डीएम ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि अपने बचपन में धार्मिक कार्यों से बहुत दूर रहे, लेकिन जब उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ तब प्रभु श्रीराम के शरण में चले गए। प्रभु की भक्ति में लीन हो गए। उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति और आत्मशक्ति से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। डीएम व एसपी ने शोभा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी विकास खंडों के प्रमुख मंदिरों में वाद्य यंत्रों के साथ रामायण पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी अविनाश चन्द्र मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद रामआसरे कमल सहित संबंधित पुलिस बल मौजूद रहा।शोभा यात्रा में शामिल लव–कुश की झांकी ने लुभाया
फोटो 07 एयूआरपी 43 शोभा यात्रा में शामिल घोड़े के संग लवकुश व मौजूद लोग। संवाद
फफूंद। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कस्बे में मंगलवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और बैंड की धुनों के बीच निकली शोभायात्रा में शामिल लवकुश समेत अन्य झांकियों ने लोगों को आकर्षित किया। शोभा यात्रा का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह संपर्क प्रमुख अखिलेश कटियार ने हरी झंडी दिखाकर किया। यात्रा में भगवान शंकर–पार्वती, देशभक्ति, महर्षि वाल्मीकि और लव–कुश की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र बनीं। विशेष रूप से अश्वमेध घोड़े की झांकी ने लोगों को खूब आकर्षित किया।
रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा टाकीज रोड, कटरा हेमनाथ, कायस्थान, ऊंचा टीला, अछल्दा चौराहा, गोविंदगंज, चमनगंज सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः वाल्मीकि मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई।अंत में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर महर्षि वाल्मीकि के बताए आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अध्यक्ष राजेश बाबा, उपाध्यक्ष जितेंद्र वाल्मीकि, महासचिव धर्मेंद्र बाल्मीकि, प्रचार सचिव संजय वाल्मीकि, संगठन सचिव करन वाल्मीकि, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग मौजूद रहे।