उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.86 लाख शिक्षक अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। ये शिक्षक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इनमें लगभग 50 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के अभाव में टीईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते थे। ऐसे शिक्षकों को राहत देते हुए प्रदेश सरकार ने न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के मानकों में कुछ छूट देने का निर्णय लिया है। साथ ही उनके लिए एक विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
पढ़िए सुप्रीम कोर्ट आदेश
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्यरत शिक्षकों के टीईटी/सीटीईटी संबंधी विवरण एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा विभाग अवदेश कुमार तिवारी ने इस संबंध में शिक्षा निदेशक (बेसिक) को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने पुनर्विचार याचिका संख्या 53434/2025, उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट में 29 मई 2026 को पारित आदेश के तहत इन-सर्विस शिक्षकों के लिए टीईटी योग्यता प्राप्त करने की समय-सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।


