Tuesday, April 28, 2026

गंगा एक्सप्रेस वे का शुभारंभ कल: एक्सप्रेसवे पर होटल से लेकर ढाबे तक होंगे मौजूद, अस्पताल और ईवी चार्जिंग भी

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29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे गंगा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण करेंगे। इससे पहले ‘’ ने एक्सप्रेस वे के एक हिस्से का रियल्टी चेक किया। एक्सप्रेस वे के शुरु होने में महज एक दिन बचा हैं और फिनिशिंग का काम दिन रात तेजी से चल रहा है। एक-एक पाकेट में 300 से ज्यादा कर्मचारी और श्रमिक रंग रोगन से लेकर टोल प्लाजा दुरुस्त करते दिखे। सुविधाओं की बात करें तो संभवत: ये देश का पहला एक्सप्रेस है जहां ढाबे से लेकर विश्वस्तरीय फूड चेन और मौटेल की सुविधाएं होंगी।

सोमवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर 48 किलोमीटर चलने के बाद गंगा एक्सप्रेस वे को जोड़ा गया है। करीब डेढ़ किलोमीटर चलने के बाद टोल प्लाजा मिला। यहां वे साइड एमेनिटीज यानी सड़क किनारे सुविधाओं को परखा। यहां काम जोरों पर चलता मिला। रंग रोगन से लेकर खान-पान के सेंटरों को सजाया जा रहा था जो अभी खुले नहीं थे।

पांच हेक्टेयर में सुविधाओं का पूरा पैकेज
594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस का 80 फीसदी निर्माण अडानी इंटरप्राइजेज ने किया है। अडानी इंटरप्राइजेज ने प्रयागराज से बंदायू तक करीब 464 किलोमीटर एक्सप्रेस वे तैयार किया है। शेष 20 फीसदी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने बनाया है। इस संबंध में अडानी इंटरप्राइजेज के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर महावीर ने बताया कि पूरे एक्सप्रेस वे पर 9 रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। एक एरिया 5 हेक्टेयर में विकसित किया गया है। यानी 45 हेक्टेयर पर 360 डिग्री सुविधाओं की तैयारी की गई है। 

मल्टीनेशनल चेन से लेकर ढाबे और होटल तक

एक्सप्रेस वे पर लखनऊ के स्वाद और चिकनकारी की झलक दिखाई देगी। जेएस फूड को सुविधाओं का जिम्मा दिया गया है। एक बड़ा डायनिंग फूड एरिया विकसित किया गया है। यहां पेट्रोल डीजल के साथ सीएनजी और ईवी चार्जिंग स्टेशन हैं। पहली बार किसी एक्सप्रेसवे में ट्रक लेन बनाया गया है। मोटेल तैयार हैं, जहां आराम के लिए कमरे उपलब्ध होंगे। स्टारबक्स जैसे बड़े ब्रांड भी होंगे, तो गंगा भोग ढाबा भी मिलेगा। मशहूर मुरथल ढाबे को लाने की भी तैयारी चल रही है। एक ट्रॉमा सेंटर भी तैयार किया गया है। एक्सप्रेस वे पर सुविधा केंद्रों में चिल्ड्रन प्ले एरिया भी है जहां बच्चों के खेलने कूदने के लिए झूला पार्क हैं।। ड्राइवरों के लिए साथ अलग रेस्ट एरिया है। हर क्षेत्र में वाहनों का सर्विस सेंटर तैयार किया गया है।

प्रत्येक जिले में 12 आईएमएलसी नोड

गंगा एक्सप्रेसवे के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर (आईएमएलसी) को 12 जिलों की स्थानीय विशेषताओं को उद्योग और बाजार से जोड़ा गया है। प्रारंभिक बिंदु मेरठ के बिजौली गांव से है, जो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली को जोड़ेगा। हापुड़ को एक्सप्रेसवे गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) से सीधे जोड़ता है। बुलंदशहर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का फायदा मिलेगा। अमरोहा अपने पारंपरिक ढोलक और लकड़ी के हस्तशिल्प को गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर वैश्विक बाजारों तक ले जाएगा। संभल के प्रसिद्ध ‘हॉर्न और बोन’ क्राफ्ट को सीधे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा गया है। नए कॉलेज, अस्पताल और सर्विस सेक्टर के विस्तार के साथ बदायूं आर्थिक केंद्र बन गया है। शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी ने इस जिले को रणनीतिक दृष्टि से नई पहचान दी है। हरदोई में प्रस्तावित नॉलेज पार्क और टेक्सटाइल पार्क जिले को औद्योगिक पहचान देंगे। उन्नाव को ट्राई-सिटी मॉडल और औद्योगिक विस्तार में रफ्तार मिलेगी। रायबरेली में लालगंज रेलवे कोच फैक्ट्री के आसपास एंसिलरी इंडस्ट्रीज का तेज विकास होगा। प्रतापगढ़ का प्रसिद्ध आंवला वैश्विक बाजारों तक तेजी से पहुंचने को तैयार है। प्रयागराज के जुड़ने से कुंभ और माघ मेले जैसे आयोजनों में जाम और लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।

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