नेशनल डेस्क : लोकसभा में बजट पर चल रही चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। अपने जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की दीर्घकालिक विकास रणनीति का खाका है। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की नीतियों का बचाव भी किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की धुरी बताया
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि सड़कों, रेल नेटवर्क, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के विस्तार पर लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है। उनका कहना था कि बेहतर बुनियादी ढांचा न सिर्फ रोजगार सृजन करेगा, बल्कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार भी तेज करेगा।
MSME सेक्टर के लिए बड़े कदम
निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर को आसान कर्ज, डिजिटल सपोर्ट और नीतिगत राहत दी जा रही है, ताकि छोटे उद्योगों को मजबूती मिले। उनके अनुसार MSME ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं।
हाइवे और वाटरवेज विकास का विस्तृत रोडमैप
वित्त मंत्री ने देशभर में हाईवे नेटवर्क के विस्तार और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि परिवहन लागत कम हो, व्यापार सुगम बने और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिले।


