दिबियापुर। युवक की पिटाई के मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बाद हिस्ट्रीशीटर व सपा से जिला पंचायत सदस्य समेत अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू की गई है। मामले को लेकर दूसरे दिन भी पुलिस के हाथ आरोपी नहीं लग सके हैं।
गांव हरी का पुरवा निवासी राहुल कठेरिया ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि छह अक्तूबर को वह कढोरे का पुरवा निवासी मित्र ऋषभ से मिलने गया था। आरोप है कि रास्ते में ऊमरसाना निवासी जिला पंचायत सदस्य व हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र यादव, ककोर निवासी आलोक दीक्षित, लालपुर निवासी अंकित व बूढ़ादाना निवासी रवि सिंह ने उसे घेर लिया। जातिसूचक गालियां देते हुए उसे बेरहमी से पीटा। दोस्त ने मोबाइल से वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसे भी पीटा। मोबाइल छीनकर तोड़ दिया।रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू की है। पुलिस डायरी में धर्मेंद्र यादव हिस्ट्रीशीटर है। उस पर 25 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। कुछ माह पहले ही उसकी जिला बदर की अवधि समाप्त हुई थी। इसके बाद एकाएक फिर ये वारदात सामने आ गई। थाना प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
—————
फिर सुर्खियों में धर्मेंद्र यादव
ककोर मुख्यालय से सटे ऊमरसाना निवासी धर्मेंद्र यादव अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। युवक की पिटाई के इस मामले ने उन्हें फिर से चर्चा में लाया है। इससे पहले धर्मेंद्र यादव के इटावा जेल से छूटने पर हाईवे पर समर्थकों संग निकाले गए काफिले ने प्रदेश से लेकर देश में चर्चा बटोरी थी। पिछली पंचवर्षी में भी चुनाव के दौरान उन्हें एक मामले में जेल भेजा गया था। इसी बीच उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था। राजनीतिक जानकार बताते हैं कि युवाओं में धर्मेंद्र यादव की अच्छी पकड़ है। स्वयं की पार्टी कुछ नेताओं से लेकर विपक्षी खेमे के लोगों को अक्सर ये नागवार गुजरता है। हालांकि हिस्ट्रीशीटर के तौर पर बनी पहचान धर्मेंद्र को अक्सर आपराधिक गतिविधियों तक सीमित रखे हुए हैं।