नई दिल्ली। हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारत के फर्नीचर क्षेत्र को निर्यात और घरेलू उत्पादन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि इन व्यापार समझौतों के तहत शुल्क छूट न केवल घरेलू कंपनियों को विदेशी बाजारों में प्राथमिकता प्रदान मिलेगी, बल्कि भारत में क्षमता विस्तार और नए निवेश को भी प्रोत्साहित करेगी।
भारत ने मारीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), आस्ट्रेलिया, ईएफटीए ब्लाक और ओमान के साथ एफटीए लागू किए हैं। इसके अलावा न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं और यूरोपीय संघ के साथ वार्ता के समापन की घोषणा की है।
इसके अलावा कई अन्य देशों के साथ भी समान व्यापार समझौतों पर बातचीत जारी है जिनमें इजरायल, कनाडा, पेरू, चिली, गल्फ कोआपरेशन काउंसिल (बहरीन, कुवैत, कतर और सऊदी अरब) और यूरेशियन इकोनामिक यूनियन (आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस) शामिल हैं।


