Monday, February 16, 2026
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किडनी की बीमारी के गंभीर मरीजों के लिए राहत की खबर, स्टैटिन थेरेपी से घट सकता है मौत का खतरा

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नेशनल डेस्क :  दुनियाभर में किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई मामलों में बीमारी इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीजों को इलाज के लिए ICU में भर्ती करना पड़ता है। ऐसे मरीजों में जान का खतरा काफी अधिक होता है। लेकिन अब इस दिशा में एक नई उम्मीद सामने आई है।

अमेरिका में की गई एक बड़ी ऑब्जर्वेशनल स्टडी में पाया गया है कि किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए स्टैटिन थेरेपी (Statin Therapy) काफी लाभकारी साबित हो सकती है। इस रिसर्च को यूरोपियन जर्नल और साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित किया गया है।

स्टडी के मुताबिक, अगर गंभीर किडनी रोगियों को स्टैटिन थेरेपी दी जाए, तो 30 दिनों के भीतर मृत्यु का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है। शोध में यह भी बताया गया कि ऐसे कई मरीजों में इंट्रासेरेब्रल हैमरेज यानी ब्रेन ब्लीड की समस्या देखने को मिलती है, जो एक गंभीर और जानलेवा स्थिति मानी जाती है। स्टैटिन दवाएं इस खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।

कैसे की गई यह रिसर्च?

इस अध्ययन में करीब 1,900 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया, जो किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और ICU में भर्ती थे। इनमें से 654 मरीजों को ICU के दौरान स्टैटिन थेरेपी दी गई, जबकि बाकी मरीजों को यह दवा नहीं दी गई। रिसर्च के नतीजों में सामने आया कि जिन मरीजों को स्टैटिन दी गई, उनमें 30 दिन के भीतर मृत्यु दर काफी कम रही। कुल मिलाकर स्टैटिन थेरेपी से मौत का खतरा लगभग 52 प्रतिशत तक घट गया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, स्टैटिन केवल कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवा नहीं है, बल्कि यह सूजन को कम करने, रक्त नलिकाओं की कार्यक्षमता सुधारने और एक्यूट किडनी डिजीज व ब्रेन ब्लीड जैसी स्थितियों में भी लाभ पहुंचा सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर मरीज में स्टैटिन शुरू करने का फैसला उसकी व्यक्तिगत मेडिकल स्थिति को देखकर ही किया जाना चाहिए।

कैसे दी जाती है स्टैटिन थेरेपी?

स्टैटिन थेरेपी शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज का लिपिड प्रोफाइल, हार्ट और किडनी से जुड़े जरूरी टेस्ट करते हैं। ICU में भर्ती मरीजों की स्थिति को पहले स्थिर किया जाता है। इसके बाद मरीज की हालत के अनुसार उपयुक्त स्टैटिन दवा चुनी जाती है और आमतौर पर कम डोज से इलाज की शुरुआत की जाती है। यह दवा मरीज को मुंह से या फीडिंग ट्यूब के जरिए दी जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिसर्च किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज में एक नई दिशा दिखा सकती है, लेकिन इलाज हमेशा डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

नए भारत की कार्यसंस्कृति का सशक्त मॉडल है ‘प्रगति’: सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ

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लखनऊ। फाइलों में अटकी योजनाएं, वर्षों तक लंबित अनुमतियां और विभागों के बीच तालमेल की कमी, कभी उत्तर प्रदेश की पहचान मानी जाने वाली ये समस्याएं अब बीते दौर की बात बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) ने शासन की सोच, कार्यशैली और नतीजों तीनों को बदल दिया है। ‘प्रगति’ पोर्टल आज केवल समीक्षा तंत्र नहीं, बल्कि नए भारत की नई कार्यसंस्कृति का सशक्त प्रतीक बन चुका है।

अपने आवास पांच कालिदास मार्ग में प्रेस कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से प्रेरित प्रगति मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब दृढ़ इच्छाशक्ति, तकनीकी माध्यम और जवाबदेही एक मंच पर आती हैं, तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं। डिजिटल गवर्नेंस और सहकारी संघवाद के जरिए जटिल से जटिल परियोजनाओं को भी समयबद्ध ढंग से पूरा करना संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति मॉडल ने प्रदेश को देश का इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बना दिया है। राज्य के पास वर्तमान में 10.48 लाख करोड़ रुपये की 330 परियोजनाओं का देश का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो है। इनमें से 2.37 लाख करोड़ की 128 परियोजनाएं पूरी होकर कमीशन हो चुकी हैं, जबकि 8.11 लाख करोड़ रुपये की 202 परियोजनाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी हो जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से राजस्व, वन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर विकास सहित सभी संबंधित विभाग एक ही मंच पर बैठकर निर्णय ले रहे हैं। इससे अनुमतियों और स्वीकृतियों में अभूतपूर्व तेजी आई है और यूपी ”बाटलनेक” राज्य से ”ब्रेकथ्रू” राज्य में बदल चुका है। आज उत्तर प्रदेश ”फैसिलिटेटर” नहीं, बल्कि ”एक्सेलेरेटर” की भूमिका में है। प्रगति जैसे तकनीक-आधारित प्लेटफार्म ने टीम इंडिया स्पिरिट को मजबूत किया है और विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी नई गति दी है। इस मौके पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी उपस्थित थे।

लखनऊ की प्राइम लोकेशन पर प्लॉट पाने का सुनहरा मौका, LDA ने रजिस्ट्रेशन के लिए बढ़ाई तारीख

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लखनऊ। अनंत नगर आवासीय योजना के 637 भूखंडों के लिए अब 16 जनवरी तक पंजीकरण कराया जा सकेगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने लोगों की मांग पर पंजीकरण अवधि को चार दिनों के लिए बढ़ा दिया है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह आनलाइन है और भूखंडों का आवंटन लाटरी के माध्यम से होगा।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया, मोहान रोड स्थित अनंत नगर योजना का विकास 785 एकड़ क्षेत्रफल में किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछाई जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जो कि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा।

मौसम ठीक होने का असर दिखने लगा, लखनऊ एयरपोर्ट पर उड़ानों की देरी में आई कमी

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लखनऊ। पिछले दो सप्ताह से सात से 12 घंटे की देरी से आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस की लेट लतीफी कम होकर सोमवार को कम होकर 3:50 घंटे हो गई। वहीं, तेजस एक्सप्रेस भी दो से तीन घंटे की देरी से चली। उड़ानें रविवार की अपेक्षा सोमवार को कम प्रभावित रहीं। इन सबके बावजूद रेल और विमान यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली से सोमवार को लखनऊ आने वाली तेजस एक्सप्रेस 2:30 घंटा की देरी से रवाना हो सकी।

लखनऊ से तेजस एक्सप्रेस सोमवार सुबह 1:13 घंटे की देरी से छूटी लेकिन नई दिल्ली पहुंचने तक यह 3:19 घंटे लेट हो गई।
दिल्ली से आने वाली 12226 कैफियात एक्सप्रेस 1:37 घंटा, गोरखधाम एक्सप्रेस 3:50 घंटा, चंडीगढ़-लखनऊ सुपरफास्ट 1:09 घंटा, बेगमपुरा एक्सप्रेस 1:53 घंटा की देरी से आयी। लखनऊ मेल सहित कई ट्रेनें सही समय पर चलीं।

देरी से संचालित होने वाली उड़ानें

उड़ान संख्या कहाँ से – कहाँ देरी
6E-5264 मुंबई – लखनऊ 4:15 घंटे
IX-1026 मुंबई – लखनऊ 26 मिनट
6E-2107 दिल्ली – लखनऊ 38 मिनट
6E-7482 जयपुर – लखनऊ 40 मिनट
6E-6751 चंडीगढ़ – लखनऊ 51 मिनट
6E-2172 दिल्ली – लखनऊ 58 मिनट
6E-7422 इंदौर – लखनऊ 34 मिनट
6E-6243 दिल्ली – लखनऊ 35 मिनट
IX-2918 लखनऊ – बेंगलुरु 1:57 घंटे
6E-7221 लखनऊ – इंदौर 34 मिनट
6E-399 लखनऊ – गोवा 48 मिनट
6E-7027 लखनऊ – जयपुर 30 मिनट

‘इसलिए वीबी जीरामजी लाया गया’: किरण रिजिजू बोले- मनरेगा में 11 लाख करोड़ खर्च के बाद भी विकास नहीं हुआ…

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मनरेगा से बनी योजना वीबी-जीरामजी (विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) की जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू लखनऊ आए हुए हैं। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, यूपी सबसे बड़ा राज्य है। लोगों तक बिल का लाभ बताने के लिए भाजपा और सरकार जनता के बीच जाएगी।मनरेगा में 11 लाख करोड़ खर्च होने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में विकास नहीं हुआ। जहां रोजगार चाहिए था, वहां काम नहीं हो रहा था। जरूरत के मुताबिक खर्च नहीं हो रहा। रोजगार नहीं, लूट की गारंटी थी। इसलिए विकसित भारत के लिए वीबी जीरामजी लाया गया। गलत इस्तेमाल के सभी स्थान बंद कर दिए।

सब कुछ डिजिटल कर दिया है

सब कुछ डिजिटल कर दिया है। वीबी जीरामजी के हर प्रोजेक्ट की डिजिटल मॉनिटरिंग होगी। कृषि का जब समय होता है। उस समय कृषि के लिए योजना में छूट दी गई है। उत्पादन में चीन को पीछे छोड़कर भारत नंबर एक हो गया है। स्वास्थ्य के मामले, पानी के संरक्षण के लिए और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी व्यवस्था है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल आएगा। यूपी में जो बदलाव आने वाला है वह सबसे बड़ा है।

इसी से देश आगे जाएगा। दुष्प्रचार से कुछ नहीं होगा। सीएए के समय भी मुसलमानों की नागरिकता छीनने का प्रचार करके उन्हें खिलाफ खड़ा कर दिया गया था। क्या किसी की नागरिकता गई? हर गांव सभा से प्रस्ताव लाया जाएगा। गांव गांव घर के लोग समर्थन करेंगे। यह नया कानून है। नाम छोड़ दीजिए। पुराना कानून ऐसा था कि उसमें भ्रष्टाचार रोक नहीं सकते थे। यही वजह रही कि मजबूर होना पड़ा नया कानून लाने के लिए। बता दें कि भारतीय जानता पार्टी की संगठनात्मक बैठक में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल शामिल हुए।

यूपी में एसआईआर: जन्म कब हुआ, इससे तय होगा क्या देना है प्रमाण; नोटिस मिले लोगों के लिए हुआ ये बदलाव

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विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं को चुनाव आयोग से नोटिस मिला है या भविष्य में मिल सकता है उन्हें कुछ तयशुदा प्रमाण पत्र देने होंगे। आयु के मुताबिक मतदाताओं को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। उसके अनुसार इन्हें दस्तावेज देने होंगे।मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि लोगों को सुनवाई के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। वे दस्तावेज ढंग से जमा करें और अपना नाम मतदाता सूची से जुड़वाएं। यूपी में 27 अक्तूबर 2025 तक मतदाता सूची में 15.44 करोड़ मतदाता थे। अब 12.55 करोड़ की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की गई है। पहले चरण में 1.04 करोड़ लोगों के नाम का मिलान अपने माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी के नाम से वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है।दूसरे चरण में 2.50 करोड़ लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनके दिए गए ब्योरे में खामियां हैं। अब इन्हें नोटिस भेजी जा रही है। एक जुलाई 1987 से पहले जिनका जन्म हुआ है, उन्हें सिर्फ अपना दस्तावेज जमा करना है। जिसमें मार्कशीट, पासपोर्ट व जन्म प्रमाण पत्र सहित 13 प्रमाण पत्र हैं। इसी तरह से एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पहले जिन लोगों का जन्म हुआ है, उन्हें अपने साथ-साथ पिता का भी दस्तावेज देना होगा। वहीं, दो दिसंबर 2004 के बाद जिन लोगों का जन्म हुआ है, उनको अपने साथ माता और पिता के भी दस्तावेज जमा करने होंगे।

 

नोटिस के बाद कम से कम सात दिनों का समय सुनवाई के लिए दिया जाएगा। नोटिस दो कापियों में होगी और उसमें कौन-कौन से दस्तावेज देने हैं, इसकी जानकारी दी गई होगी। बड़ी संख्या में लोग मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर रहे हैं। वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों में अपना नाम लिखें, जिससे मतदाता सूची व मतदाता कार्ड में उनके नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) गलत न हो।

नाम जुड़वाने के लिए आए 67276 नए फॉर्म

प्रदेश में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए बीते 24 घंटे में 67276 लोगों ने फॉर्म-6 भरा है। जिसमें से 62211 लोगों ने स्वयं और 5065 लोगों के फॉर्म राजनीतिक दलों के बीएलए की ओर से भरवाए गए हैं। अभी तक कुल 18.14 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरा है

UP News: रमीज के मददगारों की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश, फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने जांच के बाद कही ये बात

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राजधानी लखनऊ में महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज मलिक के मददगारों का पता लगाने के लिए एसटीएफ जांच की सिफारिश की गई है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में पूर्व डीजीपी भावेश कुमार सिंह के नेतृत्व वाली सात सदस्यीय समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट फाइल की।केजीएमयू रेजिडेंट का धर्मांतरण कराने के मामले में तीन स्तरीय जांच हो रही थी। विशाखा समिति ने अपनी जांच में डॉ. रमीज मलिक को यौन शोषण का दोषी पाया था। दूसरी समिति धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और आरोपी की मदद करने संबंधी आरोपों की जांच कर रही थी। इस समिति ने अपनी जांच में सीधे तौर पर किसी को दोषी नहीं पाया है, लेकिन मामला गंभीर होने की वजह से एसटीएफ से जांच कराने की सिफारिश की है। जांच के दौरान समिति ने एक ईमेल आईडी जारी की थी। सभी विभागों से ऐसे किसी भी मामले की जानकारी देने की अपील की थी। हालांकि, समिति को किसी विभाग से धर्मांतरण संबंधी कोई साक्ष्य नहीं मिला।

दो डॉक्टरों ने खुद निकलवाई अपनी कॉल डिटेल

केजीएमयू में पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने खुद ही अपनी कॉल डिटेल निकलवाई है। उन पर डॉ. रमीज के मददगार होने का आरोप लगाया जा रहा था। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने भी विभाग के दो डॉक्टरों का नाम लेते हुए उन पर रमीज के मददगार होने का आरोप लगाया था।

 

 

अपने आरोप में उपाध्यक्ष ने कॉल डिटेल में इसकी पुष्टि होने की बात कही थी। इसके बाद दोनों डॉक्टरों ने खुद ही अपनी कॉल डिटेल के लिए आवेदन किया। अब दोनों ने अपनी कॉल डिटेल कुलपति के माध्यम से आयोग को भेजने की बात कही है।

 

केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने कहा कि केजीएमयू की सात सदस्यीय समिति ने अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने मामले की जांच एसटीएफ से कराने की सिफारिश की है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

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औरैया। जिलेभर में सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान गोष्ठी, संकल्प दौड़ व अन्य कार्यक्रमों के जरिये लोगों को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प दिलाया गया। विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया गया।दिबियापुर में औरैया रोड स्थित पीबीआरपी अकादमी में विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन, आदर्शों और विचारों से परिचित कराया गया। इस मौके पर शिक्षक योगेंद्र सिंह व अभिषेक सविता ने सकारात्मक सोच का महत्व बताया। प्रधानाचार्य डॉ. सौरव कश्यप व स्टाफ मौजूद रहा। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में स्वदेशी संकल्प दौड़ आयोजित की गई।

प्रबंधक गुरु नारायण अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। विद्यालय से निकलकर नगर के मुख्य मार्गों से गुजरे छात्र हाथों में तख्तियां लेकर स्वदेशी अपनाना है, भारत को आत्मनिर्भर बनाना है… का संदेश दे रहे थे। इस दौरान सूर्य नमस्कार का भी आयोजन किया गया। इस दौरान तेज सिंह, राजीव चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य राजेश गुप्ता, शारीरिक प्रमुख ऋषि आदि मौजूद रहे।

विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय में प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने युवा दिवस पर छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ज्ञान एवं विवेक से ओतप्रोत थे। उन्होंने कहा कि हमें नकारात्मक ऊर्जा त्यागकर एकाग्रता से अपने कार्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने टॉपर विद्यार्थियों के अलावा विवेकानंद जयंती सप्ताह में हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र एवं शील्ड देकर पुरस्कृत किया।

इस मौके पर कमल किशोर गुप्त, प्राचार्य डा. इकरार अहमद, चेयरमैन राघव मिश्रा, सचिन गुप्ता, डाॅ. महेंद्र तिवारी , डाॅ. संदीप ओमर, आलोक यादव आदि मौजूद रहे।
फफूंद क्षेत्र के राम सेवक सावित्री देवी इंटर कॉलेज केशमपुर में चार यूपी बटालियन एनसीसी के की ओर सेसंगोष्ठी का आयोजन किया गया। लेफ्टिनेंट पीयूष कृष्णा ने स्वामी विवेकानंद को युगदृष्टा बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं को संयम,आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा की राह दिखाते हैं। कार्यक्रम में डॉ. एसएन गुप्ता, रश्मि, कुलदीप अग्निहोत्री, निधि गुप्ता, अनीता व विकास कुशवाहा उपस्थित रहे।

अभाविप ने आयोजित की संगोष्ठी

बिधूना। कस्बे में अभाविप ने गजेंद्र सिंह इंटर कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कानपुर प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं के लिए आज भी प्रेरणास्रोत हैं।
इस मौके पर प्रधानाचार्य दिनेश प्रताप सिंह, आयुष शुक्ला, कार्यक्रम संयोजक राज शिखर शुक्ला, अमन सक्सेना, श्रद्धा प्रजापति, राज प्रजापति आदि उपस्थित रहे। उधर, अछल्दा के ग्राम सुभानपुर में भी राष्ट्रीय युवा दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. रविंद्र कुमार व विनीत चौधरी समेत ग्रामीणों व युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों पर चलने का संकल्प लिया।

औरैया ने ऊसराहार को हराकर जीता सेमीफाइनल

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बिधूना। रुरुगंज स्थित राधाकृष्ण स्टेडियम पर स्वर्गीय विकास यादव की स्मृति में आयोजित प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट में सोमवार को दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला हुआ। इसमें औरैया ने नौ विकेट से जीत दर्जकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, ऊसराहार की टीम हार गई।औरैया व ऊसराहार के बीच 12-12 ओवर का मैच खेला गया। इसमें टॉस जीतकर ऊसराहार ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 98 रन बनाए। टीम की ओर से इरफान ने 26, अंकित ने 18 व प्रमोद ने 13 रनों की पारी खेली। औरैया की घातक गेंदबाजी के सामने अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सके। औरैया के दीपू व ईशू ने तीन-तीन, भानू ने दो व दिंगा ने एक विकेट लिया।

इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी औरैया की टीम के नंदी ने 31, दीपू ने 39 व सूरज ने 22 रनों की पारी खेलकर पांच ओवर में लक्ष्य प्राप्त कर नौ विकेट से मुकाबला जीत लिया। इस मैच में तीन विकेट व 39 रनों की पारी खेलने वाले दीपू को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। सेमीफाइनल में औरैया के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। मंगलवार को औरैया व पुरवा मुनूशाह के बीच फाइनल मैच खेला जाएगा।

Auraiya News: युवक की गला घोंटकर हत्या की आशंका, विसरा सुरक्षित

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बेला। नहर पटरी पर युवक की मौत के मामले में डॉक्टर ने गला घोंटकर हत्या की आशंका जताई है। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। वारदात के बाद स्वाट टीम लगातार थाने में डेरा डाले हुए है।थाना क्षेत्र के गांव कुर्सी निवासी शैलेंद्र कुमार (30) का शव 11 जनवरी को गांव बूंचपुर मोड़ के पास नहर पटरी पर संदिग्ध हालत में मिला था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया। शव गांव पहुंचने के बाद कन्नौज में गंगा नदी किनारे पुलिस मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया।पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। हालांकि की डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंट कर हत्या करने की भी आशंका जताई है। पुलिस से बातचीत में पत्नी अर्चना ने बताया कि शैलेंद्र नौकरी की तलाश में घर से शनिवार शाम कानपुर के लिए निकला था। सोमवार को पांच वर्षीय बेटे से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपने एक मामा के साथ पिता के जाने की बात कही। शव मिलने के बाद स्वाट व सर्विलांस की टीम थाने में डेरा डाले हुए हैं।

थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया युवक का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। परिजन की तरफ से अभी तहरीर नहीं दी गई है। मौत के पीछे की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर विसरा सुरक्षित किया गया है। हालांकि की डॉक्टर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंट कर हत्या करने की भी आशंका जताई है। पुलिस से बातचीत में पत्नी अर्चना ने बताया कि शैलेंद्र नौकरी की तलाश में घर से शनिवार शाम कानपुर के लिए निकला था। सोमवार को पांच वर्षीय बेटे से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने अपने एक मामा के साथ पिता के जाने की बात कही। शव मिलने के बाद स्वाट व सर्विलांस की टीम थाने में डेरा डाले हुए हैं।

थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया युवक का अंतिम संस्कार करा दिया गया है। परिजन की तरफ से अभी तहरीर नहीं दी गई है। मौत के पीछे की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।