औरैया। उद्यमियों ने इंडस्टि्रयल एरिया में जमीन पाकर अपने उद्योग तो लगाए साथ ही कारोबार को देश दुनिया तक पहचान भी दिलाई। फिर भी यहां के औद्योगिक गलियारे में शत-प्रतिशत उद्यम लग नहीं पाए हैं। खास बात तो यह है कि औरैया शहर के इंडस्टि्रयल एरिया में 100 फीसदी उद्योग लगे, पर अछल्दा व बिधूना में आज भी आधे से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। इसके पीछे वजह जमीन के सर्किल रेट का अधिक होना बताया जा रहा है। हालांकि उद्योग विभाग इन खाली प्लाॅटों में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने में जुटा है।
जनपद में युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए औरैया में एक दशक पहले बुनियादी सुविधाओं के साथ तीन औद्योगिक एरिया विकसित हुए थे। इनमें औरैया में चयनित जमीन पर 46, बिधूना में 44 तो अछल्दा में 46 प्लाॅट विकसित किए गए थे ताकि उद्यमी यहां पर अपना उद्यम लगाकर कारोबार कर सकें। इसके लिए यहां पर उद्योग विभाग ने विभिन्न उद्यम के कारोबारियों को प्रोत्साहित किया और यहां की इंडस्टि्रयल एरिया में उन्हें उद्योग लगाने के लिए प्लाॅट आवंटित किए। औरैया इंडस्टि्रयल एरिया की बात करें तो यहां पर सभी 46 प्लाॅटों पर इकाइयां लगी हैं। यहां पर लगी इकाइयों में कृषि उत्पाद, सोलर, इलेक्ट्रानिक, फूड प्रोसेसिंग यूनिट समेत कई कारोबार चल रहे हैं।नए उद्योगों के लिए जमीन तलाशने में जुटा विभाग
औरैया इंडस्टि्रयल एरिया में 100 फीसदी उद्योग लगने के बाद अब नया इंडस्टि्रयल एरिया विकसित करने के लिए जमीन तलाशने में जुटा है। कंचौसी के इलाके को इसके लिए मुफीद माना जा रहा है। खास बात तो यह है कि इस इलाके में आयात निर्यात के लिए यहां पर रेलवे की डीएफसी लाइन भी है। साथ ही साथ यह कानपुर देहात से सटा भी है। इस लिहाज से यहां का एरिया उद्योगों के लिए उद्यमियों को पसंद आएगा। यह पर जमीन फाइनल करने की जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी को सौंपी गई है। उसने जनपद में कई जगह पर जमीनें भी देखी हैं लेकिन कंचौसी की जमीन पहली पसंद बनी है। हालांकि इस पर फाइनल मुहर लगना बाकी है।
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उद्यमियों को किया जाएगा प्रोत्साहित
रोजगार के लिए इंडस्टि्रयल एरिया में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खाली प्लाॅटों को जल्द भरा जाएगा। वहीं, कंचौसी के पास यूपीएसआईडीसी के लिए जमीन तलाशने का काम शुरू किया गया है।
-दुर्गेश कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र