लखनऊ। एलपीजी मिलने में होती आसानी ने राजधानी में पीएनजी कनेक्शन की रफ्तार कम कर दी है। नतीजा यह कि अगले नौ महीने में यानी 31 मार्च 2027 तक लखनऊ को एलपीजी मुक्त करने का लक्ष्य फिलहाल दूर की कौड़ी नजर आ रहा है। क्योंकि, हर दिन तय लक्ष्य 1200 कनेक्शन के मुकाबले सिर्फ 150 कनेक्शन तक ही हो पा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय गैस संकट के बीच सरकार जनता में पीएनजी (पाइप नैचुरल गैस ) को अपनाने पर जोर दे रही है। लखनऊ में हर दिन 1200 कनेक्शन के लक्ष्य के साथ 31 मार्च 2027 तक 3.60 लाख नए पीएनजी कनेक्शन करने हैं। अगर कंपनी तय लक्ष्य भी हासिल करे तो अब तक के कुल 84 हजार कनेक्शनों की संख्या के साथ 31 मार्च तक यह संख्या 4.5 लाख कुल कनेक्शन तक ही पहुंच पाएगी। उधर, एलपीजी मुक्त लखनऊ के लिए एलपीजी उपभोक्ताओं का भी पीएनजी में कन्वर्जन जरूरी है। ऐसे में यह और भी मुश्किल भरा और चुनौतीपूर्ण है। क्योंकि, लखनऊ में ही 15 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक जहां पीएनजी नेटवर्क नहीं है, वहा तक लाइन पहुंचाने में काफी समय लगेगा। अभी जहां पाइपलाइन है, वहां भी सब कहीं कनेक्शन नहीं पहुंच पाए हैं। लिहाजा, एलपीजी मुक्त लखनऊ का लक्ष्य अभी दूर की कौड़ी ही नजर आ रहा है।
एलपीजी की आसान उपलब्धता ने बढ़ाई चुनौती
पीएनजी कनेक्शन के लिए कंपनियां अपार्टमेंट, सोसायटी में कैंप भी लगा रही हैं, लेकिन अब इन कैंपों में लोगों का रुझान खत्म होता जा रहा है। अफसरों का कहना है कि तमाम कोशिशों के बावजूद न नए ग्राहक ही बढ़ रहे हैं, और न ही कोई क्वेरी आ रही है। ऐसे में वह तय किए गए लक्ष्य के मुकाबले कनेक्शन ही नहीं कर पा रहे हैं।
आगरा को भी एलपीजी मुक्त करने की तैयारी
ग्रीन गैस लिमिटेड के अफसरों ने बताया कि सरकार ने भी बड़े शहरों को एलपीजी मुक्त महानगर बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए लखनऊ को हर दिन 1200 तो आगरा को 400 कनेक्शन करने हैं, जिससे कि 31 मार्च 2027 तक दोनों महानगर एलपीजी मुक्त घोषित किए जा सकें। लेकिन, लखनऊ में हर रोज 150 तो आगरा में 60-70 कनेक्शन ही हो पा रहे हैं।
लखनऊ में करीब 8000 कनेक्शन, आगरा में 2500
Iएक जनवरी से अब तक लखनऊ में 8000 तो आगरा में 2500 के करीब पीएनजी कनेक्शन हुए हैं। इसमें भी पिछले तीन महीने के अंदर ही लखनऊ में करीब 5500 कनेक्शन किए गए हैं, जबकि औद्योगिक निकायों में 20 कनेक्शन किए गए हैं। अपार्टमेंट व सोसायटीज के नए लोगों में रुझान नहीं दिख रहा है। कैंप में भी लोग कम आ रहे हैं।I
Iप्रवीण सिंह, डीजीएम, मार्केटिंग, ग्रीन गैस लिमिटेडI


