
वृंदावन स्थित आश्रम में एक महिला भक्त और संत प्रेमानंद महाराज के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने वैवाहिक जीवन से जुड़ी अपनी निजी दुविधा साझा की, जिस पर महाराज ने गृहस्थ धर्म और आपसी तालमेल को लेकर…
Premanand Maharaj Viral Video : वृंदावन स्थित आश्रम में एक महिला भक्त और संत प्रेमानंद महाराज के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला ने वैवाहिक जीवन से जुड़ी अपनी निजी दुविधा साझा की, जिस पर महाराज ने गृहस्थ धर्म और आपसी तालमेल को लेकर संतुलित एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण रखा।
क्या थी महिला की दुविधा? (Premanand Maharaj Viral Video)
बताया जा रहा है कि महिला भक्त वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंची थीं। उन्होंने संत के समक्ष कहा कि वह अध्यात्म और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ना चाहती हैं, जिसके कारण उनके भीतर शारीरिक इच्छाएं कम हो गई हैं। महिला ने यह भी बताया कि उनके पति की कामेच्छा अधिक है, जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से थकान महसूस करती हैं। ऐसे में उन्होंने मार्गदर्शन की इच्छा जताई।
महाराज का जवाब: ‘कर्तव्य और भक्ति साथ-साथ’
महिला की बात सुनने के बाद प्रेमानंद महाराज ने धैर्यपूर्वक गृहस्थ जीवन के कर्तव्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल जप या साधना ही धर्म नहीं, बल्कि रिश्तों और जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
महाराज की प्रमुख बातें
तालमेल पर जोर: महाराज ने कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे की भावनाओं और अवस्थाओं को समझते हुए संतुलन बनाना चाहिए। यदि एक जीवनसाथी वैराग्य की ओर झुकाव महसूस करता है और दूसरा नहीं, तो संवाद और सहमति आवश्यक है।
रिश्तों में उपेक्षा से बचाव: उन्होंने संकेत दिया कि वैवाहिक रिश्तों में दूरी या उपेक्षा भविष्य में तनाव या गलतफहमियों का कारण बन सकती है। इसलिए आपसी सम्मान और सहयोग बनाए रखना जरूरी है।
संवाद और समझदारी: महाराज ने महिला को सलाह दी कि वह अपने पति से मित्रवत संवाद करें और धीरे-धीरे उन्हें भी अध्यात्म के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करें।
‘संयम और सहयोग ही आधार’
महाराज ने कहा कि गृहस्थ जीवन का मूल आधार सहयोग, धैर्य और समझ है। उन्होंने सुझाव दिया कि साधना और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर ही शांति और स्थिरता संभव है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूज़र्स महाराज की सलाह को व्यावहारिक बता रहे हैं, जबकि कई लोग वैवाहिक रिश्तों में व्यक्तिगत पसंद और सहमति की अहमियत पर जोर दे रहे हैं।


