बिलासपुर। पत्नी सरकारी नौकरी में हो और उसकी आय पति से तीन गुना अधिक हो, तब भी उसे अदालती कार्यवाही में शामिल होने के लिए आवश्यक यात्रा, भोजन और मुकदमे का खर्च पाने का अधिकार है।
यह आदेश देते हुए छत्तीसगढ़ के प्रधान न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की खंडपीठ ने सूरजपुर कुटुंब न्यायालय के फैसले को यथावत रखा। इसी के साथ कोर्ट ने पति आशीष राय की अपील खारिज कर दी।
बता दें कि अंबिकापुर निवासी आशीष राय और विश्रामपुर निवासी अंजलि राय के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा है।
आशीष ने कोर्ट को बताया था कि पत्नी सरकारी शिक्षिका है और उसे 71,482 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जबकि वह स्वयं संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारी के रूप में लगभग 25,700 रुपये प्रतिमाह कमाता है।


