Sunday, March 22, 2026

Auraiya News: गैस एजेंसी ऑपरेटर और संचालक ने प्रशासन पर लगाए गलत कार्रवाई के आरोप

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औरैया। पूर्ति विभाग और पुलिस ने जैतापुर में 12 मार्च को गैस एजेंसी के ऑपरेटर के घर से भरे और खाली सिलिंडर बरामद किए थे। साथ ही ऑपरेटर और एजेंसी संचालक पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी।मामले में अब ऑपरेटर और संचालक ने प्रशासन पर गलत कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि गांव में एजेंसी का सेल्स प्वॉइंट संचालित था, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। अब वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत करेंगे।गैस की कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए 12 मार्च से पूर्ति विभाग और पुलिस ने छापा मारा था। इसी दौरान गांव जैतापुर में शिवम दीक्षित के घर से नौ भरे और 19 खाली सिलिंडर व तेजाब की बोतलें बरामद की थीं। इसके बाद शिवम दीक्षित और श्री दर्शन इंडेन सर्विस के संचालक अजीत कुमार मिश्रा पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। साथ ही शिवम को जेल भेज दिया था। जमानत पर आए शिवम और गैस एजेंसी संचालक ने अब प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल खड़े गए हैं।इ

नका आरोप है कि गलत तरीके से यह कार्रवाई की गई। उनके पास गैस एजेंसी का सेल्स प्वॉइंट था। इस पर सात भरे सिलिंडर रखने की अनुमति है। मौके पर बरामद नौ सिलिंडरों में से दो उनके अपने थे, बाकी वितरण के लिए रखे थे। उनका दावा है कि अपने सिलिंडरों की गैस कनेक्शन बुकलेट और सेल्स प्वॉइंट के अन्य अभिलेख उन्होंने अन्य टीम को दिखाए, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं हुए और कार्रवाई कर दी। शिवम ने सीएम से मामले की शिकायत करने की बात कही है।

वहीं मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने वाले पूर्ति निरीक्षक प्रीतम तिवारी ने बताया कि उन्हें फोन कर विभाग की ओर से बुलाया गया था। उन्हें कोई अभिलेख नहीं दिखाए गए। क्षेत्र उनका था, इसलिए प्राथमिकी उनकी ओर से दर्ज कराई गई है।
वहीं, गैस एजेंसी संचालक अजीत कुमार मिश्रा का आरोप है कि कार्रवाई के बाद वह स्वयं जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार को इसकी जानकारी देने गए थे। पूरी जानकारी देने के बाद उन्होंने डीएम से मिलने के लिए कहा। इसके बाद उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। उन्होंने दावा किया यह कार्रवाई पूर्ण रूप से गलत है। कोर्ट में वह अपने अभिलेख रखेंगे, जिससे सब साफ हो जाएगी।

सात सिलिंडर की है अनुमति, नहीं था कोई बोर्ड
जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके पर सात से अधिक सिलिंडर थे। रसोई में भी सिलिंडर लगा था। मौके पर न तो कोई सेल्स प्वॉइंट का बोर्ड था और न ही कोई अभिलेख दिखाए गए। नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

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