छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 2 असिस्टेंट प्रोफेसरों पर विवि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल ऑफ़ लाइफ साइंस एंड बायोटेक्नोलॉजी के डॉक्टर शाश्वत कटियार और बायोइनफॉर्मेटिक्स की डॉक्टर ममता सागर की सेवाएं समाप्त कर दी गई है।
रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा ने दोनों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया। बताते चलेंगे दोनों असिस्टेंट प्रोफेसर सेल्फ फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत कार्यरत थे।

पेपर लीक करने का आरोप
स्कूल ऑफ़ लाइफ साइंस एंड बायोटेक्नोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ शाश्वत कटियार पर आरोप है कि इन्होंने प्रश्न पत्र को परीक्षा से दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
यूनिवर्सिटी कैंपस में 4 मई को एमएससी बायोकेमेस्ट्री दूसरे सेमेस्टर की बायोएनर्जेटिक्स एंड इंटरमीडियरी मेटाबॉलिज्म का एग्जाम था। जिसका प्रश्न पत्र से सीएसजेएमयू कानपुर के व्हाट्सएप ग्रुप पर 2 मई को ही वायरल कर दिया गया। इनको पूर्व में निलंबित किया गया था। जांच समिति की जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर इनको इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
परीक्षा में रहीं अनुपस्थित
इनके अलावा स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के बायोइनफॉर्मेटिक्स डिपार्टमेंट के डॉक्टर ममता सागर पर 2 मई की परीक्षा में अनुपस्थित रहने का आरोप है। इसके अलावा 9 मई को एनवायरमेंटल नैनो टेक्नोलॉजी का प्रश्न पत्र भी इनके द्वारा समय से परीक्षा समिति को नहीं दिया गया। जांच समिति द्वारा इन दोनों आरोपी की पुष्टि होने पर इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई।


