पेशेवर प्रतिबद्धता को याद किया गया।

शिक्षा और करियर की शुरुआत
सरला माहेश्वरी ने वर्ष 1976 में दिल्ली यूनिवर्सिटी में PhD करते हुए दूरदर्शन में न्यूज़ अनाउंसर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। जल्द ही वह भारतीय टेलीविज़न पर लाइव न्यूज़ पढ़ने वाली शुरुआती महिला एंकरों में शामिल हो गईं। उस समय दूरदर्शन देश का प्रमुख और लगभग एकमात्र न्यूज़ प्लेटफॉर्म था।

BBC से भी जुड़ी रहीं
1984 तक दूरदर्शन में अपनी सेवाएं देने के बाद माहेश्वरी यूनाइटेड किंगडम चली गईं, जहां उन्होंने BBC के साथ न्यूज़रीडर के तौर पर काम किया। 1986 तक BBC से जुड़ाव के बाद वह भारत लौटीं।

फिर से दूरदर्शन में वापसी
भारत वापसी के बाद 1988 में उन्होंने दोबारा दूरदर्शन का रुख किया और कई वर्षों तक न्यूज़ प्रेज़ेंटर के रूप में अपनी सेवाएं देती रहीं। ब्लैक-एंड-व्हाइट और शुरुआती रंगीन टेलीविज़न के दौर में उनकी आवाज़ और प्रस्तुति शैली दर्शकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रही।

शांत और औपचारिक अंदाज़ से बनाई पहचान
सरला माहेश्वरी अपने शांत, औपचारिक और संयमित न्यूज़ प्रेज़ेंटेशन के लिए जानी जाती थीं। उनकी मृदु आवाज़, स्पष्ट उच्चारण और गरिमापूर्ण डिलीवरी ने उन्हें विश्वसनीयता का प्रतीक बना दिया था।

DGCA की Air India पर बड़ी कार्रवाई, लगाया 1 करोड़ रुपए जुर्माना, जानें वजह

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नेशनल डेस्क : नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां नियामक संस्था नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि एयरलाइन ने बिना वैध ‘एयरवर्दीनेस परमिट’ के एक एयरबस विमान को 8 बार उड़ाया। खबर अपडेट की जा रही है…

सेवा तीर्थ से पहला दिन: पीएम मोदी ने महिलाओं, किसानों, युवाओं को दिया बड़ा तोहफा!

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नेशनल डेस्क: 13 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में प्रशासनिक इतिहास का अहम अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया, जो अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय का एकीकृत केंद्र होगा।

यह नया परिसर उस बदलाव का प्रतीक है जिसके तहत पीएमओ का संचालन अब पारंपरिक South Block से स्थानांतरित होकर आधुनिक सुविधा-संपन्न हब में होगा। खास बात यह रही कि इसका उद्घाटन नई दिल्ली के स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया।

सेवा तीर्थ से लिए गए पहले बड़े फैसले

उद्घाटन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने यहीं से अपने पहले आधिकारिक कार्यों की शुरुआत की और आम नागरिकों से जुड़े चार अहम निर्णयों पर मुहर लगाई।

पीएम राहत योजना (PM RAHAT Scheme)

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘Road Accident Victims Hospitalization and Assured Treatment’ योजना की घोषणा की गई।

  • गोल्डन आवर में तुरंत कैशलेस इलाज
  • 1.5 लाख रुपये तक की सहायता

इसका उद्देश्य पैसों की कमी के कारण जान जाने से रोकना है। यह कदम आपात स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

 ‘लखपति दीदी’ मिशन का विस्तार

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए सरकार ने लखपति दीदी कार्यक्रम का लक्ष्य बढ़ाकर मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं तक पहुंचाने का ऐलान किया। पहले ही 3 करोड़ महिलाओं का लक्ष्य तय समय से पहले पार किया जा चुका है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वयं सहायता समूहों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दोगुना

किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से Agriculture Infrastructure Fund को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। यह राशि पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट, वेयरहाउसिंग, फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने में उपयोग होगी।

Startup India Fund of Funds 2.0

युवा उद्यमियों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के नए फंड की घोषणा की गई। यह फंड डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को समर्थन देगा, जिससे रोजगार और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा।

उद्घाटन समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद?

इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval, पीएमओ में राज्य मंत्री Jitendra Singh, प्रधान सचिव P. K. Mishra समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिसर

सेवा तीर्थ परिसर 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप बनाया गया है। इसमें स्मार्ट सिक्योरिटी सिस्टम,रिन्यूएबल एनर्जी समाधान,नागरिक-केंद्रित सुविधाएं और आधुनिक कार्य-संस्कृति के अनुरूप डिज़ाइन शामिल हैं।

Copper-Silver Update: तांबा-चांदी के दामों पर बड़ा अनुमान, निवेशकों के लिए अहम खबर

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जम्मू डेस्क :  पिछले कुछ महीनों में चांदी और तांबे की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि आगे इन धातुओं में बड़ी तेजी की संभावना कम है। बीते कुछ महीनों में चांदी और तांबे की कीमतों में आई तेज उछाल ने निवेशकों और कारोबारियों का ध्यान खींचा है। आने वाले समय में कीमतें या तो स्थिर रह सकती हैं या थोड़ी गिरावट भी आ सकती है।

तांबा (कॉपर) क्यों महंगा हुआ?

तांबे की कीमत बढ़ने की मुख्य वजह मजबूत मांग नहीं, बल्कि सप्लाई में रुकावट रही है। कई बड़ी खदानों में पर्यावरण, तकनीकी और मौसम संबंधी समस्याओं के कारण उत्पादन घटा, जिससे दाम 8,000 डॉलर से बढ़कर लगभग 14,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गए। हालांकि, वैश्विक स्तर पर तांबे की बड़ी कमी नहीं है। अगर सप्लाई सामान्य हो जाती है, तो कीमतों में नरमी आ सकती है।

आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, जून 2026 के बाद सप्लाई सुधरने पर तांबे के दाम स्थिर हो सकते हैं या थोड़ा नीचे आ सकते हैं।

चांदी (सिल्वर) का रुख

चांदी की हालिया तेजी को मजबूत बुनियादी कारणों की बजाय बाजार के रुझान का असर माना जा रहा है। इसकी दिशा काफी हद तक डॉलर की चाल पर निर्भर करेगी।

कुल मिलाकर, आने वाले महीनों में चांदी और तांबे में तेज उछाल की बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Breaking News: दिल्ली के कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

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नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरु कर दी है। झंडेवालान स्थित बीटी तमिल स्कूल, एसपीवी स्कूल (Sardar Patel Vidyalaya) और ब्रिटिश स्कूल को ईमेल के जरिए ये धमकियां प्राप्त हुईं। सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को खबर दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

सुरक्षा घेरे में परिसर और सघन तलाशी

धमकी की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। एहतियात के तौर पर स्कूलों को खाली करा लिया गया है और छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। फिलहाल पुलिस की टीमें कक्षाओं, खेल के मैदानों और पार्किंग क्षेत्रों की गहनता से तलाशी ले रही हैं।

पहले भी निशाने पर रहे हैं स्कूल

गौरतलब है कि बीते सोमवार (9 फरवरी) को भी दिल्ली के करीब 15 स्कूलों को ऐसी ही धमकियां मिली थीं, जो बाद में अफवाह (Hoax) निकलीं। उन स्कूलों में लॉरेटो कान्वेंट, केम्ब्रिज स्कूल (श्रीनिवासनपुरी और NFC), द इंडियन स्कूल (सादिक नगर), और बाल भारती (रोहिणी) जैसे नाम शामिल थे। ताजा धमकी भरे ईमेल में भी ‘खालिस्तान’ और ‘संसद’ का जिक्र होने की अपुष्ट खबरें हैं, जिसकी पुलिस बारीकी से जांच कर रही है।

अन्य राज्यों में भी अलर्ट

धमकियों का यह जाल केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। हाल ही में राजस्थान के जयपुर, पंजाब के मोहाली और बिहार के पटना में भी शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों को इसी तरह की धमकियां मिली हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन सभी घटनाओं के पीछे किसी एक ही गिरोह का हाथ है।

‘बाथरूम जा रहा हूं…’ कहकर स्टेज से भागा दूल्हा! जयमाला के बाद हुआ वो कांड, जिससे उड़ गए सबके होश

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Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक ऐसी घटना घटी है जिसने इंसानियत और रिश्तों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोवर्धन थाना क्षेत्र में शादी की रस्में पूरी होने ही वाली थीं कि तभी बड़ा दूल्हा फिल्मी अंदाज में चंपत हो गया। इस धोखे के बाद न सिर्फ बड़ी बहन की शादी टूटी, बल्कि छोटी बहन की बारात भी बिना फेरों के वापस लौट गई।

बैंड-बाजा, बारात और फिर… सन्नाटा
राजस्थान से दो सगे भाई बारात लेकर गोवर्धन आए थे। घर में उत्सव का माहौल था, मेहमान जुट चुके थे और दोनों सगी बहनें लाल जोड़े में सजकर अपने राजकुमारों का इंतजार कर रही थीं। बारात का भव्य स्वागत हुआ, द्वारपूजा हुई और फिर जयमाला के लिए दूल्हों को स्टेज पर ले जाया गया।

फोटोशूट के बीच रची फरार होने की साजिश
स्टेज पर हंसी-मजाक चल रहा था और कैमरामैन फोटो खींच रहा था। तभी बड़े दूल्हे ने अचानक ‘बाथरूम’ जाने की बात कही। रिश्तेदारों ने सोचा कि शायद घबराहट या जरूरत होगी, इसलिए उसे जाने दिया। लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी जब दूल्हा वापस नहीं लौटा, तो खलबली मच गई। उसका मोबाइल भी बंद आने लगा। काफी तलाश के बाद पता चला कि दूल्हा तो बारात और मंडप छोड़कर फरार हो चुका है।

मेहंदी लगे हाथ और बिलखता परिवार
दुल्हन के भाई ने रोते हुए बताया कि हमने अपनी हैसियत से बढ़कर स्वागत किया था। मेरी बहनें मंडप में फेरों का इंतजार करती रह गईं, लेकिन उन धोखेबाजों ने हमारी इज्जत नीलाम कर दी।” इस एक घटना की वजह से छोटी बहन की शादी भी रुक गई क्योंकि दूल्हा पक्ष के लोग इस शर्मिंदगी के बाद वहां से खिसकने लगे।

पुलिस की कार्रवाई: बाराती बने ‘बंधक’
हंगामा बढ़ता देख मौके पर पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूल्हा पक्ष के कुछ मुख्य रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब फरार दूल्हे की लोकेशन ट्रेस कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह गंभीर धोखाधड़ी का मामला है। लड़की पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और आरोपी दूल्हे को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महाराज जी! मेरे पति की कामेच्छा बहुत अधिक है, मैं परेशान… ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए? संत प्रेमानंद का जवाब इंटरनेट पर करने लगा Trend

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premananda maharaj s advice on family life goes viral

वृंदावन स्थित आश्रम में एक महिला भक्त और संत प्रेमानंद महाराज के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने वैवाहिक जीवन से जुड़ी अपनी निजी दुविधा साझा की, जिस पर महाराज ने गृहस्थ धर्म और आपसी तालमेल को लेकर…

 

Premanand Maharaj Viral Video : वृंदावन स्थित आश्रम में एक महिला भक्त और संत प्रेमानंद महाराज के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने वैवाहिक जीवन से जुड़ी अपनी निजी दुविधा साझा की, जिस पर महाराज ने गृहस्थ धर्म और आपसी तालमेल को लेकर संतुलित एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण रखा।

क्या थी महिला की दुविधा? (Premanand Maharaj Viral Video)
बताया जा रहा है कि महिला भक्त वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंची थीं। उन्होंने संत के समक्ष कहा कि वह अध्यात्म और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहती हैं, जिसके कारण उनके भीतर शारीरिक इच्छाएं कम हो गई हैं। महिला ने यह भी बताया कि उनके पति की कामेच्छा अधिक है, जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से थकान महसूस करती हैं। ऐसे में उन्होंने मार्गदर्शन की इच्छा जताई।

महाराज का जवाब: ‘कर्तव्य और भक्ति साथ-साथ’
महिला की बात सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज ने धैर्यपूर्वक गृहस्थ जीवन के कर्तव्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल जप या साधना ही धर्म नहीं, बल्कि रिश्तों और जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

महाराज की प्रमुख बातें
तालमेल पर जोर: महाराज ने कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे की भावनाओं और अवस्थाओं को समझते हुए संतुलन बनाना चाहिए। यदि एक जीवनसाथी वैराग्य की ओर झुकाव महसूस करता है और दूसरा नहीं, तो संवाद और सहमति आवश्यक है।

रिश्तों में उपेक्षा से बचाव: उन्होंने संकेत दिया कि वैवाहिक रिश्तों में दूरी या उपेक्षा भविष्य में तनाव या गलतफहमियों का कारण बन सकती है। इसलिए आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखना जरूरी है।

संवाद और समझदारी: महाराज ने महिला को सलाह दी कि वह अपने पति से मित्रवत संवाद करें और धीरे-धीरे उन्हें भी अध्यात्म के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करें।

‘संयम और सहयोग ही आधार’
महाराज ने कहा कि गृहस्थ जीवन का मूल आधार सहयोग, धैर्य और समझ है। उन्होंने सुझाव दिया कि साधना और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर ही शांति और स्थिरता संभव है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूज़र्स महाराज की सलाह को व्यावहारिक बता रहे हैं, जबकि कई लोग वैवाहिक रिश्तों में व्यक्तिगत पसंद और सहमति की अहमियत पर जोर दे रहे हैं।

अयोध्या कचहरी में बम की सूचना से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां और डॉग स्क्वायड की टीम चला रही सर्च अभियान

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अयोध्या: राम की नगरी अध्योया के कचहरी परिसर में बम होने की सूचना से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। यह सूचना ई–मेल के माध्यम से मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना देरी किए पूरे कचहरी परिसर को घेर लिया और एहतियातन लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। टीमों द्वारा कचहरी परिसर के अंदर और आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए पुलिस ने अनाउंसमेंट कराकर कचहरी को पूरी तरह खाली कराया।

मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ई–मेल भेजने वाले की पहचान और सूचना की सत्यता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच में जुटी हुई हैं। तलाशी पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Industry को एक और बड़ा झटका! मशहूर एक्टर ने महज 39 की उम्र में छोड़ी दुनिया, गहरे सदमे में फिल्म जगत

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UP Desk : मनोरंजन जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। दक्षिण कोरिया के अभिनेता जंग यून-वू का 39 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने इस खबर की पुष्टि की है। हालांकि, उनकी मौत के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। अभिनेता के अचानक निधन से फैंस और इंडस्ट्री में शोक की लहर है। जंग यून-वू टेलीविज़न ड्रामा Welcome to Waikiki 2 और Bride of the Sun में अपनी भूमिकाओं के लिए खास तौर पर पहचाने जाते थे।

आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट हुआ वायरल
अभिनेता के निधन के बाद उनका अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार, 10 फरवरी को जंग यून-वू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा, “मिसिंग, जलन, अफ़सोस…” पोस्ट में उन्होंने तीन तस्वीरें साझा कीं- पहली दिवंगत हांगकांग स्टार Leslie Cheung, दूसरी ग्रैमी विजेता सिंगर Amy Winehouse, और तीसरी अपनी खुद की तस्वीर। दोनों कलाकारों की कम उम्र में हुई मौत को देखते हुए फैंस इस पोस्ट को भावनात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।

खेल से अभिनय तक का सफर
जंग यून-वू का जन्म 10 अप्रैल 1986 को दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुआ था। अभिनय में आने से पहले वे सोंगडो मिडिल और हाई स्कूल में बास्केटबॉल खिलाड़ी थे। लेकिन चोट के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने डोंगगुक विश्वविद्यालय के थिएटर और फिल्म विभाग से स्नातक की डिग्री हासिल की और वर्ष 2006 में केबीएस2 के शो “Rounding Off Season 3” से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।

टेलीविज़न करियर की प्रमुख उपलब्धियां
जंग यून-वू ने कई लोकप्रिय कोरियाई ड्रामा सीरीज़ में काम किया। उनके उल्लेखनीय कार्यों में शामिल हैं:
*Five Fingers
*One Well-Raised Daughter
*My Heart Twinkle Twinkle
*The Return of Hwang Geum-bok
*My Only One
*Bride of the Sun
*Welcome to Waikiki 2

फैंस में शोक, कारणों पर सस्पेंस
अभिनेता की अभिनय शैली और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने उन्हें कोरियाई टीवी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई। उनके निधन के बाद फैंस सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई लोग उनकी आखिरी पोस्ट को लेकर भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल, परिवार या एजेंसी की ओर से मृत्यु के कारण पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

OBC आयोग की रिपोर्ट पर तय होगा पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण, टल सकता है यूपी पंचायत चुनाव!

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई-2026 के पहले सप्ताह में समाप्त रहा है। ऐसे में चुनाव को लेकर प्रदेश के हर गली मुहल्ले में चर्चा हो रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या चुवान समय पर हो पाएगा?

ओबीसी कमीशन का गठन किया जाएगा
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच को अवगत कराया है कि आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व प्रदेश में एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग (डेडिकेटेड ओबीसी कमीशन) का गठन किया जाएगा।  इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ कर रही थी। मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण नए समर्पित आयोग की रिपोटर् के आधार पर ही तय किया जाएगा। यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव से पहले समर्पित आयोग का गठन अनिवार्य बताया गया है।

ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा
हालांकि वर्तमान ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो चुका था। सरकार ने उसका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया, लेकिन उसके पास समर्पित आयोग जैसी संवैधानिक शक्तियां नहीं होने को लेकर सवाल खड़े हुए थे। अब प्रस्तावित समर्पित आयोग पिछड़े वर्ग का‘रैपिड सर्वे’करेगा। इस सर्वे के माध्यम से प्रदेश में पिछड़ों की वास्तविक आबादी का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर सीटों का आरक्षण निर्धारित होगा। ऐसे में समय लगना तय है।

ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था जरूरी  सुप्रीम कोर्ट
गौरतलब है कि सुप्रीम कोटर् ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय निकाय या पंचायत चुनाव से पहले तीन वर्ष के कार्यकाल वाला समर्पित आयोग या कमीशन होना आवश्यक है। सरकार के इस निर्णय से संकेत मिलते हैं कि पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा समर्पित आयोग की अंतिम रिपोटर् आने के बाद ही संभव होगी। सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्देश हैं कि स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था जरूरी है इसके लिए समर्पित आयोग का गठन और वास्तविक आबादी का रैपिड सर्वे (समकालीन) और कुल आरक्षण 50 फीसदी की सीमा के भीतर रहे। ऐसे में ओबीसी आयोग के गठन के बाद आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। रिपोर्ट के बाद चुनाव की तारीख का ऐलान हो सकता है।