औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के मुरली पुर्वा लछियामऊ में एक 20 साल की गर्भवती युवती और उसके नवजात शिशु की सफाईकर्मी के घर प्रसव के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने 100 शैय्या अस्पताल चिचौली में तैनात सफाईकर्मी रेखा पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
परिजनों ने बताया कि शनिवार को वे सपना को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दिबियापुर लेकर जा रहे थे। आरोप है कि अस्पताल के गेट पर सफाईकर्मी रेखा ने उन्हें रोक लिया। कहा, अस्पताल में ऑपरेशन होगा और अधिक खर्च आएगा। उसने 10 हजार रुपए लेकर अपने घर पर सामान्य प्रसव कराने का आश्वासन दिया।

परिजनों के अनुसार, रेखा सपना को अपने घर ले गई, जहां उसने प्रसव कराया। प्रसव के दौरान बच्ची मृत पैदा हुई। इसके बाद सपना को लगातार रक्तस्राव होने लगा। परिजनों ने कई बार उसकी बिगड़ती हालत की जानकारी दी, लेकिन रेखा उन्हें यह कहकर आश्वस्त करती रही कि खून बंद हो जाएगा।
सपना की हालत लगातार गंभीर होती गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अपनी लापरवाही और जिम्मेदारी छिपाने के लिए रेखा सपना को सीएचसी दिबियापुर लेकर पहुंची, यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी बताया कि दो दिन पहले सपना को औरैया स्थित गोविंद अस्पताल में दिखाया गया था। यहां जांच में कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई थी।
सफाईकर्मी रेखा का कहना है कि परिजनों ने खुद फोन कर उससे प्रसव कराने का अनुरोध किया था। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि परिजन प्रसव के लिए सीएचसी आ रहे थे, लेकिन सफाईकर्मी रेखा उन्हें रास्ते में रोककर अपने घर ले गई, जहां प्रसव कराया गया। बच्ची मृत पैदा हुई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला की भी मृत्यु हो गई। बाद में रेखा महिला को सीएचसी लेकर आई, जहां उसे मृत घोषित किया गया। मामले की जांच की जा रही है।


