फफूंद। गेल के लोडिंग सुपरवाइजर को गाली व धक्का देने के आरोप में पुलिस ने मेंटेनेंस प्रभारी पर रिपोर्ट दर्ज की है। सुपरवाइजर ने आरोपी पर शारीरिक व मानसिक शोषण करने का आरोप लगाया है। 11 अक्तूबर की रात हुई हुई घटना की पुलिस जांच कर रही है।
थाना क्षेत्र के गांव पाता स्थित गेल प्लांट के लोडिंग सुपरवाइजर ने मेंटेनेंस इंचार्ज जितेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि 11 अक्तूबर रात उसकी ड्यूटी क्यू गेट पर थी। रात में गेट पर पहुंची आधी लदी गाड़ी को साइड में खड़ा करा दिया। करीब साढ़े 12 बजे गाड़ी का चालक गेट पर पहुंचा और उसने गेट ए से मेटेरियल लोड करने की बात कही तो सुपरवाइजर ने उसे जाने दिया। उसी समय मजदूरों के सुपरवाइजर कालका वहां पहुंचे और कहा कि गाड़ी का माल हटाकर मेटेरियल उनके पास रखने की बात कही। सुपरवाइजर ने शिफ्ट सुपरवाइजर सचिन कुमार त्रिपाठी को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 12 मीट्रिक टन माल हटाकर दूसरी गाड़ी में लादने को कहा। इस पर पीड़ित ने पास में मौजूद कर्मचारी से माल हटाने को कहा तो वह लिखित में देने की बात कहने लगा। इसी दौरान वहां पहुंचे मेंटेनेंस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने मेटेरियल न हटने की बात कही। कौशलेंद्र को धक्का मारते हुए जातिसूचक गालियां देते हुए नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी। कौशलेंद्र का आरोप है कि इससे पहले भी आरोपी की शिकायत गेल के मानव संसाधन विभाग, कारखाना प्रबंधक व श्रम आयुक्त कानपुर से की जा चुकी है लेकिन वह दिव्यांगता का हवाला देकर बच जाता है


