Thursday, March 19, 2026

पीएम रोजगार योजना में 16 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठान अब भी बाहर, काम में तेजी लाने के दिए निर्देश

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लखनऊ। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाइ) के तहत प्रदेश में अब तक 65 प्रतिशत प्रतिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, लेकिन 16 हजार से अधिक प्रतिष्ठान अभी भी दायरे से बाहर हैं।

इस योजना का उद्देश्य युवाओं को पहली नौकरी मिलने पर प्रोत्साहन देना और कंपनियों को अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करना है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने समीक्षा बैठक में लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करने को कहा।

बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 53,768 अंशदायी प्रतिष्ठानों में से 34,785 का पंजीकरण हो चुका है। इस प्रक्रिया के जरिये तीन लाख से अधिक नए सदस्य और करीब नौ लाख सदस्य फिर से जोड़े गए हैं। जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो आगरा 80 प्रतिशत पंजीकरण के साथ सबसे आगे है।

कासगंज, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और मथुरा भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं। वहीं, गौतम बुद्ध नगर में सबसे ज्यादा नए सदस्य जुड़े हैं, लेकिन यहीं सबसे अधिक मामले लंबित भी हैं। 69 जिलों में 20 से ज्यादा मामले अब भी लंबित हैं। प्रमुख रूप से गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर और वाराणसी में पंजीकरण की रफ्तार धीमी है।

इसके अलावा 1,792 ऐसे प्रतिष्ठान चिह्नित किए गए हैं, जहां पिछले साल सदस्य जुड़े, लेकिन अब तक पंजीकरण नहीं हुआ। मुख्य सचिव ने इपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों व जिला प्रशासन के बीच सतत समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया अधिक प्रभावी एवं सुगम बने।

प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डा. एमके शनमुगा सुंदरम ने बताया कि योजना को तेज करने के लिए जिलों में लगातार बैठकें की जा रही हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाकर अधिक से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ा जाए।

साथ ही असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

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