मौसम में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मंगलवार को कई जिलों में शीत लहर चली। मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे ठंडा जिला रहा। दूसरे नंबर पर 2.9 डिग्री तापमान के साथ मेरठ रहा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद हवा की दिशा पुनः परिवर्तित होकर उत्तरी पश्चिमी हो गई है। इससे बीते 48 घंटों के दौरान प्रदेश के ज्यादातर भागों में दिन और रात के तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ में इस सीजन का सबसे कम तापमान 5.6 डिग्री दर्ज किया गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से काफी नीचे चले जाने से मेरठ, मुजफ्फरनगर और बरेली में शीतलहर चली। आगामी 48 घंटों के दौरान इसमें कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद एवं रूहेलखंड मंडल के जिलों में कहीं-कहीं आज रात भी शीतलहर के साथ पाला पड़ने की भी संभावना बनी हुई है। यद्यपि इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी तराई इलाकों व सुदूर दक्षिणी इलाकों में कहीं-कहीं सुबह भोर के समय संभावित घने कोहरे के आसार हैं। लेकिन दिन चढ़ने के साथ तेजी से छंट जाने से दिन में धूप निकलेगी जिससे ठंड से राहत मिलेगी।
18 जनवरी को हो सकती है बारिश
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आगामी दो उत्तरोत्तर पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 15 जनवरी से 3-4 दिनों के दौरान 3-5 डिग्री की वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जारी वर्तमान शीत लहर के दौर से निजात मिल सकती है और कोहरे के क्षेत्रफल व घनत्व में बढ़ोतरी के आसार हैं। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा छंटने से दिन में मौसम खुशगवार रहेगा। उक्त पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से 18 जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हो सकती है जिसके अगले 2-3 दिनों के दौरान बढ़ने के आसार हैं।