क्या आपके घर में भी ढेर सारी पुरानी चीजें इकट्ठा हैं, इनमें से कई तो ऐसी ही जिनका वर्षों से कोई इस्तेमाल भी नहीं हुआ है? घर में बिना काम की चीजें हैं फिर भी उसे फेंकने की इच्छा नहीं होती तो संभव है कि ये मानसिक स्वास्थ्य विकार हो सकता है जिसे होर्डिंग डिसऑर्डर के नाम से जाना जाता है।
आमतौर पर पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि आप आलसी हैं, चीजों को हटाने के लिए जानबूझकर समय नहीं निकालते या फेंकना नहीं चाहते हैं। पर विशेषज्ञ इसे मेंटल हेल्थ की समस्या के तौर पर देखते हैं। जमाखोरी, पुरानी चीजों को इकट्ठा करते रहना उन्हें खाली न करना होर्डिंग डिसऑर्डर नामक समस्या की वजह से हो सकता है।
अगर आपके घर में भी बुजुर्ग या किसी अन्य में ऐसी आदत है तो उनपर चीखने-चिल्लाने या चीजों को न फेंकने के लिए गुस्सा न करें। मानसिक स्वास्थ्य की इस तरह की समस्याओं पर डॉक्टरी सलाह जरूर हो सकता है।
पुराने चीजों को इकट्ठा न करने की आदत- होर्डिंग डिसऑर्डर
मध्य प्रदेश में वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ निधि जैन बुखारिया कहती हैं, अक्सर हम सभी के घरों में कोई ऐसा हो सकता है जिसे आपने भी पुराने चीजों को इकट्ठा करते रहने की आदत के लिए शिकायत की होगी।
ये कोई आलस ये गंदगी की इच्छा नहीं है, बल्कि ये साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर हो सकता है। इनमें लोगों को पुरानी, बेकार पड़ी और जिनका इस्तेमाल भी नहीं हो पा रहा है उसे फेंकने या फेंकने का सोचने तक में घबराहट या दिक्कत होने लगती है।
उन्हें ऐसा लग सकता है कि ये सामान बाद में काम आ जाएगा, फेंक दिया तो दिक्कत आ सकती है या फिर इसके साथ कुछ यादें जुड़ी हैं। इस चक्कर में घर में पुराने सामान इकट्ठा होते रहते हैं और पूरा घर अव्यवस्थित सा लग सकता है।
होर्डिंग डिसऑर्डर के बारे में जान लीजिए
जैसा कि बताया गया है कि होर्डिंग डिसऑर्डर एक ऐसी समस्या है जिसमें आपको अपनी चीजों को फेंकने या उनसे अलग होने में दिक्कत होती है।
- आपको लगता है कि ये चीजें घर में रहनी ही चाहिए, कभी न कभी इनका इस्तेमाल हो सकता है।
- आप धीरे-धीरे बहुत सारी चीजें इकट्ठा करते जाते हैं।
- कुछ मामलों में, होर्डिंग डिसऑर्डर का आपके साथ रहने वालों की जिंदगी पर असर हो सकता है।
- होर्डिंग डिसऑर्डर वाले लोग इसे समस्या नहीं मानते, हालांकि इसके कारण आसपास या साथ रहने वालों को दिक्कतें हो सकती हैं।


