नई दिल्ली। रेयर अर्थ मिनरल्स पर एकाधिकार रखने वाले चीन को आने वाले समय में भारत से कड़ी टक्कर मिल सकती है। दरअसल, भारत के तीन बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी, अनिल अग्रवाल और गौतम अदाणी ने रेयर-अर्थ मिनरल्स के बड़े भंडार को प्रोसेस की टेक्नोलॉजी विकसित करने में दिलचस्पी दिखाई है। यानी ये कंपनियां भारत में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स के भंडार को प्रोसेस करने की टेक्नोलॉजी विकसित करने की इच्छा जताई है।
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आज के समय में रेयर अर्थ मिनरल्स ऑटो सेक्टर से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और डिफेंस तक में बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। इसके बिना आज के समय में किसी भी देश के लिए सर्वाइव करना बड़ा मुश्किल हो सकता है। यही कारण की सभी देश रेयर अर्थ मिनरल्स पर तेजी से काम कर रहे हैं। भारत ने तो अपने बजट में रेयर्थ अर्थ कॉरिडोर की घोषणा की थी।
10 कंपनियों ने रेयर अर्थ मिनरल्स पर दिखाई दिलचस्पी
एक सूत्र न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि नई दिल्ली रेयर-अर्थ के लिए चीन पर भारत की निर्भरता कम करना चाहती है। मुकेश अंबानी की रिलायंस, अनिल अग्रवाल की वेदांता और गौतम अदाणी की कंपनियां इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखा रही हैं। ये तीनों कंपनियां उन लगभग 10 कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने दक्षिणी राज्य में ‘रेयर-अर्थ’ सुविधाएं स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई है।


