औरैया। मेडिकल कॉलेज धीरे-धीरे शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नई आयाम गढ़ रहा है। अब ईएनटी विभाग में सामान्य के साथ ही जटिल सर्जरी भी शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए ईएनटी विभाग संसाधन जुटाने में लगा हुआ है।मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में अभी तक सुन्न करके सामान्य सर्जरी ही की जा रहीं थीं। इसमें माइक्रोस्कोप के सहारे सर्जरी को अंजाम दिया जा रहा था। मुख्य रूप से इसमें कान के पर्दे में छेद, नाक की टेड़ी हड्डी, सांस नली में मांस बढ़ने, गांठ, फ्रेक्चर समेत नाक व गले की सर्जरी हो रहीं हैं। इनमें मरीज के सिर को सुन्न करके उपचार किया जा रहा है। अब ईएनटी विभाग में मरीज को बेहोश कर जटिल सर्जरी करने की तैयारी शुरू हो गई। इसके लिए संसाधन जुटाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से टॉंसिल, थायराॅइड, नाक की साइनस, पैरोटिड समेत तमाम तरह की सर्जरी संभव हो सकेंगी। इस व्यवस्था में मरीज को सर्जरी के दौरान नली के द्वारा ऑक्सीजन दी जाएगी। ऑक्सीजन सप्लाई, नाइट्रस व अन्य मशीनें इसके लिए जुटाई जा रही हैं। विभाग की मानें तो अगले माह से ये जटिल सर्जरी शुरू भी हो जाएंगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने बताया कि ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी अगले माह से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए संसाधन जुटाए जा रहे हैं।मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में अभी तक सुन्न करके सामान्य सर्जरी ही की जा रहीं थीं। इसमें माइक्रोस्कोप के सहारे सर्जरी को अंजाम दिया जा रहा था। मुख्य रूप से इसमें कान के पर्दे में छेद, नाक की टेड़ी हड्डी, सांस नली में मांस बढ़ने, गांठ, फ्रेक्चर समेत नाक व गले की सर्जरी हो रहीं हैं। इनमें मरीज के सिर को सुन्न करके उपचार किया जा रहा है। अब ईएनटी विभाग में मरीज को बेहोश कर जटिल सर्जरी करने की तैयारी शुरू हो गई। इसके लिए संसाधन जुटाए जा रहे हैं। इस व्यवस्था से टॉंसिल, थायराॅइड, नाक की साइनस, पैरोटिड समेत तमाम तरह की सर्जरी संभव हो सकेंगी। इस व्यवस्था में मरीज को सर्जरी के दौरान नली के द्वारा ऑक्सीजन दी जाएगी। ऑक्सीजन सप्लाई, नाइट्रस व अन्य मशीनें इसके लिए जुटाई जा रही हैं। विभाग की मानें तो अगले माह से ये जटिल सर्जरी शुरू भी हो जाएंगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश वीर सिंह ने बताया कि ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी अगले माह से शुरू हो रहे हैं। इसके लिए संसाधन जुटाए जा रहे हैं।


