Thursday, May 7, 2026

नाबालिग छात्रा के अपहरण-दुष्कर्म दोषी को 20 साल की सजा:दिबियापुर थाना क्षेत्र के साढ़े छह साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला

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औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र में साढ़े छह साल पुराने नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी छोटू उर्फ अरुण कुमार को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो मृदुल मिश्र ने बताया कि वादी मुकदमा ने दिबियापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी 15 वर्षीय बेटी, जो कक्षा 10 की छात्रा थी, 20 अगस्त 2019 को सुबह 9 बजे स्कूल गई थी, लेकिन शाम को घर वापस नहीं लौटी।

खोजबीन के दौरान पता चला कि छोटू उर्फ अरुण कुमार, निवासी ग्राम बहादुरपुर, जो उनके गांव क्षेत्र में ट्रैक्टर चलाता था, पीड़िता से मोबाइल पर बात करता था। छोटू अपनी मौसी के यहां रुकता था और आसपास के गांवों में खेतों की जुताई का काम करता था। वह स्कूल की लड़कियों को रास्ते में रोककर छेड़छाड़ भी करता था। वादी ने आशंका जताई कि छोटू ही उसकी नाबालिग बेटी को ले गया है।

पुलिस ने नाबालिग के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम की अदालत में हुआ, जिसका निर्णय गुरुवार को सुनाया गया।

सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक मृदुल मिश्र ने दोषी को कठोर दंड देने की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि दोषी द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, जमा कराए गए अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया गया। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।

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