वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी गहरी दोस्ती का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना “अच्छा मित्र” बताया और कहा कि वे भारत के साथ एक व्यापार समझौते तक पहुंचेंगे क्योंकि वे मोदी को बहुत पसंद करते हैं। हालांकि, इस दोस्ती के दावों के बीच अमेरिका ने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का भी एलान कर दिया है।
“पुराना हिसाब होगा बराबर”— ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप ने याद दिलाया कि कई वर्षों तक भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर भारी आयात शुल्क लगाया, जिसका लाभ अमेरिका को नहीं मिल पाया। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल रही है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा राजस्व प्राप्त कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी के साथ उनके संबंध बहुत अच्छे हैं और इसी आधार पर वे एक ऐसे व्यापार समझौते की उम्मीद कर रहे हैं जो दोनों देशों के लिए लाभप्रद हो।
जबरन श्रम का हवाला देकर लगाया 12.5% तक अतिरिक्त शुल्क
एक तरफ दोस्ती की बातें हो रही हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन ने भारत समेत करीब 60 देशों पर नए अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने एक सूची जारी की है जिसमें भारत को उन 54 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया है जहां सामान कथित तौर पर ‘जबरन श्रम’ (Forced Labor) के जरिए तैयार किया जाता है।
- जिन देशों में इन उत्पादों पर पहले से कोई रोक नहीं है, उन पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है।
- जिन देशों ने व्यापार समझौतों के तहत प्रतिबद्धता जताई है, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की मार झेलनी पड़ सकती है।
कपड़ा उद्योग पर विशेष ‘नजर’
अमेरिका ने विशेष रूप से वस्त्र और परिधान (Textiles and Apparel) क्षेत्र के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत चुनिंदा देशों से आने वाले सीमित मात्रा के उत्पादों को ही कम टैरिफ दर पर अमेरिकी बाजार में प्रवेश मिलेगा। इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर कपड़ा क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
सहयोग की उम्मीद: जारी है बातचीत का दौर
इन चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिशें जारी हैं। इसी सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने भारत का चार दिवसीय दौरा किया और भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के साथ सहयोगपूर्ण माहौल में वार्ता की। भारत और अमेरिका ने एक ऐसे अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करे।


