Saturday, February 14, 2026
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अयोध्या कचहरी में बम की सूचना से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां और डॉग स्क्वायड की टीम चला रही सर्च अभियान

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अयोध्या: राम की नगरी अध्योया के कचहरी परिसर में बम होने की सूचना से शुक्रवार को हड़कंप मच गया। यह सूचना ई–मेल के माध्यम से मिलने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत अलर्ट हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने बिना देरी किए पूरे कचहरी परिसर को घेर लिया और एहतियातन लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया। टीमों द्वारा कचहरी परिसर के अंदर और आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए पुलिस ने अनाउंसमेंट कराकर कचहरी को पूरी तरह खाली कराया।

मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ई–मेल भेजने वाले की पहचान और सूचना की सत्यता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच में जुटी हुई हैं। तलाशी पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Industry को एक और बड़ा झटका! मशहूर एक्टर ने महज 39 की उम्र में छोड़ी दुनिया, गहरे सदमे में फिल्म जगत

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UP Desk : मनोरंजन जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। दक्षिण कोरिया के अभिनेता जंग यून-वू का 39 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके परिवार ने इस खबर की पुष्टि की है। हालांकि, उनकी मौत के कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है। अभिनेता के अचानक निधन से फैंस और इंडस्ट्री में शोक की लहर है। जंग यून-वू टेलीविज़न ड्रामा Welcome to Waikiki 2 और Bride of the Sun में अपनी भूमिकाओं के लिए खास तौर पर पहचाने जाते थे।

आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट हुआ वायरल
अभिनेता के निधन के बाद उनका अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। मंगलवार, 10 फरवरी को जंग यून-वू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने लिखा, “मिसिंग, जलन, अफ़सोस…” पोस्ट में उन्होंने तीन तस्वीरें साझा कीं- पहली दिवंगत हांगकांग स्टार Leslie Cheung, दूसरी ग्रैमी विजेता सिंगर Amy Winehouse, और तीसरी अपनी खुद की तस्वीर। दोनों कलाकारों की कम उम्र में हुई मौत को देखते हुए फैंस इस पोस्ट को भावनात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।

खेल से अभिनय तक का सफर
जंग यून-वू का जन्म 10 अप्रैल 1986 को दक्षिण कोरिया के इंचियोन में हुआ था। अभिनय में आने से पहले वे सोंगडो मिडिल और हाई स्कूल में बास्केटबॉल खिलाड़ी थे। लेकिन चोट के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने डोंगगुक विश्वविद्यालय के थिएटर और फिल्म विभाग से स्नातक की डिग्री हासिल की और वर्ष 2006 में केबीएस2 के शो “Rounding Off Season 3” से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।

टेलीविज़न करियर की प्रमुख उपलब्धियां
जंग यून-वू ने कई लोकप्रिय कोरियाई ड्रामा सीरीज़ में काम किया। उनके उल्लेखनीय कार्यों में शामिल हैं:
*Five Fingers
*One Well-Raised Daughter
*My Heart Twinkle Twinkle
*The Return of Hwang Geum-bok
*My Only One
*Bride of the Sun
*Welcome to Waikiki 2

फैंस में शोक, कारणों पर सस्पेंस
अभिनेता की अभिनय शैली और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने उन्हें कोरियाई टीवी इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिलाई। उनके निधन के बाद फैंस सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई लोग उनकी आखिरी पोस्ट को लेकर भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल, परिवार या एजेंसी की ओर से मृत्यु के कारण पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

OBC आयोग की रिपोर्ट पर तय होगा पंचायत चुनाव में सीटों पर आरक्षण, टल सकता है यूपी पंचायत चुनाव!

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई-2026 के पहले सप्ताह में समाप्त रहा है। ऐसे में चुनाव को लेकर प्रदेश के हर गली मुहल्ले में चर्चा हो रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या चुवान समय पर हो पाएगा?

ओबीसी कमीशन का गठन किया जाएगा
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ बेंच को अवगत कराया है कि आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व प्रदेश में एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग (डेडिकेटेड ओबीसी कमीशन) का गठन किया जाएगा।  इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ कर रही थी। मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। सरकार ने अदालत में स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव में सीटों का आरक्षण नए समर्पित आयोग की रिपोटर् के आधार पर ही तय किया जाएगा। यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनाव से पहले समर्पित आयोग का गठन अनिवार्य बताया गया है।

ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा
हालांकि वर्तमान ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो चुका था। सरकार ने उसका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया, लेकिन उसके पास समर्पित आयोग जैसी संवैधानिक शक्तियां नहीं होने को लेकर सवाल खड़े हुए थे। अब प्रस्तावित समर्पित आयोग पिछड़े वर्ग का‘रैपिड सर्वे’करेगा। इस सर्वे के माध्यम से प्रदेश में पिछड़ों की वास्तविक आबादी का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर सीटों का आरक्षण निर्धारित होगा। ऐसे में समय लगना तय है।

ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था जरूरी  सुप्रीम कोर्ट
गौरतलब है कि सुप्रीम कोटर् ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय निकाय या पंचायत चुनाव से पहले तीन वर्ष के कार्यकाल वाला समर्पित आयोग या कमीशन होना आवश्यक है। सरकार के इस निर्णय से संकेत मिलते हैं कि पंचायत चुनाव की तिथियों की घोषणा समर्पित आयोग की अंतिम रिपोटर् आने के बाद ही संभव होगी। सुप्रीम कोर्ट के साफ निर्देश हैं कि स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के लिए ट्रिपल टेस्ट की व्यवस्था जरूरी है इसके लिए समर्पित आयोग का गठन और वास्तविक आबादी का रैपिड सर्वे (समकालीन) और कुल आरक्षण 50 फीसदी की सीमा के भीतर रहे। ऐसे में ओबीसी आयोग के गठन के बाद आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। रिपोर्ट के बाद चुनाव की तारीख का ऐलान हो सकता है।

बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या, अंधाधुंध फायरिंग से दहला इलाका

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बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में दिनदहाड़े हुई अंधाधुंध फायरिंग की घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर नगर कोतवाली क्षेत्र के असेनी मोड़ के पास अज्ञात हमलावरों ने एक अधिवक्ता को सरेराह गोलियों से भून डाला। मृतक की पहचान बाहुबली मुख्तार अंसारी के करीबी अधिवक्ता और शार्प शूटर के रूप में चर्चित शोएब किडवाई उर्फ बॉबी के रूप में हुई है।

स्विफ्ट कार को घेर कर हमलावरों ने की अंधाधुंध फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लखनऊ की ओर से आ रही एक स्विफ्ट कार को हमलावरों ने घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलियों की बौछार से हाईवे दहल उठा। सूत्रों के अनुसार, करीब 15 राउंड फायरिंग की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अंधाधुंध गोलियों की चपेट में आकर शोएब किडवाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

जिले के वरिष्ठ अधिकारी एवं फॉरेंसिक टीम घटना स्थल पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। नगर कोतवाली पुलिस के साथ-साथ जिले के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से पांच से अधिक खोखे बरामद किए हैं, जो हमले की गंभीरता को दर्शाते हैं।

हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या गैंगवार की आशंका
व्यस्त हाईवे पर दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने जिले की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश है या फिर किसी गैंगवार का नतीजा। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावरों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। फिलहाल, इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल है और पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है।

Student Hit and Run: कार से 6 लोगों को कुचलने वाले आरोपी छात्र को पुलिस ने किया गिरफ्तार, छह साल के बच्चे की हादसे में हुई थी मौत

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बंथरा इलाके में हनुमान मंदिर के पास एक अज्ञात कार ने ऑटोरिक्शा और पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। इस घटना में छह साल के बच्चे की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

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पुलिस के मुताबिक, बंथरा थाने को बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में पता चला है कि एक अज्ञात कार ने एक ऑटो रिक्शा और सड़क पर चल रहे लोगों को टक्कर मारी। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात बताया कि घायलों की पहचान अरमान (12), अवध बिहारी (42), साधना वर्मा (35), मीना देवी (60) और दीक्षांत पटेल (छह) के रूप में हुई।

पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। दीक्षांत की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। पीड़ितों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त (कृष्णा नगर) रजनीश वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस ने घटना में शामिल कार के चालक को हिरासत में ले लिया है तथा लापरवाही से गाड़ी चलाने और सार्वजनिक जगहों पर दूसरों की जान खतरे में डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 21 साल का 12वीं कक्षा का छात्र है। वह और उसके चार दोस्त कार में थे और वे एक समारोह से लौट रहे थे।

पुलिस ने कहा कि आरोपी के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस है और उसने अपने दोस्त से एक दिन के लिए कार उधार ली थी। उसने कहा कि ब्रेक और एक्सेलरेटर में कुछ ”भ्रम” हुआ और एक टायर फट गया, जिससे कार ऑटोरिक्शा से टकरा गई। उन्होंने कहा कि आरोपी के दावों की पुष्टि की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। भाषा जफर अमित सुरभि

UP में फर्जी ट्रेडिंग एप से 63 लाख की साइबर ठगी, भारी मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांस्फर करवाए, पूरा मामला उड़ा देगा होश

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बलिया : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए एक युवक को भारी मुनाफे का झूठा आश्वासन देकर उससे 63 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार बलिया शहर कोतवाली में सुभाष नगर मोहल्ले के आदित्य गुप्ता की शिकायत पर बृहस्पतिवार को सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। अपनी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया कि 16 जनवरी और छह फरवरी के बीच फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप ‘टिकने सी’ के माध्यम से उसे लाभ का झूठा आश्वासन दिया गया।

उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे हस्तांतरित करवाए और उनसे 63 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। मामले में सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम की धारा 66डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके फर्जी नाम से धोखाधड़ी करने से संबंधित है। इसके लिए फर्जी ऐप ‘टिकने सी’ और व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। पुलिस अधीक्षक (एसपी) ओमवीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Sarala Maheshwari Death : भारतीय टेलीविज़न पत्रकारिता की एक सम्मानित आवाज़, दूरदर्शन की जानी-मानी पूर्व न्यूज़ एंकर सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद मीडिया जगत और दर्शकों में शोक की लहर दौड़ गई है। शांत, सटीक और गरिमापूर्ण प्रस्तुति के लिए पहचानी जाने वाली माहेश्वरी दशकों तक भारतीय घरों का भरोसेमंद चेहरा रहीं

रोज 20 घंटे फोन पर बिताती थीं गाजियाबाद में सुसाइड करने वाली तीनों बहनें, डाटा ने खोल दी सारी पोल, कारनामे सुन रह जाओगे हैरान

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Ghaziabad Triple Suicide Case : गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की कथित आत्महत्या की जांच के दौरान पुलिस को एक अहम डिजिटल सुराग मिला है। फोरेंसिक विश्लेषण के लिए भेजे गए मोबाइल फोन से बरामद डेटा में सामने आया है कि बहनें कथित तौर पर रोज़ाना लगभग 20 घंटे कोरियन कंटेंट, कार्टून और गेमिंग सामग्री देखती थीं। पुलिस इस डिजिटल पैटर्न को केस के मनोवैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य पहलुओं से जोड़कर जांच कर रही है।

घटना से पहले बेचा गया था फोन
पुलिस के अनुसार, 16, 14 और 12 वर्ष की तीनों बहनों ने 4 फरवरी को सोसायटी की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। जांच में पता चला कि उनके पिता चेतन कुमार ने घटना से करीब 15 दिन पहले लड़कियों का मोबाइल फोन शालीमार गार्डन स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान को 15,000 रुपये में बेचा था। बाद में इस डिवाइस को डिलीट डेटा रिकवर करने और ऑनलाइन गतिविधियों की पड़ताल के लिए फोरेंसिक जांच में शामिल किया गया।

ऑनलाइन कंटेंट और रुचियां
एक जांच अधिकारी ने बताया कि रिकवर किए गए डेटा से यह समझने में मदद मिली कि बहनें इंटरनेट पर क्या देख रही थीं और क्या वे परिवार के बाहर किसी के संपर्क में थीं। अब तक के विश्लेषण में बहनों की कोरियन कल्चर, खासकर K-pop, में गहरी रुचि सामने आई है। सुसाइड नोट में उल्लिखित गेम्स से संबंधित सामग्री भी फोन में पाई गई, जिनमें हॉरर टाइटल्स जैसे Poppy Playtime, The Baby in Yellow, Ice Scream, Evil Nun और Ice Game शामिल हैं।

पांच गेम्स पर बैन की सिफारिश
पुलिस ने इन पांच गेम्स को लेकर सरकार को रिपोर्ट भेजी है, जिसमें संभावित प्रतिबंध की सिफारिश की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एहतियाती तौर पर उठाया गया है, ताकि किशोरों पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन किया जा सके।

YouTube हिस्ट्री और चैनल का खुलासा
फोन की YouTube हिस्ट्री में कोरियन, चीनी, थाई और जापानी कंटेंट की लंबी सूची मिली है। साथ ही कार्टून और गेमिंग वीडियो भी प्रमुखता से देखे गए, जैसे Doraemon, Shinchan, PJ Masks, Masha and the Bear, Shimmer and Shine और Peppa Pig। जांच में यह भी सामने आया कि बहनों ने 2025 में K-ड्रामा और कार्टून कैरेक्टर आधारित एक YouTube चैनल शुरू किया था, जिसके 2,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। कथित तौर पर घटना से करीब 10 दिन पहले चैनल डिलीट कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि चैनल हटाने के पीछे पारिवारिक आपत्तियां एक संभावित कारण हो सकती हैं।

कोविड के बाद बदला व्यवहार
अधिकारियों के मुताबिक, कोविड के बाद बहनों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था और उनके सामाजिक दायरे में काफी कमी आई थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना रही है, ताकि अकेलेपन, डिजिटल निर्भरता और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संभावित संबंधों को समझा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और सभी निष्कर्ष फोरेंसिक व अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही तय किए जाएंगे।

प्रयागराज में मामूली विवाद बना मौत की वजह, पेशाब का विरोध करने पर व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या

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प्रयागराज: जिले के नैनी थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां घर के पास पेशाब करने पर आपत्ति जताना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। आरोप है कि इसी बात पर हुए विवाद में 45 वर्षीय राजेश निषाद की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या कर दी गई।

पुलिस के अनुसार, यह घटना बृहस्पतिवार देर रात मदौका इलाके में स्थित संजय गेस्ट हाउस के पास हुई। रात में आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना मिली कि एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटा गया है। मौके पर पहुंची पुलिस को राजेश निषाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले, जिन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सहायक पुलिस आयुक्त (करछना) सुनील कुमार ने बताया कि पास के एक शादी घर में ननकू चौरसिया की बेटी का विवाह समारोह चल रहा था। बारात में शामिल कुछ लोग कथित तौर पर राजेश निषाद के घर के पास पेशाब कर रहे थे। जब निषाद ने इसका विरोध किया तो कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड से निषाद पर हमला किया।

पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी सुनील कनौजिया समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, सुनील कनौजिया मऊ जिले में पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात है और अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने प्रयागराज आया था। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

8th Pay Commission का बड़ा तोहफा: लेवल-1 से लेवल-4 तक मिलेगा 5.10 लाख से 8.01 लाख रुपये तक भारी-भरकम एरियर

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नेशनल डेस्क: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी करने के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी और एरियर की राशि कितनी मिलेगी। यदि सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानती है और इसे वास्तविक रूप से 2027 में लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों के बैंक खातों में लाखों रुपये का एरियर (बकाया राशि) एकमुश्त आ सकता है।

8th Pay Commission का औपचारिक गठन और प्रभाव
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को एक आधिकारिक संकल्प के जरिए 8th Pay Commission के गठन की अधिसूचना जारी की थी। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, यह आयोग अब अस्तित्व में आ चुका है। 7वें वेतन आयोग के लगभग दस साल बाद गठित यह नया आयोग न केवल केंद्रीय कर्मचारियों, बल्कि रक्षा कर्मियों, ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों और लाखों पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन ढांचे में बड़ा सुधार करेगा।

कब तक मिल सकता है नया वेतन और एरियर?
आयोग की सिफारिशें तकनीकी रूप से 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। हालांकि, रिपोर्ट तैयार करने और उसे लागू करने की प्रक्रिया में समय लगने के कारण इसे 2027 में जमीन पर उतारा जा सकता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को 12 से लेकर 20 महीने तक का एरियर मिल सकता है। इसका मतलब यह है कि 1 जनवरी 2026 से लेकर वास्तविक क्रियान्वयन की तारीख तक के पुराने और नए वेतन के बीच का पूरा अंतर सरकार कर्मचारियों को एकमुश्त भुगतान करेगी।

Salary में कितनी होगी वृद्धि और एरियर का संभावित हिसाब?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 2.57 के आसपास रखा जा सकता है, जिससे कर्मचारियों के वेतन में 30 से 50 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है। संभावित गणना के आधार पर विभिन्न स्तरों के कर्मचारियों को मिलने वाला एरियर कुछ इस प्रकार हो सकता है:-

लेवल-1 कर्मचारी: लगभग 3.60 लाख से 5.65 लाख रुपये तक का एरियर।

लेवल-2 कर्मचारी: लगभग 3.98 लाख से 6.25 लाख रुपये तक की बकाया राशि।

लेवल-4 कर्मचारी: लगभग 5.10 लाख से 8.01 लाख रुपये तक का भारी-भरकम एरियर।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आंकड़े संभावित गणनाओं पर आधारित हैं और अंतिम राशि आयोग की रिपोर्ट व सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही तय होगी।

कैसे होती है एरियर की गणना?
एरियर निकालने का तरीका काफी स्पष्ट है। इसके लिए सबसे पहले कर्मचारी की पुरानी बेसिक सैलरी और नई प्रस्तावित बेसिक सैलरी के बीच का अंतर निकाला जाता है। फिर उस अंतर को उन महीनों की संख्या से गुणा किया जाता है जितने समय से वेतन वृद्धि लंबित है। इसके अलावा, चूंकि महंगाई भत्ता (DA) बेसिक सैलरी के आधार पर तय होता है, इसलिए नई Basic Salary बढ़ने से DA का अंतर भी एरियर की कुल राशि में जुड़ जाता है। इस प्रकार कर्मचारियों को मूल वेतन और भत्तों, दोनों का संयुक्त लाभ मिलता है।

महंगाई के दौर में बड़ी राहत
लगातार बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग कर रहे थे। 8वें वेतन आयोग के गठन से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। हालांकि अंतिम सिफारिशों में अभी वक्त लगेगा, लेकिन प्रक्रिया शुरू होने से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्साह की लहर है।

क्या बंद होने वाले हैं 500 रुपए के नोट ! जानें RBI का नए नोटों पर फैसला…

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जम्मू डेस्क :   भारत में चलने वाले 100 और 500 रुपए के नोटों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। Reserve Bank of India ने इन नोटों की सुरक्षा और गुणवत्ता बेहतर करने का फैसला किया है। जल्द ही बाजार में नए सिक्योरिटी फीचर्स वाले अपडेटेड नोट आ सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुराने 100 और 500 रुपये के नोट पूरी तरह से मान्य रहेंगे। इन्हें बंद करने की कोई योजना नहीं है।

बदलाव क्यों किया जा रहा है?

आरबीआई के अनुसार, गांवों, छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा के लेनदेन में अब भी नकद का ज्यादा इस्तेमाल होता है। नकली नोटों पर रोक लगाने और नोटों को ज्यादा टिकाऊ बनाने के लिए सुरक्षा फीचर्स को मजबूत किया जा रहा है।

100 रुपए के नोट में क्या नया होगा?

इसके डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। लेकिन इसकी छपाई, स्याही, वॉटरमार्क और सुरक्षा धागा पहले से ज्यादा साफ और बेहतर होंगे। नोट ज्यादा मजबूत भी होगा ताकि जल्दी खराब न हो।

500 रुपए के नोट में क्या बदलाव होगा?

500 रुपये के नोट में माइक्रो-प्रिंटिंग और रंगों की गुणवत्ता बेहतर की जाएगी। इसका मूल डिजाइन वही रहेगा, ताकि लोगों को पहचानने में परेशानी न हो।

पुराने नोटों का क्या होगा?

पुराने नोट पहले की तरह चलते रहेंगे। एटीएम और बैंक दोनों नए और पुराने नोट स्वीकार करेंगे। यह बदलाव सिर्फ सुरक्षा बढ़ाने के लिए है, नोट बंद करने के लिए नहीं।