Thursday, May 7, 2026

लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान ने चलाया ट्रैक्टर:बोले- UP में क्लीन प्लांट सेंटर बनेंगे, मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अफसरों को दी नसीहत

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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। निजी क्षेत्र को भी इसमें सहायता दी जाएगी। आम और केले के निर्यात में 5 प्रतिशत तथा अंगूर के निर्यात में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।

शिवराज सिंह चौहान आज से रहमानखेड़ा में शुरू हुए 2 दिवसीय ‘फ्रूट होराइजन-2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह को ट्रैक्टर पर बैठाकर आम का फसल देखा। पेड़ में लगे आम के फलों को हाथ से छूकर बागवानों से उनकी खासियत जाना। किसानों से संवाद किया।

इस दौरान कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह ने विभाग के अफसरों को नसीहत देते हुए कहा- कुछ भी हो जाए, उन्हें किसानों के हित के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, क्योंकि अब शिवराज सिंह चौहान विभाग के मंत्री हैं।

इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्रैक्टर चलाया। उनके साथ कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह बैठे रहे।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली, अब इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम जारी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा- आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली, अब इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम जारी है।
काकोरी क्षेत्र के रहमानखेड़ा में दो दिवसीय फ्रूट होराइजन-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
काकोरी क्षेत्र के रहमानखेड़ा में दो दिवसीय फ्रूट होराइजन-2026 कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

‘रूस समेत कई देशों में मलिहाबाद के आम की मांग’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आम की शेल्फ लाइफ 25 से 30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है। अब इसे 40 से 50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। निर्यात लागत कम करने के लिए समुद्री मार्ग को बढ़ावा दिया जाएगा। अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए बाजारों में भारतीय आम भेजने की तैयारी भी जारी है।

मलिहाबाद के आम अब विदेश में और बड़ी पहचान बनाएंगे। रूस समेत कई देशों में यहां के आम की भारी मांग है। एक्सपोर्ट क्लस्टर और क्लीन प्लांट सेंटर बनने से किसानों को बेहतर बाजार और ज्यादा मुनाफा मिलेगा। उत्तर प्रदेश की जलवायु फलों की खेती के लिए बेहद अनुकूल है तथा प्रदेश में 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त बागवानी शुरू की जा चुकी है।

विकसित भारत के लिए विकसित खेती जरूरी है। किसानों को बागवानी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना होगा।

‘खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार खेती को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। जल्द ही एक एकीकृत प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। जो पौध तैयार होने से लेकर फल बाजार तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन करेगा। किसानों को फसल संरक्षण, गुणवत्ता सुधार, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात संबंधी प्रशिक्षण देने के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा।

‘मैं स्वयं किसान हूं’

शिवराज सिंह चौहान ने कहा- कृषि मंत्री के रूप में किसानों की सेवा ही मेरी पूजा है। मैं स्वयं किसान हूं, इसलिए उनकी समस्याओं और जरूरतों को बेहतर ढंग से समझता हूं। गेहूं और धान के भंडारण में सफलता के बाद अब किसानों को बड़े स्तर पर बागवानी से जोड़ना आवश्यक है।

‘प्रमुख सचिव बड़ा होता है कि 4 बार का मुख्यमंत्री’

कृषि राज्य मंत्री स्वतंत्र भारत दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- सुबह 10 मैंने एक अफसर को फोन किया कि एक्सपोर्ट के क्षेत्र में आज बैठक है, आपको पहुंचना होगा। उन्होंने कहा कि नहीं साहब आज प्रमुख सचिव की मीटिंग है।

अब बताइए प्रमुख सचिव बड़ा होता है कि 4 बार का मुख्यमंत्री और भारत का कृषि मंत्री। इन अधिकारियों को अब ध्यान देना होगा कि इस विभाग के मंत्री अब शिवराज सिंह चौहान हैं। इस तरह उदासीनता से काम नहीं चलेगा। आपको मेहनत करनी पड़ेगी।

समय से पहुंचना पड़ेगा। एक्सपोर्ट पर ध्यान देना पड़ेगा। राज्य के किसानों के हित के लिए आपको ध्यान देना ही पड़ेगा। इसमें कोई दोराय नहीं है। जब तक उद्यान विभाग के माध्यम से किसानों के फसल को वैश्विक बाजार में नहीं पहुंचा दूंगा, चैन की सांस नहीं लूंगा।

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