कानपुर में पांच जून की दोपहर जैसे ही निहारिका और मनीष के बीच विवाद हुआ। मीरा देवी भागकर अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचीं तभी उन्हें खून से सराबोर बेटा मनीष गुप्ता पौत्र विष्णु के साथ सीढि़यों से उतरते हुए दिखा। उसके आखिरी शब्द, मां… निहारिका ने मार दिया। यह शब्द आज भी मीरा देवी के कानों में गूंज रहे हैं। उनका बेटा मनीष गुप्ता 11 दिनों तक मौत से जूझता रहा और आखिरी में दम तोड़ दिया।
बेटे को लेकर जेल जाना चाहती थी निहारिका
पुलिस भले दावा कर रही हो कि निहारिका को घटना के बाद हिरासत में ले लिया था लेकिन हकीकत यह है कि वह छह साल के बेटे को लेकर जेल जाना चाहती थी। वह करीब एक सप्ताह बाद तक उसी घर में रही। रविवार को जब बेटे को कोचिंग भेजने के बहाने परिजनों ने घर से हटाया, तब पुलिस ने घर आकर निहारिका को हिरासत में लिया।
अंग्रेज सिंह मित्र का पता लगा रही पुलिस
मीरा देवी ने बताया कि बहू की बात किसी अंग्रेज सिंह नाम के व्यक्ति से होती थी। परिवार में उसे कोई नहीं जानता है। पुलिस उसका पता लगाने के लिए सर्विलांस की मदद ले रही है। रामकिशोर के मुताबिक हैलट में होश आने पर मनीष ने बताया था कि विवाद के दौरान शोर मचने पर फोन करने वाले ने निहारिका से शोर की वजह पूछी और कहा कि आज इसका काम तमाम कर दो।
मासूम बोला- मम्मा ने पापा को मार दिया
पिता दुनिया से चले और मां सलाखों के पीछे। इन बातों से बेखबर छह साल का मासूम उस वक्त भी ऊपर दो मंजिल स्थित अपने कमरे में मोबाइल पर वीडियो गेम खेल रहा था। जब नीचे उसके पापा मनीष के शव पर उसके दादा-दादी बिलख रहे थे। घटना के बारे में पूछने पर वह अपनी तोतली जुबान से बताता है कि मम्मा अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थीं, तब पापा से लड़ाई हो गई और मम्मा ने पापा को चाकू मार दिया। इतना कहने के बाद वह फिर से मोबाइल पर व्यस्त हो गया।
ये है पूरा मामला
छह वर्षीय मासूम बेटे के सामने महिला ने कपूर व्यापारी पति मनीष गुप्ता को चाकू से गोद दिया। घटना पांच जून की है। व्यापारी घायल हालत में बेटे को लेकर 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंचा और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने व्यापारी को अस्पताल भेज महिला को हिरासत में लिया। मंगलवार सुबह इलाज के दौरान व्यापारी की मौत हो गई।
निहारिका से किया था प्रेम विवाह
पुलिस ने पत्नी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। बालाजी धाम अपार्टमेंट निवासी मनीष गुप्ता रामगंज में पिता राम किशोर के साथ कपूर का व्यापार करते थे। पिता रामकिशोर ने बताया कि परिवार में पत्नी मीरा, बहू निहारिका व छह साल का पौत्र रियांश उर्फ विष्णु है। बेटे मनीष ने वर्ष 2017 में काहूकोठी निवासी निहारिका से प्रेम विवाह किया था।
पुरुष मित्र से फोन पर घंटों करती थी बात
बीते दो साल से निहारिका अपने किसी पुरुष मित्र से फोन पर घंटों बात करती थी। इसका मनीष विरोध करता था। इसको लेकर कई बार बेटे-बहू के बीच विवाद भी होता था। विवाद होने पर निहारिका दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर पुलिस बुला लेती थी।
बेटे के पेट और कमर पर ताबड़तोड़ वार
मनीष की मां मीरा ने बताया कि पांच जून की दोपहर एक बजे निहारिका अपने कमरे में किसी से फोन पर बात कर रही थी, जिसका मनीष ने विरोध किया। सामने बेड पर पौत्र विष्णु भी बैठा था। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ा कि निहारिका ने रसोई का चाकू (एक ओर से कांटेदार) उठाया और बेटे के पेट और कमर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।
एक हाथ से कमर के खून को रोकते हुए पहुंचा था थाने
मनीष एक हाथ से कमर का खून रोकते हुए और दूसरे हाथ से बेटे विष्णु का हाथ पकड़कर फीलखाने थाने पहुंचा। इस दौरान बिल्डिंग की सीढि़यों से लेकर बाहर गेट तक बेटे का खून ही खून नजर आ रहा था। थाने पहुंचकर मनीष ने निहारिका की हैवानियत बयां की। पौत्र विष्णु ने भी अपनी तोतली जुबान से पुलिस के सामने घटना बताई। पुलिस ने मनीष को केपीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि निहारिका के किसी दूसरे युवक से प्रेम संंबंध थे। उसके खिलाफ दो दिन पहले रामकिशोर ने तहरीर दी थी। जिस पर जानलेवा हमले का रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया था। मनीष की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। -अमित पांडेय, एसीपी कोतवाली


